*कोटाम स्कूल में शिक्षकों की कमी पर बवाल, सांसद प्रतिनिधि का फूटा गुस्सा* गारू प्रखंड अंतर्गत कोटाम स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर अब मामला गरमा गया है। सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव ने सीधे तौर पर बीईओ पर मनमानी का आरोप लगाया है।उन्होंने बताया कि पहले स्कूल में चार शिक्षक थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठीक चल रही थी। खासकर शिक्षक रोबर्ट केरकेट्टा बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे थे। लेकिन बीईओ ने उन्हें “दो-चार दिन” के बहाने डोमाखाड़ भेज दिया और आज तक वापस नहीं किया।मंगल उरांव ने कहा कि इस मामले को लेकर कई बार बीईओ से लेकर डीएसई तक गुहार लगाई गई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार मजबूर होकर आज डीसी को आवेदन सौंपा गया है।ग्रामीणों में भी इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा सीधे बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। अब सवाल ये है—क्या बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फाइलों में ही दब जाएगा मामला?
*कोटाम स्कूल में शिक्षकों की कमी पर बवाल, सांसद प्रतिनिधि का फूटा गुस्सा* गारू प्रखंड अंतर्गत कोटाम स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर अब मामला गरमा गया है। सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव ने सीधे तौर पर बीईओ पर मनमानी का आरोप लगाया है।उन्होंने बताया कि पहले स्कूल में चार शिक्षक थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठीक चल रही थी। खासकर शिक्षक रोबर्ट केरकेट्टा बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे थे। लेकिन बीईओ ने उन्हें “दो-चार दिन” के बहाने डोमाखाड़ भेज दिया और आज तक वापस नहीं किया।मंगल उरांव ने कहा कि इस मामले को लेकर कई बार बीईओ से लेकर डीएसई तक गुहार लगाई गई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार मजबूर होकर आज डीसी को आवेदन सौंपा गया है।ग्रामीणों में भी इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा सीधे बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। अब सवाल ये है—क्या बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फाइलों में ही दब जाएगा मामला?
- गारू प्रखंड अंतर्गत कोटाम स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर अब मामला गरमा गया है। सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव ने सीधे तौर पर बीईओ पर मनमानी का आरोप लगाया है।उन्होंने बताया कि पहले स्कूल में चार शिक्षक थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठीक चल रही थी। खासकर शिक्षक रोबर्ट केरकेट्टा बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे थे। लेकिन बीईओ ने उन्हें “दो-चार दिन” के बहाने डोमाखाड़ भेज दिया और आज तक वापस नहीं किया।मंगल उरांव ने कहा कि इस मामले को लेकर कई बार बीईओ से लेकर डीएसई तक गुहार लगाई गई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार मजबूर होकर आज डीसी को आवेदन सौंपा गया है।ग्रामीणों में भी इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा सीधे बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। अब सवाल ये है—क्या बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फाइलों में ही दब जाएगा मामला?1
- *डेढ़ साल से उखड़ी पड़ी सड़क बनी मुसीबत: मोंगर पंचायत के हजारों ग्रामीण परेशान, आंदोलन की चेतावनी* *पिछले डेढ़ वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी है। सड़क निर्माण कार्य में भारी लापरवाही के कारण संवेदक द्वारा सड़क को उखाड़कर अधूरा छोड़ दिया गया,* *फिलहाल, मोंगर पंचायत के हजारों लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी यह समस्या कब ह दूर होगी।*1
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- रामप्रवेश गुप्ता स्थानीय दुर्गा बाड़ी परिसर में शुक्रवार को 'गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ माता को 'राष्ट्रमाता' के पद पर सुशोभित करने के संकल्प के साथ समिति के विस्तार पर चर्चा की गई। *अशोक कुमार बने समिति के अध्यक्ष* बैठक में सर्वसम्मति से गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति की स्थानीय इकाई का गठन किया गया। सर्वसम्मति से अशोक कुमार को अध्यक्ष चुना गया। मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया और संगठन की मजबूती पर बल दिया। *27 अप्रैल को देशभर में मनेगा गौ सम्मान दिवस* अभियान के जिला प्रभारी अरुण साव ने बताया कि देशभर के संत महापुरुषों और गौ सेवकों के सहयोग से 5000 से अधिक तहसीलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "आगामी 27 अप्रैल 2026 को पूरे देश में 'गौ सेवा गौ सम्मान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी प्रखंड स्तर के तहसीलदार के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा।" "भारत में राष्ट्रपिता हैं, पर राष्ट्रमाता का स्थान रिक्त है" जिला प्रचारक बंधन साव ने गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ माता सनातन धर्म की जड़ हैं। सभी वेद, पुराण और शास्त्र गाय को माता मानते हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा, "भारत में राष्ट्रीय फूल, पक्षी और राष्ट्रपिता हैं, लेकिन राष्ट्रमाता का स्थान खाली है। हमारी मांग है कि गौमाता को राष्ट्रमाता के गौरवशाली पद पर सुशोभित किया जाए।" *ये रहे मौजूद* बैठक में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्रमाता के सुरज साहू, जिला प्रचारक बंधन साव, बालूमाथ प्रखंड प्रचारक प्रमोद साहू, चंदवा प्रभारी मनोज साव, बालूमाथ प्रभारी विनोद यादव, सुजीत यादव, देवानंद प्रसाद, रामप्रवेश गुप्ता, बंटी कुमार उर्फ पप्पू सहित कई गौ सेवक उपस्थित थे।2
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