नौगामा में भारत आदिवासी पार्टी की आमसभा, होली स्नेह मिलन समारोह व नवनिर्मित चार दिवारी का उद्घाटन 48 देहाती आदिवासी समाज खेल मैदान में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की आमसभा एवं होली स्नेह मिलन समारोह व नवनिर्मित चार दिवारी का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांसवाड़ा–डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत एवं बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा कि दल बदलू नेताओं से सावधान रहने और बचने की आवश्यकता है। साथ ही ऐसे गुरुओं को गुरु स्वीकार नहीं करने को कहा। जो नेता विशेष की पैरवी करे और उसके लिए पार्टी के द्वारा चुनाव का प्रचार करने जाए और कहा कि कांग्रेस–बीजेपी की सरकार और इनके नेताओं ने युवाओं के साथ बहुत कुठाराघात किया है और इनको कही का नहीं छोड़ा है। अध्यक्षता कर रहे स्थानीय विधायक जयकृष्ण जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि क्षेत्र के सभी प्रकार के मुद्दों को विधानसभा पटल पर जोर के साथ रखे जाएंगे। ओर आने वाले समय में बागीदौरा में राजकीय महाविधालय खोलने को लेकर बात कही। उन्होंने बागीदौरा में सरकारी अनाज मंडी बनाए जाने पर क्षेत्रवासियों को धन्यवाद दिया उन्होंने बात रखने हेतु उन्हें प्रतिनिधि बनाकर विधानसभा में भेजा कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने अपनी बात से विचार रखें। आमसभा में आगामी पंचायती राज चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान किया और साथ पार्टी को मजबूत करने पर मंथन किया गया। इस दौरान भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय, प्रदेश, संभाग, जिला, ब्लॉक, मंडल व पंचायत के सदस्य, युवा, ग्रामीणजन व महिलाएं मौजूद रहे। संचालन बीएपी प्रदेश सदस्य मणिलाल निनामा एवं अशोक अड़ ने किया जबकि आभार हीरालाल मईडा एवं मोगजी भाई मईडा ने जताया। यह जानकारी पार्टी प्रवक्ता राहुल भूरिया ने दी।
नौगामा में भारत आदिवासी पार्टी की आमसभा, होली स्नेह मिलन समारोह व नवनिर्मित चार दिवारी का उद्घाटन 48 देहाती आदिवासी समाज खेल मैदान में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की आमसभा एवं होली स्नेह मिलन समारोह व नवनिर्मित चार दिवारी का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांसवाड़ा–डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत एवं बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा कि दल बदलू नेताओं से सावधान रहने और बचने की आवश्यकता है। साथ ही ऐसे गुरुओं को गुरु स्वीकार नहीं करने को कहा। जो नेता विशेष की पैरवी करे और
उसके लिए पार्टी के द्वारा चुनाव का प्रचार करने जाए और कहा कि कांग्रेस–बीजेपी की सरकार और इनके नेताओं ने युवाओं के साथ बहुत कुठाराघात किया है और इनको कही का नहीं छोड़ा है। अध्यक्षता कर रहे स्थानीय विधायक जयकृष्ण जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि क्षेत्र के सभी प्रकार के मुद्दों को विधानसभा पटल पर जोर के साथ रखे जाएंगे। ओर आने वाले समय में बागीदौरा में राजकीय महाविधालय खोलने को लेकर बात कही। उन्होंने बागीदौरा में सरकारी अनाज मंडी बनाए जाने पर क्षेत्रवासियों को धन्यवाद दिया उन्होंने बात रखने हेतु उन्हें प्रतिनिधि बनाकर
विधानसभा में भेजा कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने अपनी बात से विचार रखें। आमसभा में आगामी पंचायती राज चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान किया और साथ पार्टी को मजबूत करने पर मंथन किया गया। इस दौरान भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय, प्रदेश, संभाग, जिला, ब्लॉक, मंडल व पंचायत के सदस्य, युवा, ग्रामीणजन व महिलाएं मौजूद रहे। संचालन बीएपी प्रदेश सदस्य मणिलाल निनामा एवं अशोक अड़ ने किया जबकि आभार हीरालाल मईडा एवं मोगजी भाई मईडा ने जताया। यह जानकारी पार्टी प्रवक्ता राहुल भूरिया ने दी।
- कुशलगढ़ के बिजोरी छोटी में आयोजित भव्य हिन्दू सम्मेलन में सनातन संस्कृति की परम्पराओं और जीवन मूल्यों पर प्रभावशाली विचार व्यक्त किए गए। मुख्य वक्ता मधुसूदन व्यास ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, समरसता और गुरु-भक्ति का विराट जीवन दर्शन है। उन्होंने माँ शबरी और भगवान राम का उदाहरण देते हुए भक्ति में भेदभाव न होने का संदेश दिया। साथ ही रत्नाकर से महर्षि वाल्मीकि बनने की कथा के माध्यम से आत्मपरिवर्तन की महत्ता बताई तथा एकलव्य की गुरु-निष्ठा को प्रेरणादायक बताया। सम्मेलन में नर्सिंग गिरी महाराज, लालचंद भाबोर, मानसिंह डाबी एवं भारत कुमावत ने भी समाज को संगठित व संस्कारित बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और वातावरण धर्म, संस्कृति व सामाजिक एकता की भावना से ओतप्रोत रहा।1
- बांसवाड़ा, 18 फरवरी/गायत्री मण्डल की ओर से संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में एमजी अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक आशीष अधिकारी की अध्यक्षता में आध्यात्मिक संगोष्ठी एवं प्रयोगधर्मा साहित्यसर्जक व मनीषी चिन्तक हरीश आचार्य का एकल सनातन काव्य पाठ कार्यक्रम हुआ। इसमें धर्म-अध्यात्म के विभिन्न तत्त्वों की सारगर्भित चर्चा हुई। इसमें मेघा सराफ, पुष्पा व्यास, राजेन्द्र नानालाल जोशी, यश सराफ, जुगल जयशंकर त्रिवेदी (मुम्बई), चन्द्रेश व्यास, अनिल नरहरि भट्ट, अनिता अधिकारी, आचार्य योगिता व्यास आदि ने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी के उपरान्त जाने-माने साहित्यकार हरीश आचार्य की आध्यात्मिक सांस्कृतिक रचनाओं पर केन्द्रित एकल काव्य पाठ ने काव्य रसिकों को आनंदित कर दिया। इस अवसर पर श्री पीताम्बरा आश्रम के साधक-साधिकाओं की ओर से पगड़ी, हार तथा उपरणे पहनाकर हरीश आचार्य का अभिनन्दन किया गया। इससे पूर्व आशीष अधिकारी एवं श्रीमती अनिता अधिकारी ने हनुमान पूजा की तथा आरती एवं पुष्पान्जलि विधान पूर्ण किया। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ भी किए गए।1
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- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी बिजोरी छोटी में हुआ हिन्दू सम्मेलन : सनातनी परम्परा, माँ शबरी, रत्नाकर और एकलव्य का प्रेरक उदाहरण बताया राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के गांव बिजोरी छोटी में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में सनातन संस्कृति की महान परम्पराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, समरसता और गुरु-भक्ति का जीवन दर्शन है। सम्मेलन में माँ शबरी का उदाहरण देते हुए बताया गया कि सच्ची भक्ति में जाति-पाति का कोई भेद नहीं होता। शबरी माता ने प्रेम और श्रद्धा से भगवान श्रीराम को बेर अर्पित किए, और भगवान ने उनकी भावना को स्वीकार किया। यह प्रसंग समरसता और समानता का संदेश देता है। इसी प्रकार रत्नाकर का उल्लेख किया गया, जो बाद में महर्षि वाल्मीकि बने और उन्होंने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना की। यह उदाहरण दर्शाता है कि सनातन धर्म में आत्मपरिवर्तन और साधना के द्वारा महानता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही एकलव्य का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया। एकलव्य ने गुरु द्रोणाचार्य को मन ही मन गुरु मानकर कठिन साधना की और अद्वितीय धनुर्धर बने। जब गुरु दक्षिणा के रूप में अंगूठा मांगा गया, तो उन्होंने बिना संकोच उसे अर्पित कर दिया। यह प्रसंग गुरु-भक्ति, समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। सम्मेलन में यह संदेश दिया गया कि सनातन परम्परा हमें भक्ति (शबरी), आत्मपरिवर्तन (रत्नाकर) और गुरु-निष्ठा (एकलव्य) का मार्ग दिखाती है। समाज को इन आदर्शों को अपनाकर समरस, संस्कारित और संगठित बनाना चाहिए। इस अवसर पर वक्ता मधुसूदन व्यास नरसिंह गिरी महाराज लालचन्द भाभोर मानसीह डाबी सहित अन्य लोग भी मौजूद थे उक्त जानकारी भरत जी कुमावत ने दी4
- Post by VAGAD news241
- Jay aadivasi hamari Sanskriti Jhabua jila Madhya Pradesh Jago bhai Jay Johar Jay aadivasi1
- बांसवाड़ा विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने विधानसभा में टी ए डी छात्रावासों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। टी ए डी छात्रावास में भ्रष्टाचार का आरोप, मंत्री बाबूलाल खराड़ी नहीं दे पाए जवाब1