प्रधानाचार्य कविता खान को हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट == अररिया जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य खुर्शीद खान की धर्मपत्नी कविता खान का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया था जिन्हे गुरुवार को अंतिम यात्रा मे हजारों लोग शामिल हुय।शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है। गुरुवार को जोगबनी स्थित माहेश्वरी कब्रिस्तान में नमाज-ए-जनाजा के बाद उन्हें नम आँखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। जनाजे में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि कविता खान का समाज में कितना सम्मान और प्रभाव था। कविता खान अपने सौम्य स्वभाव, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल को न केवल जिले में बल्कि बिहार स्तर पर एक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण ने हजारों छात्रों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अनुशासन, गुणवत्ता शिक्षा और नैतिक मूल्यों को लेकर हमेशा सजग रहती थीं। उनके निधन पर अररिया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मासूम रेजा, पूर्व विधायक जाकिर अनवर बैराग, जोगबनी नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष भोला शंकर तिवारी, पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू राय, नेपाली कांग्रेस कोशी प्रदेश के कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता, अमौना पंचायत के मुन्ना खान, राजद नगर अध्यक्ष विकास कुमार विक्की, ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षति कभी पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा संगठन शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। वहीं जोगबनी नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष नरेश प्रसाद ने कहा कि कविता खान सिर्फ एक प्रधानाचार्य नहीं थीं, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय और अग्रणी भूमिका रही। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया, जिसे हमेशा याद किया जाएगा। गौरतलब है कि कविता खान, पूर्व विधायक जाकिर अनवर की भाभो थीं। इस मौके पर पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज आलम, अनवर राज उर्फ बबलू, वाहिद अंसारी, रहमत अली, कसबा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी अफाक आलम, जावेद राजा, मोहम्मद अखवर, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, मोहमद रियाज, अंजार अहमद, रामसेवक मिस्त्री, सरोज यादव, जमशेद आलम, शिव शंकर राय, सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
प्रधानाचार्य कविता खान को हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट == अररिया जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य खुर्शीद खान की धर्मपत्नी कविता खान का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया था जिन्हे गुरुवार को अंतिम यात्रा मे हजारों लोग शामिल हुय।शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है। गुरुवार को जोगबनी स्थित माहेश्वरी कब्रिस्तान में नमाज-ए-जनाजा के बाद उन्हें नम आँखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। जनाजे में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि कविता खान का समाज में कितना सम्मान और प्रभाव था। कविता खान अपने सौम्य स्वभाव, कुशल नेतृत्व
और दूरदर्शी सोच के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल को न केवल जिले में बल्कि बिहार स्तर पर एक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण ने हजारों छात्रों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अनुशासन, गुणवत्ता शिक्षा और नैतिक मूल्यों को लेकर हमेशा सजग रहती थीं। उनके निधन पर अररिया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मासूम रेजा, पूर्व विधायक जाकिर अनवर बैराग, जोगबनी नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष भोला शंकर तिवारी, पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू राय, नेपाली कांग्रेस कोशी प्रदेश के कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता, अमौना पंचायत के मुन्ना खान, राजद नगर अध्यक्ष विकास कुमार विक्की, ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षति कभी पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि
दुख की इस घड़ी में पूरा संगठन शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। वहीं जोगबनी नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष नरेश प्रसाद ने कहा कि कविता खान सिर्फ एक प्रधानाचार्य नहीं थीं, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय और अग्रणी भूमिका रही। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया, जिसे हमेशा याद किया जाएगा। गौरतलब है कि कविता खान, पूर्व विधायक जाकिर अनवर की भाभो थीं। इस मौके पर पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज आलम, अनवर राज उर्फ बबलू, वाहिद अंसारी, रहमत अली, कसबा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी अफाक आलम, जावेद राजा, मोहम्मद अखवर, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, मोहमद रियाज, अंजार अहमद, रामसेवक मिस्त्री, सरोज यादव, जमशेद आलम, शिव शंकर राय, सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
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- जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट == अररिया जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य खुर्शीद खान की धर्मपत्नी कविता खान का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया था जिन्हे गुरुवार को अंतिम यात्रा मे हजारों लोग शामिल हुय।शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है। गुरुवार को जोगबनी स्थित माहेश्वरी कब्रिस्तान में नमाज-ए-जनाजा के बाद उन्हें नम आँखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। जनाजे में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि कविता खान का समाज में कितना सम्मान और प्रभाव था। कविता खान अपने सौम्य स्वभाव, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने ज़ेनिथ पब्लिक स्कूल को न केवल जिले में बल्कि बिहार स्तर पर एक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण ने हजारों छात्रों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अनुशासन, गुणवत्ता शिक्षा और नैतिक मूल्यों को लेकर हमेशा सजग रहती थीं। उनके निधन पर अररिया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मासूम रेजा, पूर्व विधायक जाकिर अनवर बैराग, जोगबनी नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष भोला शंकर तिवारी, पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू राय, नेपाली कांग्रेस कोशी प्रदेश के कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता, अमौना पंचायत के मुन्ना खान, राजद नगर अध्यक्ष विकास कुमार विक्की, ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षति कभी पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा संगठन शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। वहीं जोगबनी नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष नरेश प्रसाद ने कहा कि कविता खान सिर्फ एक प्रधानाचार्य नहीं थीं, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय और अग्रणी भूमिका रही। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया, जिसे हमेशा याद किया जाएगा। गौरतलब है कि कविता खान, पूर्व विधायक जाकिर अनवर की भाभो थीं। इस मौके पर पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज आलम, अनवर राज उर्फ बबलू, वाहिद अंसारी, रहमत अली, कसबा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी अफाक आलम, जावेद राजा, मोहम्मद अखवर, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, मोहमद रियाज, अंजार अहमद, रामसेवक मिस्त्री, सरोज यादव, जमशेद आलम, शिव शंकर राय, सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।3
- सुपौल के उमाश्री स्टील प्रतिष्ठान (बुलेट शो रूम) में कामधेनु कंपनी द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शहर के प्रमुख व्यवसायियों, उद्यमियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व कंपनी के बिहार हेड राजेश कुमार ने किया। समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई, जहां प्रतिष्ठान के संचालक ने इसे गर्व का विषय बताते हुए व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान कंपनी प्रतिनिधियों ने स्थानीय व्यापारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यवसायियों को पेन, डायरी व अन्य उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही आपसी सहयोग और व्यापार के विस्तार को लेकर विचार-विमर्श किया गया। यह आयोजन सुपौल के व्यापारिक माहौल को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।4
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- अररिया/फारबिसगंज: पोषण पखवाड़ा 2026 के तहत समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत बाल विकास परियोजना कार्यालय नरपतगंज और फारबिसगंज द्वारा प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में जागरूकता एवं स्वास्थ्य से जुड़े कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का संचालन सीडीपीओ स्वेता कुमारी के दिशा-निर्देशन में सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को संतुलित आहार, स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान महिला पर्यवेक्षिकाओं मे अर्पणा कुमारी,नेहा नयन,नाजिया अंदलीव, सुमित्रा साहा,गजाला प्रवीण, तनुजा कुमारी,उर्मिला कुमारी,नूतन कुमारी,मधुलता कुमारी,रौशन शबाना,सुप्रभा भारती,सुषमा कुमारी,राही आलम ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोष्ठी, रैली, पोषण संबंधी जानकारी एवं स्वास्थ्य जांच जैसे कार्यक्रम आयोजित किये। स्थानीय लोगों ने भी इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सीडीपीओ स्वेता कुमारी ने बताया कि पोषण पखवाड़ा का उद्देश्य कुपोषण को समाप्त करना और समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को संतुलित आहार अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने का संदेश दिया गया।1
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