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Aajh ke taja khabar Palamu jila ke Bohita gaw ke rood ka Kya hai ban gaya hai yaha ke isthti Aajh ke taja khabar Palamu jila ke Bohita gaw ke rood ka Kya hai ban gaya hai yaha ke isthti bahut kharab how gya hai yahaan ke vidhayak doctor Shashi Bhushan mehta ji rood nirman karne ke bare koi kadam nahi utha rahe hai yahaan ke mukhiya aur panchayat shimiti bi kuchh nahi kar rahe hai main jharkhand Sarkar hemant soren ji yehi niwedan karuga ki hamare Palamu jila bohita gaw ke rood nirman pass karne ka kirpa kare dhanewad

2 hrs ago
user_Mahakal News Bohita
Mahakal News Bohita
Newspaper distribution नीलांबर-पीतांबरपुर (लेसलीगंज), पलामू, झारखंड•
2 hrs ago

Aajh ke taja khabar Palamu jila ke Bohita gaw ke rood ka Kya hai ban gaya hai yaha ke isthti Aajh ke taja khabar Palamu jila ke Bohita gaw ke rood ka Kya hai ban gaya hai yaha ke isthti bahut kharab how gya hai yahaan ke vidhayak doctor Shashi Bhushan mehta ji rood nirman karne ke bare koi kadam nahi utha rahe hai yahaan ke mukhiya aur panchayat shimiti bi kuchh nahi kar rahe hai main jharkhand Sarkar hemant soren ji yehi niwedan karuga ki hamare Palamu jila bohita gaw ke rood nirman pass karne ka kirpa kare dhanewad

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  • Aajh ke taja khabar Palamu jila ke Bohita gaw ke rood ka Kya hai ban gaya hai yaha ke isthti bahut kharab how gya hai yahaan ke vidhayak doctor Shashi Bhushan mehta ji rood nirman karne ke bare koi kadam nahi utha rahe hai yahaan ke mukhiya aur panchayat shimiti bi kuchh nahi kar rahe hai main jharkhand Sarkar hemant soren ji yehi niwedan karuga ki hamare Palamu jila bohita gaw ke rood nirman pass karne ka kirpa kare dhanewad
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    Aajh ke taja khabar Palamu jila ke Bohita gaw ke rood ka Kya hai ban gaya hai yaha ke isthti bahut kharab how gya hai yahaan ke vidhayak doctor Shashi  Bhushan mehta ji rood nirman karne ke bare koi kadam  nahi utha rahe hai yahaan ke mukhiya aur panchayat shimiti bi kuchh nahi kar rahe hai main jharkhand Sarkar  hemant soren ji yehi niwedan karuga ki hamare Palamu jila bohita gaw ke rood nirman pass karne ka kirpa kare dhanewad
    user_Mahakal News Bohita
    Mahakal News Bohita
    Newspaper distribution नीलांबर-पीतांबरपुर (लेसलीगंज), पलामू, झारखंड•
    2 hrs ago
  • Post by Bharat sharma
    1
    Post by Bharat sharma
    user_Bharat sharma
    Bharat sharma
    पडवा, पलामू, झारखंड•
    5 hrs ago
  • नवनिर्वाचित अध्यक्ष व पार्षदों का शपथ ग्रहण 16 मार्च को,शपथग्रहण के बाद उपाध्यक्ष का होगा चुनाव विश्रामपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व पार्षदों का शपथ ग्रहण 16 मार्च दिन सोमवार को होगा। शपथग्रहण के बाद उसी दिन उपाध्यक्ष का भी चुनाव होगा। शपथ ग्रहण समारोह विश्रामपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में होगा। जिसकी प्रशानिक तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है।
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    नवनिर्वाचित अध्यक्ष व पार्षदों का शपथ ग्रहण 16 मार्च को,शपथग्रहण के बाद उपाध्यक्ष का होगा चुनाव
विश्रामपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व पार्षदों का शपथ ग्रहण 16 मार्च दिन सोमवार को होगा। शपथग्रहण के बाद उसी दिन उपाध्यक्ष का भी चुनाव होगा। शपथ ग्रहण समारोह विश्रामपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में होगा। जिसकी प्रशानिक तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है।
    user_पब्लिक न्यूज
    पब्लिक न्यूज
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    9 hrs ago
  • Post by Sunil singh
    1
    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    Ranka, Garhwa•
    1 hr ago
  • बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत में मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी सड़क से कोयल नदी तक तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय अमाही तक बन रहे पीसीसी पथ निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है और निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की ढलाई कई जगहों पर निर्धारित मापदंड से कम की जा रही है। कहीं छह इंच तो कहीं पांच इंच मोटाई की ढलाई की जा रही है, जबकि जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) की परत भी कई स्थानों पर दो से चार इंच के बीच ही डाली गई है। वहीं सड़क का बेस तैयार करने का भी सही ढंग से कार्य नहीं किया गया है। सड़क के किनारे बेड बनाने का प्रावधान होने के बावजूद यह कार्य भी नहीं किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में बालू की मात्रा अधिक दी जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा निर्माण कार्य स्थल पर संवेदक की मौजूदगी भी नहीं रहती है और पूरा काम मुंशी के भरोसे कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर विभाग से जुड़े किसी तकनीकी अभियंता की भी उपस्थिति नहीं दिखती, जिससे मामला और भी संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।बताया जाता है कि यह सड़क झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से स्वीकृत है। ग्राम पंचायत छेचा में पीडब्ल्यूडी रोड से बस्ती होते हुए कोयल नदी तक इस सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास 23 सितंबर 2025 को मनिका विधायक रामचंद्र सिंह के करकमलों द्वारा किया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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    बरवाडीह (लातेहार): बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत में मुख्य मार्ग पीडब्ल्यूडी सड़क से कोयल नदी तक तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय अमाही तक बन रहे पीसीसी पथ निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है और निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की ढलाई कई जगहों पर निर्धारित मापदंड से कम की जा रही है। कहीं छह इंच तो कहीं पांच इंच मोटाई की ढलाई की जा रही है, जबकि जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) की परत भी कई स्थानों पर दो से चार इंच के बीच ही डाली गई है। वहीं सड़क का बेस तैयार करने का भी सही ढंग से कार्य नहीं किया गया है। सड़क के किनारे बेड बनाने का प्रावधान होने के बावजूद यह कार्य भी नहीं किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में बालू की मात्रा अधिक दी जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा निर्माण कार्य स्थल पर संवेदक की मौजूदगी भी नहीं रहती है और पूरा काम मुंशी के भरोसे कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर विभाग से जुड़े किसी तकनीकी अभियंता की भी उपस्थिति नहीं दिखती, जिससे मामला और भी संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।बताया जाता है कि यह सड़क झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से स्वीकृत है। ग्राम पंचायत छेचा में पीडब्ल्यूडी रोड से बस्ती होते हुए कोयल नदी तक इस सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास 23 सितंबर 2025 को मनिका विधायक रामचंद्र सिंह के करकमलों द्वारा किया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    4 hrs ago
  • गढ़वा जिला का लालीमाटी में 2-3 हजार रोजा खोलवाने का तैयारी हो रहा है इस सम्बन्ध में सुजीत दुबे ने कहा है जात पात से उठकर एक इंसानियत का काम कर रहे हैं।
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    गढ़वा जिला का लालीमाटी में 2-3 हजार रोजा खोलवाने का तैयारी हो रहा है इस सम्बन्ध में सुजीत दुबे ने कहा है जात पात से उठकर एक इंसानियत का काम कर रहे हैं।
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    7 hrs ago
  • अंग्रेजों के आने से पहले भारत में मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य का शासन था, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रहा। जब 1757 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत की, उस समय मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और मराठा, सिख, व स्थानीय नवाब जैसे मैसूर के टीपू सुल्तान व हैदराबाद के निज़ाम भी अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन कर रहे थे।  अंग्रेजों के पूर्व प्रमुख शासक: मुगल साम्राज्य: 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई से लेकर 1857 तक, मुगल शासक (अकबर, औरंगजेब आदि) भारत के बड़े हिस्से पर काबिज थे। मराठा साम्राज्य: 18वीं शताब्दी में मुगलों की कमजोरी के बाद मराठा साम्राज्य (शिवाजी महाराज और पेशवाओं के तहत) एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा, जो लगभग 40-50% भारतीय भूभाग पर शासन कर रहा था। क्षेत्रीय शक्तियां: पंजाब में सिख साम्राज्य, मैसूर के नवाब, बंगाल के नवाब, और हैदराबाद के निज़ाम जैसे क्षेत्रीय राजा भी थे।  1608 में जब अंग्रेज पहली बार (सूरत) आए, उस समय जहांगीर का शासन था।
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    अंग्रेजों के आने से पहले भारत में मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य का शासन था, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के मध्य तक रहा। जब 1757 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत की, उस समय मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और मराठा, सिख, व स्थानीय नवाब जैसे मैसूर के टीपू सुल्तान व हैदराबाद के निज़ाम भी अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन कर रहे थे। 
अंग्रेजों के पूर्व प्रमुख शासक:
मुगल साम्राज्य: 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई से लेकर 1857 तक, मुगल शासक (अकबर, औरंगजेब आदि) भारत के बड़े हिस्से पर काबिज थे।
मराठा साम्राज्य: 18वीं शताब्दी में मुगलों की कमजोरी के बाद मराठा साम्राज्य (शिवाजी महाराज और पेशवाओं के तहत) एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा, जो लगभग 40-50% भारतीय भूभाग पर शासन कर रहा था।
क्षेत्रीय शक्तियां: पंजाब में सिख साम्राज्य, मैसूर के नवाब, बंगाल के नवाब, और हैदराबाद के निज़ाम जैसे क्षेत्रीय राजा भी थे। 
1608 में जब अंग्रेज पहली बार (सूरत) आए, उस समय जहांगीर का शासन था।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • Post by Bharat sharma
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    Post by Bharat sharma
    user_Bharat sharma
    Bharat sharma
    पडवा, पलामू, झारखंड•
    6 hrs ago
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