निर्माणाधीन स्कूल भवन की छत से सरियों पर लटके मिले युवक-युवती के शव डूंगरपुर। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के गैंजी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब निर्माणाधीन भवन की छत से बाहर निकले लोहे के सरियों पर एक युवक और एक युवती के शव लटके हुए पाए गए। सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। थानाधिकारी भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि सुबह टेलीफोन से सूचना मिली कि स्कूल की नई बन रही इमारत की छत पर सरियों से युवक-युवती के शव लटके हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मृतक युवक की पहचान मनोज (22) पुत्र सुरेश खराड़ी निवासी पाकरोन के रूप में की है। उसके साथ मिली युवती की पहचान गीता (21) पुत्री बदा बारिया निवासी देवगांव, थाना धम्बोला क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दे दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीमलवाड़ा पुलिस उप अधीक्षक मदनलाल विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। मृतक युवक विवाहित था और उसकी एक बेटी भी है। एक फरवरी को वह घर में विवाद के बाद निकला था। उसकी पत्नी ने 17 फरवरी को चौरासी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विद्यालय की प्रधानाचार्या जशोदा कलासुआ ने बताया कि स्कूल का समय सुबह 10 बजे का है तथा वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं, हालांकि बुधवार को कोई परीक्षा निर्धारित नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार दोपहर मृतक युवक का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि युवती के शव का पोस्टमार्टम परिजनों की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सका। गुरुवार को पोस्टमार्टम होने की संभावना जताई गई है।
निर्माणाधीन स्कूल भवन की छत से सरियों पर लटके मिले युवक-युवती के शव डूंगरपुर। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के गैंजी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब निर्माणाधीन भवन की छत से बाहर निकले लोहे के सरियों पर एक युवक और एक युवती के शव लटके हुए पाए गए। सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। थानाधिकारी भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि सुबह टेलीफोन से सूचना मिली कि स्कूल की नई बन रही इमारत की छत पर सरियों से युवक-युवती के शव लटके हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मृतक युवक की पहचान मनोज (22) पुत्र सुरेश खराड़ी निवासी पाकरोन के रूप में की है। उसके साथ मिली युवती की पहचान गीता (21) पुत्री बदा बारिया निवासी देवगांव, थाना धम्बोला क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दे दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीमलवाड़ा पुलिस उप अधीक्षक मदनलाल विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। मृतक युवक विवाहित था और उसकी एक बेटी भी है। एक फरवरी को वह घर में विवाद के बाद निकला था। उसकी पत्नी ने 17 फरवरी को चौरासी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विद्यालय की प्रधानाचार्या जशोदा कलासुआ ने बताया कि स्कूल का समय सुबह 10 बजे का है तथा वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं, हालांकि बुधवार को कोई परीक्षा निर्धारित नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार दोपहर मृतक युवक का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि युवती के शव का पोस्टमार्टम परिजनों की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सका। गुरुवार को पोस्टमार्टम होने की संभावना जताई गई है।
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। राजस्थान विधानसभा में वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान आसपुर विधायक उमेश डामोर ने जनजातीय (टीएसपी) क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा, किसान और आमजन इस बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे थे, लेकिन यह बजट विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। विधायक डामोर ने कहा कि वर्ष 2025-26 के बजट में टीएसपी जनजाति उप-योजना क्षेत्र के अंतर्गत आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु 1750 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी। इसका उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना और जीवन स्तर को ऊंचा उठाना था, किंतु सरकार ने मात्र लगभग 55 प्रतिशत राशि ही खर्च की। शेष राशि व्यय न होना आदिवासी जनता के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में राजस्व ग्रामों का ड्रोन सर्वे पूरा कर आगामी वर्ष में 2 लाख परिवारों को नए पट्टे देने की घोषणा की गई थी। टीएसपी क्षेत्र में शिविर आयोजित होने के बावजूद पात्र परिवारों को पट्टे नहीं मिल पाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि आदिवासी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पट्टा वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके। विधायक डामोर ने कहा कि युवा स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र की दिशा और दशा तय करता है, लेकिन वर्तमान बजट युवाओं के सपनों को साकार करने में प्रभावी नहीं दिखता। विधायक ने ट्राइबल टूरिज्म सर्किट योजना का मुद्दा भी उठाया। पिछले बजट में 100 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी, जिसमें त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभयारण्य तथा मातृ कुंडिया मंदिर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि घोषित 100 करोड़ रुपये में से एक भी रुपया व्यय नहीं किया गया। हालांकि, उन्होंने बेणेश्वर धाम के लिए 130 करोड़ रुपये की नई घोषणा का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि घोषणाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए। विधायक डामोर ने अपने विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि रामगढ़ से आसपुर तक बनी डामरीकरण सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है, इसलिए इसका शीघ्र नवीनीकरण कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मांग रखते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र आसपुर के ब्लॉक आसपुर में आज भी राजकीय महाविद्यालय का अभाव है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए डूंगरपुर या सलूम्बर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन की व्यय होता है। उन्होंने आसपुर में नवीन राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग की। विधायक ने आसपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बढ़ते मरीजों के दबाव का उल्लेख करते हुए इसे उप जिला अस्पताल में क्रमोन्नत करने की मांग की, ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। अंत में विधायक उमेश डामोर ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि वास्तविक विकास चाहता है। सरकार यदि संवेदनशीलता के साथ कार्य करे तो प्रदेश को विकास की नई दिशा दी जा सकती है।1
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- आज दिनाक 18/02/2026 को स्थानीय महाविद्यालय जे.आर शर्मा झाड़ोल में “निर्वाचन साक्षरता क्लब” (इ.एल.सी.) का गठन कर निर्वाचन साक्षरता महोत्सव के तहत विविध आयोजन किया गया | महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. के. जैन ने बताया कि इ.एल.सी . का उदेश्य लोकतान्त्रिक मूल्यों एवं मतदान के प्रति जागरूकता को बढाना बताया | कार्यक्रम में मतदाता सूची में नाम जुडवाने कि प्रकिया इ. वी. एम. मशीन से मतदान कि पद्धति तथा अधिकाधिक लोगो को मतदान के लिए प्रेरित करने पर विस्तार से जानकारी दी गई | महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य राजेश बिलोनिया ने छात्रों को मतदान की शपथ दिलाते हुए भारत में चुनाव पद्धति के एतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे बडी शक्ति हैं और एक-एक मत अमूल्य हैं , स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में सभी को मतदान करना अनिवार्य हैं | एन एस एस प्रभारी डॉ. अनिता गन्ना ने बताया कि महोत्सव के अन्तर्गत विधिवत आयोजन जेसे प्रश्नोत्तरी निबन्ध रंगोली आदि प्रतियोगिता का महाविद्यालय में आयोजन किया जाएगा |धन्यवाद ज्योति जैन ने दिया |1
- गत दिनों कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया के सानिध्य में प्रोफेसर मणिलाल गरासिया के साथ कुछ अन्य लोगों के कांग्रेस में शामिल होने की बात झूठी है। यह दावा भारत आदिवासी पार्टी के नेताओं ने वीडियो जारी करते हुए कहा है। उन्होंने कहा कि वह तो केवल ड्राइवर हैं और गाड़ी के साथ गए थे और उनको दुपट्टा पहना दिया जबकि हकीकत में वह अभी भी भारत आदिवासी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता है।3
- माही वीरा और माही वीर बांसवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आज बड़ा रामद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में दूरदराज गांवों से आई जरूरतमंद बालिकाओं का सामूहिक कन्यादान संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में संत परम पूज्य संत श्री राम प्रकाश जी महाराज के सान्निध्य में पांच बेटियों का विवाह कराया गया। इसके साथ ही संस्था द्वारा अब तक कुल 53 कन्यादान पूर्ण करने का संकल्प साकार हो गया। बालिकाओं को दहेज स्वरूप पांच साड़ियां, पैंट-शर्ट, बेडशीट, कंबल, श्रृंगार सामग्री, कांटा-बिछुआ सहित आवश्यक गृह उपयोगी सामग्री भेंट की गई। कार्यक्रम की शुरुआत सचिव आशा मित्तल ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए अतिथियों के स्वागत से की। माही वीरा की संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष भुवनेश्वरी मालोत ने “सबकी सेवा–सबको प्यार” के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। माही वीर के सचिव मनोज सेठ ने मानव जीवन का उद्देश्य सेवा और प्रेम को बताया। विशिष्ट अतिथि महेंद्र जी ने बालिकाओं के जीवन में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्य अतिथि संत श्री राम प्रकाश जी महाराज ने आशीर्वचन देते हुए नवविवाहित बेटियों को मंगलमय जीवन का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का आभार अध्यक्ष गीता चौधरी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विमल कोठारी, सुधा तलवाड़िया, कांता भाटी, मनभरी चौधरी, हेमलता ओझा, निकिता दोषी, बीना गुप्ता, संध्या लोकवानी, अनीता रोकडिया, दर्शिका, उषा पोरवाल, मंगला चौबीसा, आशा अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया। जानकारी सचिव आशा मित्तल ने दी।4
- डूंगरपुर। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के गैंजी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब निर्माणाधीन भवन की छत से बाहर निकले लोहे के सरियों पर एक युवक और एक युवती के शव लटके हुए पाए गए। सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। थानाधिकारी भंवर सिंह राठौड़ ने बताया कि सुबह टेलीफोन से सूचना मिली कि स्कूल की नई बन रही इमारत की छत पर सरियों से युवक-युवती के शव लटके हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मृतक युवक की पहचान मनोज (22) पुत्र सुरेश खराड़ी निवासी पाकरोन के रूप में की है। उसके साथ मिली युवती की पहचान गीता (21) पुत्री बदा बारिया निवासी देवगांव, थाना धम्बोला क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दे दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीमलवाड़ा पुलिस उप अधीक्षक मदनलाल विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। मृतक युवक विवाहित था और उसकी एक बेटी भी है। एक फरवरी को वह घर में विवाद के बाद निकला था। उसकी पत्नी ने 17 फरवरी को चौरासी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विद्यालय की प्रधानाचार्या जशोदा कलासुआ ने बताया कि स्कूल का समय सुबह 10 बजे का है तथा वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं, हालांकि बुधवार को कोई परीक्षा निर्धारित नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार दोपहर मृतक युवक का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि युवती के शव का पोस्टमार्टम परिजनों की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सका। गुरुवार को पोस्टमार्टम होने की संभावना जताई गई है।1