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भास्कर एक्सक्लूसिव: गंगापुर सिटी के प्राइवेट बस स्टैंड पर शाम ढलते ही 'नशेडियों का राज' दहशत: रात 8 बजे के बाद स्मैक और गांजे के धुएं में खो जाती है यात्रियों की सुरक्षा; मोबाइल और सामान पर हाथ साफ कर रहे अराजक तत्व ​गंगापुर सिटी {सवाईमाधोपुर} | शहर का प्राइवेट बस स्टैंड इन दिनों यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। यहाँ शाम 8 बजते ही आम मुसाफिरों की जगह नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। स्मैक, गांजा और शराब का सेवन करने वाले ये तत्व न केवल सार्वजनिक स्थान पर नशा करते हैं, बल्कि बाहर से आने वाले यात्रियों के साथ लूटपाट और अभद्रता भी कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राइवेट बस स्टैंड एसोसिएशन ने सवाई माधोपुर एसपी को शिकायत भेजकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। ​ग्राउंड रिपोर्ट: मुसाफिरों में डर, अराजकता का माहौल ​बस स्टैंड एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक नरूका, कुमेर जैमिनी और नासिर खान ने बताया कि बस स्टैंड परिसर अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। नशे की हालत में ये लोग आए दिन झगड़ा करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं। यात्रियों का कहना है कि रात के समय बस से उतरते ही नशेड़ी उनके मोबाइल और बैग छीनने की ताक में रहते हैं। ​° ये हैं एसोसिएशन की 3 प्रमुख मांगें ​नियमित गश्त: बस स्टैंड परिसर के अंदर और आसपास पुलिस की पीसीआर वैन और बीट कांस्टेबलों की गश्त रात 8 बजे से सुबह तक बढ़ाई जाए। ​सख्त कार्रवाई: सार्वजनिक स्थल पर नशा करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लिया जाए। ​सप्लाई चेन पर वार: शहर में अवैध रूप से नशीले पदार्थ बेचने वाले तस्करों पर नकेल कसी जाए ताकि इस गंदगी को जड़ से खत्म किया जा सके। ​शहर की इमेज खराब हो रही है "बाहर से आने वाले यात्री यहाँ खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। इससे शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर गलत संदेश जा रहा है। हमने एसपी साहब को ज्ञापन भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।" — दीपक नरूका, अध्यक्ष, प्राइवेट बस स्टैंड एसोसिएशन ​अगला कदम: एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुलिस प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, शहर के लोग पुलिस अधीक्षक के एक्शन का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट : खैमराज जोशी

1 hr ago
user_Khemraj Joshi
Khemraj Joshi
Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
1 hr ago

भास्कर एक्सक्लूसिव: गंगापुर सिटी के प्राइवेट बस स्टैंड पर शाम ढलते ही 'नशेडियों का राज' दहशत: रात 8 बजे के बाद स्मैक और गांजे के धुएं में खो जाती है यात्रियों की सुरक्षा; मोबाइल और सामान पर हाथ साफ कर रहे अराजक तत्व ​गंगापुर सिटी {सवाईमाधोपुर} | शहर का प्राइवेट बस स्टैंड इन दिनों यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। यहाँ शाम 8 बजते ही आम मुसाफिरों की जगह नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। स्मैक, गांजा और शराब का सेवन करने वाले ये तत्व न केवल सार्वजनिक स्थान पर नशा करते हैं, बल्कि बाहर से आने वाले यात्रियों के साथ लूटपाट और अभद्रता भी कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राइवेट बस स्टैंड एसोसिएशन ने सवाई माधोपुर एसपी को शिकायत भेजकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। ​ग्राउंड रिपोर्ट: मुसाफिरों में डर, अराजकता का माहौल ​बस स्टैंड एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक नरूका, कुमेर जैमिनी और नासिर खान ने बताया कि बस स्टैंड परिसर अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। नशे की हालत में ये लोग आए दिन झगड़ा करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं। यात्रियों का कहना है कि रात के समय बस से उतरते ही नशेड़ी उनके मोबाइल और बैग छीनने की ताक में रहते हैं। ​° ये हैं एसोसिएशन की 3 प्रमुख मांगें ​नियमित गश्त: बस स्टैंड परिसर के अंदर और आसपास पुलिस की पीसीआर वैन और बीट कांस्टेबलों की गश्त रात 8 बजे से सुबह तक बढ़ाई जाए। ​सख्त कार्रवाई: सार्वजनिक स्थल पर नशा करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लिया जाए। ​सप्लाई चेन पर वार: शहर में अवैध रूप से नशीले पदार्थ बेचने वाले तस्करों पर नकेल कसी जाए ताकि इस गंदगी को जड़ से खत्म किया जा सके। ​शहर की इमेज खराब हो रही है "बाहर से आने वाले यात्री यहाँ खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। इससे शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर गलत संदेश जा रहा है। हमने एसपी साहब को ज्ञापन भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।" — दीपक नरूका, अध्यक्ष, प्राइवेट बस स्टैंड एसोसिएशन ​अगला कदम: एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुलिस प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, शहर के लोग पुलिस अधीक्षक के एक्शन का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट : खैमराज जोशी

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  • जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। ​प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर ​इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: ​मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। ​रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। ​आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित ​अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। ​बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। ​सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। ​क्या हम वाकई जागृत हैं? ​"अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" ​निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़
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    जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर
कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है।
​प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर
​इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया:
​मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया।
​रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया।
​आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित
​अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है।
​बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई।
​सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है।
​क्या हम वाकई जागृत हैं?
​"अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।"
​निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है।
ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • लालसोट बार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण सम्पन्न लालसोट। न्यायालय परिसर में मंगलवार को बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ‘निर्झरना’ ने टीम के साथ कार्यभार संभाला। मुख्य अतिथि निरीक्षण न्यायाधीपति गणेशराम मीणा, अध्यक्षता सांसद मुरारीलाल मीणा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में केशव कौशिक व विधायक रामविलास मीणा मौजूद रहे। अध्यक्ष शर्मा ने बार-बेंच समन्वय और अधिवक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता बताया।
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    लालसोट बार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण सम्पन्न
लालसोट। न्यायालय परिसर में मंगलवार को बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ‘निर्झरना’ ने टीम के साथ कार्यभार संभाला।
मुख्य अतिथि निरीक्षण न्यायाधीपति गणेशराम मीणा, अध्यक्षता सांसद मुरारीलाल मीणा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में केशव कौशिक व विधायक रामविलास मीणा मौजूद रहे।
अध्यक्ष शर्मा ने बार-बेंच समन्वय और अधिवक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता बताया।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • दौसा। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, दौसा द्वारा आज महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा व जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान महिला कॉलेज, इंपीरियल इंटरनेशनल स्कूल, चुंगी क्षेत्र एवं नेहरू पार्क गुप्तेश्वर मंदिर में महिलाओं व छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं व छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानून संबंधी अधिकारों एवं पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें राजकोप सिटिजन ऐप के उपयोग के बारे में बताया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन, सड़क सुरक्षा, आत्म सुरक्षा के उपाय तथा महिला हेल्पलाइन 1090/1091 व पुलिस कंट्रोल रूम 112 के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके। इस अवसर पर महिलाओं को महिला डेस्क, ऑपरेशन गरिमा, ऑपरेशन लाडली, सुरक्षा सखी अभियान एवं ऑपरेशन जागृति के बारे में भी अवगत कराया गया तथा बताया गया कि इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस निरंतर प्रयासरत है। इसके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच–बैड टच तथा पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देकर बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। दौसा पुलिस द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं व छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित व सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
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    दौसा। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, दौसा द्वारा आज महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा व जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान महिला कॉलेज, इंपीरियल इंटरनेशनल स्कूल, चुंगी क्षेत्र एवं नेहरू पार्क गुप्तेश्वर मंदिर में महिलाओं व छात्राओं को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं व छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानून संबंधी अधिकारों एवं पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें राजकोप सिटिजन ऐप के उपयोग के बारे में बताया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन, सड़क सुरक्षा, आत्म सुरक्षा के उपाय तथा महिला हेल्पलाइन 1090/1091 व पुलिस कंट्रोल रूम 112 के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके।
इस अवसर पर महिलाओं को महिला डेस्क, ऑपरेशन गरिमा, ऑपरेशन लाडली, सुरक्षा सखी अभियान एवं ऑपरेशन जागृति के बारे में भी अवगत कराया गया तथा बताया गया कि इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस निरंतर प्रयासरत है।
इसके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच–बैड टच तथा पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देकर बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
दौसा पुलिस द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं व छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित व सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by Yogesh Kumar Gupta
    1
    Post by Yogesh Kumar Gupta
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • Post by Anil Kumar journalist
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    Post by Anil Kumar journalist
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    36 min ago
  • बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे। इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
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    बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे।
इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
    user_अमर चन्द बैरवा
    अमर चन्द बैरवा
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    1 hr ago
  • प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
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    प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में  लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    9 hrs ago
  • Post by Yogesh Kumar Gupta
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    Post by Yogesh Kumar Gupta
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
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