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बीजेपी केंद्र सरकार एवं योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश सरकार – विफलता का डबल इंजन- पूर्व विधायक डॉ सुनीलम बीजेपी केंद्र सरकार एवं योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश सरकार – विफलता का डबल इंजन- पूर्व विधायक डॉ सुनीलम बिलारी (मुरादाबाद उ. प्र.) : बिलारी, मुरादाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार, दोनों हर मोर्चे पर पूर्ण और घोर तौर पर विफल रही है। डॉ. सुनीलम ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि तथाकथित “डबल इंजन” सरकार अपने ऊंचे-ऊंचे दावों, भव्य वादों और सीने-ठोककर लगाए गए नारों पर बुरी तरह फेल हो गई है। यह शासन नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता के सपनों को कुचलने वाला धोखे, अक्षमता और बेहया दिशाहीनता का सिलसिला है। डॉ. सुनीलम ने बीजेपी की केंद्र सरकार की शर्मनाक विफलताओं को बेनकाब करते हुए कहा कि उपभोक्ता आसमान छूते बिजली के बिलों और बार-बार बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमरीका समझौता खोखला ड्रामा है, इसका देश के नागरिकों को कोई वास्तविक रणनीतिक लाभ नहीं मिल सकेगा। बीज विधेयक लाकर भी किसानों को कंपनियों से लुटने के लिए छोड़ दिया है। महिला बिल पर उन्होंने कहा कि यह बिल 2023 में पारित हो चुका है लेकिन महिलाओं के साथ संसद के विशेष सत्र में क्रूर धोखा किया गया। सरकार परिसीमन करना चाहती थी, संसदीय लोकतंत्र का स्वरूप बदलना चाहती थी लेकिन विपक्ष ने इस षडयंत्र को विफल कर दिया। 4 श्रम संहिता थोपने की कोशिश की गई। श्रम कानूनों को कागजों तक सीमित कर दिया गया। सरकारें पूर्णतया लकवाग्रस्त है। जाति जनगणना से सरकार घमंडपूर्वक इनकार कर रही है। जिससे करोड़ों पिछड़ों और वंचित महिलाओं का सामाजिक न्याय पाने का हक छीना जा रहा है। डॉ. सुनीलम ने उत्तर प्रदेश सरकार के झूठे आश्वासनों और बार-बार के धोखों को कड़ी नजर से उजागर करते हुए कहा कि शहरों में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली देने के जोर-शोर वाले वादे बेहयाई से तोड़ दिए गए। मुरादाबाद क्षेत्र सहित बड़े इलाकों में आज भी बार-बार बिजली कटौती, भारी बिल और अनिश्चित आपूर्ति का कहर जारी है। निजीकरण की दिशा में उठाए कदमों ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लाखों नौकरियां देने और “असीम संभावनाएं” के ऊंचे-ऊंचे दावे युवाओं के लिए क्रूर मजाक बन गए। उत्तर प्रदेश के लाखों युवा आज भी बेरोजगार हैं। सरकारी आंकड़े महज प्रचार हैं, जबकि जमीन पर बेरोजगारी और निराशा का माहौल बना हुआ है। डॉ सुनीलम ने कहा कि कर्ज माफी, गन्ने का समय पर भुगतान, उचित मूल्य और मुआवजे के आश्वासन ज्यादातर कागजों पर ही सिमटकर रह गए हैं। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को चीनी मिलों से भुगतान में लगातार शर्मनाक देरी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और समय-सीमाओं के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसमें मुरादाबाद क्षेत्र भी शामिल है, के लाखों गन्ना किसान कई महीनों और कभी-कभी वर्षों से अपने मेहनत के पैसे का इंतजार कर रहे हैं। इस देरी के कारण किसानों को सूदखोरों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे वे और गहरे कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। असमय की बारिश, बढ़ती इनपुट लागत और सरकारी सहायता के अभाव ने कृषि संकट को और गंभीर बना दिया है। डॉ सुनीलम ने कहा कि किसान आत्महत्याएं आज भी एक अंधेरा सच और सरकार की विफलता का घोर प्रमाण बनी हुई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में हर रोज औसतन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यह भयावह आंकड़ा कृषि संकट की गहराई को उजागर करता है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में सैकड़ों किसान और कृषि मजदूर भारी कर्ज, असमय बारिश से फसल नुकसान, सूदखोरों के उत्पीड़न और समय पर सरकारी सहायता न मिलने के कारण आत्महत्या कर चुके हैं। सरकार द्वारा इस राष्ट्रीय त्रासदी से बार-बार मुंह मोड़ना और आपराधिक लापरवाही ने हजारों किसान परिवारों को निराशा के कगार पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को अन्न देने वाले इन किसानों के खून के दाग शासकों के हाथों पर हैं – यह किसानों का कत्लेआम है! डॉ. सुनीलम ने गहराते कृषि संकट के तत्काल समाधान के लिए सभी फसलों की एम एस पी (सी 2+50%) पर खरीद की कानूनी गारंटी, किसानों की संपूर्ण कर्जा मुक्ति, फसल बीमा योजना में पारदर्शी और प्रभावी सुधार की मांग की ताकि किसानों की जान बचाई जा सके और उनकी गरिमा बहाल हो। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को किसानों के साथ क्रूर मजाक बताते हुए उन्होंने कहा कि योजना के तहत दावे महीनों तक लंबित रहते हैं, उपग्रह चित्रों जैसी तकनीकी खामियों के बहाने खारिज कर दिए जाते हैं या बहुत कम राशि देकर नुकसान का मजाक उड़ाया जाता है। बटाईदार किसानों को बाहर रखना, अधिसूचित की गई फसलों को कवर न करना, मनमाने खारिज, पारदर्शी फील्ड सर्वे का अभाव और करोड़ों रुपये के लंबित दावे – इन सबने योजना को पूरी तरह नाकाम बना दिया है। बिना मौलिक सुधारों – यानी वास्तविक व्यक्तिगत नुकसान के आधार पर समयबद्ध, पारदर्शी और पर्याप्त मुआवजा दिए बिना – फसल बीमा किसानों की सबसे जरूरत के समय में उन्हें निराश ही करती रहेगी। उन्होंने कहा कि गन्ने के भुगतान में सख्त समयबद्धता लागू किए बिना कृषि संकट और बदतर होता जाएगा और अधिक निर्दोष जानें जाएंगी। डॉ सुनीलम ने कहा कि “जीरो टॉलरेंस” और बेहतर सुरक्षा के डींगे हांकने वाले दावे धराशायी हो गए। गंभीर अपराधों में वृद्धि साबित कर रही है कि तथाकथित लॉ एंड ऑर्डर मॉडल पूर्ण विफलता है, जिससे आम आदमी असुरक्षित है। शिक्षा व कल्याण योजनाओं के अधूरे क्रियान्वयन का आरोप लगाते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि फ्री लैपटॉप, यूनिफॉर्म, किताबें, बेहतर स्कूल और गरीब-छात्रों के लिए कल्याण योजनाओं के वादे ज्यादातर कागजों पर ही रह गए। गरीब छात्र और परिवार अभी भी टूटे आश्वासनों की मार झेल रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास के झूठे दावे पर उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्त सड़कें, हर मौसम में ग्रामीण कनेक्टिविटी, तेज औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे के जोरदार वादे ज्यादातर अधूरे या जमीन पर नाकाम साबित हुए हैं। कई क्षेत्रों में लगातार उपेक्षा जारी है। डॉ सुनीलम ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह UP सरकार ने भी जाति जनगणना के लिए जरा भी साहस नहीं दिखाया, जिससे पिछड़े और वंचित वर्गों को समान अधिकार और अवसर से जानबूझकर वंचित रखा जा रहा है। डॉ. सुनीलम ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विपक्ष को 40 सीटें देकर जनता ने बीजेपी को कड़ा संदेश दिया है। बीजेपी के गढ़ में यह भारी झटका दोनों केंद्र और राज्य सरकार की विफल नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से और मोहभंग को साफ जाहिर करता है। कम हुई सीटों और विपक्ष के मजबूत प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि जनता ने बीजेपी के घमंड और टूटे वादों को ठुकरा दिया है। डॉ. सुनीलम ने घोषणा की, “केंद्र की बीजेपी सरकार और योगी आदित्यनाथ की UP सरकार ने मिलकर विफलता का डबल इंजन बना रखा है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीबों को झूठे आश्वासनों और खोखले नारों से धोखा दिया गया। यह ‘अच्छे दिन’ नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान संकट और टूटे संस्थानों का खौफनाक सपना है!” डॉ. सुनीलम ने साफ कहा कि अगर बीजेपी अपने घमंड भरे नारे “अबकी बार 400 पार” के मुताबिक 400 सीटें पार कर जाती, तो स्थिति भारत और उत्तर प्रदेश के लिए और भी विनाशकारी होती। जनता ने समझदारी से उनके अतिआत्मविश्वास को ठुकरा दिया और कमजोर जनादेश दिया। पूर्ण बहुमत न देकर जनता ने इस सरकार को “फेल” कर दिया है और उसके खोखलेपन, झूठ और जन-विरोधी नीतियों को बेनकाब कर दिया है। डॉ सुनीलम ने कहा कि “बीजेपी और योगी सरकार को दूसरों को दोष देने की आदत छोड़ देनी चाहिए। जनता ने उनके लगातार विफलताओं और टूटे वादों की सजा पहले ही दे दी है। बस बहुत हो चुका!” उन्होंने सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और प्रगतिशील ताकतों से अपील की कि वे केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों सरकारों की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करें। डॉ सुनीलम ने पांच राज्यों के मतदाताओं से सांप्रदायिक और कॉर्पोरेट राजनीतिक पार्टियों को हराने की अपील की ताकि देश में संविधान और लोकतंत्र बचाया जा सके। जारीकर्ता: डॉ. सुनीलम पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान संघर्ष समिति मोबाइल: 8447715810 मीडिया संपर्क हेतु: 8447715810

9 hrs ago
user_M. Afsar khan
M. Afsar khan
Local News Reporter Multai, Betul•
9 hrs ago

बीजेपी केंद्र सरकार एवं योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश सरकार – विफलता का डबल इंजन- पूर्व विधायक डॉ सुनीलम बीजेपी केंद्र सरकार एवं योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश सरकार – विफलता का डबल इंजन- पूर्व विधायक डॉ सुनीलम बिलारी (मुरादाबाद उ. प्र.) : बिलारी, मुरादाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार, दोनों हर मोर्चे पर पूर्ण और घोर तौर पर विफल रही है। डॉ. सुनीलम ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि तथाकथित “डबल इंजन” सरकार अपने ऊंचे-ऊंचे दावों, भव्य वादों और सीने-ठोककर लगाए गए नारों पर बुरी तरह फेल हो गई है। यह शासन नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता के सपनों को कुचलने वाला धोखे, अक्षमता और बेहया दिशाहीनता का सिलसिला है। डॉ. सुनीलम ने बीजेपी की केंद्र सरकार की शर्मनाक विफलताओं को बेनकाब करते हुए कहा कि उपभोक्ता आसमान छूते बिजली के बिलों और बार-बार बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमरीका समझौता खोखला ड्रामा है, इसका देश के नागरिकों को कोई वास्तविक रणनीतिक लाभ नहीं मिल सकेगा। बीज विधेयक लाकर भी किसानों को कंपनियों से लुटने के लिए छोड़ दिया है। महिला बिल पर उन्होंने कहा कि यह बिल 2023 में पारित हो चुका है लेकिन महिलाओं के साथ संसद के विशेष सत्र में क्रूर धोखा किया गया। सरकार परिसीमन करना चाहती थी, संसदीय लोकतंत्र का स्वरूप बदलना चाहती थी लेकिन विपक्ष ने इस षडयंत्र को विफल कर दिया। 4 श्रम संहिता थोपने की कोशिश की गई। श्रम कानूनों को कागजों तक सीमित कर दिया गया। सरकारें पूर्णतया लकवाग्रस्त है। जाति जनगणना से सरकार घमंडपूर्वक इनकार कर रही है। जिससे करोड़ों पिछड़ों और वंचित महिलाओं का सामाजिक न्याय पाने का हक छीना जा रहा है। डॉ. सुनीलम ने उत्तर प्रदेश सरकार के झूठे आश्वासनों और बार-बार के धोखों को कड़ी नजर से उजागर करते हुए कहा कि शहरों में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली देने के जोर-शोर वाले वादे बेहयाई से तोड़ दिए गए। मुरादाबाद क्षेत्र सहित बड़े इलाकों में आज भी बार-बार बिजली कटौती, भारी बिल और अनिश्चित आपूर्ति का कहर जारी है। निजीकरण की दिशा में उठाए कदमों ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लाखों नौकरियां देने और “असीम संभावनाएं” के ऊंचे-ऊंचे दावे युवाओं के लिए क्रूर मजाक बन गए। उत्तर प्रदेश के लाखों युवा आज भी बेरोजगार हैं। सरकारी आंकड़े महज प्रचार हैं, जबकि जमीन पर बेरोजगारी और निराशा का माहौल बना हुआ है। डॉ सुनीलम ने कहा कि कर्ज माफी, गन्ने का समय पर भुगतान, उचित मूल्य और मुआवजे के आश्वासन ज्यादातर कागजों पर ही सिमटकर रह गए हैं। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को चीनी मिलों से भुगतान में लगातार शर्मनाक देरी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और समय-सीमाओं के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसमें मुरादाबाद क्षेत्र भी शामिल है, के लाखों गन्ना किसान कई महीनों और कभी-कभी वर्षों से अपने मेहनत के पैसे का इंतजार कर रहे हैं। इस देरी के कारण किसानों को सूदखोरों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे वे और गहरे कर्ज के जाल में फंस रहे हैं। असमय की बारिश, बढ़ती इनपुट लागत और सरकारी सहायता के अभाव ने कृषि संकट को और गंभीर बना दिया है। डॉ सुनीलम ने कहा कि किसान आत्महत्याएं आज भी एक अंधेरा सच और सरकार की विफलता का घोर प्रमाण बनी हुई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में हर रोज औसतन 35 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यह भयावह आंकड़ा कृषि संकट की गहराई को उजागर करता है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में सैकड़ों किसान और कृषि मजदूर भारी कर्ज, असमय बारिश से फसल नुकसान, सूदखोरों के उत्पीड़न और समय पर सरकारी सहायता न मिलने के कारण आत्महत्या कर चुके हैं। सरकार द्वारा इस राष्ट्रीय त्रासदी से बार-बार मुंह मोड़ना और आपराधिक लापरवाही ने हजारों किसान परिवारों को निराशा के कगार पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को अन्न देने वाले इन किसानों के खून के दाग शासकों के हाथों पर हैं – यह किसानों का कत्लेआम है! डॉ. सुनीलम ने गहराते कृषि संकट के तत्काल समाधान के लिए सभी फसलों की एम एस पी (सी 2+50%) पर खरीद की कानूनी गारंटी, किसानों की संपूर्ण कर्जा मुक्ति, फसल बीमा योजना में पारदर्शी और प्रभावी सुधार की मांग की ताकि किसानों की जान बचाई जा सके और उनकी गरिमा बहाल हो। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को किसानों के साथ क्रूर मजाक बताते हुए उन्होंने कहा कि योजना के तहत दावे महीनों तक लंबित रहते हैं, उपग्रह चित्रों जैसी तकनीकी खामियों के बहाने खारिज कर दिए जाते हैं या बहुत कम राशि देकर नुकसान का मजाक उड़ाया जाता है। बटाईदार किसानों को बाहर रखना, अधिसूचित की गई फसलों को कवर न करना, मनमाने खारिज, पारदर्शी फील्ड सर्वे का अभाव और करोड़ों रुपये के लंबित दावे – इन सबने योजना को पूरी तरह नाकाम बना दिया है। बिना मौलिक सुधारों – यानी वास्तविक व्यक्तिगत नुकसान के आधार पर समयबद्ध, पारदर्शी और पर्याप्त मुआवजा दिए बिना – फसल बीमा किसानों की सबसे जरूरत के समय में उन्हें निराश ही करती रहेगी। उन्होंने कहा कि गन्ने के भुगतान में सख्त समयबद्धता लागू किए बिना कृषि संकट और बदतर होता जाएगा और अधिक निर्दोष जानें जाएंगी। डॉ सुनीलम ने कहा कि “जीरो टॉलरेंस” और बेहतर सुरक्षा के डींगे हांकने वाले दावे धराशायी हो गए। गंभीर अपराधों में वृद्धि साबित कर रही है कि तथाकथित लॉ एंड ऑर्डर मॉडल पूर्ण विफलता है, जिससे आम आदमी असुरक्षित है। शिक्षा व कल्याण योजनाओं के अधूरे क्रियान्वयन का आरोप लगाते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि फ्री लैपटॉप, यूनिफॉर्म, किताबें, बेहतर स्कूल और गरीब-छात्रों के लिए कल्याण योजनाओं के वादे ज्यादातर कागजों पर ही रह गए। गरीब छात्र और परिवार अभी भी टूटे आश्वासनों की मार झेल रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर एवं विकास के झूठे दावे पर उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्त सड़कें, हर मौसम में ग्रामीण कनेक्टिविटी, तेज औद्योगिक विकास और एक्सप्रेसवे के जोरदार वादे ज्यादातर अधूरे या जमीन पर नाकाम साबित हुए हैं। कई क्षेत्रों में लगातार उपेक्षा जारी है। डॉ सुनीलम ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह UP सरकार ने भी जाति जनगणना के लिए जरा भी साहस नहीं दिखाया, जिससे पिछड़े और वंचित वर्गों को समान अधिकार और अवसर से जानबूझकर वंचित रखा जा रहा है। डॉ. सुनीलम ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विपक्ष को 40 सीटें देकर जनता ने बीजेपी को कड़ा संदेश दिया है। बीजेपी के गढ़ में यह भारी झटका दोनों केंद्र और राज्य सरकार की विफल नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से और मोहभंग को साफ जाहिर करता है। कम हुई सीटों और विपक्ष के मजबूत प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि जनता ने बीजेपी के घमंड और टूटे वादों को ठुकरा दिया है। डॉ. सुनीलम ने घोषणा की, “केंद्र की बीजेपी सरकार और योगी आदित्यनाथ की UP सरकार ने मिलकर विफलता का डबल इंजन बना रखा है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीबों को झूठे आश्वासनों और खोखले नारों से धोखा दिया गया। यह ‘अच्छे दिन’ नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान संकट और टूटे संस्थानों का खौफनाक सपना है!” डॉ. सुनीलम ने साफ कहा कि अगर बीजेपी अपने घमंड भरे नारे “अबकी बार 400 पार” के मुताबिक 400 सीटें पार कर जाती, तो स्थिति भारत और उत्तर प्रदेश के लिए और भी विनाशकारी होती। जनता ने समझदारी से उनके अतिआत्मविश्वास को ठुकरा दिया और कमजोर जनादेश दिया। पूर्ण बहुमत न देकर जनता ने इस सरकार को “फेल” कर दिया है और उसके खोखलेपन, झूठ और जन-विरोधी नीतियों को बेनकाब कर दिया है। डॉ सुनीलम ने कहा कि “बीजेपी और योगी सरकार को दूसरों को दोष देने की आदत छोड़ देनी चाहिए। जनता ने उनके लगातार विफलताओं और टूटे वादों की सजा पहले ही दे दी है। बस बहुत हो चुका!” उन्होंने सभी किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और प्रगतिशील ताकतों से अपील की कि वे केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों सरकारों की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करें। डॉ सुनीलम ने पांच राज्यों के मतदाताओं से सांप्रदायिक और कॉर्पोरेट राजनीतिक पार्टियों को हराने की अपील की ताकि देश में संविधान और लोकतंत्र बचाया जा सके। जारीकर्ता: डॉ. सुनीलम पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान संघर्ष समिति मोबाइल: 8447715810 मीडिया संपर्क हेतु: 8447715810

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  • Post by Manohar agrval Agrawal
    2
    Post by Manohar agrval Agrawal
    user_Manohar agrval Agrawal
    Manohar agrval Agrawal
    Photographer Betul, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
  • बैतूल से हजारों किलोमीटर दूर सीमा पार पहुंची संवेदनाएं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, की मदद से नेपाली युवक को मिला सम्मानजनक अंतिम सफर जब कोई नहीं था साथ, तब आगे आए हेमंत खंडेलवाल: 1800 किमी दूर नेपाल पहुंचेगी पार्थिव देह राष्ट्रीय हिंदू सेना ने निभाया मानवता का धर्म, नेपाली परिवार को संकट में दिया सहारा फोटो - बैतूल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनके लिए राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, सेवा का संकल्प है। समय-समय पर उनकी दरियादिली और मानवीय संवेदनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार जो उदाहरण सामने आया है, उसने इंसानियत की नई मिसाल कायम कर दी है। बैतूल से की गई यह मदद की देश की सीमाओं को पार करते हुए नेपाल तक पहुंची है। इस पूरे मामले में राष्ट्रीय हिंदू सेना और उसके प्रदेशाध्यक्ष दीपक मालवीय भी पीड़ित परिवार का सहारा बने। राष्ट्रीय हिंदू सेना के जिला मीडिया प्रमुख अंश अग्रवाल के अनुसार, नेपाल के कंचनपुर जिला, नगर पालिका भीमदत्त निवासी रमेश दमाई (उम्र 29 वर्ष), पिता हंसराम दमाई और माता मधू दमाई की 16 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे गंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बाजपुर मलकापुर के पास चलती ट्रेन से गिरने के कारण मौत हो गई। रमेश अपनी दो भतीजियों और उनकी माताजी के साथ दिल्ली से चेन्नई की यात्रा कर रहा था, तभी अचानक पैर फिसलने से वह ट्रेन से नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। - राष्ट्रीय हिंदू सेना बनी सहारा घटना के बाद मृतक की माताजी ने पुलिस से मदद की अपील की। गंज थाना पुलिस ने इस मामले में राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मालवीय से संपर्क किया। इसके बाद संगठन के सदस्य तत्काल हरकत में आए और मृतक के परिजनों से संपर्क कर गंज थाना पहुंचकर उनकी पीड़ा को समझा और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। - नेपाल ले जाने की जिद, आर्थिक स्थिति बनी बाधा राष्ट्रीय हिंदू सेना के जिलाध्यक्ष अनुज राठौर ने बताया कि मृतक के परिजनों की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वे शव को अपने देश नेपाल ले जाने में सक्षम नहीं थे। संगठन की ओर से उन्हें बैतूल में ही हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने का सुझाव दिया गया, लेकिन नेपाल में मौजूद अन्य परिजनों की इच्छा के चलते परिवार शव को अपने देश ले जाना चाहता था। - हेमंत खंडेलवाल आगे आए, उठाया पूरा खर्च इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मालवीय ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल से संपर्क कर मदद की अपील की। हेमंत खंडेलवाल ने बिना देर किए तुरंत सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया और मृतक के शव को नेपाल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सहित पूरे खर्च की जिम्मेदारी उठाई। शनिवार शाम 7 बजे परिवार के साथ मृतक के शव को राष्ट्रीय हिंदू सेना के पदाधिकारियों द्वारा एंबुलेंस से रवाना किया गया। उनकी इस पहल से एक असहाय परिवार को बड़ा सहारा मिला। - सेवा का कारवां, सीमा पार पहुंची इंसानियत यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि सेवा का भाव यदि सच्चा हो तो वह सीमाओं में बंधा नहीं रहता। इस दौरान प्रांत सह संगठन मंत्री शुभम इंग्लिश सुभा।मिंगले, युवा मंत्री रोहित मालवीय, नगर युवा उपाध्यक्ष विदित मालवीय और सदस्य पीयूष सिहाने भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस सेवा कार्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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    बैतूल से हजारों किलोमीटर दूर सीमा पार पहुंची संवेदनाएं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, की मदद से नेपाली युवक को मिला सम्मानजनक अंतिम सफर
जब कोई नहीं था साथ, तब आगे आए हेमंत खंडेलवाल: 1800 किमी दूर नेपाल पहुंचेगी पार्थिव देह
राष्ट्रीय हिंदू सेना ने निभाया मानवता का धर्म, नेपाली परिवार को संकट में दिया सहारा
फोटो - 
बैतूल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनके लिए राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, सेवा का संकल्प है। समय-समय पर उनकी दरियादिली और मानवीय संवेदनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार जो उदाहरण सामने आया है, उसने इंसानियत की नई मिसाल कायम कर दी है। बैतूल से की गई यह मदद की देश की सीमाओं को पार करते हुए नेपाल तक पहुंची है। इस पूरे मामले में राष्ट्रीय हिंदू सेना और उसके प्रदेशाध्यक्ष दीपक मालवीय भी पीड़ित परिवार का सहारा बने।
राष्ट्रीय हिंदू सेना के जिला मीडिया प्रमुख अंश अग्रवाल के अनुसार, नेपाल के कंचनपुर जिला, नगर पालिका भीमदत्त निवासी रमेश दमाई (उम्र 29 वर्ष), पिता हंसराम दमाई और माता मधू दमाई की 16 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे गंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बाजपुर मलकापुर के पास चलती ट्रेन से गिरने के कारण मौत हो गई। रमेश अपनी दो भतीजियों और उनकी माताजी के साथ दिल्ली से चेन्नई की यात्रा कर रहा था, तभी अचानक पैर फिसलने से वह ट्रेन से नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
- राष्ट्रीय हिंदू सेना बनी सहारा
घटना के बाद मृतक की माताजी ने पुलिस से मदद की अपील की। गंज थाना पुलिस ने इस मामले में राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मालवीय से संपर्क किया। इसके बाद संगठन के सदस्य तत्काल हरकत में आए और मृतक के परिजनों से संपर्क कर गंज थाना पहुंचकर उनकी पीड़ा को समझा और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
- नेपाल ले जाने की जिद, आर्थिक स्थिति बनी बाधा
राष्ट्रीय हिंदू सेना के जिलाध्यक्ष अनुज राठौर ने बताया कि मृतक के परिजनों की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वे शव को अपने देश नेपाल ले जाने में सक्षम नहीं थे। संगठन की ओर से उन्हें बैतूल में ही हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने का सुझाव दिया गया, लेकिन नेपाल में मौजूद अन्य परिजनों की इच्छा के चलते परिवार शव को अपने देश ले जाना चाहता था।
- हेमंत खंडेलवाल आगे आए, उठाया पूरा खर्च
इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मालवीय ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल से संपर्क कर मदद की अपील की। हेमंत खंडेलवाल ने बिना देर किए तुरंत सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया और मृतक के शव को नेपाल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सहित पूरे खर्च की जिम्मेदारी उठाई। शनिवार शाम 7 बजे परिवार के साथ मृतक के शव को राष्ट्रीय हिंदू सेना के पदाधिकारियों द्वारा एंबुलेंस से रवाना किया गया। उनकी इस पहल से एक असहाय परिवार को बड़ा सहारा मिला।
- सेवा का कारवां, सीमा पार पहुंची इंसानियत
यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि सेवा का भाव यदि सच्चा हो तो वह सीमाओं में बंधा नहीं रहता। इस दौरान प्रांत सह संगठन मंत्री शुभम इंग्लिश सुभा।मिंगले, युवा मंत्री रोहित मालवीय, नगर युवा उपाध्यक्ष विदित मालवीय और सदस्य पीयूष सिहाने भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस सेवा कार्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    user_Nitin Agrawal Journalist Today Voice News Journalist बैतूल
    Nitin Agrawal Journalist Today Voice News Journalist बैतूल
    Journalist Betul, Madhya Pradesh•
    19 hrs ago
  • पांढुर्णा:-मांगें अनसुनी, 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल… स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट। सौंसर में स्वास्थ्य विभाग में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। BMO डॉ. योगेश शुक्ला के खिलाफ अब स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खुला मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत और मांगें रखने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के चलते सौंसर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो और उग्र रूप भी ले सकता है।अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करेगा और कब तक इस हड़ताल का समाधान निकलेगा?
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    पांढुर्णा:-मांगें अनसुनी, 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल… स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट।
सौंसर में स्वास्थ्य विभाग में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। BMO डॉ. योगेश शुक्ला के खिलाफ अब स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खुला मोर्चा खोल दिया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत और मांगें रखने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
हड़ताल के चलते सौंसर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो और उग्र रूप भी ले सकता है।अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करेगा और कब तक इस हड़ताल का समाधान निकलेगा?
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Namdev gujre Khabar bhart news
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    user_Namdev gujre Khabar bhart news
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    घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by 🌹Sahil Pathan🌹
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    Post by 🌹Sahil Pathan🌹
    user_🌹Sahil Pathan🌹
    🌹Sahil Pathan🌹
    Interior fitting contractor परासिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • 15 दिन से सूखा छिंदवाड़ा में मटके थामे भूखे-प्यासे लोग, मेयर-कमिश्नर का मांगा इस्तीफा! छिंदवाड़ा शहर में जलसंकट ने मचाया हाहाकार। वार्ड 29 सहित तीन वार्डों में 15 दिनों से पानी का नामोनिशान नहीं। नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह खाली मटके थामे पानी की टंकी पर धरना दिया। वार्ड 29 के पार्षद राहुल मालवीय के नेतृत्व में लोगों ने मेयर और निगम कमिश्नर का इस्तीफा मांगा। निगम कर्मियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी सोमवार तक पानी नहीं आया तो मंगलवार को कलेक्टर के सामने 'हल्ला बोल' आंदोलन होगा!प्रदर्शन सुबह 10 से 11:30 बजे तक चला।
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    15 दिन से सूखा छिंदवाड़ा में मटके थामे भूखे-प्यासे लोग, मेयर-कमिश्नर का मांगा इस्तीफा!
छिंदवाड़ा शहर में जलसंकट ने मचाया हाहाकार। वार्ड 29 सहित तीन वार्डों में 15 दिनों से पानी का नामोनिशान नहीं। नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह खाली मटके थामे पानी की टंकी पर धरना दिया।
वार्ड 29 के पार्षद राहुल मालवीय के नेतृत्व में लोगों ने मेयर और निगम कमिश्नर का इस्तीफा मांगा। निगम कर्मियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी सोमवार तक पानी नहीं आया तो मंगलवार को कलेक्टर के सामने 'हल्ला बोल' आंदोलन होगा!प्रदर्शन सुबह 10 से 11:30 बजे तक चला।
    user_KB live News
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    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • शासन प्रशासन के निर्देश के बाद भी खेतों की नरवाई मे लगाई जा रही है,आगजनी की घटनाओं पर नहीं लग रहा अंकुश । नपा का एक फायर वाहन हुआ ख़राब एक वाहन लगातार बुझा रहा है आग मुलताई। इन दिनों लगातार आगजनी की घटनाएं सामने आ रही है अधिकांश जगहों पर खेतों की नरवाई मे आग लगाने से खेत की फसल कृषि उपकरण और भी अन्य सामान आगजनी का शिकार हो रहे है। जानकारी अनुसार एक दिन मे चार से पांच जगहों पर नपा की दमकल टीम आग बुझा रही है, बताया जा रहा है कि मुलताई नगर पालिका के पास दो दमकल वाहन है जिसमे से एक ख़राब हो जाने से सुधार के लिए बैतूल भेजा गया है वही बचा एक वाहन लगातार आग बुझाने मे लगा है। नगर पालिका की पीआईसी की बैठक मे नया फायर वाहन खरीदने का प्रस्ताव पिछली बैठक मे लिया गया था फिर भी पुराने वाहन कों सुधार कर काम चलाया जा रहा है। शासन प्रशासन के निर्देश के बाद भी नरवाई मे आग लगाई जा रही है जिससे नपा के एक फायर वाहन पर भार बढ़ गया है।
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    शासन प्रशासन के निर्देश के बाद भी खेतों की नरवाई मे लगाई जा रही है,आगजनी की घटनाओं पर नहीं लग रहा अंकुश ।
नपा का एक फायर वाहन हुआ ख़राब एक वाहन लगातार बुझा रहा है आग 
मुलताई। इन दिनों लगातार आगजनी की घटनाएं सामने आ रही है अधिकांश जगहों पर खेतों की नरवाई मे आग लगाने से खेत की फसल कृषि उपकरण और भी अन्य सामान आगजनी का शिकार हो रहे है।
जानकारी अनुसार एक दिन मे चार से पांच जगहों पर नपा की दमकल टीम आग बुझा रही है, बताया जा रहा है कि मुलताई नगर पालिका के पास दो दमकल वाहन है जिसमे से एक ख़राब हो जाने से सुधार के लिए बैतूल भेजा गया है
वही बचा एक वाहन लगातार आग बुझाने मे लगा है।
नगर पालिका की पीआईसी की बैठक मे नया फायर वाहन खरीदने का प्रस्ताव पिछली बैठक मे लिया गया था फिर भी पुराने वाहन कों सुधार कर काम चलाया जा रहा है।
शासन प्रशासन के निर्देश के बाद भी नरवाई मे आग लगाई जा रही है जिससे नपा के एक फायर वाहन पर भार बढ़ गया है।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    11 hrs ago
  • Post by Manohar agrval Agrawal
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    Post by Manohar agrval Agrawal
    user_Manohar agrval Agrawal
    Manohar agrval Agrawal
    Photographer Betul, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
  • पांढुर्णा:-मांगें पूरी न होने पर 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित। पांढुर्णा: सौंसर में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सौंसर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शुक्ला के खिलाफ स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इससे नाराज होकर सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब तक इस विवाद का समाधान निकल पाता है।
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    पांढुर्णा:-मांगें पूरी न होने पर 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित।
पांढुर्णा:
सौंसर में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सौंसर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शुक्ला के खिलाफ स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इससे नाराज होकर सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 17 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब तक इस विवाद का समाधान निकल पाता है।
    user_Roshan Kapse
    Roshan Kapse
    पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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