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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के हमीरपुर दौरे के दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील पाठक और राठ CO के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच यह विवाद कार्यक्रम स्थल में प्रवेश को लेकर हुआ, जिसका एक वीडियो अब वायरल हो रहा है। इस वाद-विवाद को शांत कराने के लिए CO मौदहा को बीच में आना पड़ा। यह घटना राठ कस्बे के एक गेस्ट हाउस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के समापन कार्यक्रम के दौरान हुई, जहाँ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी पहुँचे थे।
Sheelu Nishad
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के हमीरपुर दौरे के दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील पाठक और राठ CO के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच यह विवाद कार्यक्रम स्थल में प्रवेश को लेकर हुआ, जिसका एक वीडियो अब वायरल हो रहा है। इस वाद-विवाद को शांत कराने के लिए CO मौदहा को बीच में आना पड़ा। यह घटना राठ कस्बे के एक गेस्ट हाउस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के समापन कार्यक्रम के दौरान हुई, जहाँ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी पहुँचे थे।
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- हमीरपुर जिले के मौदहा नगर स्थित डिग्री कॉलेज रोड पर एक सरफिरे युवक ने पुलिस को गालीगलौज करते हुए जमकर हंगामा किया। दरअसल, युवक की आए दिन की मारपीट से परेशान होकर उसके परिजनों ने पुलिस को बुलाया था। मौके पर पहुंची 112 पुलिस टीम को युवक ने गालियां दीं और हाथ में पत्थर उठाकर उन्हें दौड़ाया। इस दौरान उसने 112 पुलिस स्कॉर्पियो और एम्बुलेंस के शीशे भी तोड़ दिए। जब पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो युवक ने पास लगे हैंडपंप में अपना सिर पटककर खुद को लहूलुहान कर लिया। पुलिस ने खून से लथपथ युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया।1
- डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के हमीरपुर दौरे के दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील पाठक और राठ CO के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच यह विवाद कार्यक्रम स्थल में प्रवेश को लेकर हुआ, जिसका एक वीडियो अब वायरल हो रहा है। इस वाद-विवाद को शांत कराने के लिए CO मौदहा को बीच में आना पड़ा। यह घटना राठ कस्बे के एक गेस्ट हाउस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के समापन कार्यक्रम के दौरान हुई, जहाँ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी पहुँचे थे।3
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में महज दो रातों तक विद्युत आपूर्ति में सुधार रहने के बाद, सोमवार रात को फिर से अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। नौतपा शुरू होने के साथ ही दिन और रात में बढ़ती गर्मी के कारण लोग पहले से ही परेशान हैं। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद मिली दो रातों की राहत कायम नहीं रह सकी और सोमवार को रात 2 बजे गायब हुई बिजली तड़के 4 बजे ही वापस आ सकी। इससे पहले रात 10.30 बजे भी एक घंटे की कटौती हुई थी, और फिर सुबह 5 बजे से 6 बजे तक बिजली कटी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों, जिनमें श्रीराम श्रीवास, उदयभान यादव, चंद्र प्रकाश यादव, रामेश्वर वर्मा, दीपू विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, बाबू सिंह और गुरु सिंह शामिल हैं, ने बताया कि अघोषित कटौती ने उनकी रातों की नींद छीन ली है और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि अघोषित कटौती उनके स्तर से नहीं की जा रही है, बल्कि यह "ऊपर से" हो रही है।1
- कानपुर नगर के घाटमपुर तहसील क्षेत्र के घुघुवा गांव के पास घुघुवा पुल पर एक ऑटो के पलटने से हमीरपुर निवासी एक महिला और उसके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 33 वर्षीय बिनी सचान, उनका सात वर्षीय पुत्र आरुष सचान और 13 वर्षीय पुत्री तनवी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, बिनी सचान अपने बच्चों के साथ इंदौर से हमीरपुर लौट रही थीं। बिनी सचान ने बताया कि घुघुवा पुल के पास अचानक एक बच्चा रास्ता पार करने लगा। उस बच्चे को बचाने के प्रयास में ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे तीनों गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने तनवी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे कानपुर के उर्सला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है।1
- कानपुर शहर के गौशाला चौराहे के पास स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक आग लग गई। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी भीषण थी कि जब तक उस पर काबू पाया जा सका, तब तक फैक्ट्री में रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, आग लगने के कारणों से संबंधित कोई जनहानि होने की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।1
- कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के हाफिजपुर मोहल्ले में बीती रात चोरों ने एक ताला बंद घर को निशाना बनाया। चोर घर से लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और ₹30,000 नकद लेकर फरार हो गए। बताया गया कि घर का परिवार अपनी बीमार जेठानी को देखने के लिए ताला लगाकर बाहर गया था। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के मलीकुआ चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक शराबी युवक ने अत्यधिक शराब के नशे में जमकर उत्पात मचाया। युवक ने वहाँ मौजूद कुछ लोगों के साथ गाली-गलौज करने के साथ-साथ हाथापाई भी की, जिसके चलते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हंगामे के दौरान मौजूद लोगों ने किसी तरह शराबी युवक को मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुँचाया। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- हमीरपुर जिले के बिवांर थाना क्षेत्र के ग्राम छानी खुर्द में इन दिनों जुआरियों के हौसले बुलंद हैं, जहाँ 'तीन मढ़ी तालाब' के पास सुबह से लेकर देर रात तक लाखों रुपये का जुआ खेला जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से स्थानीय ग्रामीण बेहद परेशान हैं, लेकिन रसूखदारों के खौफ और कथित पुलिसिया संरक्षण के चलते कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जुए का यह फड़ एक प्राइमरी स्कूल से महज 50 मीटर की दूरी पर है, जिससे मासूम बच्चों के मानस पटल पर भी इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है। बताया गया है कि इस अवैध कारोबार को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। जुए के फड़ के आसपास बकायदा 'लोकेटर' (मुखबिर) तैनात किए जाते हैं, जो गाँव के रास्तों और मुख्य सड़क पर नजर रखते हैं ताकि किसी भी अनजान व्यक्ति या वरिष्ठ अधिकारी के क्षेत्र में आने पर जुआरियों को तुरंत सतर्क किया जा सके। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के दावों के अनुसार, यह पूरा खेल स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत और सह पर चल रहा है। शिकायत की आशंका होने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न करना, इन चर्चाओं को और बल देता है। लाखों के इस खेल में हर दिन बड़ी रकम दांव पर लग रही है, जिससे क्षेत्र में अपराध बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। त्रस्त ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही इस जुए के फड़ को बंद नहीं कराया गया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।4