देहरादून की जीवनरेखा मानी जाने वाली ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी को फिर से स्वच्छ और जीवंत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। डीएम डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में नदी के पुनर्जीवन अभियान को उसके उद्गम स्थल से ही शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के प्रथम चरण में बार्लोगंज से लेकर काठबंगला तक के लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के अंतर्गत नदी क्षेत्र में चेकडैम का निर्माण, पौधरोपण, सौंदर्यीकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवर के दूषित जल के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में डीएम ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सांसों की डोरी हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए जनभागीदारी से इसे जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया है। इसके अलावा, नदी में कूड़ा और सिंगल यूज प्लास्टिक फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चालान काटने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून की जीवनरेखा मानी जाने वाली ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी को फिर से स्वच्छ और जीवंत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। डीएम डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में नदी के पुनर्जीवन अभियान को उसके उद्गम स्थल से ही शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के प्रथम चरण में बार्लोगंज से लेकर काठबंगला तक के लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के अंतर्गत नदी क्षेत्र में चेकडैम का निर्माण, पौधरोपण, सौंदर्यीकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवर के दूषित जल के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में डीएम ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सांसों की डोरी हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए जनभागीदारी से इसे जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया है। इसके अलावा, नदी में कूड़ा और सिंगल यूज प्लास्टिक फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चालान काटने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के लाखों युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और भविष्य की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीएम धामी का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से पेपर लीक मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण हो सकेगा। इससे दोषियों को समयबद्ध और कठोर सजा मिलेगी, जिससे भविष्य में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।1
- देहरादून के सुभारती हॉस्पिटल में मोहम्मद मुफीस के उपचार हेतु श्री सागर भाई ने निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर मानवता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। इस सराहनीय कार्य के लिए किसान मजदूर महासंग्राम संगठन की ओर से श्री सागर भाई का हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया है। संगठन का कहना है कि उनका यह अमूल्य योगदान केवल रक्तदान नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति की ज़िंदगी बचाने का महान कार्य है। संगठन ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे श्री सागर भाई को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सेवा करने की शक्ति प्रदान करें। इसके साथ ही संगठन ने समाज के सभी लोगों से भी विनम्र अपील की है कि वे समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करें, ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएँ और रक्तदान करके जीवन बचाएँ।1
- उत्तर प्रदेश में पेपर लीक प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है।1
- पीएम नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामले पर एक वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश के माध्यम से पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए और भी सख्त कदमों के ऐलान की संभावना जताई जा रही है।1
- विश्वविख्यात तीर्थ नगरी हरिद्वार से अलीगढ़ जिले के बिलखोरा गांव निवासी संजू बाबा और उनकी पत्नी बीना देवी ने 'कन्या सम्मान–संस्कार अभियान' की अनूठी मिसाल पेश की है। यह दंपति अपनी-अपनी कांवड़ में मां गंगा के पवित्र जल के साथ-साथ बेटियों को बैठाकर लगभग 300 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। संजू बाबा ने अपनी कांवड़ में एक ओर गंगाजल और दूसरी ओर अपनी 10 वर्षीय भांजी को बैठाया है, वहीं उनकी पत्नी बीना देवी अपनी अलग कांवड़ में एक तरफ गंगाजल और दूसरी तरफ 8 वर्षीय पुत्री राधे को बैठाकर आगे बढ़ रही हैं। संजू बाबा का कहना है कि यह यात्रा केवल भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में 'बेटी बचाओ–बेटी सम्मान' और संस्कारों के प्रति चेतना जगाने का महाअभियान है। समाज में भ्रूण हत्या, दहेज हत्या और महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां ही सृष्टि की जननी और सनातन संस्कृति की आधारशिला हैं। संजू बाबा ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी वृद्ध माता को कांवड़ में बैठाकर 300 किलोमीटर की यात्रा पूरी की थी। उन्हें इस धार्मिक व सामाजिक सेवा की प्रेरणा अपने गांव में स्थित पूज्य बाबा मंगलनाथ जी की समाधि और अपने गुरु से मिली है। बीना देवी का भी मानना है कि यदि माता-पिता अपने बच्चों को बचपन से ही धर्म, सेवा और नारी सम्मान के संस्कार देंगे, तो समाज से अपराध स्वतः समाप्त होंगे।3
- हरिद्वार जिले के ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित बंदर जोड़ गांव में गली और नाली के हाल को लेकर शिकायत जताई गई है। गांव में नालियों और गलियों की स्थिति खराब बनी हुई है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि गांव की गली और नाली को जल्द से जल्द दुरुस्त और सही किया जाए।4
- देहरादून की जीवनरेखा मानी जाने वाली ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी को फिर से स्वच्छ और जीवंत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। डीएम डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में नदी के पुनर्जीवन अभियान को उसके उद्गम स्थल से ही शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के प्रथम चरण में बार्लोगंज से लेकर काठबंगला तक के लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के अंतर्गत नदी क्षेत्र में चेकडैम का निर्माण, पौधरोपण, सौंदर्यीकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवर के दूषित जल के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में डीएम ने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सांसों की डोरी हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए जनभागीदारी से इसे जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया है। इसके अलावा, नदी में कूड़ा और सिंगल यूज प्लास्टिक फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चालान काटने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।1
- देहरादून में सत्ताधारी दल की ओर से भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान उग्र कार्यकर्ताओं ने 'राहुल गांधी मुर्दाबाद' के जमकर नारे लगाए और राहुल गांधी के पुतले को लगातार जूते से पीटा।1