डीएम सावन कुमार ने बाल देखरेख संस्थानों का किया निरीक्षण, बच्चों की सुविधाओं और पुनर्वास पर दिया जोर सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में बाल देखरेख संस्थानों के त्रैमासिक निरीक्षण के तहत जिलास्तरीय समिति ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित संस्थानों की व्यवस्था, बच्चों की देखरेख और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। सबसे पहले सुखपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया गया, जहां विधि विवादित बच्चों के आवासन, देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संस्थान के बेहतर संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद पिपरा रोड स्थित यादव कॉम्प्लेक्स में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया। यहां डीएम ने चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परित्यक्त बच्चे को गोद देने की कानूनी प्रक्रिया केवल अधिकृत दत्तक ग्रहण संस्थान के माध्यम से ही होनी चाहिए। किसी भी चिकित्सा केंद्र द्वारा अवैध रूप से बच्चे को गोद देना कानूनन अपराध है। इसके बाद निरीक्षण समिति ने चैनसिंह पट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह एवं वहां संचालित दो बाल गृहों का निरीक्षण किया। यहां रह रहे 57 बच्चों के लिए आवासन, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बच्चों के कौशल विकास और उनके परिवारों में पुनर्वास की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक बाल संरक्षण, प्रभारी सिविल सर्जन, सर्वशिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
डीएम सावन कुमार ने बाल देखरेख संस्थानों का किया निरीक्षण, बच्चों की सुविधाओं और पुनर्वास पर दिया जोर सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में बाल देखरेख संस्थानों के त्रैमासिक निरीक्षण के तहत जिलास्तरीय समिति ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित संस्थानों की व्यवस्था, बच्चों की देखरेख और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। सबसे पहले सुखपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया गया, जहां विधि विवादित बच्चों के आवासन, देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संस्थान के बेहतर संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद पिपरा रोड स्थित यादव कॉम्प्लेक्स में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया। यहां डीएम ने चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परित्यक्त बच्चे को गोद देने की कानूनी प्रक्रिया केवल अधिकृत दत्तक ग्रहण संस्थान के माध्यम से ही होनी चाहिए। किसी भी चिकित्सा केंद्र द्वारा अवैध रूप से बच्चे को गोद देना कानूनन अपराध है। इसके बाद निरीक्षण समिति ने चैनसिंह पट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह एवं वहां संचालित दो बाल गृहों का निरीक्षण किया। यहां रह रहे 57 बच्चों के लिए आवासन, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बच्चों के कौशल विकास और उनके परिवारों में पुनर्वास की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक बाल संरक्षण, प्रभारी सिविल सर्जन, सर्वशिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
- सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में बाल देखरेख संस्थानों के त्रैमासिक निरीक्षण के तहत जिलास्तरीय समिति ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित संस्थानों की व्यवस्था, बच्चों की देखरेख और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। सबसे पहले सुखपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया गया, जहां विधि विवादित बच्चों के आवासन, देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संस्थान के बेहतर संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद पिपरा रोड स्थित यादव कॉम्प्लेक्स में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया। यहां डीएम ने चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परित्यक्त बच्चे को गोद देने की कानूनी प्रक्रिया केवल अधिकृत दत्तक ग्रहण संस्थान के माध्यम से ही होनी चाहिए। किसी भी चिकित्सा केंद्र द्वारा अवैध रूप से बच्चे को गोद देना कानूनन अपराध है। इसके बाद निरीक्षण समिति ने चैनसिंह पट्टी स्थित वृहद आश्रय गृह एवं वहां संचालित दो बाल गृहों का निरीक्षण किया। यहां रह रहे 57 बच्चों के लिए आवासन, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बच्चों के कौशल विकास और उनके परिवारों में पुनर्वास की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक बाल संरक्षण, प्रभारी सिविल सर्जन, सर्वशिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- आजकल बहुत चर्चा LPG को लेकर हो रही है। कुछ लोग हैं, जो पैनिक क्रिएट करने का प्रयास कर रहे हैं, वो अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं। मैं इस समय उन पर राजनीतिक टिप्पणी करना नहीं चाहता। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि ऐसा करके वो जनता के समक्ष तो खुद एक्सपोज हो ही रहे हैं, और देश का भी बड़ा नुकसान कर रहे हैं।1
- Post by Supaul Media ( Dev Raj )1
- हर खास मौके के लिए एक ही जगह – A.K कॉस्मेटिक गिफ्ट हाउस1
- बिहार के मधेपुरा जिले में एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात उस वक्त हुई जब तीन युवक रात में टहलने के लिए घर से निकले थे। आरोप है कि करीब 12 बदमाशों ने घेरकर हमला कर दिया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। मामला मधेपुरा के मोहनपुर पंचायत का है, जहां गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे तीन युवक खाना खाने के बाद घर से करीब 100 मीटर दूर टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान छह मोटरसाइकिल पर सवार करीब 12 बदमाश वहां पहुंचे और तीनों युवकों को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। हमले के दौरान दो युवक किसी तरह जान बचाकर खेत में छिप गए, लेकिन बदमाशों ने 21 वर्षीय रवि मोहन कुमार को पकड़ लिया और उसे पास के मक्का के खेत में ले जाकर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की तलाश के बाद खेत से खून से लथपथ रवि मोहन का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दिन पहले गांव में एक शादी के दौरान पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें मृतक घायल भी हुआ था। परिजनों को आशंका है कि उसी विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है। बाइट ---मृतक के पिता बाइट ---मृतक के बहन4
- मधेपुर प्रखंड में मारपीट एक युवक का हालत गंभीर1
- रोड टूटे होने के कारण गृह मेनू पर जाने आने में दिक्कत होती है और चार व्हीलर तो जा ही नहीं पाती है बरसात के टाइम इतने गड्ढा हो जाता है टीचर हो जाता है कि जाने आने में फोर व्हीलर जा पता है ना आदमी जा पता है तो प्लीज सरकार से हमारे गुजारिश है कि उसको जल्द से जल्द ठीक करवा दीजिए हमारे मेहरबानी के साथ-साथ आपका भी काम हो जाएगा थैंक यू1
- सुपौल जिले के लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार में शुक्रवार को बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इस दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जहां उन्होंने एक-एक कर लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजना, सड़क, बिजली, आवास, पेंशन सहित अन्य जनसमस्याओं से जुड़े आवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। डीएम ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई कर आवेदकों को उचित न्याय दिलाया जाए तथा समाधान की जानकारी भी संबंधित लोगों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों को प्रशासन तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान प्रभावी तरीके से हो सके। इस संबंध में जानकारी सुपौल जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे साझा की गई। जनता दरबार के अवसर पर अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी गयानंद यादव, गोपनीय शाखा के विशेष कार्य पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखने का अवसर मिला।1