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नगर पंचायत चेनारी के इंदिरा चौक स्थित बिजली केबल में आग लगने से पूरे नगर की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। यह समस्या 3-4 बार हो चुकी है, जिसके कारण भीषण गर्मी में घंटों तक बिजली बाधित रहने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वार्ड 12 के इंदिरा चौक के निवासियों का कहना है कि उन्हें आखिर कब तक बिजली विभाग की इस लापरवाही को झेलना पड़ेगा। नागरिकों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
राष्ट्र नमन प्रेस
नगर पंचायत चेनारी के इंदिरा चौक स्थित बिजली केबल में आग लगने से पूरे नगर की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। यह समस्या 3-4 बार हो चुकी है, जिसके कारण भीषण गर्मी में घंटों तक बिजली बाधित रहने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वार्ड 12 के इंदिरा चौक के निवासियों का कहना है कि उन्हें आखिर कब तक बिजली विभाग की इस लापरवाही को झेलना पड़ेगा। नागरिकों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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- चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के भैसोड़ा गांव में जिला पंचायत द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि साहेमु के घर से नेहालु के घर तक नाली निर्माण का कार्य लगभग एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके चलते खुली पड़ी नाली में गिरकर आए दिन बच्चे और बुजुर्ग घायल हो रहे हैं। ठेकेदार द्वारा केवल लोहे की छड़ें लगाकर काम रोक दिया गया है, न तो दीवार पूरी बनी है और न ही नाली ढकी गई है, जिससे खुले गड्ढे आवागमन में भारी दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। इस अधूरे निर्माण के संबंध में ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। पिछले समाधान दिवस और हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्य पूरा कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बदरुद्दीन, अखलाक, शहंशाह, रहीमुद्दीन, रहमत, मकसूद, जाहिर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल शेष कार्य पूरा कराने और सुरक्षा की दृष्टि से नाली को ढकने की मांग की है, ताकि गांव में दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्राम प्रधान पति लाल मोहम्मद ने भी इस बात की पुष्टि की है कि लगभग एक साल से यह कार्य अधूरा है और अधूरे निर्माण के कारण ग्रामवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अधिकारियों का ध्यान कई बार इस ओर खींचा जा चुका है।3
- चंदौली में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया, जिसमें प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण और सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया जाना शामिल है। उन्होंने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ संचालित करने के भी निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर ओपीडी सेवाओं को बढ़ाने के लिए कहा, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार की सुविधा मिल सके और उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर अनावश्यक दबाव कम हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ मरीजों, विशेषकर गरीबों के लिए सुलभ और किफायती हों, और उन्हें समय पर जाँच व इलाज उपलब्ध कराया जाए। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने ग्राम स्तर पर कार्य में शिथिलता बरतने वाली निष्क्रिय आशाओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त करने और उनके स्थान पर नई आशाओं की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने सभी डॉक्टरों को समय से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने और आपातकालीन डॉक्टरों को भी कार्यस्थल पर मौजूद रहने का आदेश दिया, ताकि स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर बनी रहें। साथ ही, आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसी सरकारी योजनाओं को ईमानदारी से धरातल पर उतारने के निर्देश भी दिए गए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद वाराणसी के कोचिंग सेंटरों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह देखा गया है कि प्रशासन आमतौर पर किसी घटना के बाद ही सक्रिय होता है। हालांकि, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि वाराणसी में बड़े सुधार और महत्वपूर्ण कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना यहाँ न हो सके।1
- गढ़वा में आयोजित एक पीसीसी शिलान्यास कार्यक्रम से कहीं ज़्यादा, इस अवसर पर दिया गया एक बयान सुर्खियों में बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान, वर्तमान विधायक ने पूर्व विधायक की हंसी पर सीधा कटाक्ष किया। यह बयान अब शिलान्यास समारोह की तुलना में अधिक चर्चा का विषय बन गया है।1
- रोहतास जिले में नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने निवर्तमान जिलाधिकारी उदिता सिंह से प्रभार लिया, जिन्हें सरकार ने नालंदा जिले की नई जिम्मेदारी सौंपी है। पदभार संभालने के बाद, नए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना और जिले में चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना होगा। कार्यभार संभालते ही उन्हें एक्शन मोड में देखा गया, जहाँ उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुहर्रम को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने जिले में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का अवलोकन भी किया। जिलाधिकारी मिश्रा ने सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि मुहर्रम के दौरान जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है।4
- भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर माँग की गई है। इस दौरान, भ्रष्टाचार की मूल जड़ के रूप में 'जेई' (जूनियर इंजीनियर) को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिससे यह साफ होता है कि यह माँग भ्रष्टाचार के एक विशिष्ट स्रोत पर केंद्रित है।1
- लखनऊ अग्निकांड की घटना के बाद वाराणसी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आकाश इंस्टीट्यूट कोचिंग सेंटर को सील कर दिया है। यह कार्रवाई वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए), पुलिस और अग्निशमन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई। कोचिंग सेंटर के निरीक्षण के दौरान सुरक्षा संबंधी कई खामियां सामने आईं। विशेष रूप से, अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों में कमी पाई गई, और आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) में भी आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव दिखा।1
- चंदौली में जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक माह ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाती है, और इसी क्रम में यह दौरा किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में रखी ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया और सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की। उन्होंने वीवीपैट गोदाम का भी निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था को परखा। इस अवसर पर, जिलाधिकारी ने सहायक निर्वाचन अधिकारी को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की चूक न हो। इस मासिक निरीक्षण के दौरान सहायक निर्वाचन अधिकारी, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- पलामू जिले के पांडू स्थित राजकीयकृत +2 कल्याण उच्च विद्यालय में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली। इस रैली का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता तख्तियां लेकर विद्यालय परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भ्रमण किया, जहां उन्होंने "शिक्षित बनें, जागरूक बनें, नशा छोड़ें", "नशा मुक्त युवा, सशक्त भारत" और "नशा मुक्त समाज हमारा लक्ष्य" जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों ने शराब, सिगरेट, गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, उसके परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने सभी युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे नशा मुक्ति का यह संदेश अपने परिवार और समाज के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचाएं। इस जागरूकता रैली में प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल के साथ-साथ शिक्षक अरविंद कुमार, पंकज कुमार, अरविंद कुमार पटेल, मासुक अंसारी, रफी अहमद, नगेंद्र यादव, अरुण कुमार, मनोज कुमार, कमलकांत, उपेंद्र कुमार और विनय कुमार पाठक सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प लिया, जिसमें युवाओं से नशा छोड़कर एक उज्ज्वल भविष्य अपनाने का आग्रह किया गया।1