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पटना जिले के दुलहिन बाजार अंतर्गत संलहरी और सिलाडी गांव में स्थानीय लोगों को पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नल-जल आपूर्ति को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन स्थानीय मुखिया और सरपंच द्वारा अब तक उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता नहीं प्रदान की गई है। गांव में दो नल-जल होने के बावजूद वहां किसी भी प्रकार का सुचारू कार्य नहीं हो रहा है। वर्तमान में केवल एक ही नल-जल चालू रहता है, जो तय समय पर ही चालू और बंद होता है, जिससे स्थानीय लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है और वे बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस पानी की विकट समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और सहायता पहुंचाने की मांग की है।
SUNNY KUMAR JATAV
पटना जिले के दुलहिन बाजार अंतर्गत संलहरी और सिलाडी गांव में स्थानीय लोगों को पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नल-जल आपूर्ति को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन स्थानीय मुखिया और सरपंच द्वारा अब तक उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता नहीं प्रदान की गई है। गांव में दो नल-जल होने के बावजूद वहां किसी भी प्रकार का सुचारू कार्य नहीं हो रहा है। वर्तमान में केवल एक ही नल-जल चालू रहता है, जो तय समय पर ही चालू और बंद होता है, जिससे स्थानीय लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है और वे बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस पानी की विकट समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और सहायता पहुंचाने की मांग की है।
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- बिहार में लालू प्रसाद यादव आईजीआईएमएस (IGIMS) में चेकअप कराने के बाद अपने घर लौट आए हैं। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी है।1
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- बिहटा में एनडीआरएफ (NDRF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। टीम ने 300 फीट गहरे बोरवेल से एक मासूम को सुरक्षित और जिंदा बाहर निकाला है। इस शानदार रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देकर बिहटा NDRF ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।1
- बिहार के अरवल सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद भड़की घटना को भाकपा–माले ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। भाकपा-माले का आरोप है कि इस दुखद घटना की आड़ में पूर्व विधायक का. महानंद सिंह को झूठे मुकदमे में फंसाने की राजनीतिक साजिश रची जा रही है, जो पूरी तरह तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण है। पार्टी के अनुसार, महिला की मृत्यु की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक का. महानंद सिंह शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाने अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने सिविल सर्जन से फोन पर चर्चा के लिए आने का आग्रह किया था, लेकिन सिविल सर्जन अपने कक्ष के बजाय सीधे आक्रोशित भीड़ के बीच पहुंच गए। इसी अफरा-तफरी के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ अराजक और असामाजिक तत्वों ने सिविल सर्जन को धक्का दे दिया, जिससे वे गिर पड़े और उन्हें चोटें आईं। भाकपा–माले ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि इस घटना से पूर्व विधायक या उनके समर्थकों का कोई लेना-देना नहीं है। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि महानंद सिंह भीड़ को शांत कराने और संयम बरतने की अपील कर रहे थे। भाकपा–माले का कहना है कि भाजपा के इशारे पर प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर जनप्रतिनिधियों और जनआंदोलनों को दबाया जा रहा है। इसके अलावा, पार्टी ने अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर करते हुए बताया कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के प्रभारी को 15 दिन पहले कार्यमुक्त कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने अब तक प्रभार नहीं सौंपा था, जिससे समन्वय और चिकित्सकीय व्यवस्था प्रभावित हुई। पार्टी ने महिला की मौत की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अस्पताल कर्मचारियों पर कार्रवाई, पूर्व विधायक पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस लेने और सिविल सर्जन को धक्का देने वाले असली आरोपी की पहचान करने की मांग की है। इस संबंध में जल्द ही वामपंथी और महागठबंधन नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मुलाकात करेगा। संवाददाता सम्मेलन को पार्टी के जोन प्रभारी कुमार परवेज, पूर्व विधायक का. महानंद सिंह, जिला सचिव जितेंद्र यादव और युवा नेता सुएब आलम ने संबोधित किया।1
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