उमरिया में कानून ताक पर, बच्चों से मजदूरी का वीडियो वायरल उमरिया। जिला मुख्यालय में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में छोटे बच्चों को भारी सामान ट्रक में लोड करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाली रोड स्थित मंसूरी ट्रेडर्स, अब्दुल कबाड़ी का है। वीडियो के सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे न सिर्फ अमानवीय बता रहे हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मान रहे हैं। भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है, जो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर करता है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लेबर इंस्पेक्टर यश दत्त त्रिपाठी का बयान है। जब उनसे इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह जवाब अब सवालों के घेरे में है। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, तो जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे रह सकते हैं? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में बाल श्रम के मामले सामने आए हों। पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस कदम कम ही देखने को मिले हैं। अब यह वीडियो एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। चाइल्डलाइन, पुलिस और श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कानून होने के बावजूद यदि बच्चों से इस तरह काम लिया जा रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी और कार्रवाई में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, इस घटना ने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
उमरिया में कानून ताक पर, बच्चों से मजदूरी का वीडियो वायरल उमरिया। जिला मुख्यालय में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में छोटे बच्चों को भारी सामान ट्रक में लोड करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाली रोड स्थित मंसूरी ट्रेडर्स, अब्दुल कबाड़ी का है। वीडियो के सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे न सिर्फ अमानवीय बता रहे हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मान रहे हैं। भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है, जो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर करता है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लेबर इंस्पेक्टर यश दत्त त्रिपाठी का बयान है। जब उनसे इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह जवाब अब सवालों के घेरे में है। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, तो जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे रह सकते हैं? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में बाल श्रम के मामले सामने आए हों। पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस कदम कम ही देखने को मिले हैं। अब यह वीडियो एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। चाइल्डलाइन, पुलिस और श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कानून होने के बावजूद यदि बच्चों से इस तरह काम लिया जा रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी और कार्रवाई में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, इस घटना ने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
- उमरिया। जिला मुख्यालय में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में छोटे बच्चों को भारी सामान ट्रक में लोड करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाली रोड स्थित मंसूरी ट्रेडर्स, अब्दुल कबाड़ी का है। वीडियो के सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे न सिर्फ अमानवीय बता रहे हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मान रहे हैं। भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है, जो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर करता है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लेबर इंस्पेक्टर यश दत्त त्रिपाठी का बयान है। जब उनसे इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह जवाब अब सवालों के घेरे में है। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, तो जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे रह सकते हैं? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में बाल श्रम के मामले सामने आए हों। पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस कदम कम ही देखने को मिले हैं। अब यह वीडियो एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। चाइल्डलाइन, पुलिस और श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कानून होने के बावजूद यदि बच्चों से इस तरह काम लिया जा रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी और कार्रवाई में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, इस घटना ने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।1
- 12लोग गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में इलाज जारी1
- *स्टेशन चौराहे पर पुलिस के CCTV कंट्रोल सिस्टम को गुमटी ने ढका, सुरक्षा पर उठे सवाल* उमरिया //नगर मुख्यालय के व्यस्त स्टेशन चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां पुलिस विभाग द्वारा शहर की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का मुख्य कंट्रोल सिस्टम स्थापित है, लेकिन एक गुमटी संचालक ने अपनी दुकान के जरिए इस सिस्टम को ढक दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सिस्टम को नुकसान पहुंचने की भी आशंका बनी हुई है। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक गुमटी हटाने या कार्रवाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब सुरक्षा के अहम उपकरण ही सुरक्षित नहीं हैं, तो शहर की निगरानी कैसे प्रभावी होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर कब तक कार्रवाई करता है।1
- सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत,दो की हालत नाज़ुक _शुक्रवार की देर रात अमहा के करीब खेरमाई मंदिर के पास हुए सड़क हादसे में जिन तीन युवक सड़क हादसे का शिकार हुए थे,इनमें दो युवकों के मौत की खबर है,जिन्हें देर रात चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया है।ये दोनों युवक चचेरे भाई बताये जा रहे है।खबर है कि इस हादसे में नोरोज़ाबाद थाना अंतर्गत सनन पिता सुखराम बैगा निवासी बरही उम्र 18 वर्ष एवम अभिषेक पिता बाबूलाल बैगा निवासी बरही उम्र 20 वर्ष की मौत हो गई है,हादसे में घायल दो अन्य युवक शिवम पिता दादू राम बैगा उम्र 10 वर्ष एवम छोटू पिता आशा राम बैगा उम्र 25 वर्ष निवासी कंचनपुर गम्भीर रूप से घायल है,जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार कर शहडोल रेफेर किया गया है,जहाँ फिलहाल दोनों युवक इलाजरत है।इन दोनों युवकों में शिवम की हालत ज्यादा नाज़ुक बताई जा रही है।सूत्रों की माने तो ये सभी युवक वैवाहिक कार्यक्रम में ग्राम किरनताल जा रहे थे,इसी बीच खेरमाता मंदिर के पास देर रात दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हुए है।खबर ये भी है कि हाइवे पर ब्रेकडाउन ट्रक खड़ा था,बाइक में सवार ये युवक उसी ब्रेकडाउन ट्रक में अनियंत्रित होकर भीड़ गए है,और ज़ोरदार भिड़ंत हुई है,हादसे के बाद चारों युवक वही लहूलुहान हो गए है।बाद में स्थानीय लोगों की मदद से 108 एम्बुलेंस बुलाया गया,जिसके बाद चारों युवकों को जिला अस्पताल लाया गया था,जहाँ प्राथमिक उपचार कर तत्काल शहडोल रेफेर किया गया है।4
- सर्विस रिवाल्वर लूटकर फरार हुए थे बदमाश, पुलिस ने कसा शिकंजा अनूपपुर जिले की सरई चौकी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चौकी प्रभारी मंगला दुबे और प्रधान आरक्षक रामप्रसाद मरावी पर प्राणघातक हमला कर उनकी सर्विस रिवाल्वर लूटकर फरार हुए अज्ञात बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की और लगातार दबिश के बाद सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था, लेकिन पुलिस की सक्रियता के आगे उनकी एक नहीं चली। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। 🔺 पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा संदेश—अपराधियों की अब खैर नहीं!1
- 📍कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता द्वारा कमिश्नर कार्यालय के अमरकंटक सभाकक्ष में शहडोल संभाग के विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा जा रही है। बैठक में कलेक्टर शहडोल डॉ. केदार सिंह, कलेक्टर अनूपपुर श्री हर्षल पंचोली, कलेक्टर उमरिया श्रीमती राखी सहाय सहित विभिन्न विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित है।1
- Post by Shahdol news1
- अमहा फाटक के पाश ट्रैक से बाइक टकराने से 2 युवक की हुई मौत ग्राम बरही निवाशी दोनों युवक उमरिया की तरफ से आ रहे थे तभी NH 43 खेर माता मंदिर अमहा के पास खड़े ट्रक से जा टकराए,108 की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन ड्यूटी डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया2