स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पटना के पीएमसीएच (PMCH) का अचानक और बेहद सख्त अंदाज में निरीक्षण किया, जहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ने मरीजों से सीधे बात की और दवा न मिलने की शिकायतों पर दवा केंद्र जाकर स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बताया कि उन्होंने अस्पताल के प्रिंसिपल को फोन किया था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। प्रिंसिपल बिना किसी को कार्यभार सौंपे अनुपस्थित पाए गए, जिस पर मंत्री ने कार्रवाई करने की बात कही। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पीएमसीएच में 5400 बेड का एक अत्याधुनिक अस्पताल निर्माणाधीन है, जिसमें निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि जिला अस्पताल केवल रेफर सेंटर न रह जाएं, बल्कि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के इस सख्त निरीक्षण के बाद पीएमसीएच में अचानक हलचल तेज हो गई। गैलरी में मौजूद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाने लगा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयास में तेजी आई। मंत्री के इस कड़े रुख से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप का माहौल बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पटना के पीएमसीएच (PMCH) का अचानक और बेहद सख्त अंदाज में निरीक्षण किया, जहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ने मरीजों से सीधे बात की और दवा न मिलने की शिकायतों पर दवा केंद्र जाकर स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बताया कि उन्होंने अस्पताल के प्रिंसिपल को फोन किया था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। प्रिंसिपल बिना किसी को कार्यभार सौंपे अनुपस्थित पाए गए, जिस पर मंत्री ने कार्रवाई करने की बात कही। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पीएमसीएच में 5400 बेड का एक अत्याधुनिक अस्पताल निर्माणाधीन है, जिसमें निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि जिला अस्पताल केवल रेफर सेंटर न रह जाएं, बल्कि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के इस सख्त निरीक्षण के बाद पीएमसीएच में अचानक हलचल तेज हो गई। गैलरी में मौजूद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाने लगा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयास में तेजी आई। मंत्री के इस कड़े रुख से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप का माहौल बताया जा रहा है।
- स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पटना के पीएमसीएच (PMCH) का अचानक और बेहद सख्त अंदाज में निरीक्षण किया, जहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ने मरीजों से सीधे बात की और दवा न मिलने की शिकायतों पर दवा केंद्र जाकर स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बताया कि उन्होंने अस्पताल के प्रिंसिपल को फोन किया था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। प्रिंसिपल बिना किसी को कार्यभार सौंपे अनुपस्थित पाए गए, जिस पर मंत्री ने कार्रवाई करने की बात कही। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पीएमसीएच में 5400 बेड का एक अत्याधुनिक अस्पताल निर्माणाधीन है, जिसमें निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि जिला अस्पताल केवल रेफर सेंटर न रह जाएं, बल्कि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के इस सख्त निरीक्षण के बाद पीएमसीएच में अचानक हलचल तेज हो गई। गैलरी में मौजूद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाने लगा और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयास में तेजी आई। मंत्री के इस कड़े रुख से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप का माहौल बताया जा रहा है।1
- बिहार के जयनगर में तेज़ रफ़्तार का कहर देखने को मिला है, जहाँ एक बाइक की ठोकर लगने से एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।1
- मधुबनी जिले के जयनगर स्थित हनुमान नगर के वार्ड संख्या 14 में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात बाइक सवार ने महिला को जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन वह मौके पर ही दम तोड़ चुकी थीं। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, क्योंकि बाइक सवार हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। इस घटना से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मलमास की अवधि पूर्ण होने के उपरांत, श्रद्धालु भक्त अब 'उम्र वीर कमला स्नान' में भाग लेने के लिए तैयार हैं।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक (SI) और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह पूरा मामला 24 जून 2026 को सामने आए एक सोशल मीडिया वीडियो से संबंधित है, जिसमें अररिया संग्राम थाना की एक महिला पुलिस पदाधिकारी वाहन के भीतर बैठकर रुपए गिनते हुए दिखाई दे रही थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने इसका अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लिया और झंझारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच का जिम्मा सौंपा। जांच और सत्यापन के अनुसार, यह वायरल वीडियो करीब दो महीने पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रही महिला पुलिस पदाधिकारी की पहचान पु०अ०नि० सोनल कुमारी के रूप में हुई है, जो अररिया संग्राम थाना में पदस्थापित हैं और फिलहाल अवकाश पर चल रही हैं। गहन जांच से यह भी पता चला कि जिस वक्त का यह वीडियो है, उस दौरान वाहन पर ड्यूटी के क्रम में उनके साथ महिला सिपाही सौन्दर्या राय और सिपाही गौतम कुमार भी तैनात थे। आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑन-ड्यूटी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया इस प्रकार का आचरण न केवल अत्यंत संदेहास्पद गतिविधि को दर्शाता है, बल्कि इससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि भी धूमिल होती है। इस गंभीर अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण को देखते हुए, एसपी मधुबनी ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार, पु०अ०नि० सोनल कुमारी, सिपाही गौतम कुमार और महिला सिपाही सौन्दर्या राय को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर लाइन हाजिर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के इस त्वरित एक्शन से भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।1
- मधुबनी के बारा बाजार में लक्ष्मी साह राधा कृष्ण ज्वेलर्स स्थित है।1
- भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बार फिर जोरदार आवाज उठाई गई है। मैथिल परशुराम सेना के बैनर तले कई प्रमुख व्यक्तियों, जिनमें समाजसेवी इंद्र शेखर झा, नलिनी रंजन झा, विजय श्री टुन्ना, राजेश कुमार झा उर्फ मोहन और राजू झा शामिल हैं, साथ ही डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान और मनोज मिश्रा जैसे नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इन सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान यह भी साफ तौर पर कहा गया कि 'न्याय के बिना लोकतंत्र अधूरा है, सत्य सामने आना चाहिए', जो इस मामले में न्याय और सच्चाई को सामने लाने की प्रबल इच्छा को दर्शाता है।1
- अररिया संग्राम थाना की एसआई सोनल कुमारी पर गश्ती के दौरान अवैध वसूली का आरोप लगा है। यह आरोप एक कथित वीडियो के वायरल होने के बाद सामने आए हैं, जिसमें गाड़ी में पैसे के बंटवारे की बात कही जा रही है। इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, वीडियो की सत्यता और लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही इसकी सच्चाई सामने आएगी। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में पुलिस कार्यप्रणाली और उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीसी न्यूज चैनल इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है, और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगी।1