पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा थाना महुली पर समीक्षा बैठक आयोजित* पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा थाना महुली पर समीक्षा बैठक आयोजित* पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर *श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभय नाथ मिश्र द्वारा थाना महुली पर समस्त विवेचकों एवं पुलिस कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में थानाध्यक्ष महुली श्री दुर्गेश कुमार पांडेय, समस्त चौकी प्रभारी, हल्का प्रभारी, एसएसआई एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।* बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं के निस्तारण की समीक्षा करते हुए उन्हें समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आईजीआरएस (IGRS) पर प्राप्त शिकायतों, जनसुनवाई, ई-समन, साक्ष्य ऐप (Sakshya App) तथा यक्ष ऐप (Yaksh App) के उपयोग एवं प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी महोदय द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान करें। बैठक के दौरान थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा थाना महुली पर समीक्षा बैठक आयोजित* पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा थाना महुली पर समीक्षा बैठक आयोजित* पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर *श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभय नाथ मिश्र द्वारा थाना महुली पर समस्त विवेचकों एवं पुलिस कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में थानाध्यक्ष महुली श्री दुर्गेश कुमार पांडेय, समस्त चौकी प्रभारी, हल्का प्रभारी, एसएसआई एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।* बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं के निस्तारण की समीक्षा करते हुए उन्हें समयबद्ध
एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आईजीआरएस (IGRS) पर प्राप्त शिकायतों, जनसुनवाई, ई-समन, साक्ष्य ऐप (Sakshya App) तथा यक्ष ऐप (Yaksh App) के उपयोग एवं प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी महोदय द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान करें। बैठक के दौरान थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “मिशन शक्ति फेज-5.0” के अंतर्गत पु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण, एंटी रोमियो अभियान तथा महिलाओं/बालिकाओं की सुरक्षा एवं जागरूकता के संबंध में दिए गए निर्देशों के क्रम में थाना मेंहदावल अन्तर्गत थाना मेंहदावल व मेंहदावल कस्बा तथा थाना बेलहरकला अन्तर्गत सांथा बाजार में नुक्कड़ नाटक आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम किया गया । नुक्कड़ नाटक के माध्यम से “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” एवं वूमेन पावर लाइन 1090 के संबंध में संदेश देकर बालिकाओं एवं महिलाओं को मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत जागरूक किया गया तथा साइबर सुरक्षा एवं विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी गई । कार्यक्रम के दौरान महिलाओं व बालिकाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आदि के बारे में जानकारी देते हुए उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया । साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे वूमेन पावर लाइन-1090, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, एम्बुलेंस सेवा-108, चाइल्ड लाइन-1098, स्वास्थ्य सेवा-102, महिला हेल्पलाइन-181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 तथा साइबर हेल्पलाइन-1930 के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा तथा साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया तथा पम्पलेट वितरित किए गए ।4
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- बस्ती। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन तहसील इकाई हर्रैया की मासिक बैठक रविवार क को सिटकोहर गौर में सम्पन्न हुई। बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, संगठन की मजबूती और उनके हितों की रक्षा के लिए गहन विमर्श किया गया। इसमें निष्पक्ष पत्रकारिता, तहसील स्तर पर संगठन के विस्तार और समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार त्रिपाठी एवं संचालन जिला महामंत्री अनिल कुमार पांडेय ने किया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार का चरित्र उसकी विश्वसनीयता की नींव होता है। यदि पत्रकार ईमानदार, नैतिक और जिम्मेदार है, तो उसकी खबरें समाज में भरोसा पैदा करती हैं। पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं बल्कि समाज का दर्पण है। दर्पण की स्पष्टता तभी बनी रहती है, जब उसमें चरित्र और निष्पक्षता की चमक हो। आज के दौर में, जब सोशल मीडिया और तेज सूचना प्रवाह के कारण गलत खबरें तेजी से फैलती हैं, तब चरित्र और निष्पक्षता का महत्व और भी बढ़ जाता है। एक सच्चा पत्रकार वही है जो दबाव, लालच और भय से ऊपर उठकर समाज के हित में सत्य को प्रस्तुत करे। जिला महामंत्र ने कहा कि पत्रकार हितों के लिए संगठन सदैव प्रयत्नशील है। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनौतियों के बीच निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर संगठन पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने पत्रकारों को एकजुट होकर अपना हक मांगने और संगठन को तहसील स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। जिला उपाध्यक्ष जनार्दन पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार निश्चित रूप से आम जनमानस की आवाज हैं लेकिन अपने दायित्वों के निर्वहन में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का सुनिश्चित होना बेहद आवश्यक है। बड़ी संख्या में पत्रकारों ने बैठक में अपनी बात रखी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता कर रहे हैं लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही हैं। जिसके लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार अशोक पांडेय, शमशेर सिंह, प्रेम कुमार सिंह, बेनी माधव पाण्डेय, राम ललित यादव, बृजेश पाल सिंह, सत्यदेव शुक्ल, रामराज मिश्रा, राम जीत पाण्डेय, विवेक कांत पांडेय, रवीश मिश्र, रूबल कमलापुरी, राधे श्याम यादव, दिनेश चंद्र, मनोज सिंह, आदित्य सिंह, भूपेंद्र विक्रम मिश्रज विनोद कुमार, योगेंद्र मणि तिवारी सहित तमाम पत्रकार मौजूद रहे।4
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- भारतीय युवक समाज पार्टी (भायुसपा) द्वारा रविवार को भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान श्री परशुराम जी की जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 11 बजे “नेपाल क्लब”, आरटीओ ऑफिस के सामने, गोरखपुर में हुआ, जबकि मुख्य कार्यक्रम दोपहर 1 बजे संपन्न हुआ। इस आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी (चिल्लूपार, गोरखपुर) रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया तथा भगवान परशुराम जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीश शुक्ला एवं प्रदेश अध्यक्ष सुनील भट्ट के नेतृत्व में संपन्न हुई। कार्यक्रम में शैलेन्द्र पाण्डेय, सच्चितानन्द मिश्रा, हरिओम मिश्रा, विकास पाण्डेय, अरुण पाण्डेय, शान्तनु पाण्डेय, दीपू त्रिपाठी एवं बालकृष्ण तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- विष्णु मंदिर के पुजारी शिवम पांडे उर्फ चुन्नू बाबा ने परशुराम जयंती के उपलक्ष्य पर शुभकामनाएं देते हुए अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना का दिया सौहार्दपूर्ण संदेश।1
- 🚨 बस स्टैंड के पास दो पक्षों में मारपीट, पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई 📍 थाना मेंहदावल क्षेत्र के सोनवरसा रोडवेज बस स्टैंड के पास दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई। 👉 सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर लिया। 👮♂️ क्षेत्राधिकारी मेंहदावल के अनुसार मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ✅ वर्तमान में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और कानून-व्यवस्था बनी हुई है। #Mehdawal #PoliceAction #LawAndOrder #BreakingNews #UPPolice #SantKabirNagar1
- गोरखपुर में धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम जयंती | युवाओं में दिखा जबरदस्त जोश1
- सरकारी अस्पताल या 'मयखाना'? जहाँ इलाज से पहले 'जाम' टकराते हैं लेख: अजीत मिश्रा (खोजी) कहते हैं कि अस्पताल 'धरती का स्वर्ग' और डॉक्टर 'भगवान' का रूप होते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के बांदा से आई एक वायरल वीडियो ने इस परिभाषा को ही बदल दिया है। अब अस्पताल 'स्वर्ग' तो नहीं, हाँ 'मयखाना' ज़रूर बन गए हैं। बांदा के एक सरकारी अस्पताल में ड्यूटी के दौरान 'डॉक्टर साहब' और उनके सहयोगियों की 'दारू पार्टी' का दृश्य देखकर लगता है कि यहाँ मरीजों की धड़कनें नापने के लिए स्टेथोस्कोप नहीं, बल्कि बोतलों के ढक्कन नापने का पैमाना इस्तेमाल होता है। सोशल मीडिया पर 'नशे' की नुमाइश हैरानी की बात यह नहीं है कि अस्पताल में शराब पी जा रही थी—भ्रष्टाचार और लापरवाही के इस दौर में यह अब 'आम' बात लगने लगी है। असली तमाशा तो यह है कि इसे बाकायदा 'डॉ. सुशील' नाम के इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट किया गया। यानी सिस्टम का खौफ इतना खत्म हो चुका है कि अब अपराध छिपकर नहीं, बल्कि 'रील' बनाकर और 'लाइक-शेयर' बटोरने के लिए किया जा रहा है। शायद डॉक्टर साहब को लगा होगा कि सफेद कोट पहनकर जाम छलकाते हुए वे किसी फिल्म के विलेन से कम नहीं लगेंगे। जब डॉक्टर ही 'टल्ली' हो, तो मरीज का क्या? अब जरा उस मरीज की कल्पना कीजिए जो अपनी जान बचाने की उम्मीद में आधी रात को अस्पताल पहुँचता है। उसे क्या पता कि जो हाथ उसका ऑपरेशन करेंगे या सुई लगाएंगे, वो खुद लड़खड़ा रहे हैं। इलाज या खिलवाड़? शराब के नशे में धुत डॉक्टर मरीज को दवा देगा या जहर, इसकी गारंटी तो अब भगवान भी नहीं ले सकते। सरकारी संरक्षण का गुरूर: ये वीडियो चीख-चीख कर कह रहा है कि इन 'सफेदपोशों' को प्रशासन का कोई डर नहीं है। उन्हें पता है कि जाँच होगी, कमेटी बैठेगी और फिर मामला 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया जाएगा। सिस्टम की बेहोशी का इलाज कौन करेगा? बांदा की यह घटना केवल एक अस्पताल की नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर तमाचा है जो स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर करोड़ों का बजट तो डकारती है, लेकिन अस्पतालों में अनुशासन कायम नहीं रख पाती। क्या सरकारी अस्पताल अब केवल रसूखदारों की अय्याशी के अड्डे बनकर रह गए हैं? कड़वा सवाल: > "साहब! अगर डॉक्टर ही नशे में रहेगा, तो मरीज को होश में लाने की जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या अब अस्पतालों के बाहर 'दवा' के साथ-साथ 'चखने' की दुकान खोलना ही बाकी रह गया है?" प्रशासन को चाहिए कि केवल सस्पेंशन का 'नाटक' न करे, बल्कि ऐसी कठोर कार्रवाई करे कि भविष्य में किसी भी 'डॉ. सुशील' की हिम्मत अस्पताल को बार (Bar) बनाने की न हो। वरना जनता तो यही कहेगी— "मरीज का राम नाम सत्य है, क्योंकि डॉक्टर साहब अभी 'मस्त' हैं।" बस्ती ब्यूरो रिपोर्ट1