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यह देखिए सर ग्राम भरसवां में इन विचारों का बरसात के कारण घर गिर गया है और इस घर में तीन परिवार का गुजारा होता है कृपया इनको प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हैं कृपया ग्राम प्रधानों से निवेदन है ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की कृपा करें तो महान दया
Ajeet kumar
यह देखिए सर ग्राम भरसवां में इन विचारों का बरसात के कारण घर गिर गया है और इस घर में तीन परिवार का गुजारा होता है कृपया इनको प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हैं कृपया ग्राम प्रधानों से निवेदन है ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की कृपा करें तो महान दया
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- यह देखिए सर ग्राम भरसवां में इन विचारों का बरसात के कारण घर गिर गया है और इस घर में तीन परिवार का गुजारा होता है कृपया इनको प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हैं कृपया ग्राम प्रधानों से निवेदन है ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की कृपा करें तो महान दया1
- हमीरपुर - करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं,मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर ।। करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं, मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर, सायरन बजता रहा अधिकारी-कर्मचारी जुटे रहे, लेकिन 6 फाटक बंद नहीं हो सके, फाटक खुले रहने से लगातार बहता रहा बांध का पानी, बर्बादी पर उठे गंभीर सवाल, करोड़ों रुपये की मरम्मत के बाद भी फाटक संचालन में नाकामी से व्यवस्था पर सवाल, ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की, बारिश के बीच बांध के फाटक बंद न होने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता, फिलहाल पूरे मामले पर अरुण कुमार सिंह (मुख्य विकास अधिकारी) ने बताया कि मौदहा डैम बांध में पानी ज्यादा न भरे इस वजह खोले गए है गेट,2
- बांध से छोड़े पानी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, हजारों बीघा तिल की फसल जलमग्न हमीरपुर। कम्हरिया बंधी और मौदहा बांध से छोड़े गए पानी ने इंगोहटा क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के तेज बहाव और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से इंगोहटा सहित आसपास के कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में खड़ी हजारों बीघा तिल की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इंगोहटा, अछरेला, बहरेला, रोहारी और पाटनपुर गांवों के खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के चलते तिल के पौधे गलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरने की स्थिति बन गई है। इंगोहटा गांव के किसान राजेंद्रपाल सिंह परिहार की 50 बीघा, शेरपाल सिंह उर्फ लाला परिहार की 50 बीघा, विक्रम सिंह की 25 बीघा, साधुराम प्रजापति की 25 बीघा, सुखलाल प्रजापति की 16 बीघा, सुरेंद्रपाल सिंह की 10 बीघा, वृंदावन पाल की 10 बीघा, बल्लू पाल की 10 बीघा, जगतपाल सिंह की 10 बीघा और बहादुरा प्रजापति की छह बीघा भूमि समेत हजारों किसानों के खेत जलभराव की चपेट में हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो बची हुई तिल की फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, राजस्व टीम भेजकर फसल क्षति का सर्वे कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की है।1
- विधायक आवास के पीछे नारकीय हालात: बारिश के बाद नाली और सड़क हुई एक, नगर पालिका बेखबर घाटमपुर। कस्बे के मोहल्ला आछी मोहाल उत्तरी में नगर पालिका की एक बड़ी लापरवाही सामने देखने को मिल रही है। यहाँ लंबे समय से सड़क न बनने के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। सबसे हैरत की बात यह है कि यह बदहाली क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील के आवास के ठीक पीछे की है।हाल ही में हुई बारिश के बाद इस इलाके के हालात बद से बदतर हो गए हैं। सड़क न होने की वजह से पूरी गली में जलभराव हो गया है, जिससे नाली और सड़क का अंतर पूरी तरह खत्म हो चुका है। गंदा पानी और कीचड़ लोगों के घरों के सामने जमा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।इस अव्यवस्था के कारण मोहल्ले के आम लोगों को आने-जाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सत्ताधारी विधायक के घर के पीछे होने के बावजूद नगर पालिका इस समस्या पर आंखें मूंदे बैठी है। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की इस अनदेखी को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।1
- कैंट क्षेत्र की जनसमस्या पर जनप्रतिनिधियों से अपील माननीय भाजपा सांसद महोदय एवं भाजपा के सम्मानित पार्षदों से विनम्र निवेदन है कि कैंट क्षेत्र स्थित मेथाडिस्ट स्कूल के आसपास बरसात के दिनों में भारी जलभराव हो जाता है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की सड़क भी काफी खराब हो चुकी है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। बरसात के दौरान बच्चों को जलभराव और टूटी सड़क के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जनहित में अनुरोध है कि इस समस्या का जल्द संज्ञान लेकर जलनिकासी और सड़क मरम्मत की उचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।1
- खिड़की तोड़कर 41 हजार रुपए नगदी एलईडी टीवी वह सीसीटीवी कैमरे चोरी मौदहा (हमीरपुर)। सिसोलर थाना क्षेत्र के चांदीकला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में सोमवार रात अज्ञात चोरों ने खिड़की तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर विद्यालय से 41 हजार रुपये नकद, एलईडी टीवी, नौ सीसीटीवी कैमरे और साउंड सिस्टम समेत हजारों रुपये का सामान चोरी कर ले गए। मंगलवार सुबह प्रधानाध्यापक प्रदीप मिश्रा विद्यालय पहुंचे तो कमरों में सामान बिखरा मिला। खिड़की टूटी थी और दीवारों पर लगे सभी नौ सीसीटीवी कैमरे गायब थे। अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखी नकदी भी चोरी कर ली गई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडेय और सिसोलर पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत अन्य साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।1
- रपटे में फंसा शव मिलने से चरवाहे के परिजनों में जगी उम्मीद, शिनाख्त का इंतजार हमीरपुर। चंद्रावल नदी में शुक्रवार को डूबे चरवाहे भगवानदीन निषाद (55) की तलाश के बीच मंगलवार को पड़ोसी जनपद बांदा के जसपुरा थाना क्षेत्र में एक शव मिलने की सूचना से परिजनों में उम्मीद जगी है। गौरी-अमारा के मध्य बने रपटे में झाड़ियों के बीच शव फंसा होने की सूचना नाविकों ने मौहर गांव भेजी। चरवाहे के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं और शव को बाहर निकालने के लिए जसपुरा पुलिस से मदद मांगी है। सुमेरपुर क्षेत्र के मौहर निवासी भगवानदीन निषाद शुक्रवार को भैंसों को नदी के दूसरी ओर निकालने के दौरान चंद्रावल नदी में डूब गए थे। तभी से कैथी पुलिस चौकी प्रभारी राजवीर सिंह पीएसी की गोताखोर टीम के साथ लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली थी। मंगलवार सुबह गौरी-अमारा रपटे के पास नाव चलाने वाले लोगों ने झाड़ियों में शव फंसा होने तथा उससे दुर्गंध आने की सूचना दी। सूचना मिलते ही भगवानदीन के परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने शव के उनके पिता का होने की आशंका जताई है, लेकिन रपटे में पानी अधिक होने और दिनभर बारिश होने के कारण शव को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके चलते देर शाम तक शिनाख्त नहीं हो सकी। भगवानदीन के पुत्र रामबाबू ने बताया कि शव को बाहर निकलवाने के लिए जसपुरा पुलिस से मदद मांगी गई है। परिजन शव के बाहर आने और शिनाख्त होने की आस में मौके पर डटे हुए हैं। कैथी चौकी प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर शव फंसे होने की सूचना मिली है, वह बांदा जनपद के जसपुरा थाना क्षेत्र में आता है और घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर है। वहीं ग्राम प्रधान राममिलन निषाद ने बताया कि सुबह नाविकों से शव मिलने की सूचना मिली थी। शव बाहर आने के बाद ही उसकी शिनाख्त हो सकेगी।1
- न्यूरी गांव में फंदा लगाकर छज्जे पर चढ़ा,युवक प्रधान समेत तीन पर मुकदमा दर्ज1