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मुस्कुरा ब्लॉक के ग्राम कमोखर में ग्राम प्रधान बच्चा लाल वर्मा की देखरेख में गौशाला में गायों की हालत बड़ी ही दैनीय स्थिति में है जहां भूख प्यास से तड़प कर गोवंश मर रहे हैं उनकी मौत के बाद प्रधान रातों-रात उनको दूर जंगल में दफनवा देते हैं मगर उनके खाने-पीने और पानी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं देते हैं सरकारी बजट का बंटाधार किया जा रहा है ग्राम प्रधान के द्वारा...... मंडल ब्यूरो अमित कुमार
Amit Singh
मुस्कुरा ब्लॉक के ग्राम कमोखर में ग्राम प्रधान बच्चा लाल वर्मा की देखरेख में गौशाला में गायों की हालत बड़ी ही दैनीय स्थिति में है जहां भूख प्यास से तड़प कर गोवंश मर रहे हैं उनकी मौत के बाद प्रधान रातों-रात उनको दूर जंगल में दफनवा देते हैं मगर उनके खाने-पीने और पानी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं देते हैं सरकारी बजट का बंटाधार किया जा रहा है ग्राम प्रधान के द्वारा...... मंडल ब्यूरो अमित कुमार
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- Post by Amit Singh1
- Post by Vivek Kumar1
- मौदहा हमीरपुर। शुक्रवार का दिन कस्बे में संचालित पैथोलॉजी और स्टोर स्टोर्स के लिए काफी घातक साबित हुआ जब डिप्टी सीएमओ, उपजिलाधिकारी,सीओ और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो पैथोलॉजी और एक अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दी जबकि एक मेडिकल स्टोर में इलाज किए जाने के मामले में चेतावनी दी गई बाकि मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी के शटर डाउन हो गए। शुक्रवार दोपहर धूप में भले उतनी गर्मी न हो लेकिन डिप्टी सीएमओ सी. वी. राजपूत, उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह, नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता, सीओ राजकुमार पांडेय की संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर्स और मानक विहीन चल रही पैथोलॉजी पर छापेमारी कर मौसम को गर्म कर दिया। सबसे पहले संयुक्त टीम ने बडे चौराहे के निकट डा. वकार अहमद द्वारा संचालित स्टैंडर्ड पैथोलॉजी पर जांच की और पैथोलॉजी तथा संचालक द्वारा मानक पूरे नहीं कर पाने के कारण पैथोलॉजी को सील कर चाबियां कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दी। उसके बाद संयुक्त टीम ने सरकारी अस्पताल के निकट डा. अफजाल अहमद के मेडिकल एंड ट्रीटमेंट सेंटर में जांच की, हालांकि उक्त मेडिकल एंड ट्रीटमेंट सेंटर में हुई कार्यवाही की स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकी है। जबकि सूत्रों की माने तो उक्त मेडिकल सेंटर को चेतावनी और एडवायजरी जारी की गई।जबकि संयुक्त जांच टीम ने इण्डियन पैथोलॉजी एण्ड अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच की तो अभिलेख और चिकित्सक नहीं मिलने पर पैथोलॉजी को सीज कर दिया,वहीं संयुक्त जांच टीम ने कस्बे की मुमताज़ मार्केट में संचालित प्रतिष्ठित यश पैथोलॉजी में भी जाकर जांच की और इस पैथोलॉजी को भी सील कर दिया साथ ही यहां से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने की भी अपुष्ट जानकारी मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के साथ उपजिलाधिकारी की इस कार्यवाही को लेकर जहां मेडिकल स्टोर्स और पैथोलॉजी संचालकों में हडकंप मच गया वहीं मेडिकल स्टोर्स और पैथोलॉजी संचालक अपने अपने शटर डाउन कर नौ दो ग्यारह हो गए। वहीं इस बडी कार्यवाही को लेकर अभी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है।इस सम्बन्ध में असिस्टेंट मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीवी राजपूत ने बताया कि सभी को एक सप्ताह का समय दिया गया है कि, एक सप्ताह के अंदर वह अपने लीगल डाकूमेंट्स प्रस्तुत करें अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।4
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 हमीरपुर/मौदहा में अवैध पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सेंटरों पर प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमारी। डिप्टी CMO सीवी राजपूत व SDM कर्णवीर के नेतृत्व में कार्रवाई, सीओ राजकुमार पांडेय व नायब तहसीलदार रहे मौजूद। कई सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन संचालित मिले, टीम पहुंचते ही संचालक ताला लगाकर फरार। सरकारी अस्पताल के आसपास भी बड़ी संख्या में अवैध सेंटर चिन्हित। अधिकारियों की चेतावनी—बिना अनुमति चल रहे सेंटरों पर आगे भी जारी रहेगा अभियान।1
- यह नल 5 महीने से खराब है मय माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी निवेदन करता हूं इस नल कि जल्द से जल्द ठीक कराया जाए जिससे हमारे मुहल्ले के पानी की आवश्यकता पूर्ण हो जाए1
- बहुत बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है l पूरा गांव एक एक बूंद पानी को तरस रहा है लाना सरकार ध्यान दे रही है और न ही उनका सिस्टम बस जहां भी जाओ तो तसल्ली देकर भगा देते है बोलते है काम चल रहा है l इस नल में आज तक पानी नहीं आया है l क्या करेगी गांव जनता प्यास से मर जाएगी जब ध्यान देने ये कानून बनाने वाले l4
- #Apkiawajdigital 15 घंटे बाद पानी से निकला वह दृश्य, जिसने पत्थर दिल इंसान को भी रुला दिया; मौत हारी, ममता जीत गई जबलपुर (मध्य प्रदेश)। तारीख: 30 अप्रैल 2026, दिन: गुरुवार। समय जब शाम के धुंधलके में बदल रहा था, बरगी डैम की शांत लहरों के नीचे एक ऐसी करुण गाथा लिखी जा रही थी, जिसे सुनकर आज पूरी इंसानियत सिसक रही है। वो खौफनाक 15 घंटे और अंतिम संघर्ष जब नाव बरगी डैम की अथाह गहराइयों में समा रही होगी, उस वक्त चारों ओर चीख-पुकार और मौत का सन्नाटा पसरा होगा। लेकिन उस विनाशकारी शोर के बीच एक माँ का दिल सिर्फ अपने बच्चे के लिए धड़क रहा था। शुक्रवार की सुबह जब 15 घंटों के रेस्क्यू के बाद नाव को बाहर निकाला गया, तो जो मंजर दिखा उसने एनडीआरएफ के जवानों तक के हाथ कपा दिए। लहरें जिस्म डुबो सकीं, रिश्ता नहीं नाव के भीतर माँ ने अपने बच्चे को इस तरह सीने से चिपका रखा था, जैसे वह मौत को चुनौती दे रही हो कि 'मेरे रहते तुम इसे छू भी नहीं सकते'। पानी के दबाव और मौत के डर पर ममता भारी पड़ गई। माँ का आँचल बच्चे के लिए आखिरी साँस तक सुरक्षा कवच बना रहा। बरगी डैम की गहराई भी उस माँ की बाहों की पकड़ को ढीली नहीं कर सकी। त्याग की पराकाष्ठा वह चाहती तो शायद खुद को बचाने के लिए हाथ-पैर मार सकती थी, लेकिन उसने अपने बच्चे के साथ डूबना मंजूर किया, उसे अकेला छोड़ना नहीं। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि ईश्वर हर जगह नहीं हो सकता, इसीलिए उसने 'माँ' बनाई है।4
- Post by Amit Singh1