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dukaan khatre mein hai dukaan khatre mein meri request aise jald se jald kamyab Karen

19 hrs ago
user_Mmajied545
Mmajied545
Photographer छासाना, रियासी, जम्मू और कश्मीर•
19 hrs ago

dukaan khatre mein hai dukaan khatre mein meri request aise jald se jald kamyab Karen

  • user_Mirza Hussain
    Mirza Hussain
    पौनी, रियासी, जम्मू और कश्मीर
    💘💘💘
    13 hrs ago
More news from Himachal Pradesh and nearby areas
  • चंबा, 21 फरवरी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के चंबा पहुंचने पर परिधि गृह में विधायक नीरज नैय्यर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, उपनिदेशक स्कूल शिक्षा विकास महाजन, विभिन्न जिला अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। रोहित ठाकुर ने इस दौरान प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जिला चंबा में की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का धरातल पर आकलन कर भविष्य में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कम नामांकन वाले विद्यालयों में की जा रही युक्तिकरण प्रक्रिया शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि गत 10 वर्षों के दौरान देशभर में लगभग 90 हजार विद्यालयों का युक्तिकरण किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संसाधनों का पूर्ण एवं प्रभावी सदुपयोग सुनिश्चित करना है। साथ में उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में युक्तिकरण किए गए अधिकांश विद्यालयों में नामांकन शून्य अथवा कम था। विद्यालयों का युक्तिकरण निर्धारित मानकों को आधार बनाकर किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों का समुचित उपयोग करने से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। उन्होंने इस दौरान लोगों की विभिन्न समस्याओं का भी समाधान किया। शिक्षा मंत्री को इस दौरान विभिन्न संगठनों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सम्मानित भी किया।
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    चंबा, 21 फरवरी
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के चंबा पहुंचने पर परिधि गृह में विधायक नीरज नैय्यर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, उपनिदेशक स्कूल शिक्षा विकास महाजन, विभिन्न जिला अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया।
रोहित ठाकुर ने इस दौरान प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जिला चंबा में की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का   धरातल पर आकलन  कर  भविष्य में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर  विचार किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कम नामांकन वाले विद्यालयों में की जा रही युक्तिकरण प्रक्रिया शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गत 10 वर्षों के दौरान देशभर में लगभग 90 हजार विद्यालयों का युक्तिकरण किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संसाधनों का पूर्ण एवं प्रभावी सदुपयोग सुनिश्चित करना है।
साथ  में उन्होंने  बताया कि वर्तमान में प्रदेश में युक्तिकरण किए गए अधिकांश विद्यालयों में नामांकन शून्य अथवा  कम था। विद्यालयों का युक्तिकरण निर्धारित मानकों को आधार बनाकर किया गया है।
उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि    संसाधनों का  समुचित उपयोग करने से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। 
उन्होंने इस दौरान   लोगों की विभिन्न समस्याओं का भी समाधान किया। 
शिक्षा मंत्री को इस दौरान  विभिन्न संगठनों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सम्मानित भी किया।
    user_Ajay Himachal News
    Ajay Himachal News
    Chamba, Himachal Pradesh•
    10 hrs ago
  • Post by Dishant Bramnhotra
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    Post by Dishant Bramnhotra
    user_Dishant Bramnhotra
    Dishant Bramnhotra
    Salesperson Chamba, Himachal Pradesh•
    11 hrs ago
  • ग्राम पंचायत बरौर के गांव छमैरी के 36 वर्षीय युवक की हुई मौत परिजनों ने जताया हत्या का शक
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    ग्राम पंचायत बरौर के  गांव छमैरी के 36 वर्षीय युवक की हुई मौत परिजनों ने जताया हत्या का शक
    user_Alladitta
    Alladitta
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • चंबा : सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल में दूर-दराज से पर्यटक पहुंच रहे हैं। खास तौर पर Kolkata से आए पर्यटक सुमन और तानिया ने यहां की हसीन वादियों और आयोजन को लेकर अपने अनुभव साझा किए। दोनों ने बताया कि सलूणी की प्राकृतिक सुंदरता और फेस्टिवल का माहौल उनके लिए अविस्मरणीय बन गया है। वाइस ओवर .....सुमन  कोलकाता से आए पर्यटक सुमन ने बताया कि वह पहली बार सलूणी आए हैं और यहां की शांत, स्वच्छ और प्राकृतिक वादियों ने उनका मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके दौरे के दौरान यहां विंटर लेक फेस्टिवल भी आयोजित किया जा रहा है। फेस्टिवल में स्थानीय लोक संस्कृति, संगीत और सजावट ने उनके अनुभव को और भी खास बना दिया। सुमन ने उपमंडल प्रशासन सलूणी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को हिमाचल की समृद्ध संस्कृति से भी रूबरू करवाते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने शहर लौटकर यहां के अनुभव को जरूर साझा करेंगे। वाइस ओवर.....तानिया  पर्यटक तानिया ने बताया कि सलूणी की वादियों की खूबसूरती शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। बर्फ से ढकी चोटियां, झील का शांत वातावरण और फेस्टिवल की रौनक ने उनके सफर को बेहद खास बना दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सुखद आश्चर्य था कि घूमने के साथ-साथ उन्हें यहां एक भव्य आयोजन भी देखने को मिला। तानिया ने कहा कि उपमंडल प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि पर्यटकों के लिए हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। उन्होंने भविष्य में दोबारा सलूणी आने की इच्छा भी जताई। विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से सलूणी क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। बाइट सुमन पर्यटक कोलकाता। बाइट तानिया पर्यटक कोलकाता।
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    चंबा : सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल में दूर-दराज से पर्यटक पहुंच रहे हैं। खास तौर पर Kolkata से आए पर्यटक सुमन और तानिया ने यहां की हसीन वादियों और आयोजन को लेकर अपने अनुभव साझा किए। दोनों ने बताया कि सलूणी की प्राकृतिक सुंदरता और फेस्टिवल का माहौल उनके लिए अविस्मरणीय बन गया है।
वाइस ओवर .....सुमन 
कोलकाता से आए पर्यटक सुमन ने बताया कि वह पहली बार सलूणी आए हैं और यहां की शांत, स्वच्छ और प्राकृतिक वादियों ने उनका मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके दौरे के दौरान यहां विंटर लेक फेस्टिवल भी आयोजित किया जा रहा है। फेस्टिवल में स्थानीय लोक संस्कृति, संगीत और सजावट ने उनके अनुभव को और भी खास बना दिया।
सुमन ने उपमंडल प्रशासन सलूणी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को हिमाचल की समृद्ध संस्कृति से भी रूबरू करवाते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने शहर लौटकर यहां के अनुभव को जरूर साझा करेंगे।
वाइस ओवर.....तानिया 
पर्यटक तानिया ने बताया कि सलूणी की वादियों की खूबसूरती शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। बर्फ से ढकी चोटियां, झील का शांत वातावरण और फेस्टिवल की रौनक ने उनके सफर को बेहद खास बना दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सुखद आश्चर्य था कि घूमने के साथ-साथ उन्हें यहां एक भव्य आयोजन भी देखने को मिला।
तानिया ने कहा कि उपमंडल प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि पर्यटकों के लिए हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। उन्होंने भविष्य में दोबारा सलूणी आने की इच्छा भी जताई।
विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से सलूणी क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
बाइट सुमन पर्यटक कोलकाता।
बाइट तानिया पर्यटक कोलकाता।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    21 hrs ago
  • पांगी (चंबा) – जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी की ग्राम पंचायत कुलाल के दो वार्ड आज भी विभागीय अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। करीब 1000 से 1200 की आबादी को अपने ही गांव तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने मिंधल जीरो से कुलाल पुल तक लगभग दो किलोमीटर सड़क का निर्माण तो कर दिया है, जहां तक वाहन भी पहुंचते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में नालों में जमे ग्लेशियर और भूस्खलन के कारण यह सड़क बंद पड़ी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने अब तक मार्ग बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इन दिनों पांगी घाटी में पारंपरिक जुकारू पर्व की धूम है। लोग एक गांव से दूसरे गांव अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मिलने जा रहे हैं। ऐसे में कुलाल पंचायत के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी पढ़ाई के लिए इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पार करते समय दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक ओर बड़ी-बड़ी चट्टानों पर चलकर सड़क पार करनी पड़ती है, तो दूसरी ओर पहाड़ियों से गिरते पत्थरों का खतरा हर समय बना रहता है। कई स्थानों पर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक से शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे
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    पांगी (चंबा) – जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी की ग्राम पंचायत कुलाल के दो वार्ड आज भी विभागीय अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। करीब 1000 से 1200 की आबादी को अपने ही गांव तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने मिंधल जीरो से कुलाल पुल तक लगभग दो किलोमीटर सड़क का निर्माण तो कर दिया है, जहां तक वाहन भी पहुंचते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में नालों में जमे ग्लेशियर और भूस्खलन के कारण यह सड़क बंद पड़ी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने अब तक मार्ग बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
इन दिनों पांगी घाटी में पारंपरिक जुकारू पर्व की धूम है। लोग एक गांव से दूसरे गांव अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मिलने जा रहे हैं। ऐसे में कुलाल पंचायत के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी पढ़ाई के लिए इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पार करते समय दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक ओर बड़ी-बड़ी चट्टानों पर चलकर सड़क पार करनी पड़ती है, तो दूसरी ओर पहाड़ियों से गिरते पत्थरों का खतरा हर समय बना रहता है। कई स्थानों पर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक से शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    Book Shop पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    39 min ago
  • पांगी लोक निर्माण विभाग कुलाल गांव के लिए सड़क खोलना भूल गई, लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर।
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    पांगी लोक निर्माण विभाग कुलाल गांव के लिए सड़क खोलना भूल गई, लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर।
    user_Surender Thakur
    Surender Thakur
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • चम्बा जिले के हि,प्रदेश की सुरम्य वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में आज से तीन दिवसीय “विंटर लेक फेस्टिवल” का भव्य शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा जिला के सलूणी उपमंडल में स्थित यह रमणीय स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले ही प्रसिद्ध है, और अब इस महोत्सव के आयोजन से इसकी पहचान और भी व्यापक होने जा रही है। प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम चंबा की पहाड़ियों के बीच, चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय के किनारे और माता भद्रकाली भलेई मंदिर के चरणों में बसी यह मनमोहक झील सैलानियों को स्वर्ग जैसा अनुभव कराती है। चारों ओर हरियाली से ढकी पर्वत श्रृंखलाएँ, नीले पानी की लहरें और उन पर तैरती नौकाएँ — यह दृश्य हर आगंतुक के मन में बस जाता है। लेजर शो में भगवान शंकर की अद्भुत झलक फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की भव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों की महक तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारोबारियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। टूरिस्ट ने तलेरू में आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। यहां पहुंचकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से बाहर से आने वाले सैलानियों को और अधिक मनोरंजन व सांस्कृतिक अनुभव मिलते हैं। उन्होंने चंबा को बेहद सुंदर पर्यटन स्थल बताते हुए यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की एसडीएम सलूणी ने बताया कि यह तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक ही सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों का भी रुख करें। रोजगार का सशक्त माध्यम तलेरू वोटिंग पॉइंट केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि सैकड़ों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम भी बन चुका है। यहां चाय की दुकानें, फास्ट फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
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    चम्बा जिले के हि,प्रदेश की सुरम्य वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में आज से तीन दिवसीय “विंटर लेक फेस्टिवल” का भव्य शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा जिला के सलूणी उपमंडल में स्थित यह रमणीय स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले ही प्रसिद्ध है, और अब इस महोत्सव के आयोजन से इसकी पहचान और भी व्यापक होने जा रही है।
प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम
चंबा की पहाड़ियों के बीच, चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय के किनारे और माता भद्रकाली भलेई मंदिर के चरणों में बसी यह मनमोहक झील सैलानियों को स्वर्ग जैसा अनुभव कराती है। चारों ओर हरियाली से ढकी पर्वत श्रृंखलाएँ, नीले पानी की लहरें और उन पर तैरती नौकाएँ — यह दृश्य हर आगंतुक के मन में बस जाता है। लेजर शो में भगवान शंकर की अद्भुत झलक
फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की भव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।
स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों की महक
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारोबारियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
टूरिस्ट ने तलेरू में आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। यहां पहुंचकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से बाहर से आने वाले सैलानियों को और अधिक मनोरंजन व सांस्कृतिक अनुभव मिलते हैं। उन्होंने चंबा को बेहद सुंदर पर्यटन स्थल बताते हुए यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की
एसडीएम सलूणी  ने बताया कि यह तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक ही सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों का भी रुख करें। रोजगार का सशक्त माध्यम
तलेरू वोटिंग पॉइंट केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि सैकड़ों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम भी बन चुका है। यहां चाय की दुकानें, फास्ट फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
    user_Ajay Himachal News
    Ajay Himachal News
    Chamba, Himachal Pradesh•
    16 hrs ago
  • चंबा । उपमंडल सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित सलूणी विंटर लेक फेस्टिवल का रंगारंग आगाज हुआ। रात्रि सांस्कृतिक संध्या में पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सांस्कृतिक संध्या के दौरान हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध गायक काकू राम, नीतीश राजपूत और भावना जरियाल ने अपने शानदार गीतों से समां बांध दिया। पहाड़ी, फिल्मी और पंजाबी गानों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए। स्थानीय हिमाचली कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने भाग लिया और तलेरू बोटिंग प्वाइंट रोशनी व संगीत से गुलजार रहा। मीडिया से बातचीत में आशा कुमारी ने उपमंडल प्रशासन सलूणी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को सफल बनाने का आश्वासन दिया। विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्र की लोक संस्कृति, कला और पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बाइट आशा कुमारी पूर्व शिक्षा मंत्री।
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    चंबा । उपमंडल सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित सलूणी विंटर लेक फेस्टिवल का रंगारंग आगाज हुआ। रात्रि सांस्कृतिक संध्या में पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध गायक काकू राम, नीतीश राजपूत और भावना जरियाल ने अपने शानदार गीतों से समां बांध दिया। पहाड़ी, फिल्मी और पंजाबी गानों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए। स्थानीय हिमाचली कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने भाग लिया और तलेरू बोटिंग प्वाइंट रोशनी व संगीत से गुलजार रहा।
मीडिया से बातचीत में आशा कुमारी ने उपमंडल प्रशासन सलूणी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को सफल बनाने का आश्वासन दिया।
विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्र की लोक संस्कृति, कला और पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बाइट आशा कुमारी पूर्व शिक्षा मंत्री।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    21 hrs ago
  • Post by Alladitta
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    Post by Alladitta
    user_Alladitta
    Alladitta
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
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