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राजस्थान के दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र में कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद दोपहर से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और ग्रामीणों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। ग्रामीण रोशन, नवरत्न और सूरज ने बताया कि कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, लेकिन इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। यह रिमझिम बारिश खरीफ की फसलों के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जना, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। आसमान में कई दिनों से काले-पीले बादल छाए हुए हैं और लगातार बिजली कड़कने व बादल गरजने की आवाजें आ रही हैं। ग्रामीणों ने दिन भर भारी बारिश होने की संभावना जताई थी, हालांकि दोपहर से रिमझिम बारिश का ही दौर जारी है।
Mukesh Kumar Saini
राजस्थान के दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र में कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद दोपहर से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और ग्रामीणों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। ग्रामीण रोशन, नवरत्न और सूरज ने बताया कि कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, लेकिन इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। यह रिमझिम बारिश खरीफ की फसलों के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जना, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। आसमान में कई दिनों से काले-पीले बादल छाए हुए हैं और लगातार बिजली कड़कने व बादल गरजने की आवाजें आ रही हैं। ग्रामीणों ने दिन भर भारी बारिश होने की संभावना जताई थी, हालांकि दोपहर से रिमझिम बारिश का ही दौर जारी है।
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- राजस्थान के दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र में कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद दोपहर से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और ग्रामीणों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। ग्रामीण रोशन, नवरत्न और सूरज ने बताया कि कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, लेकिन इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। यह रिमझिम बारिश खरीफ की फसलों के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जना, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। आसमान में कई दिनों से काले-पीले बादल छाए हुए हैं और लगातार बिजली कड़कने व बादल गरजने की आवाजें आ रही हैं। ग्रामीणों ने दिन भर भारी बारिश होने की संभावना जताई थी, हालांकि दोपहर से रिमझिम बारिश का ही दौर जारी है।2
- दौसा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करना और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि ये शिविर 22, 23 और 24 जुलाई को विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे। बुधवार, 22 जुलाई को आयोजित होने वाले शिविरों के तहत दौसा पंचायत समिति की नांगल बैरसी, बांदीकुई की बिवाई, बसवा की चौबड़ीवाला, सिकराय की भंडारी व मोहचिंगपुरा, महवा की औण्डमीना, मंडावर की बावड़ीखेड़ा, लालसोट की देवली व निर्झरना, रामगढ़ पचवारा की डूंगरपुर, लवाण की डुंगरावता तथा सैंथल की रामपुरा उर्फ महाराजपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 23 जुलाई को बांदीकुई की मूंडघिस्या, बसवा की चान्देरा, सिकराय की सरूण्डला व मानपुर, महवा की खानपुर, मंडावर की उकरून्द, लालसोट की झांपदा व श्रीरामपुरा, नांगल राजावतान की हापावास, रामगढ़ पचवारा की निजामपुरा, लवाण की खानपुरा तथा सैंथल की बोरोदा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविरों का आयोजन होगा। इसी क्रम में 24 जुलाई को दौसा की सराय, बांदीकुई की खूंटला, सिकराय की ठीकरिया व गुमानपुरा, महवा की पावटा, मंडावर की बालाहेड़ा, लालसोट की खटवा और महाराजपुरा, रामगढ़ पचवारा की बीछा, लवाण की पीपल्या व चैनपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।1
- राजस्थान के दौसा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष केशव कौशिक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम, 2011 के तहत पात्र पीड़ितों और उनके आश्रितों को शीघ्र आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पीड़ितों को न्याय के साथ-साथ जरूरी आर्थिक संबल प्रदान करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक के दौरान कुल 10 आवेदन पत्रों पर विचार किया गया, जिसमें से पात्र प्रकरणों में कुल 9 लाख 75 हजार रुपये की प्रतिकर राशि स्वीकृत की गई है। इस बैठक में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा, जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश प्रेम राजेश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. ऋचा कौशिक, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, राजकीय अधिवक्ता गोपाल लाल शर्मा तथा जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष कुंज बिहारी शर्मा उपस्थित रहे।1
- अलवर के राजगढ़ में तालुका विधिक सेवा समिति के अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार न्यायिक मुख्यालय राजगढ़ में न्यायिक अधिकारियों द्वारा 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' के तहत विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य विषय "नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाइल नहीं: अपने मन, शरीर व भविष्य की रक्षा करें" रखा गया था। इस अभियान के अंतर्गत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार मीणा ने अराधना पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल (कावास का बाग, राजगढ़), अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 प्रशंसा अग्रवाल ने श्रुति विद्यापीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल (राजगढ़) और सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट आदित्य वशिष्ठ ने शालोम इंग्लिश सेकेंडरी स्कूल (माचाड़ी रोड, राजगढ़) में शिविर आयोजित किए। वहीं, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट यशस्वी शर्मा ने स्वामी गंगा भारती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय (राजगढ़) और रेनी की सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट महिमा चौहान ने विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय (रैनी) में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए। इन शिविरों में पीएलबी सुबेंद्र कुमार सैनी और शिवाकांत शर्मा भी उपस्थित रहे और उन्होंने नालसा की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। शिविरों के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, नालसा व रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं, बाल विवाह निषेध अधिनियम और पोक्सो (POCSO) एक्ट के बारे में जागरूक किया गया। इसके साथ ही, विद्यालयों में 'कोर्ट वाली दीदी' नाम की एक शिकायत पेटी रखी गई। बच्चों को बताया गया कि वे इस शिकायत पेटी में साइबर ठगी या नशे से पीड़ित व्यक्ति जैसी किसी भी प्रकार की शिकायत डाल सकते हैं, जिनका उचित निस्तारण किया जाएगा। इन स्कूलों में लीगल लिट्रेसी क्लब का भी गठन किया गया, जो समय-समय पर बच्चों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करेगा। इस दौरान बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल-फ्री नंबर की जानकारी भी दी गई।4
- राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में दौसा जिले में 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक फॉलो-अप शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना और आमजन को विभिन्न सरकारी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने बताया कि ये शिविर मुख्य अभियान की तर्ज पर भारत निर्माण सेवा केंद्र, पंचायत भवन एवं विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का कैलेंडर संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा जारी कर दिया गया है, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करेंगे। अभियान के पहले दिन यानी 21 जुलाई को जिले की 13 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर इन शिविरों का आयोजन होगा। इनमें दौसा पंचायत समिति की खुरी कलां, बांदीकुई की सोडाला, बसवा की गुढ़ा आशिकपुरा, सिकराय की राणोली व पाडली, महवा की पलानहेड़ा, मंडावर की हिंगोटा, लालसोट की श्रीमा व दौलतपुरा, नांगल राजावतान की कालाखाड़, रामगढ़ पचवारा की गोपालपुरा, लवाण की खानवास तथा सैंथल पंचायत समिति की सिंगडोली ग्राम पंचायत शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के शहरी निकायों में भी 21 जुलाई से 31 अगस्त तक नगर परिषद एवं नगर पालिका कार्यालयों में फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। इन शहरी शिविरों में नगर क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं की गंभीरता से सुनवाई कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।1
- राजस्थान में स्कूल संचालकों से एक विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। स्कूल संचालकों से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे स्कूल बसों में बच्चों को छोड़ने वाले हर कर्मचारी और बस चालक को उचित तरीके से निर्देशित करें। बच्चे अक्सर छुट्टी के बाद घर जाने की जल्दी में रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि बस चालक या किसी भी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी पर भेजने से पहले उन्हें अच्छी तरह से समझाकर और बोलकर ही भेजा जाए।1