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उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए विक्रांत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बंटी ठाकुर फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।

10 hrs ago
user_रिपोर्टर अर्जुन कुमार
रिपोर्टर अर्जुन कुमार
Local News Reporter रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
10 hrs ago

उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए विक्रांत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बंटी ठाकुर फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।

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  • उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए विक्रांत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बंटी ठाकुर फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।
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    उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए विक्रांत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बंटी ठाकुर फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।
    user_रिपोर्टर अर्जुन कुमार
    रिपोर्टर अर्जुन कुमार
    Local News Reporter रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद, शासन के निर्देश पर बिलासपुर का स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, शनिवार को नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर संस्थानों और आईलेट्स सेंटरों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण से संचालकों में हड़कंप मच गया, क्योंकि टीम ने नगर में संचालित करीब सात संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाएं परखीं। निरीक्षण के दौरान, टीम ने विद्युत सुरक्षा, प्रवेश एवं निकास द्वार, फर्नीचर की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, और आपातकालीन निकासी सहित लगभग आठ प्रमुख सुरक्षा बिंदुओं का गहनता से परीक्षण किया। प्रत्येक संस्थान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे अधिशासी अधिकारी डॉ. गंगवार के अनुसार उपजिलाधिकारी को भेजा जाएगा। डॉ. गंगवार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह, अग्निशमन अधिकारी, कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार, कमल सक्सेना सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद, शासन के निर्देश पर बिलासपुर का स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, शनिवार को नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर संस्थानों और आईलेट्स सेंटरों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण से संचालकों में हड़कंप मच गया, क्योंकि टीम ने नगर में संचालित करीब सात संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाएं परखीं।

निरीक्षण के दौरान, टीम ने विद्युत सुरक्षा, प्रवेश एवं निकास द्वार, फर्नीचर की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, और आपातकालीन निकासी सहित लगभग आठ प्रमुख सुरक्षा बिंदुओं का गहनता से परीक्षण किया। प्रत्येक संस्थान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे अधिशासी अधिकारी डॉ. गंगवार के अनुसार उपजिलाधिकारी को भेजा जाएगा।

डॉ. गंगवार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह, अग्निशमन अधिकारी, कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार, कमल सक्सेना सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_कामरान खांन कम्मु
    कामरान खांन कम्मु
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ (सैम बहादुर) को भारतीय सेना के महानतम जनरलों में से एक माना जाता है। उनकी अदम्य सैन्य रणनीति ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करने पर मजबूर किया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। वह भारतीय सैन्य अधिकारी थे जिन्हें फील्ड मार्शल के सर्वोच्च पद पर पदोन्नत किया गया। सैम होर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ का जन्म 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर, पंजाब में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शेरवुड कॉलेज, नैनीताल और हिंदू कॉलेज, अमृतसर में पूरी की। इसके बाद, वह भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून के पहले बैच (1932) में शामिल हुए। उनके सैन्य करियर में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा (म्यांमार) में बहादुरी से लड़ाई शामिल है, जहाँ उन्हें गंभीर चोटें लगी थीं। इसके बावजूद, उन्होंने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया और जीवित बचे, जिसके लिए उन्हें 'मिलिट्री क्रॉस' से सम्मानित किया गया। मानेकशॉ 1969 में सेना प्रमुख बने। उनके नेतृत्व में, भारतीय सेना ने 1971 में मात्र 13 दिनों के भीतर पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत में, उनके शानदार नेतृत्व के परिणामस्वरूप 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। अपनी विशिष्ट सैन्य शैली, वीरता और करिश्माई नेतृत्व के कारण उन्हें गोरखा और भारतीय सेना के जवानों द्वारा प्यार से 'सैम बहादुर' कहा जाता था। उनकी असाधारण सेवाओं के सम्मान में, उन्हें 1 जनवरी 1973 को सेना के सर्वोच्च पद 'फील्ड मार्शल' से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 1968 में पद्म भूषण और 1972 में पद्म विभूषण जैसे राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। चार दशकों तक देश की सेवा करने के बाद, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का 27 जून 2008 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह अपने अनुशासित जीवन, स्पष्टवादिता और असीम साहस के लिए हमेशा भारतीय इतिहास में अमर रहेंगे।
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    फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ (सैम बहादुर) को भारतीय सेना के महानतम जनरलों में से एक माना जाता है। उनकी अदम्य सैन्य रणनीति ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करने पर मजबूर किया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। वह भारतीय सैन्य अधिकारी थे जिन्हें फील्ड मार्शल के सर्वोच्च पद पर पदोन्नत किया गया।

सैम होर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ का जन्म 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर, पंजाब में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शेरवुड कॉलेज, नैनीताल और हिंदू कॉलेज, अमृतसर में पूरी की। इसके बाद, वह भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून के पहले बैच (1932) में शामिल हुए। उनके सैन्य करियर में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा (म्यांमार) में बहादुरी से लड़ाई शामिल है, जहाँ उन्हें गंभीर चोटें लगी थीं। इसके बावजूद, उन्होंने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया और जीवित बचे, जिसके लिए उन्हें 'मिलिट्री क्रॉस' से सम्मानित किया गया।

मानेकशॉ 1969 में सेना प्रमुख बने। उनके नेतृत्व में, भारतीय सेना ने 1971 में मात्र 13 दिनों के भीतर पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत में, उनके शानदार नेतृत्व के परिणामस्वरूप 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया।

अपनी विशिष्ट सैन्य शैली, वीरता और करिश्माई नेतृत्व के कारण उन्हें गोरखा और भारतीय सेना के जवानों द्वारा प्यार से 'सैम बहादुर' कहा जाता था। उनकी असाधारण सेवाओं के सम्मान में, उन्हें 1 जनवरी 1973 को सेना के सर्वोच्च पद 'फील्ड मार्शल' से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 1968 में पद्म भूषण और 1972 में पद्म विभूषण जैसे राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।

चार दशकों तक देश की सेवा करने के बाद, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का 27 जून 2008 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह अपने अनुशासित जीवन, स्पष्टवादिता और असीम साहस के लिए हमेशा भारतीय इतिहास में अमर रहेंगे।
    user_Jagdish Ballabh Sharma
    Jagdish Ballabh Sharma
    Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में ताजिए के जुलूस के दौरान मुस्लिम व्यक्तियों के बीच नोट उड़ाने को लेकर आपस में विवाद उत्पन्न हो गया। इस घटना के संबंध में सीओ हाईवे श्री देवेश सिंह ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। पुलिस इस विवाद पर आवश्यक कार्यवाही कर रही है।
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    बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में ताजिए के जुलूस के दौरान मुस्लिम व्यक्तियों के बीच नोट उड़ाने को लेकर आपस में विवाद उत्पन्न हो गया। इस घटना के संबंध में सीओ हाईवे श्री देवेश सिंह ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। पुलिस इस विवाद पर आवश्यक कार्यवाही कर रही है।
    user_BREAKING RV NEWS , Vimal Singh
    BREAKING RV NEWS , Vimal Singh
    Media and information sciences faculty बहेड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • नैनीताल के अपर मॉलरोड पर वीकेंड में सैलानियों की भारी भीड़ के कारण एक गंभीर मरीज को हल्द्वानी ले जा रही एम्बुलेंस भीषण जाम में फंस गई। गाड़ियों के रेले के बीच एम्बुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा, जिससे मरीज के तीमारदारों की चिंता बढ़ती जा रही थी क्योंकि मरीज के लिए हर मिनट कीमती था। एम्बुलेंस के फंसे होने की सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात स्थानीय पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए। जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पर्यटकों के वाहनों को किनारे कराया और कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10 मिनट में रास्ता खाली कराकर एम्बुलेंस को हल्द्वानी के लिए सुरक्षित रवाना किया।
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    नैनीताल के अपर मॉलरोड पर वीकेंड में सैलानियों की भारी भीड़ के कारण एक गंभीर मरीज को हल्द्वानी ले जा रही एम्बुलेंस भीषण जाम में फंस गई। गाड़ियों के रेले के बीच एम्बुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा, जिससे मरीज के तीमारदारों की चिंता बढ़ती जा रही थी क्योंकि मरीज के लिए हर मिनट कीमती था। एम्बुलेंस के फंसे होने की सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात स्थानीय पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए। जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पर्यटकों के वाहनों को किनारे कराया और कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10 मिनट में रास्ता खाली कराकर एम्बुलेंस को हल्द्वानी के लिए सुरक्षित रवाना किया।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • रामपुर जिले की तहसील टांडा में इस समय भीषण गर्मी और लू से आम जनजीवन बेहाल है। तपती धूप में सड़कों पर निकलने वाले यात्रियों और मेहनतकश मजदूरों को विशेष रूप से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस परेशानी को देखते हुए, स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने मिलकर सड़कों के किनारे पानी पिलाने की व्यवस्था की है। राहगीरों का कहना है कि चिलचिलाती धूप में यह सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
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    रामपुर जिले की तहसील टांडा में इस समय भीषण गर्मी और लू से आम जनजीवन बेहाल है। तपती धूप में सड़कों पर निकलने वाले यात्रियों और मेहनतकश मजदूरों को विशेष रूप से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस परेशानी को देखते हुए, स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने मिलकर सड़कों के किनारे पानी पिलाने की व्यवस्था की है। राहगीरों का कहना है कि चिलचिलाती धूप में यह सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
    user_SonuKumar Gautam midia
    SonuKumar Gautam midia
    Local News Reporter टांडा, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • तहसील स्वार के समस्त अधिवक्ताओं ने ई-रजिस्ट्री की व्यवस्था के विरोध में अपनी कलम बंद हड़ताल जारी रखी है। अधिवक्ता लगातार इस व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। अपनी इस मांग को लेकर, अधिवक्ताओं ने शनिवार शाम 4:00 बजे क्षेत्रीय विधायक शफीक अहमद अंसारी को एक ज्ञापन सौंपा। विधायक अंसारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।
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    तहसील स्वार के समस्त अधिवक्ताओं ने ई-रजिस्ट्री की व्यवस्था के विरोध में अपनी कलम बंद हड़ताल जारी रखी है। अधिवक्ता लगातार इस व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

अपनी इस मांग को लेकर, अधिवक्ताओं ने शनिवार शाम 4:00 बजे क्षेत्रीय विधायक शफीक अहमद अंसारी को एक ज्ञापन सौंपा। विधायक अंसारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।
    user_रवि सैनी
    रवि सैनी
    रामपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बिलासपुर में मोहर्रम का जुलूस संपन्न होने के कुछ समय बाद नगर के मुख्य चौराहा स्थित कर्बला भूमि पर पक्का निर्माण कार्य शुरू होने से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस निर्माण की जानकारी मिलते ही मुस्लिम समाज के लोग मौके पर भारी संख्या में एकत्र हो गए और निर्माण कार्य का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को काबू करने के लिए पालिका और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि कर्बला के नाम दर्ज है और वर्षों से मोहर्रम के दौरान तीन दिनों के लिए यहाँ से अस्थायी दुकानें हटाई जाती हैं। उनका कहना था कि एक दुकानदार ने अवैध रूप से इस भूमि पर कब्जा कर पक्का निर्माण शुरू करवा दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस विरोध के चलते कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। हंगामे की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। हालात बिगड़ते देख कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पालिका की टीम ने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर अपने वाहन में भर ली। वहीं, पुलिस ने संबंधित दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। देर रात मुस्लिम समाज के लोगों और अन्य नागरिकों ने दुकानदार के खिलाफ पुलिस को नामजद तहरीर सौंपी, जिसमें अवैध निर्माण और कब्जे के आरोप में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि दुकानदार को भविष्य में दोबारा पक्का निर्माण न करने की कड़ी हिदायत देते हुए हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया है। साथ ही, उन्हें मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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    बिलासपुर में मोहर्रम का जुलूस संपन्न होने के कुछ समय बाद नगर के मुख्य चौराहा स्थित कर्बला भूमि पर पक्का निर्माण कार्य शुरू होने से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस निर्माण की जानकारी मिलते ही मुस्लिम समाज के लोग मौके पर भारी संख्या में एकत्र हो गए और निर्माण कार्य का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को काबू करने के लिए पालिका और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।

विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि कर्बला के नाम दर्ज है और वर्षों से मोहर्रम के दौरान तीन दिनों के लिए यहाँ से अस्थायी दुकानें हटाई जाती हैं। उनका कहना था कि एक दुकानदार ने अवैध रूप से इस भूमि पर कब्जा कर पक्का निर्माण शुरू करवा दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस विरोध के चलते कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया।

हंगामे की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। हालात बिगड़ते देख कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पालिका की टीम ने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर अपने वाहन में भर ली। वहीं, पुलिस ने संबंधित दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। देर रात मुस्लिम समाज के लोगों और अन्य नागरिकों ने दुकानदार के खिलाफ पुलिस को नामजद तहरीर सौंपी, जिसमें अवैध निर्माण और कब्जे के आरोप में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि दुकानदार को भविष्य में दोबारा पक्का निर्माण न करने की कड़ी हिदायत देते हुए हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया है। साथ ही, उन्हें मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
    user_कामरान खांन कम्मु
    कामरान खांन कम्मु
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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