सूरौठ पुलिस ने चोरी की बडी़ वारदात का 36 घंटे में किया खुलासा, 3 आरोपीयों को किया गिरफ्तार, चोरी का माल किया बरामद करौली जिले के हिण्डौन उपखंड के सूरौठ थानांतर्गत धंधावली गांव में हुई चोरी की बड़ी वारदात का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई कार व 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले का खुलासा शुक्रवार को करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने हिण्डौन सिटी एडीशनल एसपी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मथुरा जिले के जघावली निवासी जलीश, नसीम व इमरान उर्फ इरफान के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि कार्यवाही में प्रशिक्षु आरपीएस श्रेष्ठ दीक्षित, सूरौठ थानाधिकारी कालीचरण, डीएसटी प्रभारी रामकुमार व एएसआई रामभरोसी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। उन्होंने वारदात के मामले में बताया कि सूरौठ थानांतर्गत धंधावली गाँव निवासी विश्वेन्द्र जौनवाल ने 5 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उल्लेख किया कि उनके घर से नई कार व मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं। जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड पीड़ित की फर्नीचर दुकान पर काम करने वाला मिस्त्री इमरान उर्फ इरफान था। वह लंबे समय से परिवार के संपर्क में था और घर के सदस्यों की दिनचर्या के साथ मोबाइल के पासवर्ड तक की जानकारी रखता था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इमरान ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची। आरोपियों ने मकान मालिक व उनके परिवार को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। परिवार के बेहोश होने के बाद आरोपी घर से मोबाइल फोन व कार लेकर फरार हो गए। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी में सीसीटीवी मैपिंग व रूट एनालिसिस का सहारा लिया। जांच के दौरान करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों व संदिग्धों की पहचान के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस के अनुसार आरोपी नसीम ने चोरी की गई कार हरियाणा के रिगड़ निवासी अरवाज को एक लाख रुपये में बेच दी थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी हुई कार को हरियाणा से बरामद कर लिया।
सूरौठ पुलिस ने चोरी की बडी़ वारदात का 36 घंटे में किया खुलासा, 3 आरोपीयों को किया गिरफ्तार, चोरी का माल किया बरामद करौली जिले के हिण्डौन उपखंड के सूरौठ थानांतर्गत धंधावली गांव में हुई चोरी की बड़ी वारदात का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई कार व 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले का खुलासा शुक्रवार को करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने हिण्डौन सिटी एडीशनल एसपी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताते हुए कहा कि
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मथुरा जिले के जघावली निवासी जलीश, नसीम व इमरान उर्फ इरफान के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि कार्यवाही में प्रशिक्षु आरपीएस श्रेष्ठ दीक्षित, सूरौठ थानाधिकारी कालीचरण, डीएसटी प्रभारी रामकुमार व एएसआई रामभरोसी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। उन्होंने वारदात के मामले में बताया कि सूरौठ थानांतर्गत धंधावली गाँव निवासी विश्वेन्द्र जौनवाल ने 5 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उल्लेख किया कि उनके घर से नई कार व मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं। जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड पीड़ित
की फर्नीचर दुकान पर काम करने वाला मिस्त्री इमरान उर्फ इरफान था। वह लंबे समय से परिवार के संपर्क में था और घर के सदस्यों की दिनचर्या के साथ मोबाइल के पासवर्ड तक की जानकारी रखता था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इमरान ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची। आरोपियों ने मकान मालिक व उनके परिवार को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। परिवार के बेहोश होने के बाद आरोपी घर से मोबाइल फोन व कार लेकर फरार हो गए। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने
तकनीकी में सीसीटीवी मैपिंग व रूट एनालिसिस का सहारा लिया। जांच के दौरान करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों व संदिग्धों की पहचान के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस के अनुसार आरोपी नसीम ने चोरी की गई कार हरियाणा के रिगड़ निवासी अरवाज को एक लाख रुपये में बेच दी थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी हुई कार को हरियाणा से बरामद कर लिया।
- प्रशासन ने JCB से गांव कंवरपुरा में आम रास्ते से हटाया 30 साल पुराना अतिक्रमण करौली जिले की ग्राम पंचायत सिंघनिया के गांव कंवरपुरा में प्रसासन ने जेसीबी द्वारा एक आम रास्ते से 30 साल पुराना अतिक्रमण हटाया है। कार्रवाई के दौरान पांच थानों की पुलिस तैनात रही।तहसीलदार श्रीराम मीणा ने शुक्रवार शाम 4:00 बताया कि ग्राम पंचायत सरपंच की शिकायत पर गैर मुमकिन रास्ते पर सीमा ज्ञान करवाकर अतिक्रमण हटाया गया। चार जेसीबी मशीनों की मदद से अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया।प्रशासन की कार्रवाई लगभग चार घंटे तक चली। अतिक्रमण हटाने के बाद रास्ते पर मोरम डालकर उसे आवागमन योग्य बनाया गया। गौरतलब है कि यह रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज था, लेकिन लोगों ने इस पर अतिक्रमण कर इसे अपने खेतों में मिला लिया था, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था।इस दौरान बालघाट थाना अधिकारी महेश कुमार मीणा सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा।1
- सूरौठ पुलिस ने चोरी की बडी़ वारदात का 36 घंटे में किया खुलासा, 3 आरोपीयों को किया गिरफ्तार, चोरी का माल किया बरामद करौली जिले के हिण्डौन उपखंड के सूरौठ थानांतर्गत धंधावली गांव में हुई चोरी की बड़ी वारदात का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई कार व 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले का खुलासा शुक्रवार को करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने हिण्डौन सिटी एडीशनल एसपी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मथुरा जिले के जघावली निवासी जलीश, नसीम व इमरान उर्फ इरफान के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि कार्यवाही में प्रशिक्षु आरपीएस श्रेष्ठ दीक्षित, सूरौठ थानाधिकारी कालीचरण, डीएसटी प्रभारी रामकुमार व एएसआई रामभरोसी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। उन्होंने वारदात के मामले में बताया कि सूरौठ थानांतर्गत धंधावली गाँव निवासी विश्वेन्द्र जौनवाल ने 5 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उल्लेख किया कि उनके घर से नई कार व मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं। जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड पीड़ित की फर्नीचर दुकान पर काम करने वाला मिस्त्री इमरान उर्फ इरफान था। वह लंबे समय से परिवार के संपर्क में था और घर के सदस्यों की दिनचर्या के साथ मोबाइल के पासवर्ड तक की जानकारी रखता था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इमरान ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची। आरोपियों ने मकान मालिक व उनके परिवार को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। परिवार के बेहोश होने के बाद आरोपी घर से मोबाइल फोन व कार लेकर फरार हो गए। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी में सीसीटीवी मैपिंग व रूट एनालिसिस का सहारा लिया। जांच के दौरान करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों व संदिग्धों की पहचान के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस के अनुसार आरोपी नसीम ने चोरी की गई कार हरियाणा के रिगड़ निवासी अरवाज को एक लाख रुपये में बेच दी थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी हुई कार को हरियाणा से बरामद कर लिया।4
- Available for Sale Brand : हीरो Model : 2003 Year of Registration : 2017 Price (₹) : 100000 City / Locality : barula Vehicle Type : Bike Vehicle Condition : Old Fuel Type : Petrol dk2
- राजस्थान में पहली बार अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता शांतिपूर्ण संपन्न हुई। यह अनूठा आयोजन राज्य में पहली बार हुआ, जिसे संजय जांगिड़ कटकड़ ने महत्वपूर्ण बताया।1
- सूरौठ पुलिस ने एसपी के नेतृत्व में 36 घंटे में चोरी की बड़ी वारदात का किया खुलासा, कार और मोबाइलों की बरामदगी के साथ चोरों को किया गिरफ्तार...... हिंडौन सिटी। सूरौठ पुलिस ने करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के नेतृत्व में चोरी की बड़ी वारदात का महज 36 घंटे में खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई में एक कार और तीन मोबाइल की बरामदगी के साथ चोरी के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी सोनवाल ने बताया कि फर्नीचर की दुकान पर काम करने वाला मथुरा के जंघावली शेरगढ़ निवासी मिस्त्री इमरान उर्फ इरफान ने अपने साथी नसीम और जलीस के साथ मिलकर मकान मालिक और उसके परिवार को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोश किया और उसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। सूरौठ पुलिस ने तकनीकी टीम की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई कार और तीन मोबाइल को बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि धंधावली निवासी विश्वेंद्र जौनवाल ने सूरौठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 5 मई की रात उनके घर के बाहर खड़ी कार सहित तीन मोबाइल फोन चोरी हो गए। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे। सुबह जागने पर कार और मोबाइल गायब मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित के घर में फर्नीचर का काम करने वाला मिस्त्री इमरान उर्फ इरफान ही वारदात का मास्टरमाइंड है।। आरोपी को परिवार की दिनचर्या, घर में रखे सामान और मोबाइल की पूरी जानकारी थी। आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते उसने अपने साथी नसीम और जलीस के साथ चोरी की योजना बनाई। आरोपियों ने पहले परिवार का विश्वास जीता और फिर कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर परिवार को बेहोश कर दिया। इसके बाद घर से मोबाइल फोन और कार लेकर फरार हो गए।1
- *श्री महावीर जी बना भारत का पहला रेलवे स्टेशन जहाँ विराजे भगवान महावीर* *गंगापुर सिटी, 8मई 2026* राजस्थान के करौली जिले स्थित श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन अब “अहिंसा का प्रवेश द्वार” बन गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नवीनीकृत यह स्टेशन भारतीय रेलवे के इतिहास में पहला ऐसा स्टेशन बन गया है जहाँ जैन तीर्थंकर भगवान 1008 महावीर स्वामी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। *1400 किलो की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र* स्टेशन परिसर के मुख्य गोल सर्कल में बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से निर्मित कलात्मक छतरी के अंदर भगवान महावीर की साढ़े तीन फीट ऊंची, 1400 किलो वजनी पद्मासन प्रतिमा स्थापित की गई है। कमलासन पर विराजमान इस प्रतिमा में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा अभिमंत्रित यंत्र भी स्थापित किया गया है। *जैन स्थापत्य से सजा स्टेशन* पश्चिम मध्य रेलवे कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले इस स्टेशन को जैन स्थापत्य शैली में विकसित किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ स्टेशन परिसर में अहिंसा, शांति और "जियो और जीने दो" का संदेश गूंजता है। *इनका रहा विशेष सहयोग* यह ऐतिहासिक कार्य कई लोगों के सहयोग से संभव हुआ। रेलवे की इस परियोजना में रेलवे के एक्स ई एन अनिल जैन, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप गंगापुर सिटी के अध्यक्ष नरेंद्र जैन नृपत्या,जैन वास्तुविद राजकुमार जैन कोठ्यारी और मूर्तिकार संतोष शर्मा , अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी कमेटी, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप गंगापुर सिटी का विशेष योगदान रहा। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष नरेंद्र जैन ने बताया कि प्रतिमा की दिव्यता हर श्रद्धालु को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती है। *श्रद्धालुओं में हर्ष, पीएम का जताया आभार* श्री महावीरजी अतिशय क्षेत्र कमेटी तथा सकल जैन समाज ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही एक सकारात्मक और शांतिपूर्ण अनुभूति होती है। *धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा* स्टेशन के नए स्वरूप से देश-विदेश से आने वाले जैन श्रद्धालुओं को तीर्थ क्षेत्र की दिव्यता का अनुभव स्टेशन पर उतरते ही मिलेगा। यह पहल अन्य धार्मिक स्थलों के रेलवे स्टेशनों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। *एक नजर में श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन* विशेष जानकारी विवरण योजना अमृत भारत स्टेशन स्कीम स्थान करौली, राजस्थान विशेषता भारत का पहला रेलवे स्टेशन जहाँ जैन तीर्थंकर प्रतिमा स्थापित प्रतिमा वजन 1400 किलो प्रतिमा ऊंचाई साढ़े 3 फीट मुद्रा पद्मासन निर्माण शैली जैन स्थापत्य कला पत्थर बंसी पहाड़पुर गुलाबी पत्थर1
- अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विपिन कुमार पांडेय ने सवाई माधोपुर जिले में जनसुनवाई कर लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। उन्होंने कोतवाली थाने का निरीक्षण कर लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए, जिससे पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल बन सके।1
- आगजनी की घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा की जानकारी बढ़ाने, तैयारी करने और अग्नि सुरक्षा के मानकों की पालना के लिए फायर सेफ्टी सप्ताह का आयोजन 10 मई तक किया जाएगा, जिसमें आगजनिक की रोकथाम के लिए एक साथ थीम पर गतिविधियों का आयोजन संचालित किया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ.सतीश चंद मीना ने बताया कि जन समुदाय में फायर सेफ्टी की जागरूकता हेतु राजकीय और प्राइवेट चिकित्सा संस्थानों में मॉक ड्रिल द्वारा अग्नि सुरक्षा की तैयारियों की परख की जा रही हैं। जिसके लिए सभी चिकित्सा संस्थान प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि अस्पतालों, क्लीनिकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी कार्मिकों को निर्देशित किया कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सदैव तैयार रहें। अग्नि सुरक्षा के संसाधनों को मॉक ड्रिल के माध्यम से जांच-परख लें। उन्होंने कहा जिन चिकित्सा संस्थानों पर फायर सेफ्टी की गतिविधियां नहीं की जाएंगी, वहां कार्यालय से टीमें बनाकर निरीक्षण कराया जाएगा जिसमें अग्निशमन उपकरण, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तैयारियों की जांच की जाएगी, संस्थानों पर फायर सेफ्टी में कमियां पाई जाने पर जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए प्रत्येक अस्पताल कर्मी का फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन के प्रति प्रशिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग,आपातकालीन निकासी प्रक्रिया, फायर एग्जिट प्लान और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के तरीकों से अवगत होने की आवश्यकता जताई।2