न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* *न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* सिरोंज की बाबा विश्वनाथ की नगरी *देवपुर धाम* में 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बाईपास निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले ही इस बाईपास का भूमि पूजन हुआ था, लेकिन ठेकेदार द्वारा किए गए काम की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। *डैम के अंदर डूब रही पुलिया* स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा डैम के अंदर बनाई गई पुलिया अभी से ही *1 से डेढ़ फीट पानी में डूब गई है*। जबकि अभी डैम का छरछरा चलने में *2 से ढाई फीट* पानी और खाली है। जब डैम का छरछरा पूरी तरह चलेगा तो यह पुलिया *ढाई से 3 फीट पानी में डूब जाएगी*। ऐसे में सड़क बनाने का कोई औचित्य ही नहीं बचेगा। *गलत पाइप और निकासी की समस्या* ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के अंदर भी ठेकेदार द्वारा *2-3 जगह गलत पाइप* लगाए गए हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी रुकने के कारण जगह-जगह *कीचड़* हो गई है। वहीं कुछ जगहों पर तो *पाइप ही नहीं डाले गए*। इसके चलते बारिश का पानी सीधे सड़क के ऊपर से बह रहा है, जिससे सड़क का *शोल्डर कट* रहा है। *ग्रामीण परेशान, जांच की मांग* इस लापरवाही से गांव के लोग और आने-जाने वाले श्रद्धालु दोनों परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की तुरंत जांच कराई जाए और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए, ताकि करोड़ों की लागत से बन रहा बाईपास भविष्य में बेकार न हो जाए।
न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* *न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* सिरोंज की बाबा विश्वनाथ की नगरी *देवपुर धाम* में 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बाईपास निर्माण में गंभीर अनियमितताएं
सामने आई हैं। कुछ दिन पहले ही इस बाईपास का भूमि पूजन हुआ था, लेकिन ठेकेदार द्वारा किए गए काम की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। *डैम के अंदर डूब रही पुलिया* स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा डैम के अंदर बनाई गई पुलिया अभी से ही *1 से डेढ़ फीट पानी में डूब गई है*। जबकि अभी डैम का छरछरा चलने में *2 से ढाई फीट* पानी और खाली है। जब डैम का छरछरा पूरी
तरह चलेगा तो यह पुलिया *ढाई से 3 फीट पानी में डूब जाएगी*। ऐसे में सड़क बनाने का कोई औचित्य ही नहीं बचेगा। *गलत पाइप और निकासी की समस्या* ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के अंदर भी ठेकेदार द्वारा *2-3 जगह गलत पाइप* लगाए गए हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी रुकने के कारण जगह-जगह *कीचड़* हो गई है। वहीं कुछ जगहों पर तो *पाइप ही नहीं डाले गए*। इसके चलते बारिश
का पानी सीधे सड़क के ऊपर से बह रहा है, जिससे सड़क का *शोल्डर कट* रहा है। *ग्रामीण परेशान, जांच की मांग* इस लापरवाही से गांव के लोग और आने-जाने वाले श्रद्धालु दोनों परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की तुरंत जांच कराई जाए और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए, ताकि करोड़ों की लागत से बन रहा बाईपास भविष्य में बेकार न हो जाए।
- लाखों रुपये की लागत से बनने वाला सामुदायिक भवन कागजों में पूरा हो गया, लेकिन जमीन पर सिर्फ अधूरे खंभे और घटिया सामग्री का ढांचा खड़ा है। स्थानीय प्रशासन और पंचायत की मिलीभगत से जनता के विकास का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कागजों में बना सामुदायिक भवन, जमीन पर सिर्फ भ्रष्टाचार का ढांचा सिरोंज की ग्राम पंचायत अनूपपुर में नवनिर्मित सामुदायिक भवन मैं भारी अनियमिताएं सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और सामाजिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की जाती है, ताकि आम जनता को सहूलियत मिल सके। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और सरपंच सचिव की लापरवाही व भ्रष्टाचार के चलते ये योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं। ताजा मामला सिरोंज की ग्राम पंचायत अनूपपुर से सामने आया है, जहाँ 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाला सामुदायिक भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। जमीन पर निर्माण तो हो रहा है पर बहुत ही घटिया, ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा निकाल लिया गया है, जबकि मौके पर तय नक्शे और एस्टीमेट के मुताबिक काम नहीं हुआ। धरातल पर सिर्फ चंद अधूरे खंभे खड़े हैं, और भवन का कोई नामोनिशान नहीं है।घटिया सामग्री का उपयोग:निर्माण कार्य में नियमों को ताक पर रखकर घटिया किस्म की ईंट, सीमेंट और बिना मानक की रेत का खुलकर इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि थोड़ा भी ध्यान दिया जाता, तो निर्माण ऐसा न होता कि हाथों से लगाने भर से ईंटें उखड़ने लगें।अधिकारियों की चुप्पी और मिलीभगत,जब इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों और मीडिया ने जिम्मेदार पंचायत सचिव, सरपंच और उपयंत्री से जानकारी चाही, तो वे टालमटोल करते नजर आए। उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुँचाने के बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में भ्रष्ट तंत्र के हौसले बुलंद हैं।3
- जिला विदिशा के लटेरी में बारिश का कहर,सिंध नदी उफान पर, काछीखेड़ा में आवागमन बंद। लटेरी क्षेत्र में पिछले 36 घंटे से अधिक समय से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। काछीखेड़ा क्षेत्र में सिंधु नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।1
- विदिशा में 50 छात्रों ने किया थाने का भ्रमण, जानी पुलिस की कार्यप्रणाली विदिशा में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ अभियान के तहत 50 छात्र-छात्राओं ने थाना सिविल लाइन का भ्रमण किया। पुलिस ने विद्यार्थियों को कानून, बाल अधिकार, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। साथ ही डायल-112 और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया गया।1
- रूसिया से देवपुर विश्वनाथ के लिए निकली 51 लीटर जल कावड़ यात्रा गजेन्द्र सिंह दांगी कुरवाई। सावन के पावन माह में भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। ग्राम रूसिया के ग्रामीणों द्वारा 51 लीटर जल की कावड़ यात्रा निकाली गई। कावड़ यात्रा ग्राम रूसिया से प्रारंभ होकर देवपुर विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए एवं भक्ति गीत गाते हुए कावड़ लेकर देवपुर विश्वनाथ पहुंचे। वहां श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की गई। कावड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह दिखाई दिया। पूरे मार्ग में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। यात्रा शांतिपूर्ण एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई।4
- न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* *न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* सिरोंज की बाबा विश्वनाथ की नगरी *देवपुर धाम* में 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बाईपास निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले ही इस बाईपास का भूमि पूजन हुआ था, लेकिन ठेकेदार द्वारा किए गए काम की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। *डैम के अंदर डूब रही पुलिया* स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा डैम के अंदर बनाई गई पुलिया अभी से ही *1 से डेढ़ फीट पानी में डूब गई है*। जबकि अभी डैम का छरछरा चलने में *2 से ढाई फीट* पानी और खाली है। जब डैम का छरछरा पूरी तरह चलेगा तो यह पुलिया *ढाई से 3 फीट पानी में डूब जाएगी*। ऐसे में सड़क बनाने का कोई औचित्य ही नहीं बचेगा। *गलत पाइप और निकासी की समस्या* ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के अंदर भी ठेकेदार द्वारा *2-3 जगह गलत पाइप* लगाए गए हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी रुकने के कारण जगह-जगह *कीचड़* हो गई है। वहीं कुछ जगहों पर तो *पाइप ही नहीं डाले गए*। इसके चलते बारिश का पानी सीधे सड़क के ऊपर से बह रहा है, जिससे सड़क का *शोल्डर कट* रहा है। *ग्रामीण परेशान, जांच की मांग* इस लापरवाही से गांव के लोग और आने-जाने वाले श्रद्धालु दोनों परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की तुरंत जांच कराई जाए और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए, ताकि करोड़ों की लागत से बन रहा बाईपास भविष्य में बेकार न हो जाए।4