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Akash Chakarwarti
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- Post by Akash Chakarwarti1
- Post by Salim khan1
- उदयपुर पीएम श्री स्कूल में साइकिल वितरण, 26 विद्यार्थियों के चेहरे खिले शिक्षा की राह हुई आसान, दूर-दराज से आने वाले छात्रों को मिलीं निःशुल्क साइकिलें उदयपुर। विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य को संबल प्रदान करने और शिक्षा के प्रति उत्साह जगाने के उद्देश्य से 25 अप्रैल को पीएम श्री शासकीय माध्यमिक शाला उदयपुर के प्रांगण में निःशुल्क साइकिल वितरण समारोह का आयोजन किया गया। शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत विद्यालय के कुल 26 पात्र छात्र-छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। बताया गया कि शासन द्वारा यह साइकिलें उन बच्चों को दी जाती हैं जो दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल चलकर स्कूल आते हैं। साइकिल मिलने से अब छात्र न केवल समय पर स्कूल पहुँच सकेंगे, बल्कि घर वापसी में भी उनका समय बचेगा। इससे उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सकेगी और आवागमन की असुविधा भी दूर होगी। गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरपंच बलदेव परते रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपसरपंच जगदीश यादव, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद एवं रोहित कुशराम सहित अन्य गणमान्य नागरिक और पालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानाध्यापक आरती सिंह एवं संस्था परिवार द्वारा अतिथियों का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। बच्चों के चेहरों पर आई खुशी : पीएम श्री शासकीय माध्यमिक शाला उदयपुर में साइकिलें पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर स्कूल स्टाफ से सुबोध पटेल, ममता विश्वकर्मा, प्रतिमा पांडे, अंजलि, कुमारी रिया, सोनम केशरवानी, सुनीता मालवीय, कविता साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और अभिभावक मौजूद रहे।1
- कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की पीएचई मंत्री उपस्थित रहीं। उन्होंने हाईस्कूल परीक्षा की प्रदेश स्तरीय प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं एवं छात्रों—कु. याग्या उमरे, उमेश पड़वार, कु. अदिति विभा उसराठे, कु. कृतिका तिवारी, कु. पूजा धुर्वे, नमन जंघेला, संभव जैन तथा हायरसेकेंडरी की कु. कृति साहू—को सम्मानित किया। इसी क्रम में हाईस्कूल की जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों—कु. अनन्या पटेल, साहिल बघेल, कु. राहिन खान, कु. आदया अग्रवाल, कु. एलिजा खान, कु. अनामिका झारिया, कु. याग्ना अहिरवार, कु. रिचा पटेल—तथा हायरसेकेंडरी के विद्यार्थियों—कु. स्वाती श्रीवास, कु. मीना तिलगाम, कु. भूमिका मरकाम, कु. अनुष्का अग्रवाल, कु. शगुन पटेल, गौरव प्रसाद पटेल, कु. रिचा पटेल, हर्ष बन्देवार, कु. साक्षी साहू, कु. श्वेता केवट, कु. आस्था अग्रवाल, माखन भांवरे एवं कु. कीर्ति साहू—को प्रशस्ति पत्र एवं पाठ्य सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर (जिला पंचायत अध्यक्ष), (नगरपालिका अध्यक्ष), (कलेक्टर), (जिला पंचायत सीईओ), सांसद प्रतिनिधि , , , जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक संचालक सहित शिक्षा विभाग का अमला, अभिभावक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार किया।1
- डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती बड़ी हर्ष उल्लास के साथ सैलवार गोरखपुर में मनाया गया. और बजाग तिराहा में अम्बेडकर जी का झंडा एवं तस्वीर लगाया गया।1
- घंसौर में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर बैठक, ग्रामीण विकास का लिया संकल्प घंसौर, 24 अप्रैल 2026। जनपद पंचायत सभा कक्ष में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बैठक आयोजित हुई। इसमें सीईओ, जनपद सदस्य, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि और कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में पंचायती राज व्यवस्था की भूमिका पर चर्चा करते हुए ग्रामीण विकास को गति देने पर जोर दिया गया। साथ ही सभी ने योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया।1
- उमरिया। जिला मुख्यालय में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में छोटे बच्चों को भारी सामान ट्रक में लोड करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाली रोड स्थित मंसूरी ट्रेडर्स, अब्दुल कबाड़ी का है। वीडियो के सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे न सिर्फ अमानवीय बता रहे हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मान रहे हैं। भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है, जो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर करता है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लेबर इंस्पेक्टर यश दत्त त्रिपाठी का बयान है। जब उनसे इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह जवाब अब सवालों के घेरे में है। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, तो जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे रह सकते हैं? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में बाल श्रम के मामले सामने आए हों। पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस कदम कम ही देखने को मिले हैं। अब यह वीडियो एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। चाइल्डलाइन, पुलिस और श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कानून होने के बावजूद यदि बच्चों से इस तरह काम लिया जा रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी और कार्रवाई में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, इस घटना ने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।1
- Post by Akash Chakarwarti1