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3 hrs ago
user_Rishi Kisan Machine
Rishi Kisan Machine
Farmer तोरपा, खूंटी, झारखंड•
3 hrs ago

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    user_Rishi Kisan Machine
    Rishi Kisan Machine
    Farmer तोरपा, खूंटी, झारखंड•
    3 hrs ago
  • परिसीमन के मुद्दे को लेकर 30 अगस्त को रांची में आदिवासी एकता महाजुटान रैली। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। परिसीमन के मुद्दे को लेकर 30 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान रैली आयोजित की जाएगी। ‘समस्त आदिवासी समाज, झारखंड’ के बैनर तले होने वाली इस रैली की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पूर्व मंत्री बंधु तिर्की खूंटी पहुंचे। उन्होंने आदिवासी समन्वय समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर रैली की रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद स्थानीय परिसदन में प्रेस कांफ्रेंस कर परिसीमन को आदिवासी समाज के लिए बड़ी चुनौती बताया। बंधु तिर्की ने कहा कि देशभर में आदिवासी समाज गंभीर संकट से गुजर रहा है। कई राज्यों में आदिवासियों को उनकी जमीन और अधिकारों से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश के सिंगरौली और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि आदिवासियों के विस्थापन के बाद बड़े उद्योगपतियों को बसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी परिसीमन का खतरा मंडरा रहा है। वर्ष 2006-07 में परिसीमन की चर्चा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर इसे रोका गया था। अब करीब दो दशक बाद फिर वही स्थिति सामने है। उन्होंने कहा कि परिसीमन जनगणना के आधार पर होता है, जिसका झारखंड के आदिवासी समाज पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड का गठन आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए हुआ है। यहां जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और परंपरा की सुरक्षा के लिए पांचवीं अनुसूची लागू है। उन्होंने आशंका जताई कि परिसीमन में आदिवासी सीटों की संख्या कम होने से राज्य की राजनीति पर इसका असर पड़ेगा। पांच-छह सीटों की कमी भी भविष्य में आदिवासी नेतृत्व को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने परिसीमन को लेकर भाजपा पर षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी समाज को समय रहते एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि परिसीमन होने की स्थिति में आदिवासी सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि की जानी चाहिए। बंधु तिर्की ने बताया कि परिसीमन के मुद्दे पर एक ड्राफ्टिंग कमिटी गठित की गई है। इसमें हाईकोर्ट के सुभाषिष सोरेन और नेशनल लॉ कॉलेज के रामचंद्र उरांव शामिल हैं। कमिटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के माध्यम से संसद तक पहुंचाने की तैयारी है। प्रेस कांफ्रेंस में रैली आयोजन समिति के शशि पन्ना ने भी संबोधित किया। मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सुनीता गोप, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि विल्सन तोपनो, पीटर मुंडू, कांग्रेस जिला महासचिव प्रणीत तोपनो, आदिवासी समन्वय समिति के मार्शल बारला, बिनसाय मुंडा सहित कई आदिवासी नेता मौजूद थे।
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    परिसीमन के मुद्दे को लेकर 30 अगस्त को रांची में आदिवासी एकता महाजुटान रैली।
शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता।
खूंटी।
परिसीमन के मुद्दे को लेकर 30 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान रैली आयोजित की जाएगी। ‘समस्त आदिवासी समाज, झारखंड’ के बैनर तले होने वाली इस रैली की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पूर्व मंत्री बंधु तिर्की खूंटी पहुंचे। उन्होंने आदिवासी समन्वय समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर रैली की रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद स्थानीय परिसदन में प्रेस कांफ्रेंस कर परिसीमन को आदिवासी समाज के लिए बड़ी चुनौती बताया।
बंधु तिर्की ने कहा कि देशभर में आदिवासी समाज गंभीर संकट से गुजर रहा है। कई राज्यों में आदिवासियों को उनकी जमीन और अधिकारों से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश के सिंगरौली और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि आदिवासियों के विस्थापन के बाद बड़े उद्योगपतियों को बसाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में भी परिसीमन का खतरा मंडरा रहा है। वर्ष 2006-07 में परिसीमन की चर्चा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर इसे रोका गया था। अब करीब दो दशक बाद फिर वही स्थिति सामने है। उन्होंने कहा कि परिसीमन जनगणना के आधार पर होता है, जिसका झारखंड के आदिवासी समाज पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड का गठन आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए हुआ है। यहां जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और परंपरा की सुरक्षा के लिए पांचवीं अनुसूची लागू है। उन्होंने आशंका जताई कि परिसीमन में आदिवासी सीटों की संख्या कम होने से राज्य की राजनीति पर इसका असर पड़ेगा। पांच-छह सीटों की कमी भी भविष्य में आदिवासी नेतृत्व को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने परिसीमन को लेकर भाजपा पर षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी समाज को समय रहते एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि परिसीमन होने की स्थिति में आदिवासी सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि की जानी चाहिए।
बंधु तिर्की ने बताया कि परिसीमन के मुद्दे पर एक ड्राफ्टिंग कमिटी गठित की गई है। इसमें हाईकोर्ट के सुभाषिष सोरेन और नेशनल लॉ कॉलेज के रामचंद्र उरांव शामिल हैं। कमिटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के माध्यम से संसद तक पहुंचाने की तैयारी है। प्रेस कांफ्रेंस में रैली आयोजन समिति के शशि पन्ना ने भी संबोधित किया।
मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सुनीता गोप, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि विल्सन तोपनो, पीटर मुंडू, कांग्रेस जिला महासचिव प्रणीत तोपनो, आदिवासी समन्वय समिति के मार्शल बारला, बिनसाय मुंडा सहित कई आदिवासी नेता मौजूद थे।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    2 hrs ago
  • विधायक Rajesh कच्छप और भाजपा MLA नीरा Yadav के बीच पत्रकारों के सामने तीखा बहस JPSC मुद्दा और विधानसभा घेराव फिर गरमाया
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    विधायक Rajesh कच्छप और भाजपा MLA नीरा Yadav के बीच पत्रकारों के सामने तीखा बहस
JPSC मुद्दा और विधानसभा घेराव फिर गरमाया
    user_News 4 Public
    News 4 Public
    Newspaper publisher नामकुम, रांची, झारखंड•
    58 min ago
  • JPSC-JSSC CGL छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद फूटा गुस्सा: 'सरकार हमें लाठी नहीं गोली मार दे, जब तक जिंदा हैं विरोध करेंगे' ​रांची। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और विधानसभा घेराव करने पहुंचे JPSC और JSSC CGL के अभ्यर्थियों पर 10 अगस्त को हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पर अपना दर्द और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ​लाठीचार्ज की घटना से आहत अभ्यर्थियों ने सरकार की इस कार्रवाई पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। गुस्साए छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, "सरकार हमें लाठी मारने के बजाय सीधे गोली मार दे, ताकि विरोध ही समाप्त हो जाए। जब तक हम जिंदा रहेंगे, अपने हक और रोजगार के लिए विरोध करते रहेंगे। जब हम मर जाएंगे, तो विरोध करने वाला ही कोई नहीं बचेगा।" ​शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बरता का आरोप छात्रों का कहना है कि वे 10 अगस्त को अत्यंत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे। लेकिन प्रशासन ने संवाद कायम करने के बजाय उन पर लाठियां बरसाईं, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अपनी वाजिब मांगों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की आवाज उठाने पर सरकार लाठी के बल पर उनकी आवाज दबाना चाहती है। ​जारी रहेगा आंदोलन छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिसिया कार्रवाई से डरकर वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल परीक्षा की नहीं, बल्कि उनके भविष्य और आत्मसम्मान की है।
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    JPSC-JSSC CGL छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद फूटा गुस्सा: 'सरकार हमें लाठी नहीं गोली मार दे, जब तक जिंदा हैं विरोध करेंगे'
​रांची। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और विधानसभा घेराव करने पहुंचे JPSC और JSSC CGL के अभ्यर्थियों पर 10 अगस्त को हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पर अपना दर्द और कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
​लाठीचार्ज की घटना से आहत अभ्यर्थियों ने सरकार की इस कार्रवाई पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। गुस्साए छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, "सरकार हमें लाठी मारने के बजाय सीधे गोली मार दे, ताकि विरोध ही समाप्त हो जाए। जब तक हम जिंदा रहेंगे, अपने हक और रोजगार के लिए विरोध करते रहेंगे। जब हम मर जाएंगे, तो विरोध करने वाला ही कोई नहीं बचेगा।"
​शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बरता का आरोप
छात्रों का कहना है कि वे 10 अगस्त को अत्यंत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे। लेकिन प्रशासन ने संवाद कायम करने के बजाय उन पर लाठियां बरसाईं, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अपनी वाजिब मांगों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की आवाज उठाने पर सरकार लाठी के बल पर उनकी आवाज दबाना चाहती है।
​जारी रहेगा आंदोलन
छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिसिया कार्रवाई से डरकर वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल परीक्षा की नहीं, बल्कि उनके भविष्य और आत्मसम्मान की है।
    user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Insurance Agent लापुंग, रांची, झारखंड•
    1 hr ago
  • एक कहानी ....... फैसले की तारीख ........A story of a poor farmer and indian court.
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    एक कहानी ....... फैसले की तारीख ........A story of a poor farmer and indian court.
    user_Shyam Pokra
    Shyam Pokra
    Ratu, Ranchi•
    21 hrs ago
  • RATO 7.5 HP Power Weeder Full Review | खरीदने से पहले ये वीडियो जरूर देखें
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    RATO 7.5 HP Power Weeder Full Review | खरीदने से पहले ये वीडियो जरूर देखें
    user_Rishi Kisan Machine
    Rishi Kisan Machine
    Farmer तोरपा, खूंटी, झारखंड•
    15 hrs ago
  • CJP फाउंडर अभिजीत दीपके से देवेंद्र नाथ महतो की वीडियो कॉल पर बातचित। #cjp
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    CJP फाउंडर अभिजीत दीपके से देवेंद्र नाथ महतो की वीडियो कॉल पर बातचित।
#cjp
    user_Janata Platform
    Janata Platform
    TV News Anchor Namkum, Ranchi•
    12 hrs ago
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