नूंह साइबर अपराध के खिलाफ नूंह जिला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन में संदिग्ध साइबर गतिविधियों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ नूंह साइबर थाना पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं। विशेष रूप से साइबर क्राइम थाना पुलिस तकनीकी इनपुट और साइबर क्राइम पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले मामले में थाना पिनगवां क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि गांव बुबलहेड़ी निवासी अरबाज फर्जी पहचान और मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने गांव में खेतों के बीच बने एक मकान पर दबिश देकर आरोपी को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें एक सिम कार्ड लगा हुआ था। मोबाइल फोन की जांच के दौरान व्हाट्सऐप बिजनेस पर शर्मा इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी नाम से प्रोफाइल तथा फेसबुक पर ‘ दीपक शर्मा नाम से अकाउंट मिला। फोन की गैलरी में इलेक्ट्रिक स्कूटी की बिक्री से संबंधित संदिग्ध संदेश और क्यूआर कोड की तस्वीरें भी मिलीं। इसके अतिरिक्त, संबंधित मोबाइल नंबर के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर दो शिकायतें दर्ज मिलीं, जिनमें क्रमशः 50,599 रुपये और 17,600 रुपये की रकम का उल्लेख है। दूसरे मामले में पुलिस को सूचना मिली कि गांव हिरवाड़ी निवासी आफाक खान मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी में संलिप्त है। सूचना पर पुलिस टीम ने हिरवाड़ी से हाजीबास जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू किया। उसके कब्जे से बरामद मोबाइल में दो सिम कार्ड लगे हुए थे। एक सिम नंबर के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर महाराष्ट्र के जलगांव से संबंधित एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज मिली। मोबाइल फोन की जांच के दौरान फेसबुक अकाउंट तथा कई संदिग्ध फोटो, वीडियो, वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग और व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट मिले। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नूंह पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन खरीद-बिक्री, इलेक्ट्रिक स्कूटी या अन्य सामान के विज्ञापनों के जरिए होने वाली संभावित ठगी से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे न भेजें और संदिग्ध साइबर गतिविधि या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
नूंह साइबर अपराध के खिलाफ नूंह जिला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन में संदिग्ध साइबर गतिविधियों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ नूंह साइबर थाना पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं। विशेष रूप से साइबर क्राइम थाना पुलिस तकनीकी इनपुट और साइबर क्राइम पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले मामले में थाना पिनगवां क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि गांव बुबलहेड़ी निवासी अरबाज फर्जी पहचान और मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने गांव में खेतों के बीच बने एक मकान पर दबिश देकर आरोपी को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें एक सिम कार्ड लगा हुआ था। मोबाइल फोन की जांच के दौरान व्हाट्सऐप बिजनेस पर शर्मा इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी नाम से प्रोफाइल तथा फेसबुक पर ‘ दीपक शर्मा नाम से अकाउंट मिला। फोन की गैलरी में इलेक्ट्रिक स्कूटी की बिक्री से संबंधित संदिग्ध संदेश और क्यूआर कोड की तस्वीरें भी मिलीं। इसके अतिरिक्त, संबंधित मोबाइल नंबर के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर दो शिकायतें दर्ज मिलीं, जिनमें क्रमशः 50,599 रुपये और 17,600 रुपये की रकम का उल्लेख है। दूसरे मामले में पुलिस को सूचना मिली कि गांव हिरवाड़ी निवासी आफाक खान मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी में संलिप्त है। सूचना पर पुलिस टीम ने हिरवाड़ी से हाजीबास जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू किया। उसके कब्जे से बरामद मोबाइल में दो सिम कार्ड लगे हुए थे। एक सिम नंबर के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर महाराष्ट्र के जलगांव से संबंधित एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज मिली। मोबाइल फोन की जांच के दौरान फेसबुक अकाउंट तथा कई संदिग्ध फोटो, वीडियो, वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग और व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट मिले। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नूंह पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन खरीद-बिक्री, इलेक्ट्रिक स्कूटी या अन्य सामान के विज्ञापनों के जरिए होने वाली संभावित ठगी से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे न भेजें और संदिग्ध साइबर गतिविधि या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
- नूंह साइबर अपराध के खिलाफ नूंह जिला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन में संदिग्ध साइबर गतिविधियों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ नूंह साइबर थाना पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं। विशेष रूप से साइबर क्राइम थाना पुलिस तकनीकी इनपुट और साइबर क्राइम पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले मामले में थाना पिनगवां क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि गांव बुबलहेड़ी निवासी अरबाज फर्जी पहचान और मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने गांव में खेतों के बीच बने एक मकान पर दबिश देकर आरोपी को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें एक सिम कार्ड लगा हुआ था। मोबाइल फोन की जांच के दौरान व्हाट्सऐप बिजनेस पर शर्मा इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी नाम से प्रोफाइल तथा फेसबुक पर ‘ दीपक शर्मा नाम से अकाउंट मिला। फोन की गैलरी में इलेक्ट्रिक स्कूटी की बिक्री से संबंधित संदिग्ध संदेश और क्यूआर कोड की तस्वीरें भी मिलीं। इसके अतिरिक्त, संबंधित मोबाइल नंबर के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर दो शिकायतें दर्ज मिलीं, जिनमें क्रमशः 50,599 रुपये और 17,600 रुपये की रकम का उल्लेख है। दूसरे मामले में पुलिस को सूचना मिली कि गांव हिरवाड़ी निवासी आफाक खान मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी में संलिप्त है। सूचना पर पुलिस टीम ने हिरवाड़ी से हाजीबास जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू किया। उसके कब्जे से बरामद मोबाइल में दो सिम कार्ड लगे हुए थे। एक सिम नंबर के विरुद्ध साइबर क्राइम पोर्टल पर महाराष्ट्र के जलगांव से संबंधित एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज मिली। मोबाइल फोन की जांच के दौरान फेसबुक अकाउंट तथा कई संदिग्ध फोटो, वीडियो, वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग और व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट मिले। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नूंह पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन खरीद-बिक्री, इलेक्ट्रिक स्कूटी या अन्य सामान के विज्ञापनों के जरिए होने वाली संभावित ठगी से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे न भेजें और संदिग्ध साइबर गतिविधि या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- महिला सुरक्षा के लिए गुरुग्राम पुलिस प्रतिबद्ध सोशल मीडिया पोस्ट पर स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज महिला सुरक्षा के लिए गुरुग्राम पुलिस प्रतिबद्ध सोशल मीडिया पोस्ट पर स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज FIR दर्ज करके तकनीकी सहायता से आरोपी की पहचान करके FIR के कुछ घंटों में आरोपी गिरफ्तार। गुरुग्राम, गौरव गर्ग, 28 अक्टूबर । गुरुग्राम पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान महिला द्वारा X सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की गई पोस्ट पुलिस के संज्ञान में आई। जिसमें महिला/युवती द्वारा दर्शाया गया था कि एयरपोर्ट दिल्ली से बुक की गई राइड के गुरुग्राम में ड्रॉप के बाद ऊबर राइड के ड्राइवर के द्वारा उससे बिल से अधिक पैसे की मांग की गई। मना करने पर ऊबर चालक द्वारा महिला से अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस टीम द्वारा शिकायतकर्ता से संपर्क स्थापित करने के लिए X के माध्यम से संपर्क किया गया। गुरुग्राम पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पोस्ट के आधार पर थाना पालम विहार में FIR दर्ज कर तकनीकी सहायता के माध्यम से आरोपी चालक की पहचान एवं उसके संबंध में जानकारी एकत्रित की गईं। थाना पालम विहार और क्राइम ब्रांच सेक्टर 39 की पुलिस टीमों द्वारा सयुंक्त कार्यवाही करते हुए आरोपी चालक को तुरंत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान यासिर पुत्र इलियास, उम्र 26 वर्ष, निवासी गांव घासेड़ा, जिला नूंह के रूप में हुई है। आरोपी द्वारा घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने उबर प्लेटफॉर्म पर अपनी आईडी जमील जाहिद खान के नाम से बनाई हुई थी। आरोपी से गहनता से और विस्तार से पूछताछ की जा रही है। गुरुग्राम पुलिस महिला सुरक्षा के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है। महिला सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले हर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी ।1
- *रेवाड़ी में गैस रिफिल करते समय सिलेंडर में ब्लॉस्ट: झुलसे 4 में से 2 रोहतक रेफर; हाथ-पैरों पर गहरे घाव, किराए पर थी दुकान-मकान* * मौके पर ब्लॉस्ट में झुलसे व्यक्ति को संभालते हुए। रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में बुधवार देर शाम ओम नगर मोहल्ले की एक मकान में गैस सिलेंडर से ब्लॉस्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि कमरे और दुकान की दीवार तोड़कर सिलेंडर दुकान के काउंटर तक पहुंच गया। जिससे आसपास हड़कंप मच गया। सिलेंडर की चपेट में आने से 41
- जिला सचिवालय के सभागार में राज्य सहायता मिशन हरियाणा द्वारा स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के अंतर्गत पलवल जिला में बाल कुपोषण के प्रबंधन के लिए चिकित्सीय पोषण आहार के माध्यम से संचालित पायलट परियोजना की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने की। पलवल बैठक में परियोजना के परिणामों, निष्कर्षों, सुझावों और अनुभवों पर चर्चा करते हुए बाल कुपोषण की पहचान, प्रबंधन एवं निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने पायलट परियोजना में योगदान देने वाले सभी विभागों, संस्थानों और हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बाल कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन के लिए विभागीय समन्वय, निरंतर सहयोग और साझा जिम्मेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने और कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कार्य प्रणाली विकसित की जा सके। राज्य सहायता मिशन की ओर से एसजेएचआईएफएम की संयुक्त निदेशक एवं एसएसएम हरियाणा की नोडल अधिकारी डा. नीरू ने पायलट परियोजना की अवधारणा, उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल कुपोषण की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान करना और उनके समुचित प्रबंधन की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सामूहिक प्रयासों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सतिंदर वशिष्ठ ने पायलट परियोजना की परिकल्पना और क्रियान्वयन के लिए राज्य सहायता मिशन, हरियाणा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाल कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए इस प्रकार की पहल महत्वपूर्ण है। ऐसी परियोजनाओं से प्राप्त अनुभव भविष्य में योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने और संबंधित विभागों के बीच सहयोग बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। बैठक के दौरान पायलट परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग देने वाले विभिन्न हितधारकों को उनके योगदान और प्रतिबद्धता के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शैक्षणिक संस्थानों तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता दी गई।4
- रिपोर्टर समाचार नेशन सुरेंद्र गुरुग्राम (विदेशी नंबर से काल करके वाइन-शॉप के मालिक से फिरौती मांगने वाले नाबालिक सहित 02 आरोपी गिरफ्तार। एक व्यक्ति ने पुलिस थाना फरुखनगर, गुरुग्राम की पुलिस टीम को एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि यह शराब की दुकानों का लाइसेंस धारक है। समय दोपहर 12:41 बजे इसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अमेरिका से बात करने व अपना परिचय अपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए इससे पैसों की माँग की तथा पैसे न देने पर इसे गंभीर परिणाम भुगतने और नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना फरुखनगर, गुरुग्राम में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 308(2) के तहत अभियोग अंकित किया गया। पुलिस कार्यवाही उप-निरीक्षक लोकेश कुमार, अपराध शाखा फरुखनगर, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने पुलिस प्रणाली का प्रभावी प्रयोग करते हुए तथा पुलिस तकनीकी की सहायता से उपरोक्त अभियोग में घटित वारदात से सम्बन्धित जानकारी एकत्रित को गई। पुलिस टीम द्वारा एकत्रित को गई जानकारी व सूचना को आधार बनाकर पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त अभियोग में त्वरित व प्रभावी कार्यवाही की गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस टीम द्वारा अभियोग अंकित होने के कुछ ही घण्टों में 01 नाबालिक सहित कुल 02 आरोपियों को काबू करके अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान सुमित व एक 15 वर्षीय नाबालिक के रूप में हुई। आरोपियों का विस्तृत विवरण: सुमित (उम्र: 25 वर्ष, शिक्षा: 10वीं पास) निवासी गाँव सिकन्दरपुर बढ़ा, थाना खेड़की दौला, जिला गुरुग्राम:* गुरुग्राम कोर्ट में एक वकील के पास मुंशी का काम करता है। उक्त आरोपी का एक अन्य 15 वर्षीय नाबालिक साथी 8वीं कक्षा में पढ़ता है। आरोपियों से पुलिस पूछताछ:* पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से की गई प्रारम्भिक पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपी सुमित ने इंटरनेट से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसने एक वर्चुअल विदेशी नम्बर प्राप्त किया और अपने नाबालिक साथी के साथ मिलकर उस नम्बर का प्रयोग करके वाइन-शॉप के मालिक को फोन करके फिरौती मांगने की योजना बनाई तथा योजनानुसार नाबालिक ने उपरोक्त अभियोग की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि यदि अभियोग में पीड़ित/शिकायतकर्ता इन्हें फिरौती के लिए राजी हो जाता तो फिरौती के रुपए आरोपी सुमित द्वारा प्राप्त करने की भी योजना थी। आगामी पुलिस कार्यवाही पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से उपरोक्त अभियोग से सम्बन्धित तथा अन्य वारदातों के बारे में गहनता से पूछताछ करते हुए उपरोक्त अभियोग की वारदात को अंजाम देने में प्रयोग किए गए मोबाइल फोन इत्यादि बरामद करने के प्रयास किए जा रहे है। अभियोग का अनुसंधान जारी है। आमजन के लिए गुरुग्राम पुलिस की अपील/महत्वपूर्ण सूचना गुरुग्राम पुलिस आमजन को सूचित करती है कि इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त किए जाने वाले वर्चुअल विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके अपराध करने वाले व्यक्ति यह गलतफहमी न पालें कि ऐसे नंबरों के माध्यम से उनकी पहचान छिपी रहेगी और पुलिस उन तक नहीं पहुँच पाएगी। वर्चुअल नंबर नॉन-ट्रेसेबल (जिसका पता न लगाया जा सके) नहीं होते। पुलिस आधुनिक तकनीक, साइबर जांच, डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य तकनीकी माध्यमों की सहायता से ऐसे नंबरों के इस्तेमाल से जुड़े व्यक्तियों और उनकी गतिविधियों की जांच कर सकती है। तकनीक के दुरुपयोग से अपराधियों की पहचान नही छिप सकती। पुलिस अपराध करने वालों को कानून के दायरे में लाकर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने में सक्षम है। अतः तकनीक का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें और अपराध से दूर रहें।1
- दिल्ली में वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश गुप्ता के परिवार को निशाना बनाने का आरोप, हाईवे पर लूट की कोशिश से मचा हड़कंप जिला संवाददाता परवीन कुकरेजा रिपोर्ट अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर गाड़ी में केमिकल डालकर ध्यान भटकाने का आरोप; पलवल पत्रकार संगठन ने की कड़ी निंदा, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पलवल। दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर वरिष्ठ पत्रकार एवं श्री वैश्य अग्रवाल सभा पलवल के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश गुप्ता के परिवार के साथ कथित लूट की घटना ने हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के साथ हुई इस घटना को लेकर पलवल के पत्रकार संगठन ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए दिल्ली पुलिस से आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री ओमप्रकाश गुप्ता अपनी धर्मपत्नी और भतीजे देवेश के साथ नई दिल्ली के खिचड़ीपुर में एक परिचित के निधन के बाद आयोजित रस्म पगड़ी में शामिल होकर पलवल लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर उनकी गाड़ी में खराबी होने की बात कहकर उन्हें रुकने का संकेत दिया। गाड़ी रुकवाकर केमिकल डालने का आरोप पीड़ित के अनुसार, बाइक सवारों ने इंजन से ऑयल लीक होने की बात कही। गाड़ी रोककर जांच करने के दौरान गाड़ी के आसपास धुआं दिखाई दिया। इसी बीच गाड़ी के अंदर कथित तौर पर कोई केमिकल डाले जाने से परिवार के सदस्यों को तेज खांसी और आंखों में जलन होने लगी। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर एक व्यक्ति गाड़ी में रखे दो बैग लेकर फरार हो गया। श्री गुप्ता के अनुसार, बैग में लगभग 30 हजार रुपये नकद और जरूरी दस्तावेज थे। कुछ दूरी पर बैग मिल गए, लेकिन नकदी निकाल ली गई थी और आरोपी फरार हो चुके थे। घटना के तुरंत बाद डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद संबंधित थाने में तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई। पत्रकार संगठन में रोष, तत्काल गिरफ्तारी की मांग घटना की निंदा करते हुए पलवल पत्रकार संगठन ने कहा कि परिवार सहित यात्रा कर रहे एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ इस प्रकार की कथित वारदात बेहद चिंताजनक है। यदि बदमाश इसी तरह वाहन में खराबी का बहाना बनाकर यात्रियों को निशाना बना रहे हैं, तो यह आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। संगठन ने दिल्ली पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनदहाड़े या देर रात इस प्रकार की घटनाओं के आरोप यात्रियों में असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं। पुलिस प्रशासन को संबंधित मार्ग पर गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और ऐसी वारदातों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। पलवल पत्रकार संगठन ने स्पष्ट किया कि वह वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश गुप्ता के साथ खड़ा है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करता है। नोट: घटना का विवरण पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपियों की पहचान और पुलिस जांच की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।1
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