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Sahil Pathan contruction and building work pop PVC wall panel contact no.9109446699

13 hrs ago
user_🌹Sahil Pathan🌹
🌹Sahil Pathan🌹
Interior fitting contractor परासिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

Sahil Pathan contruction and building work pop PVC wall panel contact no.9109446699

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by 🌹Sahil Pathan🌹
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    Post by 🌹Sahil Pathan🌹
    user_🌹Sahil Pathan🌹
    🌹Sahil Pathan🌹
    Interior fitting contractor परासिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • 15 दिन से सूखा छिंदवाड़ा में मटके थामे भूखे-प्यासे लोग, मेयर-कमिश्नर का मांगा इस्तीफा! छिंदवाड़ा शहर में जलसंकट ने मचाया हाहाकार। वार्ड 29 सहित तीन वार्डों में 15 दिनों से पानी का नामोनिशान नहीं। नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह खाली मटके थामे पानी की टंकी पर धरना दिया। वार्ड 29 के पार्षद राहुल मालवीय के नेतृत्व में लोगों ने मेयर और निगम कमिश्नर का इस्तीफा मांगा। निगम कर्मियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी सोमवार तक पानी नहीं आया तो मंगलवार को कलेक्टर के सामने 'हल्ला बोल' आंदोलन होगा!प्रदर्शन सुबह 10 से 11:30 बजे तक चला।
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    15 दिन से सूखा छिंदवाड़ा में मटके थामे भूखे-प्यासे लोग, मेयर-कमिश्नर का मांगा इस्तीफा!
छिंदवाड़ा शहर में जलसंकट ने मचाया हाहाकार। वार्ड 29 सहित तीन वार्डों में 15 दिनों से पानी का नामोनिशान नहीं। नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह खाली मटके थामे पानी की टंकी पर धरना दिया।
वार्ड 29 के पार्षद राहुल मालवीय के नेतृत्व में लोगों ने मेयर और निगम कमिश्नर का इस्तीफा मांगा। निगम कर्मियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी सोमवार तक पानी नहीं आया तो मंगलवार को कलेक्टर के सामने 'हल्ला बोल' आंदोलन होगा!प्रदर्शन सुबह 10 से 11:30 बजे तक चला।
    user_KB live News
    KB live News
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • छिंदवाड़ा में बैटरी ब्लास्ट, 7वीं का छात्र गंभीर रूप से झुलसा छिंदवाड़ा जिले के मुजावर क्षेत्र से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर घरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कक्षा सातवीं में पढ़ने वाला मानव नामक मासूम टॉर्च की बैटरी से खेलते समय हुए अचानक विस्फोट का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 10 बजे बच्चा घर पर अकेला था और बैटरी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। तभी अचानक बैटरी में तेज धमाका हुआ, जिसने पलभर में ही मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में बच्चे के हाथ और पेट बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है।यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है खासकर इस भीषण गर्मी के दौर में, जब बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ओवरहीटिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।
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    छिंदवाड़ा में बैटरी ब्लास्ट, 7वीं का छात्र गंभीर रूप से झुलसा
छिंदवाड़ा जिले के मुजावर क्षेत्र से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर घरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कक्षा सातवीं में पढ़ने वाला मानव नामक मासूम टॉर्च की बैटरी से खेलते समय हुए अचानक विस्फोट का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 10 बजे बच्चा घर पर अकेला था और बैटरी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। तभी अचानक बैटरी में तेज धमाका हुआ, जिसने पलभर में ही मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में बच्चे के हाथ और पेट बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है।यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है खासकर इस भीषण गर्मी के दौर में, जब बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ओवरहीटिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।
    user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परमं पूज्य संत श्री आशाराम जी गोशाला खजरीं द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छाछ सेवा अनवरत जारी है ।यह सेवा श्री योग वेदांत सेवा समिति के माध्यम से की जा रही है । प्रति रविवार बस स्टैंड पर हजारों राहगीरों द्वारा छाछ का लाभ लिया जा रहा है ।इस सेवा में खजरीं गोशाला के संचालक जय राम भाई और समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई के अलावा बहुत से साधक भाई बहन सेवाए दे रहे है ।
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    छिंदवाड़ा 
छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परमं पूज्य संत श्री आशाराम जी गोशाला खजरीं द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छाछ सेवा अनवरत जारी है ।यह सेवा श्री योग वेदांत सेवा समिति के माध्यम से की जा रही है । प्रति रविवार बस स्टैंड पर हजारों राहगीरों द्वारा छाछ का लाभ लिया जा रहा है ।इस सेवा में  खजरीं गोशाला के संचालक जय राम भाई और समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई के अलावा बहुत से साधक भाई बहन सेवाए दे रहे है ।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Wcl क्वार्टर आवंटन में फर्जीवाड़ा एक कामगार को चार चार क्वार्टर एलर्ट 50-50 किलोमीटर से अरे
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    Wcl क्वार्टर आवंटन में फर्जीवाड़ा एक कामगार को चार चार क्वार्टर एलर्ट 50-50 किलोमीटर से अरे
    user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बीजेपी केंद्र सरकार एवं योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश सरकार – विफलता का डबल इंजन- पूर्व विधायक डॉ सुनीलम बिलारी (मुरादाबाद उ. प्र.) : बिलारी, मुरादाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार, दोनों हर मोर्चे पर पूर्ण और घोर तौर पर विफल रही है। डॉ. सुनीलम ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि तथाकथित “डबल इंजन” सरकार अपने ऊंचे-ऊंचे दावों, भव्य वादों और सीने-ठोककर लगाए गए नारों पर बुरी तरह फेल हो गई है। यह शासन नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता के सपनों को कुचलने वाला धोखे, अक्षमता और बेहया दिशाहीनता का सिलसिला है। डॉ. सुनीलम ने बीजेपी की केंद्र सरकार की शर्मनाक विफलताओं को बेनकाब करते हुए कहा कि उपभोक्ता आसमान छूते बिजली के बिलों और बार-बार बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमरीका समझौता खोखला ड्रामा है, इसका देश के नागरिकों को कोई वास्तविक रणनीतिक लाभ नहीं मिल सकेगा। बीज विधेयक लाकर भी किसानों को कंपनियों से लुटने के लिए छोड़ दिया है। महिला बिल पर उन्होंने कहा कि यह बिल 2023 में पारित हो चुका है लेकिन महिलाओं के साथ संसद के विशेष सत्र में क्रूर धोखा किया गया। सरकार परिसीमन करना चाहती थी, संसदीय लोकतंत्र का स्वरूप बदलना चाहती थी लेकिन विपक्ष ने इस षडयंत्र को विफल कर दिया। 4 श्रम संहिता थोपने की कोशिश की गई। श्रम कानूनों को कागजों तक सीमित कर दिया गया। सरकारें पूर्णतया लकवाग्रस्त है। जाति जनगणना से सरकार घमंडपूर्वक इनकार कर रही है। जिससे करोड़ों पिछड़ों और वंचित महिलाओं का सामाजिक न्याय पाने का हक छीना जा रहा है। डॉ. सुनीलम ने उत्तर प्रदेश सरकार के झूठे आश्वासनों और बार-बार के धोखों को कड़ी नजर से उजागर करते हुए कहा कि शहरों में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली देने के जोर-शोर वाले वादे बेहयाई से तोड़ दिए गए। मुरादाबाद क्षेत्र सहित बड़े इलाकों में आज भी बार-बार बिजली कटौती, भारी बिल और अनिश्चित आपूर्ति का कहर जारी है। निजीकरण की दिशा में उठाए कदमों ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लाखों नौकरियां देने और “असीम संभावनाएं” के ऊंचे-ऊंचे दावे युवाओं के लिए क्रूर मजाक बन गए। उत्तर प्रदेश के लाखों युवा आज भी बेरोजगार हैं। सरकारी आंकड़े महज प्रचार हैं, जबकि जमीन पर बेरोजगारी और निराशा का माहौल बना हुआ है। डॉ सुनीलम ने कहा कि कर्ज माफी, गन्ने का समय पर भुगतान, उचित मूल्य और मुआवजे के आश्वासन ज्यादातर कागजों पर ही सिमटकर रह गए हैं। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को चीनी मिलों से भुगतान में लगातार शर्मनाक देरी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और समय-सीमाओं के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसमें मुरादाबाद क्षेत्र भी शामिल है, के लाखों गन्ना किसान कई महीनों और कभी-कभी वर्षों से अपने मेहनत के पैसे का इंतजार कर रहे हैं। इस देरी के कारण किसानों को सूदखोरों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे वे और गहरे कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। असमय की बारिश, बढ़ती इनपुट लागत और सरकारी सहायता के अभाव ने कृषि संकट को और गंभीर बना दिया है। डॉ सुनीलम ने कहा कि किसान आत्महत्याएं आज भी एक अंधेरा सच और सरकार की विफलता का घोर प्रमाण बनी हुई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में हर रोज औसतन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यह भयावह आंकड़ा कृषि संकट की गहराई को उजागर करता है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में सैकड़ों किसान और कृषि मजदूर भारी कर्ज, असमय बारिश से फसल नुकसान, सूदखोरों के उत्पीड़न और समय पर सरकारी सहायता न मिलने के कारण आत्महत्या कर चुके हैं। सरकार द्वारा इस राष्ट्रीय त्रासदी से बार-बार मुंह मोड़ना और आपराधिक लापरवाही ने हजारों किसान परिवारों को निराशा के कगार पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को अन्न देने वाले इन किसानों के खून के दाग शासकों के हाथों पर हैं – यह किसानों का कत्लेआम है! डॉ. सुनीलम ने गहराते कृषि संकट के तत्काल समाधान के लिए सभी फसलों की एम एस पी (सी 2+50%) पर खरीद की कानूनी गारंटी, किसानों की संपूर्ण कर्जा मुक्ति, फसल बीमा योजना में पारदर्शी और प्रभावी सुधार की मांग की ताकि किसानों की जान बचाई जा सके और उनकी गरिमा बहाल हो। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को किसानों के साथ क्रूर मजाक बताते हुए उन्होंने कहा कि योजना के तहत दावे महीनों तक लंबित रहते हैं, उपग्रह चित्रों जैसी तकनीकी खामियों के बहाने खारिज कर दिए जाते हैं या बहुत कम राशि देकर नुकसान का मजाक उड़ाया जाता है। बटाईदार किसानों को बाहर रखना, अधिसूचित की गई फसलों को कवर न करना, मनमाने खारिज, पारदर्शी फील्ड सर्वे का अभाव और करोड़ों रुपये के लंबित दावे – इन सबने योजना को पूरी तरह नाकाम बना दिया है। बिना मौलिक सुधारों – यानी वास्तविक व्यक्तिगत नुकसान के आधार पर समयबद्ध, पारदर्शी और पर्याप्त मुआवजा दिए बिना – फसल बीमा किसानों की सबसे जरूरत के समय में उन्हें निराश ही करती रहेगी। उन्होंने कहा कि गन्ने के भुगतान में सख्त समयबद्धता लागू किए बिना कृषि संकट और बदतर होता जाएगा और अधिक निर्दोष जानें जाएंगी। डॉ सुनीलम ने कहा कि “जीरो टॉलरेंस” और बेहतर सुरक्षा के डींगे हांकने वाले दावे धराशायी हो गए। गंभीर अपराधों में वृद्धि साबित कर रही है कि तथाकथित लॉ एंड ऑर्डर मॉडल पूर्ण विफलता है, जिससे आम आदमी असुरक्षित है। शिक्षा व कल्याण योजनाओं के अधूरे क्रियान्वयन का आरोप लगाते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि फ्री लैपटॉप, यूनिफॉर्म, किताबें, बेहतर स्कूल और गरीब-छात्रों के लिए कल्याण योजनाओं के वादे ज्यादातर कागजों पर ही रह गए। गरीब छात्र और परिवार अभी भी टूटे आश्वासनों की मार झेल रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास के झूठे दावे पर उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्त सड़कें, हर मौसम में ग्रामीण कनेक्टिविटी, तेज औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे के जोरदार वादे ज्यादातर अधूरे या जमीन पर नाकाम साबित हुए हैं। कई क्षेत्रों में लगातार उपेक्षा जारी है। डॉ सुनीलम ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह UP सरकार ने भी जाति जनगणना के लिए जरा भी साहस नहीं दिखाया, जिससे पिछड़े और वंचित वर्गों को समान अधिकार और अवसर से जानबूझकर वंचित रखा जा रहा है। डॉ. सुनीलम ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विपक्ष को 40 सीटें देकर जनता ने बीजेपी को कड़ा संदेश दिया है। बीजेपी के गढ़ में यह भारी झटका दोनों केंद्र और राज्य सरकार की विफल नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से और मोहभंग को साफ जाहिर करता है। कम हुई सीटों और विपक्ष के मजबूत प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि जनता ने बीजेपी के घमंड और टूटे वादों को ठुकरा दिया है। डॉ. सुनीलम ने घोषणा की, “केंद्र की बीजेपी सरकार और योगी आदित्यनाथ की UP सरकार ने मिलकर विफलता का डबल इंजन बना रखा है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीबों को झूठे आश्वासनों और खोखले नारों से धोखा दिया गया। यह ‘अच्छे दिन’ नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान संकट और टूटे संस्थानों का खौफनाक सपना है!” डॉ. सुनीलम ने साफ कहा कि अगर बीजेपी अपने घमंड भरे नारे “अबकी बार 400 पार” के मुताबिक 400 सीटें पार कर जाती, तो स्थिति भारत और उत्तर प्रदेश के लिए और भी विनाशकारी होती। जनता ने समझदारी से उनके अतिआत्मविश्वास को ठुकरा दिया और कमजोर जनादेश दिया। पूर्ण बहुमत न देकर जनता ने इस सरकार को “फेल” कर दिया है और उसके खोखलेपन, झूठ और जन-विरोधी नीतियों को बेनकाब कर दिया है। डॉ सुनीलम ने कहा कि “बीजेपी और योगी सरकार को दूसरों को दोष देने की आदत छोड़ देनी चाहिए। जनता ने उनके लगातार विफलताओं और टूटे वादों की सजा पहले ही दे दी है। बस बहुत हो चुका!” उन्होंने सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और प्रगतिशील ताकतों से अपील की कि वे केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों सरकारों की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करें। डॉ सुनीलम ने पांच राज्यों के मतदाताओं से सांप्रदायिक और कॉर्पोरेट राजनीतिक पार्टियों को हराने की अपील की ताकि देश में संविधान और लोकतंत्र बचाया जा सके। जारीकर्ता: डॉ. सुनीलम पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान संघर्ष समिति मोबाइल: 8447715810 मीडिया संपर्क हेतु: 8447715810
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    बीजेपी केंद्र सरकार एवं योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश सरकार –  विफलता का डबल इंजन- पूर्व विधायक डॉ सुनीलम
बिलारी (मुरादाबाद उ. प्र.) : बिलारी, मुरादाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ  सरकार, दोनों हर मोर्चे पर पूर्ण और घोर  तौर पर विफल रही है।
डॉ. सुनीलम ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि तथाकथित “डबल इंजन” सरकार अपने ऊंचे-ऊंचे दावों, भव्य वादों और सीने-ठोककर लगाए गए नारों पर बुरी तरह फेल हो गई है। यह शासन नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता के सपनों को कुचलने वाला धोखे, अक्षमता और बेहया दिशाहीनता का सिलसिला है।
डॉ. सुनीलम ने बीजेपी की केंद्र सरकार की शर्मनाक विफलताओं को बेनकाब करते हुए कहा कि  उपभोक्ता आसमान छूते बिजली के बिलों और बार-बार बिजली कटौती से जूझ रहे हैं।  
उन्होंने कहा कि भारत-अमरीका समझौता खोखला ड्रामा है, इसका देश के नागरिकों को कोई वास्तविक रणनीतिक लाभ नहीं मिल सकेगा।  बीज विधेयक लाकर 
भी किसानों को कंपनियों से लुटने के लिए छोड़ दिया है।
महिला बिल पर उन्होंने कहा कि यह बिल 2023 में पारित हो  चुका है लेकिन महिलाओं के 
साथ संसद के विशेष सत्र में  क्रूर धोखा किया गया। सरकार
परिसीमन करना चाहती थी,  संसदीय लोकतंत्र का स्वरूप बदलना चाहती थी लेकिन विपक्ष ने इस षडयंत्र को विफल कर दिया।
4 श्रम संहिता थोपने की कोशिश की गई। श्रम कानूनों को  कागजों तक सीमित कर दिया गया।
सरकारें  पूर्णतया लकवाग्रस्त है।  जाति जनगणना से सरकार घमंडपूर्वक इनकार कर रही है। जिससे करोड़ों पिछड़ों और वंचित महिलाओं  का सामाजिक न्याय पाने का हक छीना जा रहा है।
डॉ. सुनीलम ने उत्तर प्रदेश सरकार के झूठे आश्वासनों और बार-बार के धोखों को  कड़ी नजर से उजागर करते हुए कहा कि शहरों में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली देने के जोर-शोर वाले वादे बेहयाई से तोड़ दिए गए। मुरादाबाद क्षेत्र सहित बड़े इलाकों में आज भी बार-बार बिजली कटौती, भारी बिल और अनिश्चित आपूर्ति का कहर जारी है। निजीकरण की दिशा में उठाए कदमों ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं।
बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लाखों नौकरियां देने और “असीम संभावनाएं” के ऊंचे-ऊंचे दावे युवाओं के लिए क्रूर मजाक बन गए। उत्तर प्रदेश के लाखों युवा आज भी बेरोजगार हैं। सरकारी आंकड़े महज प्रचार हैं, जबकि जमीन पर बेरोजगारी और निराशा का माहौल बना हुआ है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि कर्ज माफी, गन्ने का समय पर भुगतान, उचित मूल्य और मुआवजे के आश्वासन ज्यादातर कागजों पर ही सिमटकर रह गए हैं। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को चीनी मिलों से भुगतान में लगातार शर्मनाक देरी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और समय-सीमाओं के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसमें मुरादाबाद क्षेत्र भी शामिल है, के लाखों गन्ना किसान कई महीनों और कभी-कभी वर्षों से अपने मेहनत के पैसे का इंतजार कर रहे हैं। इस देरी के कारण किसानों को सूदखोरों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे वे और गहरे कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। असमय की बारिश, बढ़ती इनपुट लागत और सरकारी सहायता के अभाव ने कृषि संकट को और गंभीर बना दिया है। 
डॉ सुनीलम ने कहा कि किसान आत्महत्याएं आज भी एक अंधेरा सच और सरकार की विफलता का घोर प्रमाण बनी हुई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में हर रोज औसतन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं।  यह भयावह आंकड़ा कृषि संकट की गहराई को उजागर करता है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में सैकड़ों किसान और कृषि मजदूर भारी कर्ज, असमय बारिश से फसल नुकसान, सूदखोरों के उत्पीड़न और समय पर सरकारी सहायता न मिलने के कारण आत्महत्या कर चुके हैं। सरकार द्वारा इस राष्ट्रीय त्रासदी से बार-बार मुंह मोड़ना और आपराधिक लापरवाही ने हजारों किसान परिवारों को निराशा के कगार पर पहुंचा दिया है। 
उन्होंने कहा कि राष्ट्र को अन्न देने वाले इन किसानों के खून के दाग शासकों के हाथों पर हैं – यह किसानों का कत्लेआम है!
डॉ. सुनीलम ने गहराते कृषि संकट के तत्काल समाधान के लिए सभी फसलों की एम एस पी (सी 2+50%) पर खरीद की कानूनी गारंटी, किसानों की संपूर्ण कर्जा मुक्ति, फसल बीमा योजना में पारदर्शी और प्रभावी सुधार की मांग की ताकि किसानों की जान बचाई जा सके और उनकी गरिमा बहाल हो।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को किसानों के साथ क्रूर मजाक  बताते हुए उन्होंने कहा कि योजना के तहत दावे महीनों तक लंबित रहते हैं, उपग्रह चित्रों जैसी तकनीकी खामियों के बहाने खारिज कर दिए जाते हैं या बहुत कम राशि देकर नुकसान का मजाक उड़ाया जाता है। बटाईदार किसानों को बाहर रखना, अधिसूचित की गई फसलों को कवर न करना, मनमाने खारिज, पारदर्शी फील्ड सर्वे का अभाव और करोड़ों रुपये के लंबित दावे – इन सबने योजना को पूरी तरह नाकाम बना दिया है। बिना मौलिक सुधारों – यानी वास्तविक व्यक्तिगत नुकसान के आधार पर समयबद्ध, पारदर्शी और पर्याप्त मुआवजा दिए बिना – फसल बीमा किसानों की सबसे जरूरत के समय में उन्हें निराश ही करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि गन्ने के भुगतान में सख्त समयबद्धता लागू किए बिना कृषि संकट और बदतर होता जाएगा और अधिक निर्दोष जानें जाएंगी।
डॉ सुनीलम ने कहा कि “जीरो टॉलरेंस” और बेहतर सुरक्षा के डींगे हांकने वाले दावे धराशायी हो गए। गंभीर अपराधों में वृद्धि साबित कर रही है कि तथाकथित लॉ एंड ऑर्डर मॉडल पूर्ण विफलता है, जिससे आम आदमी असुरक्षित है।
शिक्षा व कल्याण योजनाओं के अधूरे क्रियान्वयन का आरोप लगाते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि  फ्री लैपटॉप, यूनिफॉर्म, किताबें, बेहतर स्कूल और गरीब-छात्रों के लिए कल्याण योजनाओं के वादे ज्यादातर कागजों पर ही रह गए। गरीब छात्र और परिवार अभी भी टूटे आश्वासनों की मार झेल रहे हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास के झूठे दावे पर उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्त सड़कें, हर मौसम में ग्रामीण कनेक्टिविटी, तेज औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे के जोरदार वादे ज्यादातर अधूरे या जमीन पर नाकाम साबित हुए हैं। कई क्षेत्रों में लगातार उपेक्षा जारी है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि  केंद्र सरकार की तरह UP सरकार ने भी जाति जनगणना के लिए जरा भी साहस नहीं दिखाया, जिससे पिछड़े और वंचित वर्गों को समान अधिकार और अवसर से जानबूझकर वंचित रखा जा रहा है।
डॉ. सुनीलम ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विपक्ष को 40 सीटें देकर जनता ने बीजेपी को कड़ा संदेश दिया है। बीजेपी के गढ़ में यह भारी झटका दोनों केंद्र और राज्य सरकार की विफल नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से और मोहभंग को साफ जाहिर करता है। कम हुई सीटों और विपक्ष के मजबूत प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि जनता ने बीजेपी के घमंड और टूटे वादों को ठुकरा दिया है।
डॉ. सुनीलम ने घोषणा की, “केंद्र की बीजेपी सरकार और योगी आदित्यनाथ की UP सरकार ने मिलकर विफलता का डबल इंजन बना रखा है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीबों को झूठे आश्वासनों और खोखले नारों से धोखा दिया गया। यह ‘अच्छे दिन’ नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान संकट और टूटे संस्थानों का खौफनाक सपना है!”
डॉ. सुनीलम ने साफ कहा कि अगर बीजेपी अपने घमंड भरे नारे “अबकी बार 400 पार” के मुताबिक 400 सीटें पार कर जाती, तो स्थिति भारत और उत्तर प्रदेश के लिए और भी विनाशकारी होती। जनता ने समझदारी से उनके अतिआत्मविश्वास को ठुकरा दिया और कमजोर जनादेश दिया। पूर्ण बहुमत न देकर जनता ने इस सरकार को “फेल” कर दिया है और उसके खोखलेपन, झूठ और जन-विरोधी नीतियों को बेनकाब कर दिया है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि “बीजेपी और योगी सरकार को दूसरों को दोष देने की आदत छोड़ देनी चाहिए। जनता ने उनके लगातार विफलताओं और टूटे वादों की सजा पहले ही दे दी है। बस बहुत हो चुका!” 
उन्होंने सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और प्रगतिशील ताकतों से अपील की कि वे केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों सरकारों की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करें।
डॉ सुनीलम ने पांच राज्यों के मतदाताओं से सांप्रदायिक और कॉर्पोरेट राजनीतिक पार्टियों को हराने की अपील की ताकि देश में संविधान और लोकतंत्र बचाया जा सके।
जारीकर्ता:
डॉ. सुनीलम
पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
किसान संघर्ष समिति
मोबाइल: 8447715810
मीडिया संपर्क हेतु:
8447715810
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    7 hrs ago
  • Post by Namdev gujre Khabar bhart news
    1
    Post by Namdev gujre Khabar bhart news
    user_Namdev gujre Khabar bhart news
    Namdev gujre Khabar bhart news
    घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 😊😉😊
    1
    😊😉😊
    user_🌹Sahil Pathan🌹
    🌹Sahil Pathan🌹
    Interior fitting contractor परासिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
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