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शपथग्रहण में साधारण शब्दों को भी नहीं पढ़ पाए 7वीं फेल सम्राट चौधरी शपथग्रहण में साधारण शब्दों को भी नहीं पढ़ पाए 7वीं फेल सम्राट चौधरी
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शपथग्रहण में साधारण शब्दों को भी नहीं पढ़ पाए 7वीं फेल सम्राट चौधरी शपथग्रहण में साधारण शब्दों को भी नहीं पढ़ पाए 7वीं फेल सम्राट चौधरी
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- Post by Dehati News1
- कुशीनगर। कोतवाली पडरौना क्षेत्र के ग्राम पंचायत जरार बीच टोला में बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार मगरु गुप्ता और उत्तिम गुप्ता के क्रेसर प्लांट के पास रखी गई गन्ने की खोई में अचानक आग भड़क उठी, जो देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास में लगी केले की फसल भी इसकी चपेट में आकर झुलस गई। आग की भयावहता को देखकर आसपास के गांवों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सतर्क होकर मौके पर जुट गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आसपास के खेतों में लगी बोरिंग से पंपिंग सेट चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया, जिसमें अंततः सफलता मिल गई। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।1
- पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड अंतर्गत लौकरिया पंचायत के वार्ड संख्या 3 और 5 में 10 अप्रैल को लगी भीषण आग ने करीब डेढ़ सौ घरों को राख में बदल दिया। इस अग्निकांड में कई परिवारों की जिंदगी भर की जमा पूंजी जलकर खाक हो गई, वहीं कई घरों में शादियों की तैयारियां भी पूरी तरह बर्बाद हो गईं। घटना के बाद स्थानीय विधायक और बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ितों को जल्द मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी ना तो पर्याप्त भोजन की व्यवस्था हो सकी है और ना ही मुआवजा राशि का वितरण शुरू हो पाया है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और प्रशासनिक मदद का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर आपदा के समय त्वरित राहत देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। सरकार और जिला प्रशासन की सुस्ती से पीड़ितों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।1
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1
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