गौरी बाजार देवरिया। आज दिनांक 26 अप्रैल 2026 को गौरी बाजार चीनी मिल प्रांगण में मजदूर किसानों के भुगतान को लेकर बैठक की गई बैठक में मजदूर नेता ऋषिकेश यादव ने कहा कि क्या फैक्ट्री 1998 में राज सरकार के नाम से कुर्क थी इस जमीन पर मजदूर और किसानों का बकाया धनराज अंकित है उसे जमीन को किस आधार पर राजेंद्र इस्पात प्राइवेट लिमिटेड को बेची गई जबकि राजेंद्र इस्पात को सिर्फ स्क्रैप उठाने का आदेश था राजेंद्र इस्पात ने फैक्ट्री का ताला तोड़कर सारा मशीनरी प्लांट उखाड़ ले गया और बेगैर भुगतान किया मजदूरों की आवाज को भी गिरा दिया गया मजदूरो के पक्ष में हाई कोर्ट का आदेश याचिका संख्या 65726/2011 तथा दूसरी यात्रा संख्या 20 805/2011 में डबल ब्रांच का आदेश मजदूरों के पक्ष में था सक्षम न्यायालय प्रमुख सचिव चीनी उद्योग का भी निर्णय मजदूरों के पक्ष में था लेकिन सारे आदेशों को जिला प्रशासन ने उद्योगपतियों से मिलकर हमारे वसूली प्रमाण पत्र को वापस कर दिया मजदूर जांच की मांग करते हैं दोषी अधिकारियों को दंडित करने मांग मजदूर करते हैं यदि इन अधिकारियों को जांच नहीं हुआ इन्हें दंडित नहीं किया गया तो मजदूर अब सड़कों पर भी उतारने का काम करेंगे मजदूरों को संबोधित करते हुए माननीय पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा तेज प्रताप जायसवाल तथा सम्मानित मजदूर और किसान मौजूद रहे
गौरी बाजार देवरिया। आज दिनांक 26 अप्रैल 2026 को गौरी बाजार चीनी मिल प्रांगण में मजदूर किसानों के भुगतान को लेकर बैठक की गई बैठक में मजदूर नेता ऋषिकेश यादव ने कहा कि क्या फैक्ट्री 1998 में राज सरकार के नाम से कुर्क थी इस जमीन पर मजदूर और किसानों का बकाया धनराज अंकित है उसे जमीन को किस आधार पर राजेंद्र इस्पात प्राइवेट लिमिटेड को बेची गई जबकि राजेंद्र इस्पात को सिर्फ स्क्रैप उठाने का आदेश था राजेंद्र इस्पात ने फैक्ट्री का ताला तोड़कर सारा मशीनरी प्लांट उखाड़ ले गया और बेगैर भुगतान किया मजदूरों की आवाज को भी गिरा दिया गया मजदूरो के पक्ष में हाई कोर्ट का आदेश याचिका संख्या 65726/2011 तथा दूसरी यात्रा संख्या 20 805/2011 में डबल ब्रांच का आदेश मजदूरों के पक्ष में था सक्षम न्यायालय प्रमुख सचिव चीनी उद्योग का भी निर्णय मजदूरों के पक्ष में था लेकिन सारे आदेशों को जिला प्रशासन ने उद्योगपतियों से मिलकर हमारे वसूली प्रमाण पत्र को वापस कर दिया मजदूर जांच की मांग करते हैं दोषी अधिकारियों को दंडित करने मांग मजदूर करते हैं यदि इन अधिकारियों को जांच नहीं हुआ इन्हें दंडित नहीं किया गया तो मजदूर अब सड़कों पर भी उतारने का काम करेंगे मजदूरों को संबोधित करते हुए माननीय पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा तेज प्रताप जायसवाल तथा सम्मानित मजदूर और किसान मौजूद रहे
- गौरी बाजार देवरिया। आज दिनांक 26 अप्रैल 2026 को गौरी बाजार चीनी मिल प्रांगण में मजदूर किसानों के भुगतान को लेकर बैठक की गई बैठक में मजदूर नेता ऋषिकेश यादव ने कहा कि क्या फैक्ट्री 1998 में राज सरकार के नाम से कुर्क थी इस जमीन पर मजदूर और किसानों का बकाया धनराज अंकित है उसे जमीन को किस आधार पर राजेंद्र इस्पात प्राइवेट लिमिटेड को बेची गई जबकि राजेंद्र इस्पात को सिर्फ स्क्रैप उठाने का आदेश था राजेंद्र इस्पात ने फैक्ट्री का ताला तोड़कर सारा मशीनरी प्लांट उखाड़ ले गया और बेगैर भुगतान किया मजदूरों की आवाज को भी गिरा दिया गया मजदूरो के पक्ष में हाई कोर्ट का आदेश याचिका संख्या 65726/2011 तथा दूसरी यात्रा संख्या 20 805/2011 में डबल ब्रांच का आदेश मजदूरों के पक्ष में था सक्षम न्यायालय प्रमुख सचिव चीनी उद्योग का भी निर्णय मजदूरों के पक्ष में था लेकिन सारे आदेशों को जिला प्रशासन ने उद्योगपतियों से मिलकर हमारे वसूली प्रमाण पत्र को वापस कर दिया मजदूर जांच की मांग करते हैं दोषी अधिकारियों को दंडित करने मांग मजदूर करते हैं यदि इन अधिकारियों को जांच नहीं हुआ इन्हें दंडित नहीं किया गया तो मजदूर अब सड़कों पर भी उतारने का काम करेंगे मजदूरों को संबोधित करते हुए माननीय पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा तेज प्रताप जायसवाल तथा सम्मानित मजदूर और किसान मौजूद रहे1
- अमानगंज नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वसीम खान के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने विधायक आवास पहुंचकर क्षेत्रीय गुनौर विधायक डॉक्टर राजेश वर्मा जी को एक पत्र सौंपा जिसमें उन्होंने विधायक से अमानगंज एवं क्षेत्र के लोगो की सुविधा के लिए शव वाहन मांग की! मीडिया से चर्चा के दौरान अध्यक्ष वसीम खान ने बताया अमानगंज एवं आसपास के क्षेत्र में अगर कोई घटना हो जाए तो अस्पताल से पीएम हाउस तक जाने के लिए भी कोई वहां नहीं रहता और शव को अस्पताल से घर तक ले जाने के लिए किसी भी शासकीय वाहन की व्यवस्था नहीं है गरीब आमजन मोटी रकम देकर प्राइवेट गाड़ियां करके अपने शव को घर लेकर जाते हैं अगर अमानगंज को शासकीय शव वाहन मिलता है तो क्षेत्र के लोगो सुविधा हो जाएगी! पत्र देने के बाद विधायक डॉ राजेश वर्मा ने मांग को जल्द ही पूरा कर शव वाहन देने का आश्वासन दिया! नगर कांग्रेस संगठन प्रभारी पियूष देव सिंह, धूराम चौधरी,महाकौशल चौधरी,संदीप तिवारी,सोनू खान आदि कई कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे1
- समस्त मकान की बिजली फिटिंग एवं थ्री फेस वायरिंग जैसे कार्य के लिए संपर्क करें 75664 96923 इलेक्ट्रीशियन राजकुमार यादव2
- *थाना स्लीमनाबाद पुलिस ने किया हाइवे पर हुई अंधी हत्या का खुलासा* कटनी पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से) के निर्देशन मे अति पुलिस अधीक्षक महोदय श्री संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी महोदय श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्ग दर्शन में थाना स्लीमनाबाद प्रभारी कार्य निरी सुदेश कुमार के नेतृत्व मे टीम गठित कर हत्या के फरार आरोपीगणों की पता तलाश कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया था। घटना विवरण - दिनांक 10/11-04-2026 की दरम्यानी रात को थाना स्लीमनाबाद पुलिस को डायल 112 मे छपरा नेशनल हाइवे रोड पर वाहन क्रमांक MP 20 GA 6242 मे एक अज्ञात व्यक्ति के खून से लथपत हालत मे मृत अवस्था मे पडे होने की सूचना प्राप्त हुयी। सूचना पर तत्काल डायल 112 एवं उप निरी अनिल यादव मय फोर्स के मौके पर पहुंचे एवं उपरोक्त अज्ञात व्यक्ति को तत्काल डायल - 112 से शासकीय अस्पताल स्लीमनाबाद कटनी ले जाकर दाखिल कराया गया जिसे डां. के द्वारा मृत घोषित कर दिया था। सूचना पर मर्ग कायम कर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 216/26 धारा 103 (1) BNS का पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया। दौरान विवेचना अज्ञात मृतक की पहचान ड्राइवर राकेश दाहिया पिता घासीराम दाहिया उम्र 42 वर्ष नि. लखराम मोहल्ला खितौला सिहोरा जबलपुर के रूप में हुयी। थाना स्लीमनाबाद पुलिस द्वारा मौके पर जाकर घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया एवं fsl टीम जबलपुर द्वारा घटना स्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए व मृतक के परिजनों एवं वाहन मालिक से पूछताछ की गई उपरांत तकनीकी साक्ष्यों एवं मृतक के आने जाने वाले स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेजों का बारीकी से निरीक्षण किया जाकर अज्ञात संदेही/आरोपियों की पहचान की गई जो दिनांक 22/04/2026 को मुखबिर की सूचना पर संदेही रोहित कोल पिता राम सुजान कोल उम्र 21 साल नि ग्राम बंधी थाना स्लीमनाबाद को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ करने पर बताया कि आरोपी द्वारा अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज चौबे उर्फ भूत पिता कमलेश चौबे उम्र 22 साल नि ग्राम बंधी थाना स्लीमनाबाद व मनोज के साथ मिलकर लिफ्ट लेकर मृतक के साथ शराब पीकर पैसे की माँग करने लगे, पैसे न देने की बात को लेकर तीनो के द्वारा हाथ मुक्कों व व्हील पाना से मारपीट कर हत्या करना बताया। प्रकरण मे आरोपीगण (1) रोहित कोल पिता राम सुजान कोल उम्र 21 साल नि ग्राम बंधी थाना स्लीमनाबाद कटनी (2) अमन चौबे उर्फ पंकज चौबे उर्फ भूत पिता कमलेश चौबे उम्र 22 साल नि ग्राम बंधी थाना स्लीमनाबाद कटनी से कड़ाई से पूछताछ करने पर जुर्म करना स्वीकार किये है। जिसे मेमोरेण्डम कथन लेख कर विधिवत गिरफ्तार किया गया एवं घटना मे प्रयुक्त व्हील पाना व मृतक का मोबाइल फोन विधिवत जप्त किया गया। उपरोक्त दोनों आरोपियो को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाकर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया जिनसे इनके अन्य तीसरे साथी के संबंध मे पूछताछ की जा रही है। सराहनीय भूमिका- एसडीओपी श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी, थाना प्रभारी निरी. सुदेश कुमार, उप निरी अनिल यादव सउनि मथुरा प्रसाद, प्र.आर. 509 प्रेमशंकर पटेल, प्र.आर.444 लखन पटेल, आर रोहित पाटकर, आर रजनीश टेकाम, आर विशाल, आर रोहित पटेल साइबर सेल से आर अजय साकेत, आर सत्येंद्र सिंह, आर अमित श्रीपाल की सराहनीय भूमिका रही।1
- कटनी-बीना मेमू ट्रेन में खूनी संघर्ष: अवैध वेंडरों ने यात्रियों पर किया धारदार हथियार से हमला, पथराव के बाद घंटों रुकी रही ट्रेन कटनी। प्रदेश के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शुमार कटनी अब अपराधियों और अवैध वेंडरों का चारागाह बनता जा रहा है। आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की कथित निष्क्रियता का खामियाजा आम यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला कटनी से बीना जा रही मेमू ट्रेन (गाड़ी संख्या 11602/61620) का है, जहाँ अवैध वेंडरों और यात्रियों के बीच हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। विवाद से शुरू हुई बात, इंजन तक पहुँचे युवक जानकारी के अनुसार, ट्रेन के कटनी से रवाना होने के कुछ ही देर बाद रीठी स्टेशन के पास दमोह निवासी कुछ यात्रियों और सलैया के अवैध वेंडरों के बीच किसी बात को लेकर तीखी झड़प हो गई। देखते ही देखते वेंडरों ने उग्र होकर धारदार वस्तुओं से यात्रियों पर हमला कर दिया। इस हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हंगामे के बीच जब ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पहुँची, तो आक्रोशित यात्रियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर ट्रेन के इंजन में घुसने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी और तत्काल कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव भी हुआ, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के पहुँचते ही भागे उपद्रवी घटना की सूचना मिलते ही रीठी थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस को आता देख मारपीट और पथराव कर रहे असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस ने तत्काल डायल 112 की मदद से घायल यात्रियों को रीठी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है। रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल इस घटना ने कटनी जंक्शन और यहाँ से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेनों में अवैध रूप से खान-पान बेचने वाले वेंडरों की दबंगई बढ़ती जा रही है। आए दिन यात्रियों के साथ अभद्रता और मारपीट की खबरें सामने आती हैं। कटनी जंक्शन से रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं, इसके बावजूद ट्रेनों में लूट, चोरी और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। घटना के वक्त ट्रेन में किसी भी सुरक्षा बल की मौजूदगी न होना और जीआरपी-आरपीएफ की टीम का घंटों बाद पहुँचना रेलवे की मुस्तैदी की पोल खोलता है। एक घंटे देरी से रवाना हुई ट्रेन करीब एक घंटे तक बकलेहटा स्टेशन पर हुए इस बवाल के बाद, रात लगभग 8:30 बजे मेमू ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।कटनी से पहुँची आरपीएफ और जीआरपी की टीम मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी थी। अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद1
- पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद भी खामोशी — कटनी पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल कटनी | मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के पत्र दिनांक 12 मार्च 2026 के बावजूद जिले में एक गंभीर प्रशासनिक मामले पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रक्षित निरीक्षक राहुल पांडे पर बिना सक्षम अनुमति के विदेश यात्रा करने का आरोप है। इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण भी लिया गया, जिसे असंतोषजनक पाया गया। इसके बावजूद अब तक विभागीय स्तर पर कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। मामले को और गंभीर बनाते हुए वर्ष 2023-24 की जांच में उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति भी प्रमाणित बताई जा रही है, लेकिन यह प्रकरण अब तक लंबित है। इसके अलावा, परिजनों के नाम पर अचल संपत्ति क्रय एवं करोड़ों की संपत्ति या रिसोर्ट से जुड़ी चर्चाओं ने भी सवालों को और गहरा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आमजन में असंतोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट अनिल सिंह सेंगर ने कहा कि “क्या नियम केवल आम जनता के लिए ही लागू होते हैं? जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?” उन्होंने निष्पक्ष जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल, जनता जवाब और न्याय की अपेक्षा कर रही है।1
- Post by Sharda Shrivastava1
- घने जंगल के झरने,नाले की झरने से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण जल पन्ना जिले की ग्राम पंचायत गहरा इन दिनों भीषण जलसंकट से जूझ रही है।इस पंचायत की आदिवासी बस्तियों में हालात बेहद खराब हैं।पनारी के ग्रामीण तो घने जंगल के बीच झरने से पानी लाकर काम चला रहे हैं।जहां बाघ,तेंदुआ और भालू जैसे जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है।इस प्रकार इमलोनिया,सेमरिया और कढ़कुलहा बस्तियों के हैंडपंप सूख चुके हैं।और बोरवेल भी जवाब दे रहे हैं।ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग की है। पन्ना जिले की ग्राम पंचायत गहरा के अंतर्गत आने वाले आदिवासी गांव इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। पनारी,इमलोनिया,सेमरिया और कढ़कुलहा बस्ती में पानी की समस्या वर्षों से चली आ रही है।लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका। पनारी गांव के ग्रामीण बताते हैं कि गांव में केवल दो हैंडपंप हैं।लेकिन गर्मी बढ़ते ही जलस्तर नीचे चला जाता है और हैंडपंप पानी की जगह हवा देने लगते हैं। कई बार सामान्य दिनों में भी ये हैंडपंप खराब पड़े रहते हैं।मजबूरी में ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर दूर घने जंगल के बीच स्थित झरने से पानी लाना पड़ता है।इस रास्ते में बाघ,तेंदुआ और भालू जैसे जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है।फिर भी महिलाएं और बच्चे जान जोखिम में डालकर पानी भरने जाते हैं।कढ़कुलहा बस्ती और गहरा गांव के हालात भी कुछ अलग नहीं हैं। यहां भी जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं कागजों तक सीमित हैं। हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे यहां पूरी तरह खोखले नजर आ रहे हैं।कढ़कुल्हा बस्ती के लोग भी नाले के बीच प्राकृतिक छोटे से झरने से पानी लाकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।वहीं अब ग्रामीण शासन-प्रशासन से स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।4