आसमान से गिरी बर्फ, मौसम बदला; भीषण गर्मी से मिली राहत ओलावृष्टि व तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित, खेतों का सूखा चारा भीगकर खराब पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भीषण गर्मी से जूझ रहे क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए राहत तो दी, लेकिन इसके साथ ही कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर दीं। पिछले तीन दिनों से आसमान से आग बरस रही थी और तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया था, लेकिन सोमवार शाम को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। तापमान गिरकर करीब 30 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रात्रि तापमान भी 25 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। सोमवार देर रात मौसम ने उग्र रूप ले लिया। रात करीब 12 बजे के बाद तेज बिजली चमकने, मेघ गर्जना और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हुआ, जो तड़के 3 बजे तक जारी रहा। इस दौरान 10 से 15 मिनट तक बेर के आकार के हल्के ओले भी गिरे। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई स्थानों पर मकानों के भीतर तक पानी पहुंचा दिया। गांव में नालियों की सफाई नहीं होने से जल निकासी बाधित रही, जिससे गली-मोहल्लों में पानी भर गया। कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। तेज हवा और बारिश के बाद वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई और खुले में बैठना भी मुश्किल हो गया। मंगलवार को दिनभर हल्की उमस के बाद शाम होते-होते फिर बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। खबर लिखे जाने तक मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रहा। बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। खेतों में रखा सूखा चारा भीगकर खराब हो गया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं खेतों पर बंधे मवेशी भी अचानक आई बारिश से खुद को बचा नहीं पाए और भीग गए। बिजली व्यवस्था चरमराई, पूरी रात अंधेरे में गुजरी तेज हवा और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही। रात करीब 1 बजे गुल हुई बिजली सुबह 8 बजे जाकर बहाल हुई, जिससे ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। इसके बाद भी दिनभर बिजली आंख-मिचौली करती रही। लगातार लाइन फॉल्ट के चलते 12 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति बाधित रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजली नहीं होने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। वहीं अस्पतालों में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की स्थिति में त्वरित सुधार आवश्यक है। अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थित व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी।
आसमान से गिरी बर्फ, मौसम बदला; भीषण गर्मी से मिली राहत ओलावृष्टि व तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित, खेतों का सूखा चारा भीगकर खराब पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भीषण गर्मी से जूझ रहे क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए राहत तो दी, लेकिन इसके साथ ही कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर दीं। पिछले तीन दिनों से आसमान से आग बरस रही थी और तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया था, लेकिन सोमवार शाम को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। तापमान गिरकर करीब 30 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रात्रि तापमान भी 25 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। सोमवार देर रात मौसम ने उग्र रूप ले लिया। रात करीब 12 बजे के बाद तेज बिजली चमकने, मेघ गर्जना और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हुआ, जो तड़के 3 बजे तक जारी रहा। इस दौरान
10 से 15 मिनट तक बेर के आकार के हल्के ओले भी गिरे। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई स्थानों पर मकानों के भीतर तक पानी पहुंचा दिया। गांव में नालियों की सफाई नहीं होने से जल निकासी बाधित रही, जिससे गली-मोहल्लों में पानी भर गया। कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। तेज हवा और बारिश के बाद वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई और खुले में बैठना भी मुश्किल हो गया। मंगलवार को दिनभर हल्की उमस के बाद शाम होते-होते फिर बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। खबर लिखे जाने तक मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रहा। बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। खेतों में रखा सूखा चारा भीगकर खराब हो गया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं खेतों पर बंधे मवेशी भी अचानक आई बारिश से खुद
को बचा नहीं पाए और भीग गए। बिजली व्यवस्था चरमराई, पूरी रात अंधेरे में गुजरी तेज हवा और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही। रात करीब 1 बजे गुल हुई बिजली सुबह 8 बजे जाकर बहाल हुई, जिससे ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। इसके बाद भी दिनभर बिजली आंख-मिचौली करती रही। लगातार लाइन फॉल्ट के चलते 12 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति बाधित रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजली नहीं होने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। वहीं अस्पतालों में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की स्थिति में त्वरित सुधार आवश्यक है। अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थित व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी।
- पवन अग्रवाल चिकारड़ा। भीषण गर्मी से जूझ रहे क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए राहत तो दी, लेकिन इसके साथ ही कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर दीं। पिछले तीन दिनों से आसमान से आग बरस रही थी और तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया था, लेकिन सोमवार शाम को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। तापमान गिरकर करीब 30 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रात्रि तापमान भी 25 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। सोमवार देर रात मौसम ने उग्र रूप ले लिया। रात करीब 12 बजे के बाद तेज बिजली चमकने, मेघ गर्जना और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हुआ, जो तड़के 3 बजे तक जारी रहा। इस दौरान 10 से 15 मिनट तक बेर के आकार के हल्के ओले भी गिरे। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई स्थानों पर मकानों के भीतर तक पानी पहुंचा दिया। गांव में नालियों की सफाई नहीं होने से जल निकासी बाधित रही, जिससे गली-मोहल्लों में पानी भर गया। कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया, जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। तेज हवा और बारिश के बाद वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई और खुले में बैठना भी मुश्किल हो गया। मंगलवार को दिनभर हल्की उमस के बाद शाम होते-होते फिर बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। खबर लिखे जाने तक मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रहा। बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। खेतों में रखा सूखा चारा भीगकर खराब हो गया, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं खेतों पर बंधे मवेशी भी अचानक आई बारिश से खुद को बचा नहीं पाए और भीग गए। बिजली व्यवस्था चरमराई, पूरी रात अंधेरे में गुजरी तेज हवा और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही। रात करीब 1 बजे गुल हुई बिजली सुबह 8 बजे जाकर बहाल हुई, जिससे ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। इसके बाद भी दिनभर बिजली आंख-मिचौली करती रही। लगातार लाइन फॉल्ट के चलते 12 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति बाधित रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजली नहीं होने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। वहीं अस्पतालों में भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की स्थिति में त्वरित सुधार आवश्यक है। अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थित व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी।3
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव मेनार में ब्रह्म सागर की पाल पर स्थित प्राचीन श्रीनीलकंठ महादेव एवं हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय रुद्र मारुति महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का सैलाब उमड़ पड़ा है। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच प्रधान जोड़ी हेतु घी हवन की अंतिम धर्म बोली 2,21,000/- रुपये पर छूटी। ग्रामीणों व आयोजन समिति के तत्वावधान में पंडित अंबालाल शर्मा व शंकरलाल चौबीसा के सानिध्य में मंगलवार को अनुष्ठान संपन्न हुए। ग्रामीण प्रेमशंकर व नाथूलाल रामावत ने बताया कि ब्रह्म सागर की पाल पर हेमाद्री स्नान के लिए सभी यजमान जोड़ों का आगमन हुआ।1
- स्थानीय हनुमान जी के मंदिर पर गणेश मूर्ति स्थापना व शिव पार्वती स्थापना का महापर्व चल रहा है इस कार्यक्रम में कई अनुष्ठान किए जा रहे हैं4
- ग्राम पंचायत चितोड़िया में प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का हुआ आयोजन,मेधावी छात्र छात्राओं का किया सम्मान जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-ग्राम पंचायत चितोड़िया में प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन ग्राम पंचायत भवन चितोड़िया में किया गया है। जानकारी देते हुए ग्राम पंचायत चित्तौड़िया के सरपंच राजकुमार मीणा ने बताया कि इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत द्वारा की गई। वहीं मुख्य अतिथि बतौर पूर्व प्रदेश मंत्री व विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा द्वारा की गई है। विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पूर्व विधायक नगराज मीणा, रामलाल मीणा,भेरूलाल मीणा, धनराज मीणा,किशन लाल मीणा,नाथूलाल मीणा,अर्जुन लाल मीणा,केशुलाल मीणा एडवोकेट सहित सम्मिलित हुए है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता चितोड़िया सरपंच राजकुमार मीणा एवं समस्त ग्रामवासियों ने कार्यक्रम में आए हुए तमाम अतिथियों का फूल मालाओं से एवं साफा पहनाकर स्वागत- अभिनंदन किया। इस दौरान तमाम वक्ताओं ने कार्यक्रम को लेकर अपनी-अपनी बातों को रखा है। कार्यक्रम में नवोदय विद्यालय,एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं चितोड़िया के समस्त स्कूलों में मेधावी छात्र-छात्राओं को ओपरने व प्रशस्ति पत्र,ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां पेश की है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता राजकुमार मीणा सरपंच चित्तौड़िया ने अंत में सभी का आभार जताते हुए प्रथम पंचायत स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का हर्सोल्लासपूर्वक समापन किया।1
- ✍️ संवाददाता – मुकेश बैरवा पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में जीत पर भोपाल सागर में उत्साह, आतिशबाजी कर मनाया जश्न चित्तौड़गढ़। भोपाल सागर में पश्चिम बंगाल, असम और पांडुचेरी में मिली जीत की खुशी में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। जीत की घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने बाजार क्षेत्र में एकत्र होकर आतिशबाजी की तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। उपस्थित लोगों ने इसे जनता के विश्वास और संगठन की मेहनत का परिणाम बताया। इस अवसर पर भाजपा मंडल के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधान हेमेंद्र सिंह राणावत, सुरेश गाडरी, विजय अग्रवाल, राजु भाई साहब चंडालिया, लिलाधर जोशी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भोपाल सागर में देर तक उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी खुशी व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।1
- Post by प्रताप1
- Post by Hello Chittorgarh News2
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी के पिता स्वर्गीय मेघराज डांगी के निधन पर मंगलवार को प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद्र कटारिया सहित कई गणमान्य हस्तियों ने उनके डबोक स्थित निवास पहुँचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। *उपमुख्यमंत्री ने बंधाया ढांढस:-* मंगलवार को उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी डबोक स्थित विधायक निवास पहुंचीं। उन्होंने स्वर्गीय मेघराज डांगी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपमुख्यमंत्री ने विधायक उदयलाल डांगी के साथ चर्चा करते हुए उन्हें इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। इसके पश्चात उन्होंने परिवार की महिलाओं से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।1