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भीलवाड़ा में पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में ब्लैक मार्च किया: नगर निकाय चुनाव से पहले लोगों को शांतिपूर्ण मतदान का भरोसा दिलाया
प्रहलाद सिंह रावत
भीलवाड़ा में पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में ब्लैक मार्च किया: नगर निकाय चुनाव से पहले लोगों को शांतिपूर्ण मतदान का भरोसा दिलाया
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- आसींद में मनाया जा रहा हैं जन्माष्टमी का पर्व बड़े मंदिर पर भक्तजनों का उमड़ा सैलाब आसींद कस्बे में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ में मनाया जा रहा है वही आसींद कस्बे के बड़े मंदिर राधा कृष्ण के मंदिर पर भक्तजनों का सैलाब उमड़ पड़ा है और भक्तजन भगवान श्री कृष्ण के दर्शन कर रहे हैं वही सुरक्षा को लेकर आसींद थानें का पुलिस बल भी तैनात किया गया है आसींद मंजूर 94138895963
- रेलडा ग्राम पंचायत में धूमधाम से भरा तेजाजी महाराज का मेला, ग्रामीणों ने चढ़ाया खीर-चूरमा का भोग सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत रायपुर उपखण्ड क्षेत्र के रेलडा, ग्राम पंचायत रेलडा में लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज का पारंपरिक मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। तेजाजी थान पर सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले में क्षेत्र के युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत तेजाजी महाराज की पूजा-अर्चना से हुई। पुजारी ने विधि-विधान से तेजाजी महाराज को खीर-चूरमा का भोग लगाया। इसके बाद ग्रामीणों ने भी एक-एक कर थान पर खीर-चूरमा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि तेजाजी को खीर-चूरमा का भोग लगाने से पशुधन की रक्षा होती है और परिवार में खुशहाली आती है। मेले के दौरान तेजाजी की वीर गाथाओं का गायन भी हुआ। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं ने तेजाजी के जयकारे लगाए। गांव के बुजुर्गों ने नई पीढ़ी को तेजाजी महाराज के बलिदान और सर्पदंश से गायों को बचाने की कथा सुनाई। पूरे माहौल में भक्ति और जोश का संचार देखने को मिला। इस अवसर पर समाजसेवी श्याम सिंह रेलडा ने कहा कि तेजाजी मेला हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से गांव में भाईचारा मजबूत होता है और युवा अपनी परंपराओं से जुड़ते हैं। मेले में सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। ग्राम पंचायत की ओर से पेयजल और छाया की व्यवस्था की गई थी। देर शाम तक चले इस मेले में आसपास के गांवों से भी सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ये मौजूद रहे: समाजसेवी श्याम सिंह रेलडा, हुक्म सिंह, शंकर सिंह, ढगल सिंह जी, भीम सिंह, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, हनुमान सिंह, सुरेंद्र सिंह, भगवान सिंह, गोवर्धन राम, अशोक सिंह, प्रकाश सिंह, रवि सिंह, रमेश सिंह और शेर सिंह।1
- सेंदड़ा थाना क्षेत्र के गिरी गांव स्थित नंदा बांध में हादसा, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पैर फिसलने से बांध में गिरा युवक, डूबने से मौत सेंदड़ा थाना क्षेत्र के गिरी गांव स्थित नंदा बांध में हादसा, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा सेंदड़ा थाना क्षेत्र के गिरी गांव स्थित गिरी नंदा बांध में शुक्रवार दोपहर पैर फिसलने से पानी में गिरने के कारण एक युवक की डूबने से मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार, गिरी निवासी देवेंद्र पुत्र पन्नालाल शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे गिरी नंदा बांध पर घूमने के लिए गया था। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह बांध के पानी में जा गिरा और डूब गया। घटना की सूचना मिलने पर सेंदड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से बांध के पानी में युवक की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद युवक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को बर के राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया, जहां चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। घटना को लेकर मृतक के चाचा बस्ताराम पुत्र बाबूलाल निवासी हरिजनों का मोहल्ला, गिरी ने सेंदड़ा थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। वहीं घटना से गांव में भी शोक का माहौल है।1
- जिला ब्यावर संपादक इंडिया न्यूज़ खबरें देखते रहे विज्ञापन देखते रहे मेले पर न्यूज़पेपर सत्य आपके सामने 98286 90577 पर बात करें विज्ञापन लगाइए चुनाव के एड करवाइए1
- विकास के दावों की खुली पोल:5 साल से श्मशान घाट में टिनशेड का इंतजार विकास के दावों की खुली पोल: 5 साल से श्मशान घाट में टीनशेड का इंतजार! धूप हो या बारिश... खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण, सरपंच से विधायक तक के विकास दावों पर उठे सवाल भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र। ग्राम पंचायत चीड़ खेड़ा में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच श्मशान घाट की बदहाल स्थिति जिम्मेदारों के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। गांव में निर्माण कार्यों और सुविधाओं की तस्वीर भले ही विकास की कहानी बयां करती हो, लेकिन अंतिम विदाई की जगह आज भी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रही है। ग्रामीणों के अनुसार करीब पांच साल से श्मशान घाट में टीनशेड लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन वर्षों गुजरने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। गर्मी के दिनों में चिलचिलाती धूप और बारिश के मौसम में बरसते पानी के बीच अंतिम संस्कार करने वाले परिजनों और ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे खड़े रहने की मजबूरी रहती है। एक तरफ सराय, दूसरी तरफ श्मशान घाट बदहाल ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लोगों के बैठने के लिए सराय का निर्माण हो गया, लेकिन जिस स्थान पर ग्रामीणों को अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देनी पड़ती है, वहां आज तक एक साधारण टीनशेड तक नहीं लग पाया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि विकास की प्राथमिकता में श्मशान घाट आखिर कब आएगा? पांच साल से आश्वासन, समाधान अब भी दूर ग्रामीणों के मुताबिक कई बार जिम्मेदारों के सामने समस्या रखी गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। पांच साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी टीनशेड नहीं लगना ग्रामीणों में नाराजगी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांव में अन्य निर्माण कार्यों के लिए योजनाएं और बजट उपलब्ध हो सकते हैं, तो श्मशान घाट जैसी आवश्यक सुविधा के लिए आखिर क्यों इंतजार करना पड़ रहा है? अंतिम विदाई भी विकास की प्राथमिकता में शामिल नहीं? जिस परिवार ने अपना सदस्य खोया हो, उसके लिए अंतिम संस्कार का समय पहले ही बेहद पीड़ादायक होता है। ऐसे में धूप और बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना परिजनों के लिए परेशानी को और बढ़ा देता है। ग्रामीणों का कहना है—“विकास के दावे बहुत सुन लिए, अब श्मशान घाट में टीनशेड लगाकर विकास जमीन पर दिखाईए।” प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल समाधान की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीनशेड, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि पांच साल से लंबित यह मांग आखिर कब पूरी होगी? क्या जिम्मेदार इस समस्या का स्थायी समाधान करेंगे या फिर श्मशान घाट भी विकास के दावों की तरह सिर्फ कागजों में ही सिमटा रहेगा?1
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