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chankhed nayakheda me bahut kichad ho rha he jaldi se jaldi karwai kre

2 hrs ago
user_Jeevraj Jeevrajjat
Jeevraj Jeevrajjat
मंडल, भीलवाड़ा, राजस्थान•
2 hrs ago

chankhed nayakheda me bahut kichad ho rha he jaldi se jaldi karwai kre

More news from राजस्थान and nearby areas
  • chankhed nayakheda me bahut kichad ho rha he jaldi se jaldi karwai kre
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    chankhed nayakheda me bahut kichad ho rha he jaldi se jaldi karwai kre
    user_Jeevraj Jeevrajjat
    Jeevraj Jeevrajjat
    मंडल, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by नारायण लाल
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    Post by नारायण लाल
    user_नारायण लाल
    नारायण लाल
    मंडल, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by Lucky sukhwal
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    Post by Lucky sukhwal
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय
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    श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय
    user_Kanhaiya lal Joshi
    Kanhaiya lal Joshi
    Pujari Chittaurgarh, Chittorgarh•
    10 hrs ago
  • जब चाँदी की कीमत 4,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थी, तब मेरे मन में विचार आया कि क्यों न उन चाँदी के आभूषणों को बेच दिया जाए जो अब मेरे किसी काम के नहीं रहे—कुछ टूट चुके थे और कुछ वर्षों से यूँ ही रखे थे। कुल मिलाकर उनका वजन लगभग 600 ग्राम था। लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएँगे कि जब मैं उन आभूषणों को बेचने के लिए बाज़ार गई, तो किसी भी सुनार ने उन्हें खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। कारण यह था कि उस समय चाँदी बहुत महँगी हो चुकी थी। सुनारों का साफ कहना था कि जब दाम इतने ऊँचे हैं, तब वे चाँदी खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते। वे पहले से खरीदी हुई चाँदी ही बेचने में लगे थे, नई चाँदी खरीदने को तैयार नहीं थे। यह अनुभव एक महत्वपूर्ण सच्चाई की ओर इशारा करता है। जब किसी धातु या वस्तु के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तब अक्सर यह प्रचार किया जाता है कि कीमतें और बढ़ेंगी, इसलिए अभी खरीद लेना समझदारी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऊँचे दामों पर खरीददार तो मिल जाते हैं, पर जब वही वस्तु बेचने की बारी आती है, तो खरीदार मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए केवल “महँगा हो रहा है, महँगा हो रहा है” के शोर में आकर अपना पैसा फँसाना समझदारी नहीं है। जब दाम बढ़ते हैं, तब वह बढ़ोतरी अक्सर बेचने वालों के फायदे के लिए होती है, न कि आम लोगों के लिए। और जब आप बेचने जाते हैं, तब बाज़ार में कोई लेने वाला नहीं मिलता, क्योंकि बड़े व्यापारी उस समय खुद बेच रहे होते हैं। निष्कर्ष यही है कि बिना सोच-समझे, केवल कीमतों के बढ़ने के लालच में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है।
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    जब चाँदी की कीमत 4,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थी, तब मेरे मन में विचार आया कि क्यों न उन चाँदी के आभूषणों को बेच दिया जाए जो अब मेरे किसी काम के नहीं रहे—कुछ टूट चुके थे और कुछ वर्षों से यूँ ही रखे थे। कुल मिलाकर उनका वजन लगभग 600 ग्राम था।
लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएँगे कि जब मैं उन आभूषणों को बेचने के लिए बाज़ार गई, तो किसी भी सुनार ने उन्हें खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। कारण यह था कि उस समय चाँदी बहुत महँगी हो चुकी थी। सुनारों का साफ कहना था कि जब दाम इतने ऊँचे हैं, तब वे चाँदी खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते। वे पहले से खरीदी हुई चाँदी ही बेचने में लगे थे, नई चाँदी खरीदने को तैयार नहीं थे।
यह अनुभव एक महत्वपूर्ण सच्चाई की ओर इशारा करता है। जब किसी धातु या वस्तु के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तब अक्सर यह प्रचार किया जाता है कि कीमतें और बढ़ेंगी, इसलिए अभी खरीद लेना समझदारी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऊँचे दामों पर खरीददार तो मिल जाते हैं, पर जब वही वस्तु बेचने की बारी आती है, तो खरीदार मिलना मुश्किल हो जाता है।
इसलिए केवल “महँगा हो रहा है, महँगा हो रहा है” के शोर में आकर अपना पैसा फँसाना समझदारी नहीं है। जब दाम बढ़ते हैं, तब वह बढ़ोतरी अक्सर बेचने वालों के फायदे के लिए होती है, न कि आम लोगों के लिए। और जब आप बेचने जाते हैं, तब बाज़ार में कोई लेने वाला नहीं मिलता, क्योंकि बड़े व्यापारी उस समय खुद बेच रहे होते हैं।
निष्कर्ष यही है कि बिना सोच-समझे, केवल कीमतों के बढ़ने के लालच में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    Journalist चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • रायपुर (ब्यावर) हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट होने पर आहत किसान ने की आत्महत्या, मुआवजे की मांग को लेकर धरना सेंदड़ा थाना क्षेत्र के बूटीवास ग्राम पंचायत के रामावास में नाका का बाड़ियां निवासी रामसिंह रावत के खेत में खड़ी फसल को नष्ट करके हाई टेंशन लाइन निकालने और फसल नष्ट का मुआवजा नहीं मिलने से परेशान और आहत होकर किसान ने बीती रात्रि में खेत में आत्महत्या कर ली । सुबह जब घटना का पता चला तो गांव में सनसनी फैल गई । उसके बाद घटना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई और पुलिस को सूचना दी गई । सूचना के बाद सेंदड़ा और बर थाना पुलिस मौके पर पहुंची । लेकिन ग्रामीणों के द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया और मुआवजे की मांग को लेकर गांव में शव रखकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए । इस दौरान समाजसेवी एडवोकेट रोहित गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे हुए है । जानकारी अनुसार मृतक किसान के पाँच छोटे-छोटे बच्चे हैं । परिवार में कमाने वाला मृतक किसान रामसिंह रावत ही था। जिससे अब परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है । वही घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजा और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    रायपुर (ब्यावर) 
हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट होने पर आहत किसान ने की आत्महत्या, मुआवजे की मांग को लेकर धरना
सेंदड़ा थाना क्षेत्र के बूटीवास ग्राम पंचायत के रामावास में नाका का बाड़ियां निवासी रामसिंह रावत के खेत में खड़ी फसल को नष्ट करके हाई टेंशन लाइन निकालने और फसल नष्ट का मुआवजा नहीं मिलने से परेशान और आहत होकर किसान ने बीती रात्रि में खेत में आत्महत्या कर ली । सुबह जब घटना का पता चला तो गांव में सनसनी फैल गई । उसके बाद घटना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई और पुलिस को सूचना दी गई । सूचना के बाद सेंदड़ा और बर थाना पुलिस मौके पर पहुंची । लेकिन ग्रामीणों के द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया और मुआवजे की मांग को लेकर गांव में शव रखकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए । इस दौरान  समाजसेवी एडवोकेट रोहित गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे हुए है । जानकारी अनुसार मृतक किसान के पाँच छोटे-छोटे बच्चे हैं । परिवार में कमाने वाला मृतक किसान रामसिंह रावत ही था। जिससे अब परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है । वही घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजा और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट, आहत किसान ने की आत्महत्या — पाँच मासूम बच्चों का भविष्य अधर में ग्राम पंचायत बूटीवास के ग्राम रामावास में एक निजी कंपनी द्वारा तानाशाही तरीके से हाई टेंशन लाइन निकाले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रक्रिया में किसान रामसिंह (बुद्धा सिंह) रावत की खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट कर दी गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इस अन्याय और आर्थिक आघात से मानसिक रूप से टूट चुके किसान रामसिंह रावत (उम्र 37 वर्ष) ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। वे अपने पीछे पाँच छोटे–छोटे मासूम बच्चों को छोड़कर सदा के लिए इस दुनिया से विदा हो गए। यह घटना न केवल अत्यंत दुःखद बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संबंधित निजी कंपनी की गैर-जिम्मेदार कार्यशैली को भी उजागर करती है। बिना उचित सहमति, मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था के किसानों की फसल को नुकसान पहुँचाना सीधे तौर पर उनके जीवन और आजीविका से खिलवाड़ है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों व कंपनी पर सख्त कार्रवाई, तथा मृतक किसान के पाँचों बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग उठाई जा रही है। इस अन्याय के खिलाफ हर संभव कानूनी और सामाजिक संघर्ष किया जाएगा।
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    हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट, आहत किसान ने की आत्महत्या — पाँच मासूम बच्चों का भविष्य अधर में
ग्राम पंचायत बूटीवास के ग्राम रामावास में एक निजी कंपनी द्वारा तानाशाही तरीके से हाई टेंशन लाइन निकाले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रक्रिया में किसान रामसिंह (बुद्धा सिंह) रावत की खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट कर दी गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
इस अन्याय और आर्थिक आघात से मानसिक रूप से टूट चुके किसान रामसिंह रावत (उम्र 37 वर्ष) ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। वे अपने पीछे पाँच छोटे–छोटे मासूम बच्चों को छोड़कर सदा के लिए इस दुनिया से विदा हो गए।
यह घटना न केवल अत्यंत दुःखद बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संबंधित निजी कंपनी की गैर-जिम्मेदार कार्यशैली को भी उजागर करती है। बिना उचित सहमति, मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था के किसानों की फसल को नुकसान पहुँचाना सीधे तौर पर उनके जीवन और आजीविका से खिलवाड़ है।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों व कंपनी पर सख्त कार्रवाई, तथा मृतक किसान के पाँचों बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग उठाई जा रही है।
इस अन्याय के खिलाफ हर संभव कानूनी और सामाजिक संघर्ष किया जाएगा।
    user_Atma Ram Saini
    Atma Ram Saini
    Journalist Raipur, Pali•
    4 hrs ago
  • Naya Kheda me bahut kichad ho rha he
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    Naya Kheda me bahut kichad ho rha he
    user_Jeevraj Jeevrajjat
    Jeevraj Jeevrajjat
    मंडल, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
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