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सिडकुल पुलिस ने निकाली शराबियों की बारात, दो दर्जन से ज्यादा लोगों का पुलिस एक्ट में किया चालान।
Dpk Chauhan
सिडकुल पुलिस ने निकाली शराबियों की बारात, दो दर्जन से ज्यादा लोगों का पुलिस एक्ट में किया चालान।
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- शान मुहम्मद नाम के एक मुसलमान रेडिवाले को एक हिंदूवादी दल के सदस्य ने उसकी धार्मिक पहचान की वजह से उसे उत्तराखंड के हरिद्वार इलाके में न घुसने की चेतावनी दी! हरिद्वार, उत्तराखंड : कनखल थाना क्षेत्र का मामला ll उत्तराखंड : हरिद्वार के कनखल में 40 साल से फेरी लगाने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति शानू (शान मोहम्मद) का आरोप है कि 23 फरवरी को जब वह काम पर निकला, तो एक व्यक्ति ने पहले उसका नाम पूछा और मुस्लिम नाम सुनते ही उसे गालियां दी गईं, मोहल्ले से भगा दिया बल्कि अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई। गरीब फेरीवाला शान मोहम्मद अब बुरी तरह डरा हुआ है और उसने थाना अध्यक्ष, कनखल को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।2
- Post by Dpk Chauhan1
- हरिद्वार के कनखल थाने के समीप टेंट हाउस के गोदाम में भीषण आग लगने से अफरा तफरी मच गई। गोदाम में आग की लपटों को देखकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। गुरुवार देर रात अचानक कनखल स्थित गीता टेंट हाउस के गोदाम से धुंआ निकलते देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग को देखकर आसपास के लोग मौके एकत्रित हुए और आग को बुझाने का प्रयास किया। लोगों के प्रयास से आग नहीं बुझ पाई। इसी बीच फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन मायापुर की टीम मौके पर पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया। मौके पर तीन गाड़ियां और बुलानी पड़ी। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इस अग्निकांड में टेंट हाउस का अधिकांश सामान जलकर राख हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। सीएफओ वंश बहादुर यादव ने बताया कि गुरुवार देर रात कनखल थाना क्षेत्र के निकट स्थित गीता टेंट हाउस में आग लगने की सूचना कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही मायापुर फायर स्टेशन से दमकल की एक यूनिट तत्काल मौके के लिए रवाना की गई। घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि दुकान के अंदर आग तेजी से फैल चुकी थी और चारों ओर घना धुआं भर गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मायापुर फायर स्टेशन से दो अतिरिक्त फायर यूनिट मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के साथ आग को फैलने से रोका गया, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया। आग इतनी भीषण थी कि टेंट, कपड़े, सजावटी सामग्री और अन्य उपकरण पूरी तरह जल गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।1
- मेरठ हत्याकांड अपडेट: पत्नी के प्रेमी की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी गिरफ्तार मेरठ (उत्तर प्रदेश): मेरठ जिले के क्षेत्र में पत्नी के कथित प्रेमी की गोली मारकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्को गिरफ्तार कर लिया है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। क्या था मामला जानकारी के अनुसार, मेरठ क्षेत्र निवासी अपनी पत्नी के कथित प्रेम संबंधों को लेकर लंबे समय से नाराज़ चल रहा था। इसी विवाद के चलते उसने बीच बाजार पत्नी के प्रेमी को रोककर गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जबकि हत्या की खबर फैलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया वीडियो बना अहम सबूत बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हत्या की जिम्मेदारी भी स्वीकार की थी। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी अभियान तेज किया। पुलिस ने ऐसे दबोचा आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमों को सक्रिय किया गया। लगातार दबिश और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।1
- रोपवे पर ‘रेस्क्यू रिहर्सल’: आस्था की उड़ान, सुरक्षा का इम्तिहान मनसा देवी–चंडी देवी रोपवे पर आपदा से पहले तैयारी का दमदार प्रदर्शन स्वतंत्र पत्रकार: रामेश्वर गौड़ | हरिद्वार तीर्थ नगरी हरिद्वार की धड़कनों में बसने वाले और रोपवे पर आज सुरक्षा का एक सशक्त संदेश गूंजा। श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही वाले इन दोनों रोपवे मार्गों पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, आर्मी और अन्य राहत दलों ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का व्यापक अभ्यास किया। यह सिर्फ एक औपचारिक अभ्यास नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि आस्था के आकाश में उड़ान भरते समय सुरक्षा की ज़मीन कितनी मजबूत है। “अगर रोपवे थमे तो क्या होगा?”—हर संभावित संकट पर परखा गया तंत्र रोपवे में तकनीकी, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की स्थिति में किस प्रकार त्वरित राहत और बचाव कार्य किया जाए—इसका सजीव प्रदर्शन किया गया। कल्पना की गई कि रोपवे के केबिन हवा में रुक गए हैं, श्रद्धालु अंदर फंसे हैं, नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ है—ऐसे में किस प्रकार टीम भावना, तकनीकी दक्षता और संयम के साथ कार्य करना है, इसका चरणबद्ध अभ्यास हुआ। ऊंचाई पर रस्सियों के सहारे रेस्क्यू केबिन तक सुरक्षित पहुंच बनाना घबराए यात्रियों को प्राथमिक उपचार भीड़ नियंत्रण और वैकल्पिक मार्ग प्रबंधन कंट्रोल रूम से समन्वय और संचार व्यवस्था हर पहलू को वास्तविक परिस्थिति की तरह निभाया गया। टीम वर्क की मिसाल: एसडीआरएफ की फुर्ती, एनडीआरएफ की रणनीति अभ्यास के दौरान एसडीआरएफ की चुस्ती और तकनीकी दक्षता विशेष रूप से उभरकर सामने आई। ऊंचाई पर फंसे यात्रियों तक पहुंचने में उनकी फुर्ती और संतुलन ने दर्शाया कि आपदा के समय सेकंडों की कीमत समझी जाती है। एनडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमों ने सामूहिक रणनीति के तहत ज़मीन से लेकर हवा तक समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया। आर्मी के जवानों ने रस्सी तकनीक और सुरक्षित निकासी प्रक्रिया में सहयोग दिया। उच्च अधिकारियों ने विशेष रूप से एसडीआरएफ के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसी तैयारी ही किसी बड़ी दुर्घटना को त्रासदी बनने से रोक सकती है।” आस्था के साथ सुरक्षा का संतुलन क्यों ज़रूरी? हरिद्वार में पर्व, स्नान और विशेष अवसरों पर रोपवे में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। लाखों श्रद्धालु इन पर्वत शिखरों तक पहुंचने के लिए रोपवे का सहारा लेते हैं। ऐसे में एक छोटी सी तकनीकी चूक भी बड़ी चुनौती बन सकती है। इसलिए यह मॉक ड्रिल केवल अभ्यास नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन की गंभीर तैयारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि— “आपदा कभी सूचना देकर नहीं आती, लेकिन तैयारी उसे पराजित कर सकती है।” सामंजस्य ही सुरक्षा की असली कुंजी मॉक ड्रिल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू था—टीमों के बीच सामंजस्य। रेस्क्यू ऑपरेशन केवल तकनीक का खेल नहीं, बल्कि तालमेल, संवाद और नेतृत्व का भी परीक्षण है। जब एक टीम ऊपर कार्य कर रही होती है, दूसरी नीचे सुरक्षा घेरे में रहती है, तीसरी मेडिकल सहायता के लिए तैयार रहती है—तभी संपूर्ण बचाव चक्र पूर्ण होता है। आज का अभ्यास यह साबित करता है कि तीर्थ नगरी में सुरक्षा तंत्र सतर्क है और आपदा की किसी भी आशंका से निपटने को तैयार है। संदेश साफ है: ‘भय नहीं, भरोसा’ मनसा देवी और चंडी देवी रोपवे पर हुआ यह संयुक्त मॉक अभ्यास श्रद्धालुओं के लिए भरोसे का संदेश है। आस्था के मार्ग पर यदि सुरक्षा का कवच मजबूत हो, तो श्रद्धालु निश्चिंत होकर दर्शन कर सकते हैं। हरिद्वार की फिजा में आज यह स्पष्ट संकेत था— “आपदा से पहले अभ्यास, ही सुरक्षा की असली साधना है।” (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से)4
- सिडकुल-थाना अध्यक्ष नितेश शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के आदेश "अपराध मुक्त प्रदेश" के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के फरार 5000 के इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।1
- देहरादून पोंटा साहिब हाइवे पर शुक्रवार की सुबह तेज रफ्तार दो डम्फर ने गुज्जरों के पशुओं को कुचला और मौके से फरार हो गए। इस घटना से जहां क्षेत्र में हड़कंप है तो वही सूचना मिलते ही विकासनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।1
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