पांढुर्णा के रामाकोना स्थित वार्ड नंबर-12 में नाली और पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत रामाकोना के सचिव और उपसरपंच को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके कारण वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से पंचायत प्रशासन को यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त वार्डवासी पानी की घघरी लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने आंदोलन करेंगे। इस दौरान चंद्रशेखर गुरुदेव, सुनील तिवारी, उमाजी पोपटे, संदीप लोणारे, हरिभाऊ भाले, राजेश वाघमारे, सुखदेव कायदा, बादल वाघमारे, सहदेव डोंगरे, आशा भाले, संगीता कायदा, शकील शाह, दीपा वाघमारे, डॉ. सुधीर विश्वास सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।
पांढुर्णा के रामाकोना स्थित वार्ड नंबर-12 में नाली और पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत रामाकोना के सचिव और उपसरपंच को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके कारण वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से पंचायत प्रशासन को यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त वार्डवासी पानी की घघरी लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने आंदोलन करेंगे। इस दौरान चंद्रशेखर गुरुदेव, सुनील तिवारी, उमाजी पोपटे, संदीप लोणारे, हरिभाऊ भाले, राजेश वाघमारे, सुखदेव कायदा, बादल वाघमारे, सहदेव डोंगरे, आशा भाले, संगीता कायदा, शकील शाह, दीपा वाघमारे, डॉ. सुधीर विश्वास सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।
- पांढुर्णा के ग्राम खेड़ीकला में आवागमन की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, जिससे ग्रामीण घंटों तक जूझ रहे हैं। एक ओर गाँव के पास स्थित रेलवे अंडरपास में भीषण जलभराव के कारण आना-जाना पूरी तरह बाधित है, वहीं दूसरी ओर रेलवे फाटक का अक्सर घंटों तक बंद रहना लोगों की मुसीबतें और बढ़ा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, अंडरपास में पानी भरा होने से वहाँ से निकलना बेहद जोखिमभरा हो गया है। इस मार्ग का कोई अन्य विकल्प उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण मजबूरन तिगांव बायपास मार्ग का लंबा चक्कर काटने पर विवश हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। अंडरपास की स्थिति इतनी गंभीर है कि पानी निकालने के लिए इंजन और मोटर का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। इसके अतिरिक्त, रेल फाटक के बार-बार और लंबे समय तक बंद रहने से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे तक पहुँचने का यह एकमात्र रास्ता होने के बावजूद प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। खेड़ीकला के निवासियों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से तत्काल मांग की है कि रेलवे अंडरपास की जल निकासी की समस्या को तुरंत दुरुस्त किया जाए और रेल फाटक पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि आम जनता को इस परेशानी से जल्द से जल्द राहत मिल सके।1
- बैतूल जिले की आमला तहसील के ग्राम नाँदपुर में सड़क और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण एक ग्रामीण के घर में बारिश का पानी घुसने का मामला सामने आया है। पीड़ित हेमंत पटवारी ने बताया कि सड़क और नाली का निर्माण न होने की वजह से हर बारिश में उनके घर में पानी भर जाता है, जिससे परिवार को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हेमंत पटवारी के अनुसार, उन्होंने ग्राम पंचायत नाँदपुर के सरपंच, उपसरपंच और सचिव को इस समस्या की जानकारी दी थी, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों ने उन्हें "कंप्लेंट कर दो" कहकर टाल दिया। शिकायत दर्ज कराने के दो-तीन दिन बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। पीड़ित ने यह भी बताया कि घर में छोटे बच्चे होने के कारण उन्हें सांप-बिच्छू के डर से रात को सोना मुश्किल हो गया है। हाल ही में हुई बारिश में उनके घर में एक बार फिर पानी घुस गया, जिसके बाद नाली निर्माण के अनुरोध पर उन्हें जवाब मिला कि "कल आकर देखता हूं और अपने घर के सामने ऊंचा करवा लो।" ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क और नाली का निर्माण कराया जाता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने पंचायत से शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो किसी भी प्रकार की जनहानि के लिए पंचायत जिम्मेदार होगी।1
- विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी रामजी) योजना की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से हो गई है। इसका राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम गुरुवार को केन्द्रीय मंत्री ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में आंध्र प्रदेश राज्य के तिरूपति जिले के मुक्कारवरिपल्लीर ग्राम में आयोजित किया गया। इसी क्रम में, बैतूल के जनपद पंचायत प्रभातपट्टन में विधायक मुलताई श्री चन्द्रशेखर देशमुख और अध्यक्ष जिला पंचायत श्री राजा पंवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला स्तरीय जन सम्मेलन सह-लॉन्च कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री देशमुख ने बताया कि जहां मनरेगा में 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं वीबीजी रामजी योजना के तहत अब 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायतें अपने कार्यों का निर्धारण स्वयं कर सकेंगी, जिससे वे अपनी परिस्थितियों के अनुसार प्राथमिकताएं तय कर सकें। इस योजना से श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान मिलेगा, जिससे वे अधिक संख्या में काम पर आ सकेंगे। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता मिलने से गांवों में अधिक विकास कार्य हो सकेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पंवार ने कहा कि वीबीजी रामजी योजना के तहत मजदूरी दर बढ़ाकर ₹300 कर दी गई है। ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं के बनने से गांव अपने विकास के लिए आत्मनिर्भर बनेंगे और अंतिम छोर पर स्थित गांवों तथा वंचित वर्गों को भी लाभ मिल पाएगा। उन्होंने बताया कि काम मांगने के बाद समय सीमा में रोजगार न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी प्राप्त होगा। केन्द्र और राज्य सरकार की 60:40 की भागीदारी से गांवों को अधिक राशि मिलेगी, जिससे अधिक विकास कार्य किए जा सकेंगे। श्री पंवार ने इस योजना को केवल एक योजना के रूप में न देखकर, बल्कि 'सेवा भाव' के साथ क्रियान्वित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के उद्देश्यों, ग्रामीण रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा ग्राम स्तर पर विकास गतिविधियों को गति प्रदान करने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आर्थिक सशक्तिकरण तथा आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे, जि.पं.सदस्य श्रीमती सरस्वती नागले, श्रीमती उर्मिला गव्हाडे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनाली विनोद पटेल, ज.पं. उपाध्यक्ष श्री देवीराम बनखेडे, अति.मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती इंदिरा मेहतो, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सुश्री आंचल पवार, कार्यपालन यंत्री ग्रायांसे श्री धाकरे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समाज में जल संरक्षण और संवर्धन के प्रति व्यापक जनजागरण के उद्देश्य से चलाए गए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का समापन हो गया है। यह अभियान पूरे प्रदेश में संचालित किया गया था। अभियान का समापन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के आठनेर विकासखंड के निर्देशन में, नगर परिषद आठनेर के सहयोग और जन कल्याण संस्था आठनेर के संयोजन से हुआ। आठनेर नगर के ताप्ती सरोवर स्थित जलकुंड पर आयोजित इस समापन कार्यक्रम में सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया और जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।1
- पांढुर्णा के रामाकोना स्थित वार्ड नंबर-12 में नाली और पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत रामाकोना के सचिव और उपसरपंच को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके कारण वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से पंचायत प्रशासन को यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त वार्डवासी पानी की घघरी लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने आंदोलन करेंगे। इस दौरान चंद्रशेखर गुरुदेव, सुनील तिवारी, उमाजी पोपटे, संदीप लोणारे, हरिभाऊ भाले, राजेश वाघमारे, सुखदेव कायदा, बादल वाघमारे, सहदेव डोंगरे, आशा भाले, संगीता कायदा, शकील शाह, दीपा वाघमारे, डॉ. सुधीर विश्वास सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।3
- पांढुर्णा के रामपेठ गाँव में लगातार बारिश के कारण जल निकासी की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता राजेश धोटे ने ग्राम पंचायत रामपेठ के सरपंच और सचिव पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि रामपेठ में जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके, और यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस समस्या से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है।1