मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया तोघाटा संख्या 267पर कब्जा कर लिया दबंग मुसलमान नेऔर फिर पकड़ कर गौ मांस खिलाने की कोशिश कीविरोध करने पर धारदार हथियार से प्रहारथाना रिसियाचौकी कटेलियाक्या है मामला माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध हैपीड़ितरामदयाल मौर्यनिवासी डीहवाको दबंग मुसलमान ने माता-पिता के स्वर्गवास होने पर अकेला पाकर मुस्लिम धर्म स्वीकार करनेपर विवश किया गयाविरोध करने पर उसे रोमांस खिलाने की कोशिश की गईऐसा न करने परउसे धारदार हथियारों से मारा पीटा गयाथाने पर कई बार शिकायत की परंतु कोई कार्रवाई नहीं होने परऔर उल्टे कटेलिया चौकीप्रभारी द्वाराउल्टी सिद्धि बातें कह कर भागनेकी बात पीड़ित द्वारा बताया गया हैऔर बेचारा डर बस अब अपनी ससुराल में रहकर जीवन यापन कर रहा हैपीड़ित का खेतदीघा गांवडामर रोड पर स्थित हैजिसकी घाटा संख्या 267 हैजिसे मुसलमानो द्वाराजो दबंग औरपीएफ वाईद्वारा पोषित हैऔरउनका लक्ष्य है हिंदुओं का मुसलमान बनानानाम है फखरुद्दीनआदि कई मुसलमान साथ में है जिन्होंने पीड़ित केजमीन पर दबंगई सेकुछ पक्के मकान बना लिए हैं औरकुछ कच्चे मकान भी बनाकर जबरदस्ती रह रहे हैं पीड़ित ने बताया यह दुआ खेत पर जाए तो उसकीवह लोग हत्या कर देंगे या तो मुस्लिम धर्म स्वीकार करें ऐसे में पीड़ित द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच करते हुए भ्रष्टाचार में डूबे थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हो
मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया तोघाटा संख्या 267पर कब्जा कर लिया दबंग मुसलमान नेऔर फिर पकड़ कर गौ मांस खिलाने की कोशिश कीविरोध करने पर धारदार हथियार से प्रहारथाना रिसियाचौकी कटेलियाक्या है मामला माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध हैपीड़ितरामदयाल मौर्यनिवासी डीहवाको दबंग मुसलमान ने माता-पिता के स्वर्गवास होने पर अकेला पाकर मुस्लिम धर्म स्वीकार करनेपर विवश किया गयाविरोध करने पर उसे रोमांस खिलाने की कोशिश की गईऐसा न करने परउसे धारदार हथियारों से
मारा पीटा गयाथाने पर कई बार शिकायत की परंतु कोई कार्रवाई नहीं होने परऔर उल्टे कटेलिया चौकीप्रभारी द्वाराउल्टी सिद्धि बातें कह कर भागनेकी बात पीड़ित द्वारा बताया गया हैऔर बेचारा डर बस अब अपनी ससुराल में रहकर जीवन यापन कर रहा हैपीड़ित का खेतदीघा गांवडामर रोड पर स्थित हैजिसकी घाटा संख्या 267 हैजिसे मुसलमानो द्वाराजो दबंग औरपीएफ वाईद्वारा पोषित हैऔरउनका लक्ष्य है हिंदुओं का मुसलमान बनानानाम है फखरुद्दीनआदि कई मुसलमान साथ में
है जिन्होंने पीड़ित केजमीन पर दबंगई सेकुछ पक्के मकान बना लिए हैं औरकुछ कच्चे मकान भी बनाकर जबरदस्ती रह रहे हैं पीड़ित ने बताया यह दुआ खेत पर जाए तो उसकीवह लोग हत्या कर देंगे या तो मुस्लिम धर्म स्वीकार करें ऐसे में पीड़ित द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच करते हुए भ्रष्टाचार में डूबे थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हो
- मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया तोघाटा संख्या 267पर कब्जा कर लिया दबंग मुसलमान नेऔर फिर पकड़ कर गौ मांस खिलाने की कोशिश कीविरोध करने पर धारदार हथियार से प्रहारथाना रिसियाचौकी कटेलियाक्या है मामला माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध हैपीड़ितरामदयाल मौर्यनिवासी डीहवाको दबंग मुसलमान ने माता-पिता के स्वर्गवास होने पर अकेला पाकर मुस्लिम धर्म स्वीकार करनेपर विवश किया गयाविरोध करने पर उसे रोमांस खिलाने की कोशिश की गईऐसा न करने परउसे धारदार हथियारों से मारा पीटा गयाथाने पर कई बार शिकायत की परंतु कोई कार्रवाई नहीं होने परऔर उल्टे कटेलिया चौकीप्रभारी द्वाराउल्टी सिद्धि बातें कह कर भागनेकी बात पीड़ित द्वारा बताया गया हैऔर बेचारा डर बस अब अपनी ससुराल में रहकर जीवन यापन कर रहा हैपीड़ित का खेतदीघा गांवडामर रोड पर स्थित हैजिसकी घाटा संख्या 267 हैजिसे मुसलमानो द्वाराजो दबंग औरपीएफ वाईद्वारा पोषित हैऔरउनका लक्ष्य है हिंदुओं का मुसलमान बनानानाम है फखरुद्दीनआदि कई मुसलमान साथ में है जिन्होंने पीड़ित केजमीन पर दबंगई सेकुछ पक्के मकान बना लिए हैं औरकुछ कच्चे मकान भी बनाकर जबरदस्ती रह रहे हैं पीड़ित ने बताया यह दुआ खेत पर जाए तो उसकीवह लोग हत्या कर देंगे या तो मुस्लिम धर्म स्वीकार करें ऐसे में पीड़ित द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच करते हुए भ्रष्टाचार में डूबे थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हो3
- ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर दो घटनाओं ने बढ़ाई सियासी हलचल चोरी के आरोपों को लेकर बिहार में सियासी और धार्मिक गतिविधियां चर्चा में हैं। भगवा वस्त्र पहनने को लेकर पप्पू यादव के घर का कुछ लोगों द्वारा घेराव किए जाने के बाद अब संतों के एक समूह को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया कि सैकड़ों संत ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने के लिए निकले थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दोनों घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब एक मामले में प्रदर्शन और घेराव की स्थिति बनी, तो दूसरी ओर ज्ञापन देने जा रहे संतों को हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी। इन घटनाओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विरोध के अधिकार और प्रशासन के रवैये को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, पूरे मामले में संबंधित पक्षों और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।1
- बहराइच मटेरा पावर हाउस पर आखिर दोगला व्यवहार क्यों बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश, 5 दिन में व्यवस्था सुधारने का आश्वासन जिला पंचायत प्रतिनिधि करनवीर सिंह ने कहा कि सभी बिजली उपभोक्ताओं को बराबर बिजली मिलनी चाहिए बहराइच मटेरा पावर हाउस से होने वाली बिजली आपूर्ति में कथित असमानता और आए दिन की कटौती को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि मटेरा बाजार क्षेत्र में जहां करीब 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, वहीं ग्राम सभा भौंखारा, धोबिन पुरवा मटेरा चौराहा चार्संडा माफी एकगरवा परडीतारा समेत कई गांवों में महज लगभग 2 घंटे बिजली मिल पा रही है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली समस्या को लेकर भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि करणवीर सिंह ने मटेरा पावर हाउस पहुंचकर बिजली विभाग के अधिकारियों, एसडीओ, जेई नानपारा एक्सचेंज तथा बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों के साथ बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली कटौती और गांवों में कम आपूर्ति की समस्या अधिकारियों के सामने रखी।करनवीर सिंह ने बिजली विभाग के अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि मटेरा पावर हाउस से जुड़े सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए। किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने पांच दिन के अंदर बिजली व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब गांवों में बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकेगी।इस मौके पर मटेरा मंडल अध्यक्ष कुश शुक्ला, अमरीश मित्तल उर्फ डब्बू भैया, आयुष अग्रवाल, गुड्डू पांडे, महात्मा प्रधान, संजय प्रधान, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश पांडे, मनीष तिवारी, सीताराम कोटेदार, राधेश्याम पांडे, राहुल पांडे, दुर्गेश पांडे, आशीष श्रीवास्तव, शोभा कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि मटेरा पावर हाउस से जुड़े सभी गांवों को समान और नियमित बिजली आपूर्ति दी जाए, ताकि गर्मी और उमस के बीच लोगों को राहत मिल सके।4
- बहराइच में गूंजा ‘वन्दे मातरम्’, SSB ने जगाया राष्ट्रप्रेम का जज्बा बहराइच में गूंजा ‘वन्दे मातरम्’, SSB ने जगाया राष्ट्रप्रेम का जज्बा स्वतंत्रता दिवस को लेकर 59वीं वाहिनी SSB नानपारा में सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ गायन कार्यक्रम आयोजित SSB जवानों के साथ केंद्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा कार्यवाहक कमांडेंट पंकज कुमार ठाकुर ने ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व पर डाला प्रकाश बोले—राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य कार्यक्रम में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत तिरंगे के सम्मान और गौरव का दिया गया संदेश लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों और आसपास सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की अपील विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम में भरा देशभक्ति का रंग ‘वन्दे मातरम्’ और ‘हर घर तिरंगा’ के जरिए युवाओं में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय गौरव का संदेश।1
- नशा उन्मूलन पर मां राजेश्वरी देवी छतवान ट्रस्ट के संचालक एसपी सिंह ने दिया संदेश1
- तमक में फटा बादल, मची भारी तबाही पुल और वाहन बहे, चारों तरफ मलबा ही मलबा तमक। क्षेत्र में बादल फटने से अचानक भारी तबाही मच गई। तेज बारिश और सैलाब के चलते पुल और कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। सड़कें और संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। मौके पर मलबा जमा होने से आवाजाही बाधित है। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें स्थिति का जायजा लेने में जुटी हैं। घटना में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।1
- बिजली कटौती से आक्रोश, बिजली पावर हाउस के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन बहराइच। बिजली कटौती से नाराज लोगों ने बिजली पावर हाउस के बाहर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश जताते हुए जमकर हंगामा किया। सड़क जाम होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली और अपने-अपने घरों को लौट गए। प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक कलेक्ट्रेट के बाहर आवागमन प्रभावित रहा।4