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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर हैं और उन्होंने इस पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई करने को लेकर आश्वस्त किया है। नीट परीक्षा और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री द्वारा इस विषय पर सख्त व प्रभावी कदम उठाए जाने का भरोसा जताया गया है।
Budaun taaja news
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर हैं और उन्होंने इस पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई करने को लेकर आश्वस्त किया है। नीट परीक्षा और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री द्वारा इस विषय पर सख्त व प्रभावी कदम उठाए जाने का भरोसा जताया गया है।
More news from Budaun and nearby areas
- बदायूँ में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के साथ हुई इस मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी अपराधी को धर दबोचा गया।1
- बदायूं जनपद के विकास खंड इस्लामनगर स्थित ग्राम समदनगर के एक विद्यालय की जर्जर भवन स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय के एक कक्ष के लिंटर में इतनी मोटी दरार पड़ चुकी है कि उससे बाहर की रोशनी तक अंदर दिखाई दे रही है। ऐसे खतरनाक हालात में बच्चे और शिक्षक जान जोखिम में डालकर शिक्षण कार्य करने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस स्थिति से अवगत करा दिया है, और इस पूरे मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई और कोई अप्रिय घटना हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, या बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल भवन की जांच और कार्रवाई करेंगे।1
- बदायूँ में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एकजुट होकर एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं और आपसी भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। सब मिलकर एक-दूसरे के साथ खड़े हैं और आपस में मिलकर सहयोग तथा एकता की बात साझा कर रहे हैं।1
- Post by Neeraj Mariya1
- ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री व प्रवक्ता मुख्तार अहमद ने देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश में भयंकर गृह युद्ध का रूप देखने को मिल सकता है, जो राष्ट्र के लिए अत्यंत हानिकारक होगा। पार्टी का कहना है कि यह केवल उनकी अपनी माँग नहीं है, बल्कि पूरे भारत की आम जनता की आवाज है। मुख्तार अहमद ने प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र यादव से अपने संवैधानिक पदों से तत्काल इस्तीफा देने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब इन पदों के काबिल नहीं रह गई है। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश में बुलडोजर नीति, बेरोजगारी, खराब आर्थिक स्थिति, शिक्षा नीति तथा ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर लोगों को डराया जा रहा है, जिससे लोग खौफ के मारे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी तानाशाही सरकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नेताओं को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। राष्ट्रपति महोदय से अपील करते हुए कहा गया है कि वे किसी के दबाव में आए बिना देश और जनता की सुरक्षा तथा खुशहाली के हित में यह सख्त कदम उठाएं। बयान के अंत में 'जय संविधान, जय भारत, जय हिंदुस्तान' का नारा भी दिया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहली तस्वीर में कुछ छात्र आपस में हंसते, मज़ाक करते और मोबाइल से वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की तथा बल प्रयोग के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसमें कई छात्र भागते, रोते और अपने दोस्तों को संभालते नज़र आ रहे हैं। इन दो तस्वीरों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोस्तों के बीच दो पल मुस्कुरा लेने से किसी छात्र की मांग या भविष्य की चिंता खत्म हो जाती है। सोशल मीडिया इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहाँ कुछ लोग सिर्फ हंसी वाले वीडियो दिखा रहे हैं तो कुछ केवल पुलिस कार्रवाई के दृश्य। ऐसे में किसी आंदोलन को कुछ सेकंड की वायरल क्लिप से आंकने के बजाय पूरा संदर्भ सामने रखना आवश्यक माना गया है। अपने भविष्य, पढ़ाई और रोज़गार जैसे मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुने जाने की ज़रूरत पर बल दिया गया है। लोकतंत्र में संवाद को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह मामले में पारदर्शिता रखे, घटनाक्रम पर स्पष्ट जानकारी दे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की सुरक्षा व अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पीड़िता ने अपने साथ हुई खौफनाक दास्तान को अपने शब्दों में बयां करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़िता ने बताया कि उसे ब्लैकमेल करके मंदिर में शादी रचाई गई और इसके बाद दोस्तों से भी उसे प्रताड़ित करवाया गया। अपने साथ हुए इस पूरे अत्याचार की आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने न्याय की मांग की है।1
- बरेली के विकासखंड भोजीपुरा स्थित ग्राम मांडा का मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सड़क पर फैले कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हैं कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे विद्यालय जाते हैं और मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान अबरार ने रेलवे के डीआरएम (DRM) को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। प्रधान का कहना है कि सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले इस प्रमुख मार्ग पर पत्र भेजने के बावजूद अभी तक रेलवे की तरफ से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से गड्ढों को भरवाकर सड़क का स्थायी डामरीकरण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।4
- बदायूं जिले के उसावा थाना क्षेत्र स्थित निरंजन नगला गांव में कृष्णपाल (पुत्र इतवारी लाल) के घर में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में मकान के भीतर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। कृष्णपाल ने बताया कि देर रात घर में आग लगने के बाद उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित निकाला, जिसके बाद गांव और मोहल्ले के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस अग्निकांड में 50,000 रुपये नकद, खाने-पीने का अनाज, कपड़े, बर्तन और दैनिक उपयोग की सभी सामग्रियां जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। कृष्णपाल के अनुसार परिवार के सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है, हालांकि उनका घर और राशन पूरी तरह खत्म हो चुका है। पीड़ित ने सरकार से हुए नुकसान की भरपाई के लिए समय पर मुआवजे की मांग की है।3