कैमूर जिले की मधुबाला कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, जिसके बाद उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) के पद पर हुआ है। कुदरा प्रखंड के डिहरा गांव की निवासी मधुबाला एक साधारण किसान परिवार से आती हैं; उनके पिता संतोष कुमार उर्फ पप्पू सिंह पेशे से किसान हैं और माता संजू देवी एक गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में तीसरी मधुबाला ने तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी, जिसमें उनके परिवार ने सीमित आय के बावजूद पूरा सहयोग किया। मधुबाला के SDM पद पर चयनित होने की खबर डिहरा गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में जश्न का माहौल छा गया और बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने कहा कि मधुबाला ने न सिर्फ अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे कैमूर जिले का नाम रोशन किया है, और उनकी यह ऐतिहासिक सफलता ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों व युवाओं के लिए एक मिसाल है जो बड़े सपने देखते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत पूरी ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। अपनी इस स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए मधुबाला कुमारी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के अटूट सहयोग को दिया। उन्होंने युवाओं को निरंतर प्रयास, कड़ा अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने का संदेश दिया है। मधुबाला की इस शानदार उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
कैमूर जिले की मधुबाला कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, जिसके बाद उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) के पद पर हुआ है। कुदरा प्रखंड के डिहरा गांव की निवासी मधुबाला एक साधारण किसान परिवार से आती हैं; उनके पिता संतोष कुमार उर्फ पप्पू सिंह पेशे से किसान हैं और माता संजू देवी एक गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में तीसरी मधुबाला ने तमाम
आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी, जिसमें उनके परिवार ने सीमित आय के बावजूद पूरा सहयोग किया। मधुबाला के SDM पद पर चयनित होने की खबर डिहरा गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में जश्न का माहौल छा गया और बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने कहा कि मधुबाला ने न सिर्फ
अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे कैमूर जिले का नाम रोशन किया है, और उनकी यह ऐतिहासिक सफलता ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों व युवाओं के लिए एक मिसाल है जो बड़े सपने देखते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत पूरी ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। अपनी इस स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए मधुबाला
कुमारी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के अटूट सहयोग को दिया। उन्होंने युवाओं को निरंतर प्रयास, कड़ा अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने का संदेश दिया है। मधुबाला की इस शानदार उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- कैमूर जिले की मधुबाला कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, जिसके बाद उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) के पद पर हुआ है। कुदरा प्रखंड के डिहरा गांव की निवासी मधुबाला एक साधारण किसान परिवार से आती हैं; उनके पिता संतोष कुमार उर्फ पप्पू सिंह पेशे से किसान हैं और माता संजू देवी एक गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में तीसरी मधुबाला ने तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी, जिसमें उनके परिवार ने सीमित आय के बावजूद पूरा सहयोग किया। मधुबाला के SDM पद पर चयनित होने की खबर डिहरा गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में जश्न का माहौल छा गया और बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने कहा कि मधुबाला ने न सिर्फ अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे कैमूर जिले का नाम रोशन किया है, और उनकी यह ऐतिहासिक सफलता ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों व युवाओं के लिए एक मिसाल है जो बड़े सपने देखते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत पूरी ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। अपनी इस स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए मधुबाला कुमारी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के अटूट सहयोग को दिया। उन्होंने युवाओं को निरंतर प्रयास, कड़ा अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने का संदेश दिया है। मधुबाला की इस शानदार उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।4
- बिहार के एक ऐसे गांव में एक ऐतिहासिक पल आया है, जहां आज तक कोई भी इंजीनियर नहीं बन पाया था। इस गांव से पहली बार किसी युवक ने आईआईटी में अपनी जगह बनाई है। इस उपलब्धि पर पूरे गांव में जश्न का माहौल है, खासकर गांव की महिलाओं ने इस नव-आईआईटीयन का गर्मजोशी से स्वागत किया। महिलाओं ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और मिठाई खिलाकर इस बेटे का सम्मान किया, साथ ही खुशी के गीत भी गाए।1
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- आज 23 जून 2026 को दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी प्रभाग के उत्तर निघासन रेंज के लट्ठौआ बीट स्थित ग्राम मुर्तिहा से एक मादा गुलदार (तेंदुआ) को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद इस मादा गुलदार को वन प्रभाग में लाया गया, जिसके उपरांत उसे चन्द्रप्रभा रेंज के राजदरी अनुभाग अंतर्गत बलियारी बीट की देव पहाड़ी पर सकुशल अवमुक्त कर दिया गया।1
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद वाराणसी के कोचिंग सेंटरों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह देखा गया है कि प्रशासन आमतौर पर किसी घटना के बाद ही सक्रिय होता है। हालांकि, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि वाराणसी में बड़े सुधार और महत्वपूर्ण कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना यहाँ न हो सके।1
- भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर माँग की गई है। इस दौरान, भ्रष्टाचार की मूल जड़ के रूप में 'जेई' (जूनियर इंजीनियर) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिससे यह साफ होता है कि यह माँग भ्रष्टाचार के एक विशिष्ट स्रोत पर केंद्रित है।1
- पुलिस की जाँच में सामने आया है कि एक बच्चे से कथित तौर पर जबरन नारे लगवाए गए थे। इन नारों का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर इस तरह फैलाया गया, जैसे ये मुहर्रम के जुलूस में लगाए गए हों। पुलिस का आरोप है कि इस मामले में इमरान और भुवनेश नामक दो व्यक्तियों ने बच्चे का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाया और उसे वायरल किया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे कृत्य का मुख्य उद्देश्य सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना और लोगों को भड़काना था। इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने दोनों आरोपियों इमरान और भुवनेश को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जाँच जारी है।1
- नगर पंचायत चेनारी के इंदिरा चौक स्थित बिजली केबल में आग लगने से पूरे नगर की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। यह समस्या 3-4 बार हो चुकी है, जिसके कारण भीषण गर्मी में घंटों तक बिजली बाधित रहने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वार्ड 12 के इंदिरा चौक के निवासियों का कहना है कि उन्हें आखिर कब तक बिजली विभाग की इस लापरवाही को झेलना पड़ेगा। नागरिकों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1