पांगी में विभागीय अनदेखी से जूझ रहे कुलाल पंचायत के दो वार्ड, 1200 आबादी जोखिम में सफर करने को मजबूर #मुख्यमंत्रीहिमाचल #लोकनिर्माणमंत्री #केंद्रीयजनजातीयमंत्री #पांगीघाटी #कुलालपंचायत #सड़कबहालकरो #जनजातीयक्षेत्र_की_अनदेखी #पांगीकीआवाज़ #हिमाचलसरकार। पांगी (चंबा) – जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी की ग्राम पंचायत कुलाल के दो वार्ड आज भी विभागीय अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। करीब 1000 से 1200 की आबादी को अपने ही गांव तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने मिंधल जीरो से कुलाल पुल तक लगभग दो किलोमीटर सड़क का निर्माण तो कर दिया है, जहां तक वाहन भी पहुंचते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में नालों में जमे ग्लेशियर और भूस्खलन के कारण यह सड़क बंद पड़ी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने अब तक मार्ग बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इन दिनों पांगी घाटी में पारंपरिक जुकारू पर्व की धूम है। लोग एक गांव से दूसरे गांव अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मिलने जा रहे हैं। ऐसे में कुलाल पंचायत के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी पढ़ाई के लिए इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पार करते समय दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक ओर बड़ी-बड़ी चट्टानों पर चलकर सड़क पार करनी पड़ती है, तो दूसरी ओर पहाड़ियों से गिरते पत्थरों का खतरा हर समय बना रहता है। कई स्थानों पर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक से शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे
पांगी में विभागीय अनदेखी से जूझ रहे कुलाल पंचायत के दो वार्ड, 1200 आबादी जोखिम में सफर करने को मजबूर #मुख्यमंत्रीहिमाचल #लोकनिर्माणमंत्री #केंद्रीयजनजातीयमंत्री #पांगीघाटी #कुलालपंचायत #सड़कबहालकरो #जनजातीयक्षेत्र_की_अनदेखी #पांगीकीआवाज़ #हिमाचलसरकार। पांगी (चंबा) – जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी की ग्राम पंचायत कुलाल के दो वार्ड आज भी विभागीय अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। करीब 1000 से 1200 की आबादी को अपने ही गांव तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने मिंधल जीरो से कुलाल पुल तक लगभग दो किलोमीटर सड़क का निर्माण तो कर दिया है, जहां तक वाहन भी पहुंचते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में नालों में जमे ग्लेशियर और भूस्खलन के कारण यह सड़क बंद पड़ी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने अब तक मार्ग बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इन दिनों पांगी घाटी में पारंपरिक जुकारू पर्व की धूम है। लोग एक गांव से दूसरे गांव अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मिलने जा रहे हैं। ऐसे में कुलाल पंचायत के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी पढ़ाई के लिए इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पार करते समय दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक ओर बड़ी-बड़ी चट्टानों पर चलकर सड़क पार करनी पड़ती है, तो दूसरी ओर पहाड़ियों से गिरते पत्थरों का खतरा हर समय बना रहता है। कई स्थानों पर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक से शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे
- पांगी (चंबा) – जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी की ग्राम पंचायत कुलाल के दो वार्ड आज भी विभागीय अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। करीब 1000 से 1200 की आबादी को अपने ही गांव तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर पैदल सफर करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने मिंधल जीरो से कुलाल पुल तक लगभग दो किलोमीटर सड़क का निर्माण तो कर दिया है, जहां तक वाहन भी पहुंचते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में नालों में जमे ग्लेशियर और भूस्खलन के कारण यह सड़क बंद पड़ी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने अब तक मार्ग बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इन दिनों पांगी घाटी में पारंपरिक जुकारू पर्व की धूम है। लोग एक गांव से दूसरे गांव अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मिलने जा रहे हैं। ऐसे में कुलाल पंचायत के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी पढ़ाई के लिए इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पार करते समय दोहरी मार झेलनी पड़ती है। एक ओर बड़ी-बड़ी चट्टानों पर चलकर सड़क पार करनी पड़ती है, तो दूसरी ओर पहाड़ियों से गिरते पत्थरों का खतरा हर समय बना रहता है। कई स्थानों पर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक से शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे1
- पांगी लोक निर्माण विभाग कुलाल गांव के लिए सड़क खोलना भूल गई, लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर।1
- चंबा, 21 फरवरी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के चंबा पहुंचने पर परिधि गृह में विधायक नीरज नैय्यर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, उपनिदेशक स्कूल शिक्षा विकास महाजन, विभिन्न जिला अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। रोहित ठाकुर ने इस दौरान प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जिला चंबा में की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का धरातल पर आकलन कर भविष्य में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कम नामांकन वाले विद्यालयों में की जा रही युक्तिकरण प्रक्रिया शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि गत 10 वर्षों के दौरान देशभर में लगभग 90 हजार विद्यालयों का युक्तिकरण किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संसाधनों का पूर्ण एवं प्रभावी सदुपयोग सुनिश्चित करना है। साथ में उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में युक्तिकरण किए गए अधिकांश विद्यालयों में नामांकन शून्य अथवा कम था। विद्यालयों का युक्तिकरण निर्धारित मानकों को आधार बनाकर किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों का समुचित उपयोग करने से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। उन्होंने इस दौरान लोगों की विभिन्न समस्याओं का भी समाधान किया। शिक्षा मंत्री को इस दौरान विभिन्न संगठनों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सम्मानित भी किया।1
- Post by Dishant Bramnhotra1
- ग्राम पंचायत बरौर के गांव छमैरी के 36 वर्षीय युवक की हुई मौत परिजनों ने जताया हत्या का शक1
- चंबा : सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल में दूर-दराज से पर्यटक पहुंच रहे हैं। खास तौर पर Kolkata से आए पर्यटक सुमन और तानिया ने यहां की हसीन वादियों और आयोजन को लेकर अपने अनुभव साझा किए। दोनों ने बताया कि सलूणी की प्राकृतिक सुंदरता और फेस्टिवल का माहौल उनके लिए अविस्मरणीय बन गया है। वाइस ओवर .....सुमन कोलकाता से आए पर्यटक सुमन ने बताया कि वह पहली बार सलूणी आए हैं और यहां की शांत, स्वच्छ और प्राकृतिक वादियों ने उनका मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके दौरे के दौरान यहां विंटर लेक फेस्टिवल भी आयोजित किया जा रहा है। फेस्टिवल में स्थानीय लोक संस्कृति, संगीत और सजावट ने उनके अनुभव को और भी खास बना दिया। सुमन ने उपमंडल प्रशासन सलूणी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को हिमाचल की समृद्ध संस्कृति से भी रूबरू करवाते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने शहर लौटकर यहां के अनुभव को जरूर साझा करेंगे। वाइस ओवर.....तानिया पर्यटक तानिया ने बताया कि सलूणी की वादियों की खूबसूरती शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। बर्फ से ढकी चोटियां, झील का शांत वातावरण और फेस्टिवल की रौनक ने उनके सफर को बेहद खास बना दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सुखद आश्चर्य था कि घूमने के साथ-साथ उन्हें यहां एक भव्य आयोजन भी देखने को मिला। तानिया ने कहा कि उपमंडल प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि पर्यटकों के लिए हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। उन्होंने भविष्य में दोबारा सलूणी आने की इच्छा भी जताई। विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से सलूणी क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। बाइट सुमन पर्यटक कोलकाता। बाइट तानिया पर्यटक कोलकाता।1
- Champions Academy में आप का स्वागत है1
- चम्बा छमेरी गांव में मिला संदिग्ध परिस्थितियों व्यक्ति का श/व सुरेंद्र ठाकुर चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर के चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। सड़क निर्माण की पुरजोर मांग को लेकर जहां कई ग्रामीण समर्थन में थे, वहीं कुछ स्थानीय लोग इस पहल से असहमत बताए जा रहे हैं। इसी बीच युवक सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के विरोध से जुड़े कुछ लोगों ने ही सोनू की हत्या की है। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और विश्वास बना रहे।1