पांढुर्णा के ग्राम खेड़ीकला में आवागमन की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, जिससे ग्रामीण घंटों तक जूझ रहे हैं। एक ओर गाँव के पास स्थित रेलवे अंडरपास में भीषण जलभराव के कारण आना-जाना पूरी तरह बाधित है, वहीं दूसरी ओर रेलवे फाटक का अक्सर घंटों तक बंद रहना लोगों की मुसीबतें और बढ़ा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, अंडरपास में पानी भरा होने से वहाँ से निकलना बेहद जोखिमभरा हो गया है। इस मार्ग का कोई अन्य विकल्प उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण मजबूरन तिगांव बायपास मार्ग का लंबा चक्कर काटने पर विवश हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। अंडरपास की स्थिति इतनी गंभीर है कि पानी निकालने के लिए इंजन और मोटर का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। इसके अतिरिक्त, रेल फाटक के बार-बार और लंबे समय तक बंद रहने से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे तक पहुँचने का यह एकमात्र रास्ता होने के बावजूद प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। खेड़ीकला के निवासियों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से तत्काल मांग की है कि रेलवे अंडरपास की जल निकासी की समस्या को तुरंत दुरुस्त किया जाए और रेल फाटक पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि आम जनता को इस परेशानी से जल्द से जल्द राहत मिल सके।
पांढुर्णा के ग्राम खेड़ीकला में आवागमन की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, जिससे ग्रामीण घंटों तक जूझ रहे हैं। एक ओर गाँव के पास स्थित रेलवे अंडरपास में भीषण जलभराव के कारण आना-जाना पूरी तरह बाधित है, वहीं दूसरी ओर रेलवे फाटक का अक्सर घंटों तक बंद रहना लोगों की मुसीबतें और बढ़ा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, अंडरपास में पानी भरा होने से वहाँ से निकलना बेहद जोखिमभरा हो गया है। इस मार्ग का कोई अन्य विकल्प उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण मजबूरन तिगांव बायपास मार्ग का लंबा चक्कर काटने पर विवश हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। अंडरपास की स्थिति इतनी गंभीर है कि पानी निकालने के लिए इंजन और मोटर का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। इसके अतिरिक्त, रेल फाटक के बार-बार और लंबे समय तक बंद रहने से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे तक पहुँचने का यह एकमात्र रास्ता होने के बावजूद प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। खेड़ीकला के निवासियों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से तत्काल मांग की है कि रेलवे अंडरपास की जल निकासी की समस्या को तुरंत दुरुस्त किया जाए और रेल फाटक पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि आम जनता को इस परेशानी से जल्द से जल्द राहत मिल सके।
- मध्य प्रदेश के पांढुर्णा मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम भंडार गोंदी मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आ गया है। जाम नदी में उफान आने से नदी पर बने रपटे के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यह रपटा पूरी तरह डूब गया है। परिणामस्वरूप, ग्राम भंडार गोंदी का पांढुर्णा शहर से सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। बाढ़ का पानी गांव के रिहायशी इलाकों और घरों के अंदर तक घुसने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई है और वे अपनी जान व सामान बचाने के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रहे हैं, क्योंकि पूरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। इस गंभीर आपदा के बावजूद, अभी तक प्रशासन तक इस स्थिति की सूचना नहीं पहुंच पाई है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की प्रभात पट्टन जनपद पंचायत के ग्राम बघोड़ा में दो वर्ष पूर्व निर्मित एक उप स्वास्थ्य केंद्र लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। इस स्थिति के कारण स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, और वे इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।1
- बेटूल जिले के आमला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक के पुत्र और पत्नी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि खेती और पैसों को लेकर विवाद से नाराज बेटे ने अपनी मां के साथ मिलकर पिता का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कुड़मुड नदी के सूखे हिस्से में छिपा दिया गया, वहीं मां ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बोरदेही थाने में पति की झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर आमला पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर इस मामले को सुलझाया। 25 जून 2026 को कुड़मुड नदी के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसकी पहचान बाद में ग्राम शंभूढाना बड़ाखारी निवासी लब्बू यादव के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गला घोंटने से मौत की पुष्टि की, जिससे यह हत्या का मामला सिद्ध हुआ। जांच में पता चला कि मृतक का 19 वर्षीय पुत्र संदीप यादव अपने पिता से खेती न करने देने, खर्च के लिए पैसे न देने और आए दिन के विवादों से परेशान था। उसने अपनी मां सुनीता यादव के साथ मिलकर 22-23 जून की रात रेलवे स्टेशन से लौटते समय गमछे से पिता का गला घोंट दिया और शव को नदी में छिपा दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी की मां सुनीता यादव को पूरी घटना की जानकारी थी। उसने न केवल बेटे का साक्ष्य छिपाने में साथ दिया, बल्कि पति की झूठी गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को भटकाने का भी प्रयास किया। यह भी पाया गया कि वह लगातार अपने पुत्र को मृतक के विरुद्ध उकसाती रहती थी। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर थाना आमला में अपराध क्रमांक 277/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238(ए) एवं 3(5) के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस अंधे हत्याकांड के सफल खुलासे में निरीक्षक मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक बलराम यादव, सहायक उपनिरीक्षक मूलचंद अनंत, प्रधान आरक्षक बसंत उईके, कमल पांसे, आरक्षक रोहित कुशवाह, नागेंद्र सिंह, विवेक पाल, तिलक कुडापे, महिला आरक्षक विनिता नागवंशी एवं प्रियांशी पटेल सहित आमला पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पारिवारिक विवादों का समाधान बातचीत और कानूनी माध्यमों से करें, कानून अपने हाथ में न लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या डायल 112 पर दें।3
- केंद्र सरकार द्वारा 'विकसित भारत के संकल्प को साकार करने' की दिशा में लागू 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन–ग्रामीण (व्हीबी-ग्राम-जी) अधिनियम, 2025' का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 02 जुलाई 2026 को किया गया। इसी क्रम में छिंदवाड़ा जिले का शुभारंभ कार्यक्रम जनपद पंचायत छिंदवाड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत केवलारी के ग्राम थांवरीखुर्द में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय पुन्हार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अमित सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, एसडीएम छिंदवाड़ा श्री सुधीर जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छिंदवाड़ा और अन्य जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ समारोह का सीधा प्रसारण एलईडी के माध्यम से ग्रामीणों को दिखाया गया, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण' के उद्देश्य, प्रावधानों और लाभों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कपिलधारा कूप निर्माण कार्य (जिसकी लागत 3.50 लाख रुपये है) तथा मिनी परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य (जिसकी लागत 2.00 लाख रुपये है) का भूमिपूजन किया। साथ ही, योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान भी किया गया। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 'व्हीबी-ग्राम-जी' योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामों का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि योजना के सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे प्रत्येक पात्र परिवार इसका अधिकतम लाभ प्राप्त कर सके। कलेक्टर ने ग्रामीणों से योजना के अधिकारों और प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करने तथा विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण परिवारों को अब पूर्व की अपेक्षा अधिक रोजगार उपलब्ध होगा; पहले जहाँ पात्र परिवारों को 100 दिवस का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस योजना के अंतर्गत 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ होगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय पुन्हार ने अपने उद्बोधन में इस योजना को विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का विकास, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, रोजगार सृजन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, और उन्होंने ग्रामीणों से योजना में सक्रिय सहभागिता तथा ग्राम विकास कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार ने योजना के नवीन प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि 'व्हीबी-ग्राम-जी' के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित परिसंपत्तियों का निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अतिथियों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।1
- छिंदवाड़ा से मैहर धाम के लिए एक पदयात्रा शुरू हो गई है, जिसमें सांसद विवेक बंटी साहू सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हैं। यह यात्रा, जो कल निकली थी, 14 जुलाई को मैहर तीर्थ धाम पहुंचेगी। इसी क्रम में, सांसद विवेक बंटी साहू ने जल संरक्षण को हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताया है। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पहल पर पंचवेली एक्सप्रेस में बड़े अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं। जिले की प्रमुख हलचलों में, कफ सिरप कांड से संबंधित मामले में दो व्यक्तियों को जमानत मिली है।1
- आमला-बोरदेही क्षेत्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते लगातार हो रही बारिश से कई नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। भैसाई नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत ग्राम नरेरा और मुवारिया के कोटवारों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया है। प्रशासन द्वारा नरेरा, मुवारिया, छिपनिया और पिपरिया जोड़ सहित अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। लोगों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव के दौरान नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।1
- छिपन्या-पिपरिया मार्ग पर स्थित भैंसाईं नदी में उफान आ गया है, जिसके कारण एक दर्जन से भी अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। इस स्थिति के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- आमला पुलिस ने खेती से जुड़े एक विवाद में हुई हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। इस मामले में एक बेटे ने अपनी मां के साथ मिलकर अपने पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी। अपराध को छिपाने के लिए हत्यारों ने पिता के लापता होने की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, आमला पुलिस की गहन जांच में यही झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गई और इस पूरे हत्याकांड का राज खुल गया।1