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ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से बची मासूम की जान, हादसे के बाद तुरंत पहुंचाया अस्पताल।

26 min ago
user_PRIMEABN
PRIMEABN
News Anchor अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
26 min ago

ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से बची मासूम की जान, हादसे के बाद तुरंत पहुंचाया अस्पताल।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • नेपाल में तबाही के बीच यह घर अपने स्थान से ट्स से मस नहीं हुआ कारण ऊपर वाला और भाग्य पूरा मंजर इस घर के लोगों देखा और अपने आस पास के लोगों को इस त्रासदी में बिछड़ते अपनी आँखों से देखा है
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    नेपाल में तबाही के बीच यह घर अपने स्थान से ट्स से मस नहीं हुआ कारण ऊपर वाला और भाग्य 
पूरा मंजर इस घर के लोगों देखा और अपने आस पास के लोगों को इस त्रासदी में बिछड़ते अपनी आँखों से देखा है
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मंच तोड़’ स्वागत, और हरीश द्विवेदी जी की ‘भारी’ लोकप्रियता! 🏗️💥 भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी जी की लोकप्रियता का ग्राफ इन दिनों इतना ‘भारी’ हो चुका है कि लकड़ी और लोहे के बने मंच भी उनके स्वागत का वजन सह नहीं पा रहे हैं! अयोध्या के साकेत पुरी मोड़ पर पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा जी ने महामंत्री जी के भव्य स्वागत के लिए एक शानदार मंच तैयार कराया था। लेकिन, समर्थकों के उत्साह और 'भक्ति' का अतिरेक ऐसा हुआ कि मंच ने बीच में ही अपने घुटने टेक दिए और कड़ाक से टूट गया! गनीमत यह रही कि हरीश द्विवेदी जी और उनके साथ मंच पर मौजूद नेता बाल-बाल बच गए! वरना स्वागत समारोह का जायका तो बिगड़ता ही, साथ में नेताओं की कमर और घुटने की सिकाई का अलग से इंतजाम करना पड़ता। 🏥😅 लेकिन, इस घटना में सबसे मजेदार पहलू इसका 'इतिहास' है! राजनीति के पंडित भी अब हैरान हैं कि हरीश जी जहां भी कदम रखते हैं, वहां का मंच अचानक 'आत्मसमर्पण' क्यों कर देता है? अभी कुछ ही दिन पहले बाराबंकी में भी उनके स्वागत के दौरान मंच चरचराकर टूट गिरा था। अब अयोध्या के हाईवे पर भी वही 'इतिहास' दोहरा दिया गया! मतलब साफ है— हरीश जी को पद मिलते ही समर्थकों में ऐसा 'ओवरलोड जोश' आ गया है कि ठेकेदार का बनाया ढांचा नेताओं के वजन के आगे पस्त हो जा रहा है। अभिषेक मिश्रा जी ने तो सोचा था कि बड़ा सा मंच बनाकर राष्ट्रीय महामंत्री जी का 'ओपनिंग जलवा' दिखाएंगे, पर मंच ने ऐसा धोखा दिया कि नेता जी का स्वागत 'एडवेंचर स्पोर्ट्स' में तब्दील हो गया! 🪂🎪 खैर, इसे कहते हैं 'अति-उत्साही राजनीति'! हरीश द्विवेदी जी को अब किसी भी कार्यक्रम में जाने से पहले समर्थकों से ज्यादा अपने सुरक्षाकर्मियों को यह हिदायत देनी पड़ेगी कि "भैया, हार-फूल बाद में पहनाना, पहले कोई मजबूत और सॉलिड मंच ढूंढकर लाओ!" अब देखना यह है कि अगली बार किसी जिले में उनके स्वागत के लिए लकड़ी का मंच बनता है, या फिर आयोजक सीधे जमीन पर खड़े होकर 'सुरक्षित स्वागत' करने में ही अपनी भलाई समझते हैं! 🤫👇
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    मंच तोड़’ स्वागत, और हरीश द्विवेदी जी की ‘भारी’ लोकप्रियता! 🏗️💥

भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी जी की लोकप्रियता का ग्राफ इन दिनों इतना ‘भारी’ हो चुका है कि लकड़ी और लोहे के बने मंच भी उनके स्वागत का वजन सह नहीं पा रहे हैं! अयोध्या के साकेत पुरी मोड़ पर पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा जी ने महामंत्री जी के भव्य स्वागत के लिए एक शानदार मंच तैयार कराया था। लेकिन, समर्थकों के उत्साह और 'भक्ति' का अतिरेक ऐसा हुआ कि मंच ने बीच में ही अपने घुटने टेक दिए और कड़ाक से टूट गया!
गनीमत यह रही कि हरीश द्विवेदी जी और उनके साथ मंच पर मौजूद नेता बाल-बाल बच गए! वरना स्वागत समारोह का जायका तो बिगड़ता ही, साथ में नेताओं की कमर और घुटने की सिकाई का अलग से इंतजाम करना पड़ता। 🏥😅
लेकिन, इस घटना में सबसे मजेदार पहलू इसका 'इतिहास' है! राजनीति के पंडित भी अब हैरान हैं कि हरीश जी जहां भी कदम रखते हैं, वहां का मंच अचानक 'आत्मसमर्पण' क्यों कर देता है? अभी कुछ ही दिन पहले बाराबंकी में भी उनके स्वागत के दौरान मंच चरचराकर टूट गिरा था। अब अयोध्या के हाईवे पर भी वही 'इतिहास' दोहरा दिया गया! मतलब साफ है— हरीश जी को पद मिलते ही समर्थकों में ऐसा 'ओवरलोड जोश' आ गया है कि ठेकेदार का बनाया ढांचा नेताओं के वजन के आगे पस्त हो जा रहा है।
अभिषेक मिश्रा जी ने तो सोचा था कि बड़ा सा मंच बनाकर राष्ट्रीय महामंत्री जी का 'ओपनिंग जलवा' दिखाएंगे, पर मंच ने ऐसा धोखा दिया कि नेता जी का स्वागत 'एडवेंचर स्पोर्ट्स' में तब्दील हो गया! 🪂🎪
खैर, इसे कहते हैं 'अति-उत्साही राजनीति'! हरीश द्विवेदी जी को अब किसी भी कार्यक्रम में जाने से पहले समर्थकों से ज्यादा अपने सुरक्षाकर्मियों को यह हिदायत देनी पड़ेगी कि "भैया, हार-फूल बाद में पहनाना, पहले कोई मजबूत और सॉलिड मंच ढूंढकर लाओ!"
अब देखना यह है कि अगली बार किसी जिले में उनके स्वागत के लिए लकड़ी का मंच बनता है, या फिर आयोजक सीधे जमीन पर खड़े होकर 'सुरक्षित स्वागत' करने में ही अपनी भलाई समझते हैं! 🤫👇
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट का मामला- ...... कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट का मामला- पुलिस के मुताबिक, विस्फोट से पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई है 50 मीटर के दायरे में आसपास के 5 से 7 मकान भी टूट गए हैं
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    कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट का मामला- ......
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट का मामला- 
पुलिस के मुताबिक, विस्फोट से पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई है
50 मीटर के दायरे में आसपास के 5 से 7 मकान भी टूट गए हैं
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • अयोध्या राम पथ रोड पर थोड़ी सी ही बरसात में राम पथ भर जाता है, सीवर से ओवरफ्लो पानी उल्टा बाहर आने लगता है और यह नहीं पता लगता कि विकास डूब रहा है या जनता के टैक्स का पैसा डूब रहा है।
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    अयोध्या राम पथ रोड पर थोड़ी सी ही बरसात में राम पथ भर जाता है, सीवर से ओवरफ्लो पानी उल्टा बाहर आने लगता है और यह नहीं पता लगता कि विकास डूब रहा है या जनता के टैक्स का पैसा डूब रहा है।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    22 min ago
  • अयोध्या में श्री राम मंदिर के पहले सीईओ के लिए तीन नामों पर मोहर लग गई अयोध्या में श्री राम मंदिर के पहले सीईओ के लिए तीन नामों पर मोहर लग गई है। तीनों नामों को चयन समिति राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपेगी। फिलहाल कल मणिराम दास छावनी में होने वाली बैठक में राम मंदिर के पहले सीईओ का चयन होगा। बैठक के लिए चयन समिति के पदाधिकारी प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े अयोध्या पहुंच चुके हैं। जानकारी के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट जगदीश आपले राम। मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट में रिक्त चल रहे पदाधिकारी पद पर भी कल आधिकारिक तौर पर नियुक्ति होगी। बता दें कि चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव रहे चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद से दो महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं बीते दिनों राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद से भी पद खाली है। जिसे कुल तीन पदों को लेकर कल आधिकारिक तौर पर नामों की घोषणा हो सकती है। राम मंदिर ट्रस्ट में राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के बेटे साहित्यकार पेंद्र मिश्र शामिल हो सकते हैं और इसके अलावा बीएचपी के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा भी शामिल हो सकते है।
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    अयोध्या में श्री राम मंदिर के पहले सीईओ के लिए तीन नामों पर मोहर लग गई  
अयोध्या में श्री राम मंदिर के पहले सीईओ के लिए तीन नामों पर मोहर लग गई  है। तीनों नामों को चयन समिति राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपेगी। फिलहाल कल मणिराम दास छावनी में होने वाली बैठक में राम मंदिर के पहले सीईओ का चयन होगा। बैठक के लिए चयन समिति के पदाधिकारी प्रमोद कोहली,  विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े अयोध्या पहुंच चुके हैं। जानकारी के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट जगदीश आपले राम। मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट में रिक्त चल रहे पदाधिकारी पद पर भी कल आधिकारिक तौर पर  नियुक्ति होगी। बता दें कि चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव रहे चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के  बाद से दो महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं बीते दिनों राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद से भी पद खाली है।   जिसे कुल तीन पदों को लेकर कल आधिकारिक तौर पर नामों की घोषणा हो सकती है। राम मंदिर ट्रस्ट में राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के बेटे साहित्यकार पेंद्र मिश्र शामिल हो सकते हैं और इसके अलावा बीएचपी के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा भी शामिल हो सकते है।
    user_Mayank Srivastava
    Mayank Srivastava
    Photographer फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • नाबालिग का निकाह पढ़ाने वाले मौलाना पर कार्रवाई कब? उम्र सत्यापन के बिना निकाह कराने पर उठे गंभीर सवाल बलवंत कुमार पांडेय | संत कबीर नगर धनघटा थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़के का कथित तौर पर जबरन निकाह कराए जाने का मामला सामने आने के बाद अब निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पीड़ित नाबालिग की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में लगाए गए आरोपों के बावजूद निकाह पढ़ाने वाले मौलाना के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसके चाचा ने अपनी लड़की से उसका कथित तौर पर जबरन निकाह करा दिया। तहरीर के मुताबिक, निकाह के बाद लड़की पक्ष की ओर से परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और प्रताड़ित किए जाने की बात कही गई है। मामले में दोनों के बीच पहले से प्रेम प्रसंग होने की चर्चा भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। उम्र सत्यापन किए बिना कैसे पढ़ा गया निकाह? मामले में सबसे बड़ा सवाल निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका को लेकर है। यदि पुलिस जांच में लड़के की उम्र नाबालिग पाई जाती है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि निकाह से पहले उसकी उम्र की पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज देखा गया था या नहीं। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि निकाह कराने वाले मौलाना के पास किसी वैध संस्था से संबंधित प्रमाण अथवा अधिकार नहीं था और कथित तौर पर रसीद के जरिए निकाह की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी सच्चाई पुलिस जांच में ही स्पष्ट होगी। मौलाना पर कार्रवाई क्यों नहीं? नाबालिग के कथित निकाह का मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद अब यह सवाल भी चर्चा में है कि यदि निकाह में नाबालिग होने की पुष्टि होती है, तो निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका की जांच कब होगी? क्या निकाह पढ़ाने से पहले उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई थी? क्या निकाह की कोई अधिकृत प्रक्रिया अपनाई गई थी? कथित रसीद किस संस्था के नाम से जारी हुई? और यदि लड़का नाबालिग था तो निकाह कराने में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही है? पुलिस जांच पर टिकी निगाहें मामला थाने पहुंचने के बाद अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यदि जांच में नाबालिग होने और निकाह से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो निकाह कराने वाले मौलाना समेत निकाह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है। प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है और आरोपों की जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि जांच में नाबालिग की उम्र और निकाह की प्रक्रिया को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
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    नाबालिग का निकाह पढ़ाने वाले मौलाना पर कार्रवाई कब? उम्र सत्यापन के बिना निकाह कराने पर उठे गंभीर सवाल
बलवंत कुमार पांडेय | संत कबीर नगर
धनघटा थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़के का कथित तौर पर जबरन निकाह कराए जाने का मामला सामने आने के बाद अब निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पीड़ित नाबालिग की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में लगाए गए आरोपों के बावजूद निकाह पढ़ाने वाले मौलाना के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि उसके चाचा ने अपनी लड़की से उसका कथित तौर पर जबरन निकाह करा दिया। तहरीर के मुताबिक, निकाह के बाद लड़की पक्ष की ओर से परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और प्रताड़ित किए जाने की बात कही गई है। मामले में दोनों के बीच पहले से प्रेम प्रसंग होने की चर्चा भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
उम्र सत्यापन किए बिना कैसे पढ़ा गया निकाह?
मामले में सबसे बड़ा सवाल निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका को लेकर है। यदि पुलिस जांच में लड़के की उम्र नाबालिग पाई जाती है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि निकाह से पहले उसकी उम्र की पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज देखा गया था या नहीं।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि निकाह कराने वाले मौलाना के पास किसी वैध संस्था से संबंधित प्रमाण अथवा अधिकार नहीं था और कथित तौर पर रसीद के जरिए निकाह की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी सच्चाई पुलिस जांच में ही स्पष्ट होगी।
मौलाना पर कार्रवाई क्यों नहीं?
नाबालिग के कथित निकाह का मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद अब यह सवाल भी चर्चा में है कि यदि निकाह में नाबालिग होने की पुष्टि होती है, तो निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका की जांच कब होगी?
क्या निकाह पढ़ाने से पहले उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई थी?
क्या निकाह की कोई अधिकृत प्रक्रिया अपनाई गई थी?
कथित रसीद किस संस्था के नाम से जारी हुई?
और यदि लड़का नाबालिग था तो निकाह कराने में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही है?
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
मामला थाने पहुंचने के बाद अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यदि जांच में नाबालिग होने और निकाह से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो निकाह कराने वाले मौलाना समेत निकाह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है।
प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है और आरोपों की जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि जांच में नाबालिग की उम्र और निकाह की प्रक्रिया को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
    user_बलवन्त कुमार पाण्डेय
    बलवन्त कुमार पाण्डेय
    रिपोर्टर Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    30 min ago
  • बरसात के कारण एक पेड़ महुए का एक गरीब के आशियाने पर गिरा और घर में सो रहे लोग इसकी चपेट में आने के कारण ममता पुत्री स्वर्गीय कृपा शंकर छप्पर के नीचे दब गई आनंद आनंद में ग्रामीणों की सहायता से उसको बाहर निकाला गया और ममता की बड़ी बहन गुड़िया की छप्पर के नीचे दव गई थी गुड़िया की उम्र लगभग 20 वर्ष जिसकी शादी तय है वही बाबा रामफेर को भी हल्की फुल्की चोटे आई ममता के पिता की मृत्यु आज की 5 वर्ष पहले हो चुकी है वही आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेज दिया गया परिजनों ने यह भी बताया कि सुल्तानपुर जनपद से लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया जिससे इलाज अच्छे से अच्छा हो सके महुआ का पेड़ काफी पुराना था रोती हुई मां ने यह बताया पड़ोसी से मुकदमा चल रहा है लाख कहने के बाद पेड़ नहीं काटने दिया विधि को जो मंजूर था आज वह पेड़ बारिश के कारण और जड़े कमजोर होना इस कारण पेड़ घर पर गिर गया जिसके कारण ममता को अंदरुनी काफी चोटे आई है कच्चा घर बना अभिशाप और आशीर्वाद मोटी दीवार ने बचाई जान अन्यथा जान गवां कर ही अन्त होता
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    बरसात के कारण एक पेड़ महुए का एक गरीब के आशियाने पर गिरा और घर में सो रहे लोग इसकी चपेट में आने के कारण ममता पुत्री स्वर्गीय कृपा शंकर छप्पर के नीचे दब गई आनंद आनंद में ग्रामीणों की सहायता से उसको बाहर निकाला गया और ममता की बड़ी बहन गुड़िया की छप्पर के नीचे दव गई थी गुड़िया की उम्र लगभग 20 वर्ष जिसकी शादी तय है वही बाबा रामफेर को भी हल्की फुल्की चोटे आई ममता के पिता की मृत्यु आज की 5 वर्ष पहले हो चुकी है वही आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेज दिया गया परिजनों ने यह भी बताया कि सुल्तानपुर जनपद से लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया जिससे इलाज अच्छे से अच्छा हो सके महुआ का पेड़ काफी पुराना था रोती हुई मां ने यह बताया पड़ोसी से मुकदमा चल रहा है लाख कहने के बाद पेड़ नहीं काटने दिया विधि को जो मंजूर था आज वह पेड़ बारिश के कारण और जड़े कमजोर होना इस कारण पेड़ घर पर गिर गया जिसके कारण ममता को अंदरुनी काफी चोटे आई है कच्चा घर बना अभिशाप और आशीर्वाद मोटी दीवार ने बचाई जान अन्यथा जान गवां कर ही अन्त होता
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • डायल 112 ड्राइवर हादसे में गंभीर घायल: गाड़ी स्लिप होने से हुआ हादसा, लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर सुल्तानपुर में डायल 112 के ड्राइवर विवेक दुबे मंगलवार शाम करीब 6 बजे एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी गाड़ी स्लिप होने से यह हादसा हुआ। उन्हें पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है। विवेक दुबे हलियापुर थाने में तैनात हैं। मंगलवार शाम करीब 6 बजे वे छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे। सुल्तानपुर-हलियापुर मार्ग पर कुड़वार थाना क्षेत्र के गजहेड़ी बाजार में उनकी गाड़ी अचानक स्लिप हो गई। इस हादसे में उनके सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं। नाक और मुंह से खून बह रहा था। हादसे की जानकारी मिलते ही 112 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल विवेक दुबे को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। कुड़वार थानाध्यक्ष प्रवीण यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल ड्राइवर को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाने में मदद की। बाद में सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, नगर कोतवाल इंस्पेक्टर सुरेश नारायण मिश्रा, आरआई राजेश कुमार (पुलिस लाइन) और कुड़वार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार यादव भी अस्पताल पहुंचे। मरीज के साथ एक सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र राज और दो सिपाही लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर गए हैं।
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    डायल 112 ड्राइवर हादसे में गंभीर घायल: गाड़ी स्लिप होने से हुआ हादसा, लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर
सुल्तानपुर में डायल 112 के ड्राइवर विवेक दुबे मंगलवार शाम करीब 6 बजे एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी गाड़ी स्लिप होने से यह हादसा हुआ। उन्हें पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है।
विवेक दुबे हलियापुर थाने में तैनात हैं। मंगलवार शाम करीब 6 बजे वे छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे। सुल्तानपुर-हलियापुर मार्ग पर कुड़वार थाना क्षेत्र के गजहेड़ी बाजार में उनकी गाड़ी अचानक स्लिप हो गई।
इस हादसे में उनके सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं। नाक और मुंह से खून बह रहा था। हादसे की जानकारी मिलते ही 112 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल विवेक दुबे को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया।
कुड़वार थानाध्यक्ष प्रवीण यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल ड्राइवर को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाने में मदद की। बाद में सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, नगर कोतवाल इंस्पेक्टर सुरेश नारायण मिश्रा, आरआई राजेश कुमार (पुलिस लाइन) और कुड़वार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार यादव भी अस्पताल पहुंचे।
मरीज के साथ एक सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र राज और दो सिपाही लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर गए हैं।
    user_BREAKINGNEWS
    BREAKINGNEWS
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • रामघाट हाल्ट के चौधरी चरण सिंह घाट पर दिखा घड़ियाल, मचा हड़कंप। शाम करीब 6 बजे दिखा, प्रशासन को दी गई सूचना। अयोध्या। सरयू नदी के रामघाट हाल्ट स्थित चौधरी चरण सिंह घाट पर मंगलवार शाम करीब 6 बजे घड़ियाल देखा गया। घड़ियाल दिखने से घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दे दी है।
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    रामघाट हाल्ट के चौधरी चरण सिंह घाट पर दिखा घड़ियाल, मचा हड़कंप।

शाम करीब 6 बजे दिखा, प्रशासन को दी गई सूचना।
अयोध्या। सरयू नदी के रामघाट हाल्ट स्थित चौधरी चरण सिंह घाट पर मंगलवार शाम करीब 6 बजे घड़ियाल देखा गया। घड़ियाल दिखने से घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दे दी है।
    user_पत्रकार राकेश तिवारी अयोध्या
    पत्रकार राकेश तिवारी अयोध्या
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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