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अजमेर के आदर्श नगर थाने की लापरवाही देखिए— इकलौते बेटे ने कथित तौर पर पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे दी… मां ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई! आख़िरकार, जब बुजुर्ग मां ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया— तब जाकर FIR दर्ज हुई! क्या इंसाफ अब सिर्फ कागज़ों में लिखा एक शब्द बनकर रह गया है? क्या एक मां की चीख, एक परिवार का उजड़ना भी सिस्टम को नहीं झकझोर पाता? जब बेटा जिंदा था, तब उसे न्याय नहीं मिला… और मरने के बाद भी उसकी मां को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है! ये कैसी व्यवस्था है— जहां पीड़ित आवाज उठाए और सिस्टम चुप्पी साध ले? अगर यही हाल रहा, तो आम आदमी आखिर जाए तो जाए कहां? पुलिस का काम न्याय दिलाना है या पीड़ितों को और तोड़ना?
प्रताप
अजमेर के आदर्श नगर थाने की लापरवाही देखिए— इकलौते बेटे ने कथित तौर पर पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे दी… मां ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई! आख़िरकार, जब बुजुर्ग मां ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया— तब जाकर FIR दर्ज हुई! क्या इंसाफ अब सिर्फ कागज़ों में लिखा एक शब्द बनकर रह गया है? क्या एक मां की चीख, एक परिवार का उजड़ना भी सिस्टम को नहीं झकझोर पाता? जब बेटा जिंदा था, तब उसे न्याय नहीं मिला… और मरने के बाद भी उसकी मां को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है! ये कैसी व्यवस्था है— जहां पीड़ित आवाज उठाए और सिस्टम चुप्पी साध ले? अगर यही हाल रहा, तो आम आदमी आखिर जाए तो जाए कहां? पुलिस का काम न्याय दिलाना है या पीड़ितों को और तोड़ना?
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- पश्चिम बंगाल की पुण्यभूमि ने आज राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास के मार्ग को चुनकर एक नया अध्याय लिख दिया है। यह विजय सिर्फ एक राजनीतिक परिणाम नहीं, बल्कि जन-जन के विश्वास, अथक परिश्रम और अटूट संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति है यह जीत उस विचारधारा की जीत है, जिसे अमर बलिदानी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने अपने त्याग और तपस्या से सींचा था। आज खिला यह 'कमल' उनके सपनों के साकार होने का प्रतीक है। मां भारती के सम्मान, बंगाल की ‘माटी’ की अस्मिता और समृद्ध भविष्य के संकल्प के साथ जनता ने भारतीय जनता पार्टी पर जो विश्वास जताया है, वह आने वाले स्वर्णिम युग की नींव है। यह ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी के प्रेरणादायी नेतृत्व, मा. गृहमंत्री Amit Shah जी की दूरदर्शी रणनीति एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी के कुशल मार्गदर्शन, साथ ही समर्पित कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का परिणाम है। हर कार्यकर्ता, हर समर्थक इस गौरव के भागीदार हैं। निर्भय होकर लोकतंत्र के इस पर्व में भाग लेने वाली जागरूक जनता और सुरक्षा बलों को हृदय से नमन। अब अंधकार छंट चुका है… अब परिवर्तन का सूरज उग चुका है… अब बंगाल विकास, विश्वास और नए इतिहास की ओर बढ़ चला है।1
- ✍️ संवाददाता – मुकेश बैरवा पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में जीत पर भोपाल सागर में उत्साह, आतिशबाजी कर मनाया जश्न चित्तौड़गढ़। भोपाल सागर में पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में मिली जीत की खुशी में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। जीत की घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने बाजार क्षेत्र में एकत्र होकर आतिशबाजी की तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। उपस्थित लोगों ने इसे जनता के विश्वास और संगठन की मेहनत का परिणाम बताया। इस अवसर पर भाजपा मंडल के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधान हेमेंद्र सिंह राणावत, सुरेश गाडरी, विजय अग्रवाल, राजु भाई साहब चंडालिया, लिलाधर जोशी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भोपाल सागर में देर तक उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी खुशी व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।1
- पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भीषण गर्मी से जूझ रहे क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए राहत तो दी, लेकिन इसके साथ ही कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर दीं। पिछले तीन दिनों से आसमान से आग बरस रही थी और तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया था, लेकिन सोमवार शाम को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। तापमान गिरकर करीब 30 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रात्रि तापमान भी 25 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। सोमवार देर रात मौसम ने उग्र रूप ले लिया। रात करीब 12 बजे के बाद तेज बिजली चमकने, मेघ गर्जना और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हुआ, जो तड़के 3 बजे तक जारी रहा। इस दौरान 10 से 15 मिनट तक बेर के आकार के हल्के ओले भी गिरे। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई स्थानों पर मकानों के भीतर तक पानी पहुंचा दिया। गांव में नालियों की सफाई नहीं होने से जल निकासी बाधित रही, जिससे गली-मोहल्लों में पानी भर गया। कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। तेज हवा और बारिश के बाद वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई और खुले में बैठना भी मुश्किल हो गया। मंगलवार को दिनभर हल्की उमस के बाद शाम होते-होते फिर बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। खबर लिखे जाने तक मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रहा। बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। खेतों में रखा सूखा चारा भीगकर खराब हो गया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं खेतों पर बंधे मवेशी भी अचानक आई बारिश से खुद को बचा नहीं पाए और भीग गए। बिजली व्यवस्था चरमराई, पूरी रात अंधेरे में गुजरी तेज हवा और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही। रात करीब 1 बजे गुल हुई बिजली सुबह 8 बजे जाकर बहाल हुई, जिससे ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। इसके बाद भी दिनभर बिजली आंख-मिचौली करती रही। लगातार लाइन फॉल्ट के चलते 12 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति बाधित रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजली नहीं होने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। वहीं अस्पतालों में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की स्थिति में त्वरित सुधार आवश्यक है। अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थित व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी।3
- 🚨 नीमच से बड़ी खबर: सामुदायिक भवन निर्माण पर विवाद, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार मध्य प्रदेश के नीमच जिले के ग्राम जयसिंहपुरा से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है। ग्राम जयसिंहपुरा की नई आबादी—जहां भील समाज के लोग निवास करते हैं—वहां ग्राम पंचायत द्वारा एक सामुदायिक भवन, यानी कम्युनिटी हॉल के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। यह भवन ग्रामीणों की सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहद जरूरी बताया जा रहा है। ⚠️ अतिक्रमण बना बड़ी रुकावट बताया जा रहा है कि जिस शासकीय भूमि पर यह भवन बनना था, वहां पहले से कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 22 अप्रैल 2026 को अतिक्रमण हटवाया और निर्माण कार्य की शुरुआत भी कर दी गई। 🚧 फिर क्यों रुका काम? ग्रामीणों के अनुसार, राजेंद्र सिंह तोमर नामक व्यक्ति मौके पर पहुंचे और न केवल निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि पहले हटाए गए अतिक्रमणकारियों को दोबारा उकसाकर नींव में मिट्टी भरवा दी। आरोप है कि अब वहां फिर से अवैध पक्का निर्माण करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर मांग की है कि— 👉 राजस्व विभाग द्वारा तत्काल सीमांकन कराया जाए 👉 निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराया जाए 👉 और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन उनकी जरूरत है, और इसमें देरी उनके सामाजिक जीवन को प्रभावित कर रही है। 👉 अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।2
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