सुलतानपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने जनपद में शांति, सुरक्षा एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए समस्त जनपद वासियों से विनम्र अपील की है। अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री बृजनारायण सिंह ने कहा है कि यदि किसी को अपनी बात या मांग रखनी है, तो उसे केवल शांतिपूर्ण और वैधानिक माध्यम से समुचित रूप से विधिक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही रखें। कानून का पालन करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने ताकीद की है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम या अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री को पोस्ट, शेयर या प्रसारित न करें। किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे बढ़ाएं। जनपद सुलतानपुर में धारा-163 (BNSS) (पूर्व धारा-144 Cr PC) दिनांक 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सुलतानपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने जनपद में शांति, सुरक्षा एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए समस्त जनपद वासियों से विनम्र अपील की है। अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री बृजनारायण सिंह ने कहा है कि यदि किसी को अपनी बात या मांग रखनी है, तो उसे केवल शांतिपूर्ण और वैधानिक माध्यम से समुचित रूप से विधिक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही रखें। कानून का पालन करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने ताकीद की है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम या अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री को पोस्ट, शेयर या प्रसारित न करें। किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे बढ़ाएं। जनपद सुलतानपुर में धारा-163 (BNSS) (पूर्व धारा-144 Cr PC) दिनांक 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- सुलतानपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने जनपद में शांति, सुरक्षा एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए समस्त जनपद वासियों से विनम्र अपील की है। अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री बृजनारायण सिंह ने कहा है कि यदि किसी को अपनी बात या मांग रखनी है, तो उसे केवल शांतिपूर्ण और वैधानिक माध्यम से समुचित रूप से विधिक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही रखें। कानून का पालन करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने ताकीद की है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम या अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा समाज में वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री को पोस्ट, शेयर या प्रसारित न करें। किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे बढ़ाएं। जनपद सुलतानपुर में धारा-163 (BNSS) (पूर्व धारा-144 Cr PC) दिनांक 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सुल्तानपुर की इसौली विधानसभा क्षेत्र स्थित हसनपुर ग्राम सभा के पश्चिम दरवाजा मोहल्ले में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की समस्या को लेकर अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। मोहल्ले की मुख्य सड़क पर धान की रोपाई करके ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन के प्रति अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की। यह सड़क जूनियर हाई स्कूल से होते हुए पश्चिम दरवाजा फिरोजपुर तक जाती है। लंबे समय से खराब पड़ी इस सड़क की मरम्मत न होने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार न होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने "जब तक रोड नहीं, तब तक वोट नहीं" के नारे लगाए और स्पष्ट किया कि जब तक सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, वे आगामी चुनावों में मतदान नहीं करेंगे।1
- सुल्तानपुर के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भदैया ब्लॉक के कुच मुछ बरगदवा में सूचना मिलने पर प्रतिबंधित वृक्ष की कटान रोकने पहुंचे वन रक्षक ज्ञान सिंह यादव के साथ ठेकेदार शोभनाथ निसाद ने गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई भी एक्शन न लिए जाने से वन रक्षक के हौसले स्वयं पस्त हो रहे हैं। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि अकेला वन रक्षक खुद को सुरक्षित रखे या प्रकृति की रक्षा करे, क्योंकि जब वन रक्षक ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो वनों की सुरक्षा कैसे संभव होगी। प्रकृति को उजाड़ने वाले लकड़ी ठेकेदारों और जंगल माफिया में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है और वे किसी भी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार रहते हैं। अधिकारियों की बेरुखी के बीच अकेले वन रक्षक के लिए प्रकृति को संरक्षण देना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।1
- सुलतानपुर में 22 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राओं पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, आँसू गैस के प्रयोग और अभद्रता के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। मोस्ट प्रदेश निर्णायक कमेटी के बाबू रज्जन प्रसाद के नेतृत्व में एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया को यह ज्ञापन सौंपा गया। यह कदम प्रतियोगी छात्रों के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी तथा सरकार की बर्बरता के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने के लिए उठाया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नागरिकों द्वारा चुनी गई मोदी सरकार के बर्बर कृत्य से जनता का विश्वास उठ चुका है, इसलिए इस सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। इसके साथ ही पेपर लीक के सदमे से जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने, लाठीचार्ज में घायल विद्यार्थियों के मुफ्त इलाज और समुचित मुआवजे की मांग की गई है। ज्ञापन में लाठीचार्ज के विरोध में धरने पर बैठे अखिलेश यादव तथा गिरफ्तार किए गए अन्य विपक्षी नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने और संविधान के अनुसार काम करने में सक्षम व समर्पित सरकार के गठन की मांग रखी गई है। ज्ञापन देने के दौरान मोस्ट के प्रदेश प्रमुख ज़ीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, जिला संयोजक राकेश निषाद, महिला विंग की जिला प्रमुख नंदनी बौद्ध, जिला सचिव आरती बौद्ध, मंजू निषाद, पूनम बौद्ध, स्वर्णलता बौद्ध, मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र निषाद, प्रेम निषाद (राइडर), कैप्टन मोस्ट रक्षक दल रोहित निषाद, इंद्रजीत निषाद, कृष्ण कुमार, सुग्रीव निषाद, दीपक निषाद, धर्मेन्द्र निषाद, विनोद कुमार, रमाकांत यादव और अजय सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।4
- समाज में बढ़ती अनैतिकता, छल-कपट और अन्याय के बीच यह संदेश आज भी अत्यंत प्रासंगिक है कि कोई भी व्यक्ति बुरा कर्म करके उसके दुष्परिणामों से नहीं बच सकता। इंसान भले ही कुछ समय के लिए दुनिया की नजरों से छिप जाए, लेकिन ईश्वर से कुछ भी छिपा नहीं रहता। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। अच्छे कर्म जीवन में सम्मान, सुख और शांति लाते हैं, जबकि बुरे कर्म अंततः दुःख, अपमान और पछतावे का कारण बनते हैं। इसलिए सत्य, ईमानदारी और मानवता के मार्ग पर चलना ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता है। जनहित में जारी यह संदेश स्पष्ट रूप से चेतावनी देता है कि बुरा कर्म करके इंसान कहीं नहीं छिप सकता क्योंकि भगवान सब कुछ देख रहा है। भविष्य में पछतावे से बचने के लिए कोई भी गलत कार्य न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि अच्छे कर्म ही मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान और पूंजी हैं।1
- अमेठी के कोतवाली क्षेत्र में पड़ोसियों पर मासूम बच्चों के साथ मारपीट, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। स्थानीय स्तर पर उचित कार्रवाई न होने के कारण पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद से बच्चे बेहद भयभीत हैं और विरोध करने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकाया गया। पीड़ित परिवार ने एसपी से मांग की है कि मासूम बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।1
- सुलतानपुर के चांदा थाना क्षेत्र स्थित कोथरा खुर्द गांव में खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन का तार बीते कई महीनों से नीचे लटका हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार खेत की सतह से तार की ऊंचाई महज चार फीट के आसपास रह गई है, जिससे किसानों, खेतिहर मजदूरों और राहगीरों के लिए हर समय हादसों का खतरा बना हुआ है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) और संबंधित कर्मचारियों को जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। हाल ही में चांदा और लंभुआ समेत जिले के कई हिस्सों में करंट लगने से मौतों और घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद विभाग संभावित हादसों को लेकर सतर्कता नहीं दिखा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों की ढिलाई से प्रशासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। बारिश के मौसम में ढीले तारों से बड़ी दुर्घटना की आशंका जताते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से इसे तत्काल ठीक कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।4
- सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। बुधवार शाम 5 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टॉप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकाली। जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकता, कार्यकर्ताओं ने अर्थी को आग के हवाले कर दिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सपा के जिला सचिव मोहम्मद अब्बास ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में लगातार हो रही धांधली से छात्र बेहद परेशान हैं और जंतर-मंतर पर उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ही यह पुतला दहन किया गया है। अब्बास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों और बिना नेम प्लेट के पहुंचे लोग पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता थे और यह भाजपा की पूरी तरह से रची गई साजिश थी। जब अब्बास से पूछा गया कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से धांधली रुक जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह सरकार सुधरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 2027 में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, तब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता। अब्बास ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1