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VAGAD news24
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- Post by VAGAD news241
- डूंगरपुर। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के गैंजी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब निर्माणाधीन भवन की छत से बाहर निकले लोहे के सरियों पर एक युवक और एक युवती के शव लटके हुए पाए गए। सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। थानाधिकारी भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि सुबह टेलीफोन से सूचना मिली कि स्कूल की नई बन रही इमारत की छत पर सरियों से युवक-युवती के शव लटके हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मृतक युवक की पहचान मनोज (22) पुत्र सुरेश खराड़ी निवासी पाकरोन के रूप में की है। उसके साथ मिली युवती की पहचान गीता (21) पुत्री बदा बारिया निवासी देवगांव, थाना धम्बोला क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दे दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीमलवाड़ा पुलिस उप अधीक्षक मदनलाल विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। मृतक युवक विवाहित था और उसकी एक बेटी भी है। एक फरवरी को वह घर में विवाद के बाद निकला था। उसकी पत्नी ने 17 फरवरी को चौरासी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विद्यालय की प्रधानाचार्या जशोदा कलासुआ ने बताया कि स्कूल का समय सुबह 10 बजे का है तथा वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं, हालांकि बुधवार को कोई परीक्षा निर्धारित नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार दोपहर मृतक युवक का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि युवती के शव का पोस्टमार्टम परिजनों की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सका। गुरुवार को पोस्टमार्टम होने की संभावना जताई गई है।1
- Post by Balvant Bhai Ahari1
- Post by Bapulal Ahari1
- माही वीरा और माही वीर बांसवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आज बड़ा रामद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में दूरदराज गांवों से आई जरूरतमंद बालिकाओं का सामूहिक कन्यादान संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में संत परम पूज्य संत श्री राम प्रकाश जी महाराज के सान्निध्य में पांच बेटियों का विवाह कराया गया। इसके साथ ही संस्था द्वारा अब तक कुल 53 कन्यादान पूर्ण करने का संकल्प साकार हो गया। बालिकाओं को दहेज स्वरूप पांच साड़ियां, पैंट-शर्ट, बेडशीट, कंबल, श्रृंगार सामग्री, कांटा-बिछुआ सहित आवश्यक गृह उपयोगी सामग्री भेंट की गई। कार्यक्रम की शुरुआत सचिव आशा मित्तल ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए अतिथियों के स्वागत से की। माही वीरा की संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष भुवनेश्वरी मालोत ने “सबकी सेवा–सबको प्यार” के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। माही वीर के सचिव मनोज सेठ ने मानव जीवन का उद्देश्य सेवा और प्रेम को बताया। विशिष्ट अतिथि महेंद्र जी ने बालिकाओं के जीवन में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्य अतिथि संत श्री राम प्रकाश जी महाराज ने आशीर्वचन देते हुए नवविवाहित बेटियों को मंगलमय जीवन का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का आभार अध्यक्ष गीता चौधरी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विमल कोठारी, सुधा तलवाड़िया, कांता भाटी, मनभरी चौधरी, हेमलता ओझा, निकिता दोषी, बीना गुप्ता, संध्या लोकवानी, अनीता रोकडिया, दर्शिका, उषा पोरवाल, मंगला चौबीसा, आशा अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया। जानकारी सचिव आशा मित्तल ने दी।4
- बांसवाड़ा, 18 फरवरी/गायत्री मण्डल की ओर से संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में एमजी अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक आशीष अधिकारी की अध्यक्षता में आध्यात्मिक संगोष्ठी एवं प्रयोगधर्मा साहित्यसर्जक व मनीषी चिन्तक हरीश आचार्य का एकल सनातन काव्य पाठ कार्यक्रम हुआ। इसमें धर्म-अध्यात्म के विभिन्न तत्त्वों की सारगर्भित चर्चा हुई। इसमें मेघा सराफ, पुष्पा व्यास, राजेन्द्र नानालाल जोशी, यश सराफ, जुगल जयशंकर त्रिवेदी (मुम्बई), चन्द्रेश व्यास, अनिल नरहरि भट्ट, अनिता अधिकारी, आचार्य योगिता व्यास आदि ने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी के उपरान्त जाने-माने साहित्यकार हरीश आचार्य की आध्यात्मिक सांस्कृतिक रचनाओं पर केन्द्रित एकल काव्य पाठ ने काव्य रसिकों को आनंदित कर दिया। इस अवसर पर श्री पीताम्बरा आश्रम के साधक-साधिकाओं की ओर से पगड़ी, हार तथा उपरणे पहनाकर हरीश आचार्य का अभिनन्दन किया गया। इससे पूर्व आशीष अधिकारी एवं श्रीमती अनिता अधिकारी ने हनुमान पूजा की तथा आरती एवं पुष्पान्जलि विधान पूर्ण किया। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ भी किए गए।1
- आज दिनाक 18/02/2026 को स्थानीय महाविद्यालय जे.आर शर्मा झाड़ोल में “निर्वाचन साक्षरता क्लब” (इ.एल.सी.) का गठन कर निर्वाचन साक्षरता महोत्सव के तहत विविध आयोजन किया गया | महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. के. जैन ने बताया कि इ.एल.सी . का उदेश्य लोकतान्त्रिक मूल्यों एवं मतदान के प्रति जागरूकता को बढाना बताया | कार्यक्रम में मतदाता सूची में नाम जुडवाने कि प्रकिया इ. वी. एम. मशीन से मतदान कि पद्धति तथा अधिकाधिक लोगो को मतदान के लिए प्रेरित करने पर विस्तार से जानकारी दी गई | महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य राजेश बिलोनिया ने छात्रों को मतदान की शपथ दिलाते हुए भारत में चुनाव पद्धति के एतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे बडी शक्ति हैं और एक-एक मत अमूल्य हैं , स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में सभी को मतदान करना अनिवार्य हैं | एन एस एस प्रभारी डॉ. अनिता गन्ना ने बताया कि महोत्सव के अन्तर्गत विधिवत आयोजन जेसे प्रश्नोत्तरी निबन्ध रंगोली आदि प्रतियोगिता का महाविद्यालय में आयोजन किया जाएगा |धन्यवाद ज्योति जैन ने दिया |1
- विधायक उमेश डामोर ने नियम 295 में उठाई बच्चों की सुरक्षा की आवाज जयपुर/डूंगरपुर। आसपुर क्षेत्र के जर्जर सरकारी विद्यालयों और उनके स्थानांतरण (मर्ज) का मुद्दा आज दिनांक 16.02.2026 को राजस्थान विधायक उमेश डामोर ने खोली शिक्षा विभाग की विधानसभा में जोरदार तरीके से गूंजा। आसपुर क्षेत्र के जनप्रिय विधायक विधायक उमेश डामोर ने नियम 295 के अंतर्गत विशेष उल्लेख के माध्यम से यह गंभीर मामला सदन में उठाया। विधायक उमेश डामोर ने पूरे तथ्य और आंकड़ों के साथ प्रस्ताव पढ़कर सरकार का ध्यान डूंगरपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। उनके द्वारा रखा गया यह प्रस्ताव सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक उमेश डामोर ने बताया कि डूंगरपुर जिले में 98 जर्जर विद्यालयों को स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें 12 विद्यालय सिंगल शिफ्ट और 86 विद्यालय डबल शिफ्ट में चलाने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिना अभिभावकों, ग्राम सभाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए लिया गया है, जिससे ग्रामीण जनता में नाराजगी है। विधायक उमेश डामोर ने सदन में बताया कि आसपुर विधानसभा क्षेत्र के 22 विद्यालय सीधे इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। 44 विद्यालय पूरी तरह जर्जर हैं। 66 विद्यालयों में 263 कमरों की कमी है। 359 विद्यालयों के 1036 कक्ष अत्यंत खराब स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों की छत, दीवार और फर्श टूटे हुए हैं, जो बच्चों के लिए बड़ा खतरा है। विधायक उमेश डामोर ने उदाहरण देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत हिराता के राजकीय प्राथमिक विद्यालय हामितेड के बच्चों को रोज मारगीया बांध पार कर नाव से स्कूल जाना पड़ता है। कई बच्चों को 3 से 4 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है और खासकर बालिकाओं की पढ़ाई पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी जर्जर विद्यालयों की स्थिति पर सख्त टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा कि यदि स्कूलों में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, तो यह गंभीर लापरवाही है। सदन में विधायक उमेश डामोर ने मांग की, कि जर्जर विद्यालयों का तुरंत तकनीकी सर्वे कराया जाए। नए बजट की स्वीकृति देकर पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाए। बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। निर्णय लेने से पहले स्थानीय ग्राम सभा और अभिभावकों से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना समाधान नहीं है, बल्कि मजबूत और सुरक्षित भवन बनाना ही स्थायी समाधान है। विधायक उमेश डामोर द्वारा सदन में मजबूती से मुद्दा उठाने के बाद आसपुर क्षेत्र की जनता में खुशी और भरोसा बढ़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक उमेश डामोर ने बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए सशक्त आवाज उठाई है। अब यह मुद्दा केवल भवनों का नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही का बन चुका है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि विधायक उमेश डामोर के प्रयासों से जल्द ही जर्जर विद्यालयों का पुनर्निर्माण होगा और बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सकेगी।1