*गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए महुआडांड़ में उठी आवाज, समिति का गठन* रामप्रवेश गुप्ता स्थानीय दुर्गा बाड़ी परिसर में शुक्रवार को 'गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ माता को 'राष्ट्रमाता' के पद पर सुशोभित करने के संकल्प के साथ समिति के विस्तार पर चर्चा की गई। *अशोक कुमार बने समिति के अध्यक्ष* बैठक में सर्वसम्मति से गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति की स्थानीय इकाई का गठन किया गया। सर्वसम्मति से अशोक कुमार को अध्यक्ष चुना गया। मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया और संगठन की मजबूती पर बल दिया। *27 अप्रैल को देशभर में मनेगा गौ सम्मान दिवस* अभियान के जिला प्रभारी अरुण साव ने बताया कि देशभर के संत महापुरुषों और गौ सेवकों के सहयोग से 5000 से अधिक तहसीलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "आगामी 27 अप्रैल 2026 को पूरे देश में 'गौ सेवा गौ सम्मान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी प्रखंड स्तर के तहसीलदार के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा।" "भारत में राष्ट्रपिता हैं, पर राष्ट्रमाता का स्थान रिक्त है" जिला प्रचारक बंधन साव ने गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ माता सनातन धर्म की जड़ हैं। सभी वेद, पुराण और शास्त्र गाय को माता मानते हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा, "भारत में राष्ट्रीय फूल, पक्षी और राष्ट्रपिता हैं, लेकिन राष्ट्रमाता का स्थान खाली है। हमारी मांग है कि गौमाता को राष्ट्रमाता के गौरवशाली पद पर सुशोभित किया जाए।" *ये रहे मौजूद* बैठक में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्रमाता के सुरज साहू, जिला प्रचारक बंधन साव, बालूमाथ प्रखंड प्रचारक प्रमोद साहू, चंदवा प्रभारी मनोज साव, बालूमाथ प्रभारी विनोद यादव, सुजीत यादव, देवानंद प्रसाद, रामप्रवेश गुप्ता, बंटी कुमार उर्फ पप्पू सहित कई गौ सेवक उपस्थित थे।
*गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए महुआडांड़ में उठी आवाज, समिति का गठन* रामप्रवेश गुप्ता स्थानीय दुर्गा बाड़ी परिसर में शुक्रवार को 'गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ माता को 'राष्ट्रमाता' के पद पर सुशोभित करने के संकल्प के साथ समिति के विस्तार पर चर्चा की गई। *अशोक कुमार बने समिति के अध्यक्ष* बैठक में सर्वसम्मति से गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति की स्थानीय इकाई का गठन किया गया। सर्वसम्मति से अशोक कुमार को अध्यक्ष चुना गया। मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया और संगठन की मजबूती पर बल दिया। *27 अप्रैल को देशभर में मनेगा गौ सम्मान दिवस* अभियान के जिला प्रभारी अरुण साव ने बताया कि देशभर के संत महापुरुषों और गौ सेवकों के सहयोग से 5000 से अधिक तहसीलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "आगामी 27 अप्रैल 2026 को
पूरे देश में 'गौ सेवा गौ सम्मान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी प्रखंड स्तर के तहसीलदार के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा।" "भारत में राष्ट्रपिता हैं, पर राष्ट्रमाता का स्थान रिक्त है" जिला प्रचारक बंधन साव ने गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ माता सनातन धर्म की जड़ हैं। सभी वेद, पुराण और शास्त्र गाय को माता मानते हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा, "भारत में राष्ट्रीय फूल, पक्षी और राष्ट्रपिता हैं, लेकिन राष्ट्रमाता का स्थान खाली है। हमारी मांग है कि गौमाता को राष्ट्रमाता के गौरवशाली पद पर सुशोभित किया जाए।" *ये रहे मौजूद* बैठक में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्रमाता के सुरज साहू, जिला प्रचारक बंधन साव, बालूमाथ प्रखंड प्रचारक प्रमोद साहू, चंदवा प्रभारी मनोज साव, बालूमाथ प्रभारी विनोद यादव, सुजीत यादव, देवानंद प्रसाद, रामप्रवेश गुप्ता, बंटी कुमार उर्फ पप्पू सहित कई गौ सेवक उपस्थित थे।
- रामप्रवेश गुप्ता स्थानीय दुर्गा बाड़ी परिसर में शुक्रवार को 'गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ माता को 'राष्ट्रमाता' के पद पर सुशोभित करने के संकल्प के साथ समिति के विस्तार पर चर्चा की गई। *अशोक कुमार बने समिति के अध्यक्ष* बैठक में सर्वसम्मति से गौ सम्मान आह्वान अभियान समिति की स्थानीय इकाई का गठन किया गया। सर्वसम्मति से अशोक कुमार को अध्यक्ष चुना गया। मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया और संगठन की मजबूती पर बल दिया। *27 अप्रैल को देशभर में मनेगा गौ सम्मान दिवस* अभियान के जिला प्रभारी अरुण साव ने बताया कि देशभर के संत महापुरुषों और गौ सेवकों के सहयोग से 5000 से अधिक तहसीलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "आगामी 27 अप्रैल 2026 को पूरे देश में 'गौ सेवा गौ सम्मान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी प्रखंड स्तर के तहसीलदार के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा।" "भारत में राष्ट्रपिता हैं, पर राष्ट्रमाता का स्थान रिक्त है" जिला प्रचारक बंधन साव ने गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ माता सनातन धर्म की जड़ हैं। सभी वेद, पुराण और शास्त्र गाय को माता मानते हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा, "भारत में राष्ट्रीय फूल, पक्षी और राष्ट्रपिता हैं, लेकिन राष्ट्रमाता का स्थान खाली है। हमारी मांग है कि गौमाता को राष्ट्रमाता के गौरवशाली पद पर सुशोभित किया जाए।" *ये रहे मौजूद* बैठक में मुख्य रूप से गौ माता को राष्ट्रमाता के सुरज साहू, जिला प्रचारक बंधन साव, बालूमाथ प्रखंड प्रचारक प्रमोद साहू, चंदवा प्रभारी मनोज साव, बालूमाथ प्रभारी विनोद यादव, सुजीत यादव, देवानंद प्रसाद, रामप्रवेश गुप्ता, बंटी कुमार उर्फ पप्पू सहित कई गौ सेवक उपस्थित थे।2
- रामपुर पंचायत में हाथी का आतंक, स्कूल और घरों को पहुँचाया भारी नुकसान चैनपुर: प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत गांवों में जंगली हाथी ने जमकर तांडव मचाया है। बुधवार और गुरुवार की मध्य रात्रि हाथी ने जमकर उत्पात मचाते हुए जहां एक सरकारी स्कूल की दीवार ढहा दी, वहीं ग्रामीणों के घरों और फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रात ढलते ही डर के साए में जीने को मजबूर हैं।हाथी ने राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बुकमा को अपना निशाना बनाया। हाथी ने स्कूल के कमरे की दीवार तोड़ दी। स्कूल के भीतर रखे मिड-डे मील के चावल और दाल को हाथी ने न केवल बर्बाद किया बल्कि काफी मात्रा में अनाज चट कर गया। इसके अलावा स्कूल की कुर्सियां, टेबल और अन्य महत्वपूर्ण सामानों को भी कुचलकर नष्ट कर दिया है।किसानों की मेहनत पर फिरा पानी दानपुर निवासी मेरी ग्रेस बेक पति मरियानुस खलखो के घर को हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे घर में रखा सारा सामान बर्बाद हो गया।अल्बिना कुजूर पति स्व० संतोष कुजूर के खेत में लगी प्याज की फसल को हाथी ने रौंद दिया। वहीं, बुकमा निवासी परवीन भगत के खेत में लगी तैयार फसलों को भी हाथी ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और चैनपुर पंचायत समिति सदस्य आशा लकड़ा प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचीं। उन्होंने पीड़ित परिवारों और स्कूल का मुआयना किया और ग्रामीणों को ढांढस बंधाया।जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से जल्द से जल्द हाथियों को क्षेत्र से खदेड़ने और प्रभावित किसानों व ग्रामीणों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।इधर, सूचना पाकर वन विभाग के कर्मियों ने भी मौके पर पहुँचकर क्षति का आकलन किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।1
- Post by AAM JANATA1
- Post by हमर जशपुर1
- लाखों रुपया के लागत से वन विभाग द्वारा बनवाया जा रहा है चेक डैम1
- असमाजिक तत्वों ने जंगल मे लाया आग वन्यजीवों के लिए बढ़ा मुश्किल कितने जीव जंतु का हुआ मुक्त1
- गारू प्रखंड अंतर्गत कोटाम स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर अब मामला गरमा गया है। सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव ने सीधे तौर पर बीईओ पर मनमानी का आरोप लगाया है।उन्होंने बताया कि पहले स्कूल में चार शिक्षक थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठीक चल रही थी। खासकर शिक्षक रोबर्ट केरकेट्टा बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे थे। लेकिन बीईओ ने उन्हें “दो-चार दिन” के बहाने डोमाखाड़ भेज दिया और आज तक वापस नहीं किया।मंगल उरांव ने कहा कि इस मामले को लेकर कई बार बीईओ से लेकर डीएसई तक गुहार लगाई गई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार मजबूर होकर आज डीसी को आवेदन सौंपा गया है।ग्रामीणों में भी इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा सीधे बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। अब सवाल ये है—क्या बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फाइलों में ही दब जाएगा मामला?1
- वज्रपात से किसान का बैल मौत का शिकार, मुखिया ने दिलाया मुआवजे का भरोसा डुमरी: डुमरी प्रखंड अंतर्गत मझगांव पंचायत के बंधुआ गांव में बुधवार को अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आने से ग्रामीण प्रेम सिंह पिता स्व. फिरू सिंह के बैल की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी देते हुए शाम सात बजे बताया गया कि बैल फुवाल मचान के पास खड़ा था, तभी मौसम में अचानक बदलाव के साथ तेज गर्जन और वज्रपात हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत मुखिया ज्योति बहेर देवी गांव पहुंचीं, पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।1