केंद्र सरकार द्वारा 'विकसित भारत के संकल्प को साकार करने' की दिशा में लागू 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन–ग्रामीण (व्हीबी-ग्राम-जी) अधिनियम, 2025' का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 02 जुलाई 2026 को किया गया। इसी क्रम में छिंदवाड़ा जिले का शुभारंभ कार्यक्रम जनपद पंचायत छिंदवाड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत केवलारी के ग्राम थांवरीखुर्द में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय पुन्हार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अमित सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, एसडीएम छिंदवाड़ा श्री सुधीर जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छिंदवाड़ा और अन्य जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ समारोह का सीधा प्रसारण एलईडी के माध्यम से ग्रामीणों को दिखाया गया, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण' के उद्देश्य, प्रावधानों और लाभों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कपिलधारा कूप निर्माण कार्य (जिसकी लागत 3.50 लाख रुपये है) तथा मिनी परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य (जिसकी लागत 2.00 लाख रुपये है) का भूमिपूजन किया। साथ ही, योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान भी किया गया। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 'व्हीबी-ग्राम-जी' योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामों का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि योजना के सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे प्रत्येक पात्र परिवार इसका अधिकतम लाभ प्राप्त कर सके। कलेक्टर ने ग्रामीणों से योजना के अधिकारों और प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करने तथा विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण परिवारों को अब पूर्व की अपेक्षा अधिक रोजगार उपलब्ध होगा; पहले जहाँ पात्र परिवारों को 100 दिवस का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस योजना के अंतर्गत 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ होगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय पुन्हार ने अपने उद्बोधन में इस योजना को विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का विकास, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, रोजगार सृजन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, और उन्होंने ग्रामीणों से योजना में सक्रिय सहभागिता तथा ग्राम विकास कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार ने योजना के नवीन प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि 'व्हीबी-ग्राम-जी' के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित परिसंपत्तियों का निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अतिथियों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
केंद्र सरकार द्वारा 'विकसित भारत के संकल्प को साकार करने' की दिशा में लागू 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन–ग्रामीण (व्हीबी-ग्राम-जी) अधिनियम, 2025' का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 02 जुलाई 2026 को किया गया। इसी क्रम में छिंदवाड़ा जिले का शुभारंभ कार्यक्रम जनपद पंचायत छिंदवाड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत केवलारी के ग्राम थांवरीखुर्द में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय पुन्हार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अमित सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, एसडीएम छिंदवाड़ा श्री सुधीर जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छिंदवाड़ा और अन्य जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ समारोह का सीधा प्रसारण एलईडी के माध्यम से ग्रामीणों को दिखाया गया, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण' के उद्देश्य, प्रावधानों और लाभों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कपिलधारा कूप निर्माण कार्य (जिसकी लागत 3.50 लाख रुपये है) तथा मिनी परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य (जिसकी लागत 2.00 लाख रुपये है) का भूमिपूजन किया। साथ ही, योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान भी किया गया। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 'व्हीबी-ग्राम-जी' योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामों का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि योजना के सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे प्रत्येक पात्र परिवार इसका अधिकतम लाभ प्राप्त कर सके। कलेक्टर ने ग्रामीणों से योजना के अधिकारों और प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करने तथा विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण परिवारों को अब पूर्व की अपेक्षा अधिक रोजगार उपलब्ध होगा; पहले जहाँ पात्र परिवारों को 100 दिवस का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस योजना के अंतर्गत 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ होगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय पुन्हार ने अपने उद्बोधन में इस योजना को विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का विकास, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, रोजगार सृजन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, और उन्होंने ग्रामीणों से योजना में सक्रिय सहभागिता तथा ग्राम विकास कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार ने योजना के नवीन प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि 'व्हीबी-ग्राम-जी' के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित परिसंपत्तियों का निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अतिथियों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी-बालाघाट मार्ग के निर्माण की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इस पहल से क्षेत्र की मौजूदा तस्वीर में वाकई कोई बदलाव आ पाएगा।1
- पांढुर्णा के ग्राम खेड़ीकला में आवागमन की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, जिससे ग्रामीण घंटों तक जूझ रहे हैं। एक ओर गाँव के पास स्थित रेलवे अंडरपास में भीषण जलभराव के कारण आना-जाना पूरी तरह बाधित है, वहीं दूसरी ओर रेलवे फाटक का अक्सर घंटों तक बंद रहना लोगों की मुसीबतें और बढ़ा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, अंडरपास में पानी भरा होने से वहाँ से निकलना बेहद जोखिमभरा हो गया है। इस मार्ग का कोई अन्य विकल्प उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण मजबूरन तिगांव बायपास मार्ग का लंबा चक्कर काटने पर विवश हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। अंडरपास की स्थिति इतनी गंभीर है कि पानी निकालने के लिए इंजन और मोटर का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। इसके अतिरिक्त, रेल फाटक के बार-बार और लंबे समय तक बंद रहने से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे तक पहुँचने का यह एकमात्र रास्ता होने के बावजूद प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। खेड़ीकला के निवासियों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से तत्काल मांग की है कि रेलवे अंडरपास की जल निकासी की समस्या को तुरंत दुरुस्त किया जाए और रेल फाटक पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि आम जनता को इस परेशानी से जल्द से जल्द राहत मिल सके।1
- पांढुर्णा के रामाकोना स्थित वार्ड नंबर-12 में नाली और पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत रामाकोना के सचिव और उपसरपंच को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके कारण वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से पंचायत प्रशासन को यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त वार्डवासी पानी की घघरी लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने आंदोलन करेंगे। इस दौरान चंद्रशेखर गुरुदेव, सुनील तिवारी, उमाजी पोपटे, संदीप लोणारे, हरिभाऊ भाले, राजेश वाघमारे, सुखदेव कायदा, बादल वाघमारे, सहदेव डोंगरे, आशा भाले, संगीता कायदा, शकील शाह, दीपा वाघमारे, डॉ. सुधीर विश्वास सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।3
- सिवनी जिले के नयेगांव ग्राम पंचायत में एक गरीब परिवार पिछले तीन सालों से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन शिकायतें करने के बावजूद उन्हें अब तक इंसाफ नहीं मिला है और वे आज भी बेघर हैं। करोड़ों की सरकारी योजनाओं के बावजूद यह परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है, जिससे तीन मासूम बच्चियों की आंखों में अपने आशियाने का सपना अधूरा रह गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि ग्राम पंचायत नयेगांव में तीन साल से उनकी शिकायत पर कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। उनकी स्पष्ट मांग है कि मामले की जांच की जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और उन्हें न्याय दिलाया जाए। परिवार ने पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक सभी स्तरों पर गुहार लगाई है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। तीन मासूम बच्चियां भी यह सवाल उठा रही हैं कि क्या उनकी सुनवाई होगी या उनकी पुकार भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगी। यह परिवार प्रशासन से गुहार लगा रहा है कि अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक न्याय चाहिए।1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया में इस बार सावन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जहाँ झूले लगाए जाएंगे। यह आयोजन पहली बार हो रहा है, जिससे क्षेत्र के पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।1
- मध्य प्रदेश के पांढुर्णा मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम भंडार गोंदी मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आ गया है। जाम नदी में उफान आने से नदी पर बने रपटे के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यह रपटा पूरी तरह डूब गया है। परिणामस्वरूप, ग्राम भंडार गोंदी का पांढुर्णा शहर से सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। बाढ़ का पानी गांव के रिहायशी इलाकों और घरों के अंदर तक घुसने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई है और वे अपनी जान व सामान बचाने के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रहे हैं, क्योंकि पूरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। इस गंभीर आपदा के बावजूद, अभी तक प्रशासन तक इस स्थिति की सूचना नहीं पहुंच पाई है।1
- छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ स्थित उमरानाला पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले सिमरिया हनुमान मंदिर के सामने बुधवार, 1 जुलाई की रात करीब 9:00 बजे एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। नागपुर में एक मरीज को छोड़कर छिंदवाड़ा लौट रही 108 एम्बुलेंस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में जा घुसी, जिससे एम्बुलेंस का मेडिकल स्टाफ कुमारी वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चौकी प्रभारी राजेश साहू के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए और वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई।1