विश्व आदिवासी दिवस पर अशोकनगर में गूंजा ‘अपना देश, अपना राज’ का नारा , 14 सूत्रीय मांगों को लेकर निकली रैली अशोकनगर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज ने एकजुटता और अधिकारों की आवाज बुलंद की। अशोकनगर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज ने एकजुटता और अधिकारों की आवाज बुलंद की। स्टेशन रोड़ तुलसी पार्क पर आयोजित आमसभा में जिलेभर से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, वहीं कलाकारों ने आदिवासी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। वक्ताओं ने ‘अपना देश, अपना राज’ के संदेश को दोहराते हुए जमीन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के लिए संगठित होने का आह्वान किया। इसके बाद तुलसी पार्क से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें आदिवासी भूमि, सहरिया समाज, बैकलॉग भर्ती, छात्रावास और अलग आदिवासी विभाग सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।
विश्व आदिवासी दिवस पर अशोकनगर में गूंजा ‘अपना देश, अपना राज’ का नारा , 14 सूत्रीय मांगों को लेकर निकली रैली अशोकनगर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज ने एकजुटता और अधिकारों की आवाज बुलंद की। अशोकनगर में
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज ने एकजुटता और अधिकारों की आवाज बुलंद की। स्टेशन रोड़ तुलसी पार्क पर आयोजित आमसभा में जिलेभर से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण के
साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, वहीं कलाकारों ने आदिवासी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। वक्ताओं ने ‘अपना देश, अपना राज’ के संदेश को दोहराते हुए जमीन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के लिए संगठित होने का आह्वान किया। इसके बाद
तुलसी पार्क से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें आदिवासी भूमि, सहरिया समाज, बैकलॉग भर्ती, छात्रावास और अलग आदिवासी विभाग सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।
- विश्व आदिवासी दिवस पर अशोकनगर में गूंजा ‘अपना देश, अपना राज’ का नारा , 14 सूत्रीय मांगों को लेकर निकली रैली अशोकनगर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज ने एकजुटता और अधिकारों की आवाज बुलंद की। अशोकनगर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज ने एकजुटता और अधिकारों की आवाज बुलंद की। स्टेशन रोड़ तुलसी पार्क पर आयोजित आमसभा में जिलेभर से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, वहीं कलाकारों ने आदिवासी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। वक्ताओं ने ‘अपना देश, अपना राज’ के संदेश को दोहराते हुए जमीन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के लिए संगठित होने का आह्वान किया। इसके बाद तुलसी पार्क से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें आदिवासी भूमि, सहरिया समाज, बैकलॉग भर्ती, छात्रावास और अलग आदिवासी विभाग सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।4
- विश्व आदिवासी दिवस पर गुना में गूंजा आदिवासी एकता और संस्कृति का संदेश सिरसी से गुना तक निकली भव्य बाइक रैली, हजारों समाजजनों ने पारंपरिक उत्साह के साथ लिया हिस्सा गुना। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर गुना जिला मुख्यालय में आदिवासी समाज द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सिरसी से गुना तक निकली बाइक रैली में आदिवासी संस्कृति, एकता और सामाजिक जागरूकता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। रैली में हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। आदिवासी गायक कलाकार भीम कन्नौज की आवाज और डीजे की धुन पर समाजजन नाचते-गाते हुए रैली में शामिल हुए। माता-बहनों, युवाओं और समाजजनों ने पारंपरिक उत्साह के साथ रैली में भाग लेकर आदिवासी एकता और संस्कृति का संदेश दिया। क्रांतिकारी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी क्रांतिकारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद रैली शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से गुना नगर पहुंची। रैली के पश्चात साईं मंडी प्रांगण में विशाल सभा आयोजित की गई, जहां विभिन्न वक्ताओं ने आदिवासी समाज के मुद्दों और अधिकारों को लेकर अपने विचार रखे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान और जीवन का आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए समाज को एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के आयोजकों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित मीडिया कर्मियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही जयस के सभी साथियों और समाजजनों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी एकता, संस्कृति, अधिकार, शिक्षा, रोजगार तथा जल-जंगल-जमीन जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। रणविजय भूरिया, जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) की ओर से कार्यक्रम में शामिल सभी समाजजनों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। जय आदिवासी युवा शक्ति 🏹1
- रूसिया से देवपुर विश्वनाथ के लिए निकली 51 लीटर जल कावड़ यात्रा गजेन्द्र सिंह दांगी कुरवाई। सावन के पावन माह में भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। ग्राम रूसिया के ग्रामीणों द्वारा 51 लीटर जल की कावड़ यात्रा निकाली गई। कावड़ यात्रा ग्राम रूसिया से प्रारंभ होकर देवपुर विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए एवं भक्ति गीत गाते हुए कावड़ लेकर देवपुर विश्वनाथ पहुंचे। वहां श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की गई। कावड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह दिखाई दिया। पूरे मार्ग में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। यात्रा शांतिपूर्ण एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई।4
- लाखों रुपये की लागत से बनने वाला सामुदायिक भवन कागजों में पूरा हो गया, लेकिन जमीन पर सिर्फ अधूरे खंभे और घटिया सामग्री का ढांचा खड़ा है। स्थानीय प्रशासन और पंचायत की मिलीभगत से जनता के विकास का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कागजों में बना सामुदायिक भवन, जमीन पर सिर्फ भ्रष्टाचार का ढांचा सिरोंज की ग्राम पंचायत अनूपपुर में नवनिर्मित सामुदायिक भवन मैं भारी अनियमिताएं सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और सामाजिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की जाती है, ताकि आम जनता को सहूलियत मिल सके। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और सरपंच सचिव की लापरवाही व भ्रष्टाचार के चलते ये योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं। ताजा मामला सिरोंज की ग्राम पंचायत अनूपपुर से सामने आया है, जहाँ 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाला सामुदायिक भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। जमीन पर निर्माण तो हो रहा है पर बहुत ही घटिया, ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा निकाल लिया गया है, जबकि मौके पर तय नक्शे और एस्टीमेट के मुताबिक काम नहीं हुआ। धरातल पर सिर्फ चंद अधूरे खंभे खड़े हैं, और भवन का कोई नामोनिशान नहीं है।घटिया सामग्री का उपयोग:निर्माण कार्य में नियमों को ताक पर रखकर घटिया किस्म की ईंट, सीमेंट और बिना मानक की रेत का खुलकर इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि थोड़ा भी ध्यान दिया जाता, तो निर्माण ऐसा न होता कि हाथों से लगाने भर से ईंटें उखड़ने लगें।अधिकारियों की चुप्पी और मिलीभगत,जब इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों और मीडिया ने जिम्मेदार पंचायत सचिव, सरपंच और उपयंत्री से जानकारी चाही, तो वे टालमटोल करते नजर आए। उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुँचाने के बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में भ्रष्ट तंत्र के हौसले बुलंद हैं।3
- *बीना श्रंगार दर्शन समिति द्वारा प्रति मंगलवार को श्रृंगार दर्शन किया जाता है _____________________________ 🌹🌹🌹🌹 🌹🌹🌹🌹🌹 संत सेन जी महाराज श्रृंगार दर्शन कार्यक्रम संस्थापक सामाननी श्री राजू सेन बीना (अशोक नगर)एवं एवं प्रदेश अध्यक्ष सामाननीय श्री चंद्रहासन जी सेन (गंजबासौदा) के निर्देशन में बीना श्रंगार दर्शन समिति द्वारा 46 वां श्रंगार दर्शन आज दिनांक 11 अगस्त दिन मंगलवार का श्री गोरेलाल जी सेन पुत्र श्री सीताराम जी सेन (निवास ग्राम बिलैया तहसील खुरई ) की और से संपन्न हुआ श्रंगार दर्शन समिति बीना द्वारा संपूर्ण परिवार की उज्जवल भविष्य की _____________________________ 🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹 मंगल कामना करती है सभी सेन समाज बंधुओ से आग्रह है की श्रृंगार दर्शन कार्यक्रम में पधारकर धर्म लाभ अर्जित करें जिसमें सेन भक्ति श्री अशोक सेन जी (प्रदेश उपाध्यक्ष) श्री सुनील सेन जी (नगर अध्यक्ष) श्री मनोहर सेन जी (जिला महामंत्री) राजू सेन( संगठन मंत्री )वरिष्ठ समाजसेवी श्री संतोष सेन जी भीकम सेन जी 🙏संत शिरोमणि सेन जी महाराज कीजय 🙏 स्थान.... बंजरा घाट मंदिर बीना (संस्थापक) अशोक सेन बीना (अध्यक्ष ) सुनील सेन बीना सेन महाराज श्रंगार दर्शन समिति बीना 88718800151
- न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* *न्यूज़ हेडलाइन:* *देवपुर बाईपास में निर्माण से पहले ही लापरवाही, डैम के अंदर बनी पुलिया डूब क्षेत्र में, ग्रामीणों में आक्रोश* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* सिरोंज की बाबा विश्वनाथ की नगरी *देवपुर धाम* में 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बाईपास निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले ही इस बाईपास का भूमि पूजन हुआ था, लेकिन ठेकेदार द्वारा किए गए काम की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं। *डैम के अंदर डूब रही पुलिया* स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा डैम के अंदर बनाई गई पुलिया अभी से ही *1 से डेढ़ फीट पानी में डूब गई है*। जबकि अभी डैम का छरछरा चलने में *2 से ढाई फीट* पानी और खाली है। जब डैम का छरछरा पूरी तरह चलेगा तो यह पुलिया *ढाई से 3 फीट पानी में डूब जाएगी*। ऐसे में सड़क बनाने का कोई औचित्य ही नहीं बचेगा। *गलत पाइप और निकासी की समस्या* ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के अंदर भी ठेकेदार द्वारा *2-3 जगह गलत पाइप* लगाए गए हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी रुकने के कारण जगह-जगह *कीचड़* हो गई है। वहीं कुछ जगहों पर तो *पाइप ही नहीं डाले गए*। इसके चलते बारिश का पानी सीधे सड़क के ऊपर से बह रहा है, जिससे सड़क का *शोल्डर कट* रहा है। *ग्रामीण परेशान, जांच की मांग* इस लापरवाही से गांव के लोग और आने-जाने वाले श्रद्धालु दोनों परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की तुरंत जांच कराई जाए और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए, ताकि करोड़ों की लागत से बन रहा बाईपास भविष्य में बेकार न हो जाए।4