पीसीसी सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, गुणवत्ता पर उठे सवाल मामला बरवाडीह के छीछा बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत में मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी सड़क से कोयल नदी तक तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय अमाही तक बन रहे पीसीसी पथ निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है और निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की ढलाई कई जगहों पर निर्धारित मापदंड से कम की जा रही है। कहीं छह इंच तो कहीं पांच इंच मोटाई की ढलाई की जा रही है, जबकि जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) की परत भी कई स्थानों पर दो से चार इंच के बीच ही डाली गई है। वहीं सड़क का बेस तैयार करने का भी सही ढंग से कार्य नहीं किया गया है। सड़क के किनारे बेड बनाने का प्रावधान होने के बावजूद यह कार्य भी नहीं किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में बालू की मात्रा अधिक दी जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा निर्माण कार्य स्थल पर संवेदक की मौजूदगी भी नहीं रहती है और पूरा काम मुंशी के भरोसे कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर विभाग से जुड़े किसी तकनीकी अभियंता की भी उपस्थिति नहीं दिखती, जिससे मामला और भी संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।बताया जाता है कि यह सड़क झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से स्वीकृत है। ग्राम पंचायत छेचा में पीडब्ल्यूडी रोड से बस्ती होते हुए कोयल नदी तक इस सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास 23 सितंबर 2025 को मनिका विधायक रामचंद्र सिंह के करकमलों द्वारा किया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पीसीसी सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, गुणवत्ता पर उठे सवाल मामला बरवाडीह के छीछा बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत में मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी सड़क से कोयल नदी तक तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय अमाही तक बन रहे पीसीसी पथ निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है और निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की ढलाई कई जगहों पर निर्धारित मापदंड से कम की जा रही है। कहीं छह इंच तो कहीं पांच इंच मोटाई की ढलाई की जा रही है, जबकि जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) की परत भी कई स्थानों पर दो से चार इंच के बीच ही डाली गई है। वहीं सड़क का बेस तैयार करने का भी सही ढंग से कार्य नहीं किया गया है। सड़क के किनारे बेड बनाने का प्रावधान होने के बावजूद यह कार्य भी नहीं किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में बालू की मात्रा अधिक दी जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा निर्माण कार्य स्थल पर संवेदक की मौजूदगी भी नहीं रहती है और पूरा काम मुंशी के भरोसे कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर विभाग से जुड़े किसी तकनीकी अभियंता की भी उपस्थिति नहीं दिखती, जिससे मामला और भी संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।बताया जाता है कि यह सड़क झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से स्वीकृत है। ग्राम पंचायत छेचा में पीडब्ल्यूडी रोड से बस्ती होते हुए कोयल नदी तक इस सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास 23 सितंबर 2025 को मनिका विधायक रामचंद्र सिंह के करकमलों द्वारा किया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
- Singar Oraon गासेदोग छिपादोहरबरवाडीह, लातेहार, झारखंड💣3 hrs ago
- बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत में मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी सड़क से कोयल नदी तक तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय अमाही तक बन रहे पीसीसी पथ निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है और निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की ढलाई कई जगहों पर निर्धारित मापदंड से कम की जा रही है। कहीं छह इंच तो कहीं पांच इंच मोटाई की ढलाई की जा रही है, जबकि जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) की परत भी कई स्थानों पर दो से चार इंच के बीच ही डाली गई है। वहीं सड़क का बेस तैयार करने का भी सही ढंग से कार्य नहीं किया गया है। सड़क के किनारे बेड बनाने का प्रावधान होने के बावजूद यह कार्य भी नहीं किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में बालू की मात्रा अधिक दी जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा निर्माण कार्य स्थल पर संवेदक की मौजूदगी भी नहीं रहती है और पूरा काम मुंशी के भरोसे कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर विभाग से जुड़े किसी तकनीकी अभियंता की भी उपस्थिति नहीं दिखती, जिससे मामला और भी संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।बताया जाता है कि यह सड़क झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से स्वीकृत है। ग्राम पंचायत छेचा में पीडब्ल्यूडी रोड से बस्ती होते हुए कोयल नदी तक इस सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास 23 सितंबर 2025 को मनिका विधायक रामचंद्र सिंह के करकमलों द्वारा किया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।1
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- Post by AAM JANATA1
- Kairo ka hi1
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- Post by Jharkhand local news1