कोटपूतली जिले में महिला सुरक्षा और उनके सम्मान को बढ़ावा देने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार मंगलवार को जिला पुलिस द्वारा विशाल पैदल मार्च और जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। ‘‘महिला सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता’’ और ‘‘नारी का सम्मान करें, सुरक्षित समाज का निर्माण करें’’ के संकल्प के साथ शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। अधिकारियों के नेतृत्व में एकजुट हुआ पुलिस बल व छात्रायें :- यह विशाल जागरूकता अभियान जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह व एएसपी नाजिम अली खान के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। पैदल मार्च का नेतृत्व डीएसपी लक्ष्मी सुथार, एएचटीयू प्रभारी अनीता, महिला थानाधिकारी रजनी, एंटी रोमियो प्रभारी कविता व महिला हैड कांस्टेबल मुकेश रानी ने किया। इस मार्च में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित महिला पुलिसकर्मी, पुलिस बल के जवान और कॉलेज की छात्राओं सहित आमजन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रिजर्व पुलिस लाईन से एसपी कार्यालय तक गूंजे सुरक्षा के नारे :- यह पैदल मार्च कोटपूतली-बहरोड़ रिजर्व पुलिस लाईन से शुरू होकर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक निकाला गया। मार्च के दौरान पूरे रास्ते महिलाओं और छात्राओं ने महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े संदेशों को बुलंद किया, जिससे शहर का माहौल महिला सुरक्षा के संकल्प से सराबोर हो गया। ऑन-द-स्पॉट डाउनलोड कराया राजकॉप सिटीजन एप, बांटे पम्पलेट :- जागरूकता को धरातल पर लाने के लिए पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मार्च के दौरान राह चलती महिलाओं, बालिकाओं और आम नागरिकों को रोककर उनसे बातचीत की। पुलिस ने मौके पर ही महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। साथ ही डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महिलाओं के मोबाईल में राजकॉप सिटीजन एप को मौके पर ही डाउनलोड और इंस्टॉल करवाया गया। इसके अलावा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए बड़ी संख्या में सूचनात्मक पम्पलेट भी वितरित किए गए। हैल्पलाईन नंबर्स और साईबर सुरक्षा की दी विस्तृत जानकारी :- कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए महत्वपूर्ण हैल्पलाईन नंबरों के बारे में विस्तार से समझाया। जिनमें 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली, 1090 महिला हैल्पलाईन, 1098 चाईल्ड हैल्पलाईन, 1930 साईबर अपराध हैल्पलाईन। साथ ही महिलाओं को सोशियल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न से बचाव के तरीके सिखाए गए। पुलिस ने सभी को प्रेरित किया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होने पर बिना डरे तत्काल पुलिस को सूचित करें। सामाजिक बुराईयों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान :- अभियान के माध्यम से पुलिस ने समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। नागरिकों से अपील की गई कि वे महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं और एक सुरक्षित सामाजिक ताने-बाने का निर्माण करें। जिला पुलिस अधीक्षक की अपील :- एसपी सतवीर सिंह ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि महिला सुरक्षा को पुख्ता करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि या अपराध होता दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस को दें। पुलिस ने साफ किया कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अपराधियों में डर और आमजन में विष्वास कायम रह सके।
कोटपूतली जिले में महिला सुरक्षा और उनके सम्मान को बढ़ावा देने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार मंगलवार को जिला पुलिस द्वारा विशाल पैदल मार्च और जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। ‘‘महिला सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता’’ और ‘‘नारी का सम्मान करें, सुरक्षित समाज का निर्माण करें’’ के संकल्प के साथ शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। अधिकारियों के नेतृत्व में एकजुट हुआ पुलिस बल व छात्रायें :- यह विशाल जागरूकता अभियान जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह व एएसपी नाजिम अली खान के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। पैदल मार्च का नेतृत्व डीएसपी लक्ष्मी सुथार, एएचटीयू प्रभारी अनीता, महिला थानाधिकारी रजनी, एंटी रोमियो प्रभारी कविता व महिला हैड कांस्टेबल मुकेश रानी ने किया। इस मार्च में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित महिला पुलिसकर्मी, पुलिस बल के जवान और कॉलेज की छात्राओं सहित आमजन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रिजर्व पुलिस लाईन से एसपी कार्यालय तक गूंजे सुरक्षा के नारे :- यह पैदल मार्च कोटपूतली-बहरोड़ रिजर्व पुलिस लाईन से शुरू होकर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक निकाला गया। मार्च के दौरान पूरे रास्ते महिलाओं और छात्राओं ने महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े संदेशों को बुलंद किया, जिससे शहर का माहौल महिला सुरक्षा के संकल्प से सराबोर हो गया। ऑन-द-स्पॉट डाउनलोड कराया राजकॉप सिटीजन एप, बांटे पम्पलेट :- जागरूकता को धरातल पर लाने के लिए पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मार्च के दौरान राह चलती महिलाओं, बालिकाओं और आम नागरिकों को रोककर उनसे बातचीत की। पुलिस ने मौके पर ही महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। साथ ही डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महिलाओं के मोबाईल में राजकॉप सिटीजन एप को मौके पर ही डाउनलोड और इंस्टॉल करवाया गया। इसके अलावा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए बड़ी संख्या में सूचनात्मक पम्पलेट भी वितरित किए गए। हैल्पलाईन नंबर्स और साईबर सुरक्षा की दी विस्तृत जानकारी :- कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए महत्वपूर्ण हैल्पलाईन नंबरों के बारे में विस्तार से समझाया। जिनमें 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली, 1090 महिला हैल्पलाईन, 1098 चाईल्ड हैल्पलाईन, 1930 साईबर अपराध हैल्पलाईन। साथ ही महिलाओं को सोशियल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न से बचाव के तरीके सिखाए गए। पुलिस ने सभी को प्रेरित किया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होने पर बिना डरे तत्काल पुलिस को सूचित करें। सामाजिक बुराईयों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान :- अभियान के माध्यम से पुलिस ने समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। नागरिकों से अपील की गई कि वे महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं और एक सुरक्षित सामाजिक ताने-बाने का निर्माण करें। जिला पुलिस अधीक्षक की अपील :- एसपी सतवीर सिंह ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि महिला सुरक्षा को पुख्ता करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि या अपराध होता दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस को दें। पुलिस ने साफ किया कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अपराधियों में डर और आमजन में विष्वास कायम रह सके।
- कोटपूतली जिले में महिला सुरक्षा और उनके सम्मान को बढ़ावा देने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार मंगलवार को जिला पुलिस द्वारा विशाल पैदल मार्च और जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। ‘‘महिला सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता’’ और ‘‘नारी का सम्मान करें, सुरक्षित समाज का निर्माण करें’’ के संकल्प के साथ शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। अधिकारियों के नेतृत्व में एकजुट हुआ पुलिस बल व छात्रायें :- यह विशाल जागरूकता अभियान जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह व एएसपी नाजिम अली खान के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। पैदल मार्च का नेतृत्व डीएसपी लक्ष्मी सुथार, एएचटीयू प्रभारी अनीता, महिला थानाधिकारी रजनी, एंटी रोमियो प्रभारी कविता व महिला हैड कांस्टेबल मुकेश रानी ने किया। इस मार्च में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित महिला पुलिसकर्मी, पुलिस बल के जवान और कॉलेज की छात्राओं सहित आमजन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रिजर्व पुलिस लाईन से एसपी कार्यालय तक गूंजे सुरक्षा के नारे :- यह पैदल मार्च कोटपूतली-बहरोड़ रिजर्व पुलिस लाईन से शुरू होकर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक निकाला गया। मार्च के दौरान पूरे रास्ते महिलाओं और छात्राओं ने महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े संदेशों को बुलंद किया, जिससे शहर का माहौल महिला सुरक्षा के संकल्प से सराबोर हो गया। ऑन-द-स्पॉट डाउनलोड कराया राजकॉप सिटीजन एप, बांटे पम्पलेट :- जागरूकता को धरातल पर लाने के लिए पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मार्च के दौरान राह चलती महिलाओं, बालिकाओं और आम नागरिकों को रोककर उनसे बातचीत की। पुलिस ने मौके पर ही महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। साथ ही डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महिलाओं के मोबाईल में राजकॉप सिटीजन एप को मौके पर ही डाउनलोड और इंस्टॉल करवाया गया। इसके अलावा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए बड़ी संख्या में सूचनात्मक पम्पलेट भी वितरित किए गए। हैल्पलाईन नंबर्स और साईबर सुरक्षा की दी विस्तृत जानकारी :- कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए महत्वपूर्ण हैल्पलाईन नंबरों के बारे में विस्तार से समझाया। जिनमें 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली, 1090 महिला हैल्पलाईन, 1098 चाईल्ड हैल्पलाईन, 1930 साईबर अपराध हैल्पलाईन। साथ ही महिलाओं को सोशियल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न से बचाव के तरीके सिखाए गए। पुलिस ने सभी को प्रेरित किया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होने पर बिना डरे तत्काल पुलिस को सूचित करें। सामाजिक बुराईयों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान :- अभियान के माध्यम से पुलिस ने समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। नागरिकों से अपील की गई कि वे महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं और एक सुरक्षित सामाजिक ताने-बाने का निर्माण करें। जिला पुलिस अधीक्षक की अपील :- एसपी सतवीर सिंह ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि महिला सुरक्षा को पुख्ता करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि या अपराध होता दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस को दें। पुलिस ने साफ किया कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अपराधियों में डर और आमजन में विष्वास कायम रह सके।1
- पावटा उपखण्ड में गुरु पूर्णिमा बुधवार 29 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी। आषाढ़ पूर्णिमा ज्ञान और श्रद्धा का पर्व है। पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई 2026 को शाम 6:18 बजे से शुरू होगी तथा 29 जुलाई 2026 रात 8:05 बजे तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार उदयातिथि के कारण त्योहार 29 जुलाई को ही मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है। यह दिन सिर्फ आध्यात्मिक गुरु के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षक, माता-पिता और मार्गदर्शक सभी के सम्मान का दिन है। इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। क्योंकि आज ही महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। उन्होंने वेदों का संकलन और महाभारत की रचना की थी। मान्यता है कि भगवान शिव ने इसी दिन सप्तऋषियों को योग का ज्ञान दिया और बौद्ध धर्म में भगवान बुद्ध ने सारनाथ में पहला उपदेश दिया था। गुरु पूजा के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर साफ कपड़े पहनें। गुरु की तस्वीर/मूर्ति के सामने दीप जलाएं, फूल अर्पित करें और आशीर्वाद लें। गणेश पूजा और गुरु मंत्र का जाप करें। सत्यनारायण कथा, ध्यान और अन्न, वस्त्र, धन का दान पुण्यदायी माना जाता है। माता-पिता और बड़ों के चरण स्पर्श करें। पावटा उपखण्ड के प्रसिद्ध मंदिर बाबा भरतदास आश्रम बगीची टोरडा धाम मन्दिर महंत मंगलदास महाराज के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। वहीं गोपाल मंदिर ज्ञानदास बगीची बड़नगर में महंत ज्ञानदास जी महाराज, राठी वाला ठाकुर जी मंदिर पावटा में महंत राधामोहनदास महाराज, बाबा भूतनाथ शिव मंदिर जोहड़ा धाम पावटा में महंत जयरामदास महाराज, गोपाल भैया मंदिर पावटा में महंत मोहनदास महाराज रामायणी के सानिध्य में गुरु पुर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिरों में गुरु पुर्णिमा पर रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या, सत्संग, गुरु पूजन और महा प्रसादी वितरण भी किया जाएगा। गुरु पूजन से सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होना माना जाता हैं। गुरु पूर्णिमा हमें याद दिलाती है कि जीवन में सही रास्ता दिखाने वाले हर व्यक्ति के प्रति कृतज्ञता जरूरी है।1
- कोटपूतली-बहरोड़ में निकाली गई महिला सुरक्षा जागरूकता रैली, महिलाओं-बालिकाओं को दी गई अधिकारों और हेल्पलाइन की जानकारी कोटपूतली-बहरोड़। पुलिस मुख्यालय राजस्थान जयपुर द्वारा चलाए जा रहे "महिला सुरक्षा संकल्प अभियान" के तहत कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सोमवार को एक विशाल पैदल मार्च और जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक करना है। पुलिस का नारा रहा "महिलाओं का सम्मान, कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस का अभियान" और "नारी का सम्मान करे, सुरक्षित समाज का निर्माण करे"। पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान के निर्देशानुसार वृताधिकारी वृत कोटपूतली लक्ष्मी सुधार के नेतृत्व में यह रैली जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरू होकर रिजर्व पुलिस लाइन कोटपूतली-बहरोड़ तक निकाली गई। रैली में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, महिला पुलिसकर्मी, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, जिले में पदस्थापित महिला हेड कांस्टेबल और विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं ने भाग लिया। प्रभारी एएचटीयू अनीता पूनिया, प्रभारी एमपीसी रजनी, प्रभारी रोमियो श्रीमती कविता और महिला हेड कांस्टेबल मुकेश रानी भी रैली में शामिल रहीं। रैली के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने राजकोप सिटीजन ऐप डाउनलोड करवाकर उसके उपयोग के बारे में बताया। महिलाओं और छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने पंपलेट वितरित कर आमजन से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूक रहने का आह्वान किया। साथ ही साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न से बचाव तथा किसी भी आपराधिक घटना पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे महिला सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के अंतर्गत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- एडिश्नल आईजी विकास कुमार पहुंचे #नीमराणा, पुलिस थाने पर दी गार्ड ऑनर की सलामी, पुलिस थाने का करेंगे निरीक्षण एडिश्नल आईजी विकास कुमार पहुंचे #नीमराणा, पुलिस थाने पर दी गार्ड ऑनर की सलामी, पुलिस थाने का करेंगे निरीक्षण2
- जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने आज विराटनगर स्थित राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी पंच गौरव योजना में जिले से शामिल पर्यटन स्थल बैराठ (विराटनगर) का विस्तृत निरीक्षण कर पर्यटन विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य योजना के अनुरूप समयबद्ध तरीके से विकास कार्य सुनिश्चित करने तथा पर्यटकों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने बीजक की पहाड़ी, शिलालेख, भीम पहाड़ी, जैन नसियाँ, गणेश मंदिर म्यूजियम, कला दीर्घा, अम्बिका माता मंदिर, मुग़ल गेट सहित अन्य ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व के स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक स्थल पर पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सूचना एवं दिशा संकेतक, पार्किंग, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों के समन्वय से विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। जिला कलेक्टर ने कहा कि बैराठ (विराटनगर) राजस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां उपलब्ध पुरातात्विक एवं धार्मिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए पर्यटन सुविधाओं का समग्र विकास किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, हरित विकास, विरासत संरक्षण तथा स्थानीय जनभागीदारी को विशेष महत्व देते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पंच गौरव योजना का उद्देश्य प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास किया जा रहा है। साथ ही पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी, आकर्षक पर्यटन अवसंरचना, स्थानीय कला, संस्कृति एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। यह योजना जिले की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी विराटनगर डॉ. लालाराम, एसीईओ गोपाल मीणा, पर्यटन विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- बेनामी आश्रम गांधीनगर गढ़ी में हर्षोल्लास व श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ गुरु पूर्णिमा महोत्सव, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ गांधीनगर गढ़ी | श्री श्री 108 नारायणदास जी बेनामी आश्रम, गांधीनगर गढ़ी में मंगलवार को 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' अत्यंत भक्ति भाव, धार्मिक विधि-विधान और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आश्रम पहुँचकर गुरुदेव के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु पूजन से हुई शुरुआत महोत्सव की शुरुआत प्रातः 7:15 बजे भव्य धार्मिक हवन एवं यज्ञ के साथ हुई, जिसमें यजमानों व साधकों ने विश्व शांति तथा सुख-समृद्धि की कामना के साथ आहुतियां दीं। इसके उपरांत प्रातः 9:30 बजे मुख्य गुरु पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने गुरुदेव के चरणों का पूजन कर उनका वंदन किया। भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति एवं विशाल भंडारा भजन संध्या: प्रातः 10:00 बजे से आयोजित विशेष भजन कार्यक्रम में गायकों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक भजनों और गुरु महिमा के गीतों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नज़र आए। महाप्रसाद (विशाल भंडारा): पूर्वाहन 11:30 बजे से विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ। हज़ारों की संख्या में पधारे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अनुशासित रूप से गुरु प्रसादी ग्रहण की। ये गणमान्य एवं ग्रामीण रहे उपस्थित महोत्सव के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों व समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर पटेल चंद, मुंशी राम, शैतान मास्टर, कृष्ण, राजपाल, बाबूलाल, गजेंद्र पंच, देशराज, किशोरी हलवाई, गोपी, पृथ्वी पंच, नरेश शर्मा, दयादीन, राधेश्याम, सतबीर, फूलसिंह पीटीआई और गोकुल चंद मास्टर के साथ अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आश्रम प्रबंधन एवं सेवादारों के सहयोग से संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्वक और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। दिनभर आश्रम परिसर "जय गुरुदेव" के जयकारों से गुंजायमान रहा।1
- 🚨 "न्याय दो!" की गूंज से गूंजा ESIC मेडिकल कॉलेज, मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र अलवर "ESIC मेडिकल कॉलेज अलवर से सामने आया एक ऐसा शिकायत पत्र, जिसने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों ने नई सिक्योरिटी एजेंसी पर रिश्वतखोरी, फर्जी लिस्ट तैयार करने और दस्तावेज़ों में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत पर कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ कर्मचारियों का नहीं, पूरे सिस्टम का मामला बन सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल—क्या होगी निष्पक्ष जांच? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?1
- कोटपूतली निकटवर्ती ग्राम पंचायत पवाना अहीर के अटल सेवा केंद्र में मंगलवार को मैसनरी स्टोन क्लस्टर माइनिंग परियोजना (एम.एल. संख्या 04/2024) की जनसुनवाई हंगामेदार रही। मैसर्स गिरधारी द्वारा संचालित इस परियोजना का पवाना अहीर व अजीतपुरा कलां के सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध किया। जनहानि और पर्यावरण संकट का लगाया आरोप :- सरपंच पुरणमल खटीक, नेतराम ताखर व कुजोता सरपंच मीरा देवी सहित भारी संख्या में पहुंचे महिला-पुरुषों ने अधिकारियों को लिखित आपत्ति पत्र सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के नजदीक खनन क्षेत्र रिहायशी ईलाकों, उपजाऊ कृषि भूमि और पशुपालन गतिविधियों के बेहद करीब है। खनन के दौरान होने वाले धमाकों (ब्लास्टिंग) से स्थानीय मकानों में दरारें आने और जन-धन की हानि की गंभीर आशंका है। उड़ने वाली धूल से फसलें, पीने के पानी के स्त्रोत, मवेशी और आमजन का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होगा। प्रस्तावित खनन क्षेत्र के बीच से मुख्य एमडीआर सड़क गुजरती है, जहां भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जायेगा। ईआईए रिपोर्ट पर उठाए सवाल :- ग्रामीणों ने पर्यावरण प्रभाव आंकलन रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इसमें स्थानीय समस्याओं, जल स्त्रोतों और सड़क सुरक्षा का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है। उन्होंने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल से मांग की है कि इस परियोजना को किसी भी हाल में पर्यावरणीय स्वीकृति ना दी जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो वे कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और उग्र करेंगे। जनसुनवाई में मौजूद एडीएम ओमप्रकाश सहारण व प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार सेहरा ने ग्रामीणों की सभी आपत्तियों को रिकॉर्ड पर लिया। उन्होंने आक्रोशित जनता को भरोसा दिलाया कि प्रशासन आमजन की भावनाओं और हितों के अनुरूप ही आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।1