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गौसम्मान दिवस का आयोजन दिखा पूरे भारतवर्ष से आई गौभक्तों की हुंकार जाने कहा कहा से उठी मांग संपूर्ण भारत में गाय और उसके वंश को विशेष दर्जा दिया जाए इसको लेकर आज तमाम शासकीय कार्यालय गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित सरकार द्वारा इसको पत्र दिए गए जिसका आयोजन ओर आगे व्यापक रूप क्या होगा इस वीडियो से समझे
Akhlesh jain Reportar
गौसम्मान दिवस का आयोजन दिखा पूरे भारतवर्ष से आई गौभक्तों की हुंकार जाने कहा कहा से उठी मांग संपूर्ण भारत में गाय और उसके वंश को विशेष दर्जा दिया जाए इसको लेकर आज तमाम शासकीय कार्यालय गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित सरकार द्वारा इसको पत्र दिए गए जिसका आयोजन ओर आगे व्यापक रूप क्या होगा इस वीडियो से समझे
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- संपूर्ण भारत में गाय और उसके वंश को विशेष दर्जा दिया जाए इसको लेकर आज तमाम शासकीय कार्यालय गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित सरकार द्वारा इसको पत्र दिए गए जिसका आयोजन ओर आगे व्यापक रूप क्या होगा इस वीडियो से समझे1
- प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार एक तरफ इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुला रही है जिसका मुद्दा है निंदा प्रस्ताव, लेकिन दूसरी तरफ ज़मीनी हकीकत यह है कि प्रदेश की लाड़ली बहनें अपने ही रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पोषण आहार प्लांट पिछले तीन महीनों से बंद पड़े हैं क्योंकि सरकार ने समय पर अनुदान नहीं दिया, भुगतान नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि लाखों महिलाओं की आजीविका छिन गई और जिन स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया जाता था, वही महिलाएं आज मजदूरी करने को मजबूर हैं। आज इन महिलाओं से मुलाकात कर उनकी पीड़ा को करीब से समझा यह सिर्फ आर्थिक संकट नहीं, बल्कि विश्वास टूटने की कहानी है। सरकार की लगातार उपेक्षा ने उनके सपनों को झकझोर दिया है। यह स्थिति बताती है कि भाजपा के लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ भाषण और इवेंट तक सीमित है, ज़मीन पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पूरी तरह गायब है। कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए मजबूती के साथ पहली पंक्ति में लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। आवाज मध्यप्रदेश न्यूज 241
- Post by Dharmendra sahu1
- मांगों को लेकर तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन गढाकोटा। सागर जिले के गढाकोटा में सोमवार के दिन खाद,बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर देशभर के कृषि आदान व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। गढ़ाकोटा क्षेत्र के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार महेश दुबे को सौंपा ज्ञापन में बताया गया कि Agro Input Dealers Association (AIDA), नई दिल्ली एक पंजीकृत संगठन है,जो देशभर के लगभग 5 लाख खाद,बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन के अनुसार पिछले 10 वर्षों से व्यापारी लगातार कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन बार-बार निवेदन के बावजूद समाधान नहीं हो सका है। इसी के विरोध में 27 अप्रैल को देशव्यापी हड़ताल कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। *मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं* व्यापारियों ने खाद के साथ अन्य उत्पादों की जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने,कंपनियों द्वारा खाद की डिलीवरी सीधे विक्रेता के केंद्र तक सुनिश्चित करने,डीलर मार्जिन को बढ़ाकर न्यूनतम 8 प्रतिशत करने तथा ‘साथी’पोर्टल की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। इसके अलावा अवैध एच.टी.वी.टी बीजों की बिक्री पर रोक या अधिकृत विक्रेताओं को नियमन के तहत अनुमति देने,सीलबंद पैकेट में गुणवत्ता खराब होने पर विक्रेता को दोषी न मानकर गवाह का दर्जा देने,एक्सपायर्ड कीटनाशकों को कंपनियों द्वारा वापस लेने की कानूनी बाध्यता तय करने की भी मांग रखी गई। व्यापारियों ने नए बीज अधिनियम एवं कीटनाशक विधेयक 2025 में रिटेल डीलरों के लिए बनाए गए कठोर प्रावधानों को शिथिल करने,झूठी शिकायतों पर कार्रवाई से पहले जिला स्तरीय जांच समिति बनाने,लाइसेंस निलंबन की स्थिति में 21 दिनों में स्वतः बहाली तथा हर साल प्रिंसिपल सर्टिफिकेट जोड़ने की अनिवार्यता समाप्त करने की भी बात कही। साथ ही कई राज्यों में बीजों के लिए लागू दोहरी लाइसेंस व्यवस्था को खत्म करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। सरकार को चेतावनी: ज्ञापन के अंत में व्यापारियों ने केंद्र सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय और केंद्रीय कृषि मंत्रालय से एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन बंद करने को मजबूर होना पड़ेगा, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों पर व्यापक असर पड़ सकता है। ज्ञापन सौंपने में ये रहे शामिल: इस दौरान गढ़ाकोटा अभिषेक पटेरिया,संदीप घोसी सहित सुनील जैन,रघुवीर कुर्मी,खेमचंद गुडारे,वीरेंद्र विश्वकर्मा,मनोहर कुर्मी, देवेंद्र लोधी,अखिलेश जैन सहित बड़ी संख्या में कृषि आदान व्यापारी उपस्थित रहे।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले शिक्षिका पूजा अहिरवार को कार ने मारी टक्कर, गंभीर रूप से घायलः बीना-खिमलासा रोड पर हुआ हादसा, भोपाल रेफर किया गया राजेश बबेले बीना। सोमवार की सुबह 7:30 के लगभग जब शिक्षिका पूजा अहिरवार ग्राम खड़ेसरा स्कूल के लिए निकली तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा की आने वाला समय उनका खराब होगा जैसे ही वह खिमलासा रोड सरस्वती स्कूल के पास पहुंची तो एक अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई जिन्हें तुरंत सिविल अस्पताल बीना पहुंचाया गया।गौरतलब है कि खिमलासा रोड पर सरस्वती शिशु मंदिर के पास एक कार की टक्कर से स्कूटी सवार शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना शिक्षिका के स्कूल जाते समय हुई। उन्हें गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया है। हादसा सोमवार सुबह की है। *खिमलासा के सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं घायल* घायल शिक्षिका की पहचान पूजा अहिरवार (29) के रूप में हुई है, जो भोपाल की निवासी हैं और बीना की जागेश्वरी कॉलोनी में किराए पर रहती हैं। वह खिमलासा के सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं। *कार ने स्कूटी को मारी टक्कर* सोमवार को पूजा अपनी स्कूटी से बीना से खिमलासा स्थित स्कूल जा रही थीं। बीना के सरस्वती शिशु मंदिर के पास खिमलासा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने एक अन्य वाहन को ओवरटेक करते समय उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। *गंभीर हालत में भोपला रेफर* टक्कर के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना में शिक्षिका की स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। पूजा को पहले सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया।3
- तहसील गाडरवारा प्रवीण राजपूत गाडरवारा में दर्दनाक सड़क हादसे के बाद लोगों का आक्रोश भड़क उठा। हादसे में दो लोगों की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए बीच चौराहे पर मृत शव को जलाने का प्रयास किया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि शहर के कांच मंदिर के पास खड़े एक डंपर से टकराकर भूरा यादव और ओ.पी. ममार की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने आमगांव तिराहे पर चक्का जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। लोगों की मांग थी कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देने का प्रयास किया। बीच चौराहे पर शव जलाने की कोशिश से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल प्रशासन मामले को शांत कराने में जुटा है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर कब सख्ती होगी, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे दोबारा न हों।1
- Post by Dharmendra sahu1