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झंडूता विधानसभा क्षेत्र को करोड़ों की सौगात देने के लिए झंडूता कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। झंडूता विधानसभा क्षेत्र को करोड़ों की सौगात देने के लिए झंडूता कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया।
Anil kumar
झंडूता विधानसभा क्षेत्र को करोड़ों की सौगात देने के लिए झंडूता कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। झंडूता विधानसभा क्षेत्र को करोड़ों की सौगात देने के लिए झंडूता कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया।
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- झंडूता विधानसभा क्षेत्र को करोड़ों की सौगात देने के लिए झंडूता कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया।1
- Post by Manish Rajput1
- शिमला शहर को पानी की किल्लत से राहत दिलाने वाली शकरोड़ी पेयजल योजना अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। शुक्रवार को मेयर ने शकरोड़ी योजना का निरीक्षण करने के बाद शनिवार को ढवाड़ा पहुंचकर कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान शकरोड़ी से ढवाड़ा तक पानी सफलतापूर्वक लिफ्ट कर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अगले सप्ताह तक यह पानी डूम्मी तक पहुंचा दिया जाएगा, जबकि इसी महीने के भीतर संजौली तक सतलुज का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही शिमला के लोगों को पानी की पुरानी समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल योजना के तहत एक पंप चलाया जा रहा है, जिससे करीब 10 एमएलडी पानी लिफ्ट हो रहा है। जल्द ही दूसरा पंप भी चालू किया जाएगा, जिसके बाद 15 से 20 एमएलडी पानी शिमला पहुंच सकेगा। इससे गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत लगभग खत्म हो जाएगी। मेयर ने कहा कि यह योजना अपने अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए, ताकि तय समय पर लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके। शकरोड़ी पेयजल योजना के सफल क्रियान्वयन से शिमला शहर के हजारों परिवारों को स्थायी समाधान मिलेगा और आने वाले समय में जल संकट से निजात मिलेगी बाइट,,, सुरेंद्र चौहान माहापौर शिमला1
- हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ज्वांइट एक्शन कमेटी जिला हमीरपुर की मीटिंग संयोजक, कामेश्वर दत्त शर्मा की अध्यक्षता में हमीरपुर में सम्पन हुई। इस मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संषोधन विधेयक, 2025 व उसके प्रावधानों को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग के संदर्भ में चर्चा की गई, क्योंकि बिजली क्षेत्र देश की बुनियादी सार्वजनिक सेवा है जिसका सीधा संबंध हर घर, किसान, छोटे व्यापारी, उद्योग कर्मचारी और आम नागरिक के जीवन से है। प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक में ऐसे कई प्रावधान शामिल है, जिनसे बिजली कंपनियों का निजीकरण कर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढने तथा कर्मचारियों, पेंशनर्ज की सेवा व समाजिक सुरक्षा प्रभावित होगी। प्रदेश के बिजली कर्मचारी व अभियंताओं द्वारा इस संशोधन विधेयक व इसमें निहित निजीकरण के प्रावधानो को लागू करने के लिए की जा रही स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ एनसीसीओईईई के राष्ट्रीय अवाहन पर 12 फरवरी, 2026 को समूचे प्रदेश में पेन डाउन, टूल डाउन की हड़ताल व भोजना अवकाश के दौरान बोर्ड कार्यलयों के बाहर पेंशनर्ज व आम जनता का सहयोग लेते हुए विरोध प्रदर्षन करने का फैसला लिया है।1
- हमीरपुर विद्युत उपमंडल-1 हमीरपुर के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं को बिजली के बिल जमा करवाने के लिए 7 फरवरी तक का समय दिया गया है। सहायक अभियंता सुनील कुमार ने कहा कि उपमंडल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों सलासी, झनियारी, खग्गल, दड़ूही, कुठेड़ा, नालटी, बाड़ी फरनोल, मसियाणा, डुढाणा, ब्राहलड़ी, धनेड और अन्य गांवों के जिन विद्युत उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने बिलों का भुगतान नहीं किया है, वे इनका भुगतान 7 फरवरी तक उपमंडल कार्यालय के काउंटर पर या ऑनलाइन माध्यम से कर दें। उन्होंने बताया कि इस तिथि तक बिल जमा न करवाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन पूर्व सूचना के बगैर ही काट दिए जाएंगे। सहायक अभियंता ने उपमंडल के सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।1
- जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत गांव कोट में एक परिवार पिछले करीब दो महीनों से अपने घर के रास्ते के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पहले उनके साथ जिस परिवार ने पहले मारपीट की गई थी उसी ने रंजिश के चलते उसके बाद दबंगों द्वारा उनके आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से रोक दिया गया।1
- दाड़लाघाट के नौणी गांव में तेंदुए की दहशत - घर के बाथरूम में घुसा, कुत्ते के साथ रही रातभर आमने-सामने की स्थिति कसौली : ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के नौणी गांव में वीरवार रात्रि करीब दो बजे उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब एक खतरनाक तेंदुआ छलांग लगाकर कुलदीप नामक व्यक्ति के घर की छत पर पहुंच गया। तेंदुए ने वहां मौजूद कुत्ते पर हमला किया और उसे दौड़ाते हुए घर के बाथरूम में जा घुसा। घटना के समय मकान मालिक कुलदीप ने बाहर से तेज आवाजें सुनीं। जब वह बाहर निकला तो उसने बाथरूम के अंदर तेंदुए और कुत्ते के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कुलदीप ने जान जोखिम में डालकर बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और तुरंत पुलिस विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद पुलिस टीम के साथ वन विभाग के रेंज अधिकारी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो, इसके लिए वन्यजीव बचाव दल (रेस्क्यू टीम) कुल्लू को भी दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया। प्रातःकाल डॉ. विपिन की अगुवाई में वन्यजीव रेस्क्यू टीम दाड़लाघाट पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित काबू में करने का अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बाथरूम के दरवाजे में छेद कर तेंदुए को बेहोश किया गया। इसके बाद तेंदुए और कुत्ते दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि तेंदुआ और कुत्ता पूरी रात एक ही बाथरूम में आमने-सामने रहे। दोनों एक-दूसरे को देखकर गुर्राते रहे, लेकिन बंद कमरे में किसी ने भी दोबारा हमला नहीं किया। करीब दोपहर 12:30 बजे दोनों को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- राज्य सचिवालय शिमला में विधायक प्राथमिकता बैठक के पहले दिन पहले चरण में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर के विधायकों ने बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान बैठक में शामिल हुए भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है. सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के चलते फाइनेंशियल क्रंच की स्थिति पैदा हो गई है. सतपाल सत्ती ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्ष के विधायकों को अनदेखा कर रही है और प्रदेश में विकास ठप हो गया है. ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि विधायकों की प्राथमिकता वाले कामों की डीपीआर ठीक तरह से नहीं बनाई जा रही है. इसके अलावा पहली बार विधायक क्षेत्र विकास निधि भी बंद कर दी गई. एक साल में अब तक केवल दो किस्तें जारी की गई है. इसके अलावा विधायक ऐच्छिक निधि भी नहीं दी जा रही है. उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में विकास पूरी तरह ठप हो गया है. विधायक काम नहीं कर पा रहे हैं. सत्ती ने कहा कि राज्य सरकार के पास पैसा न होने का परमानेंट बहाना है. पेमैंट न होने के कारण ठेकेदारों ने तैयार भवनों को राज्य सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया है. कांग्रेस के विधायकों ने भी विकास कार्य न हो पाने की बात बैठक में रखी है. सत्ती ने कहा कि इन सभी बातों को उन्होंने बैठक में रखा है. बाइट -- सतपाल सिंह सत्ती, भाजपा विधायक ऊना1