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छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के बीच रहे राजनीतिक मतभेदों का उल्लेख करते हुए उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं को प्रतीकात्मक रूप से 'राजा' और 'महाराजा' की संज्ञा दी और कहा कि उनके आपसी राजनीतिक टकराव का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकाल तानाशाही रवैये वाला रहा और उनका व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। वहीं, उन्होंने टी.एस. सिंहदेव का उल्लेख 'महाराजा' के रूप में करते हुए दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक चले राजनीतिक विवाद को कांग्रेस की आंतरिक कलह का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस टकराव से प्रदेश के विकास कार्य प्रभावित हुए और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल नेताओं का आपसी विवाद नहीं था, बल्कि इसका बुरा असर पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ा। मुख्यमंत्री के इस तीखे राजनीतिक हमले के दौरान विपक्ष की ओर से कोई प्रभावी जवाब नहीं आया और सदन में कुछ समय के लिए विपक्ष पूरी तरह निरुत्तर दिखाई दिया।

8 hrs ago
user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
रिपोर्टर छत्तीसगढ़
Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
8 hrs ago

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के बीच रहे राजनीतिक मतभेदों का उल्लेख करते हुए उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं को प्रतीकात्मक रूप से 'राजा' और 'महाराजा' की संज्ञा दी और कहा कि उनके आपसी राजनीतिक टकराव का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकाल तानाशाही रवैये वाला रहा और उनका व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। वहीं, उन्होंने टी.एस. सिंहदेव का उल्लेख 'महाराजा' के रूप में करते हुए दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक चले राजनीतिक विवाद को कांग्रेस की आंतरिक कलह का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस टकराव से प्रदेश के विकास कार्य प्रभावित हुए और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल नेताओं का आपसी विवाद नहीं था, बल्कि इसका बुरा असर पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ा। मुख्यमंत्री के इस तीखे राजनीतिक हमले के दौरान विपक्ष की ओर से कोई प्रभावी जवाब नहीं आया और सदन में कुछ समय के लिए विपक्ष पूरी तरह निरुत्तर दिखाई दिया।

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  • छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के बीच रहे राजनीतिक मतभेदों का उल्लेख करते हुए उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं को प्रतीकात्मक रूप से 'राजा' और 'महाराजा' की संज्ञा दी और कहा कि उनके आपसी राजनीतिक टकराव का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकाल तानाशाही रवैये वाला रहा और उनका व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। वहीं, उन्होंने टी.एस. सिंहदेव का उल्लेख 'महाराजा' के रूप में करते हुए दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक चले राजनीतिक विवाद को कांग्रेस की आंतरिक कलह का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस टकराव से प्रदेश के विकास कार्य प्रभावित हुए और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल नेताओं का आपसी विवाद नहीं था, बल्कि इसका बुरा असर पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ा। मुख्यमंत्री के इस तीखे राजनीतिक हमले के दौरान विपक्ष की ओर से कोई प्रभावी जवाब नहीं आया और सदन में कुछ समय के लिए विपक्ष पूरी तरह निरुत्तर दिखाई दिया।
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    छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के बीच रहे राजनीतिक मतभेदों का उल्लेख करते हुए उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं को प्रतीकात्मक रूप से 'राजा' और 'महाराजा' की संज्ञा दी और कहा कि उनके आपसी राजनीतिक टकराव का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकाल तानाशाही रवैये वाला रहा और उनका व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। वहीं, उन्होंने टी.एस. सिंहदेव का उल्लेख 'महाराजा' के रूप में करते हुए दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक चले राजनीतिक विवाद को कांग्रेस की आंतरिक कलह का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस टकराव से प्रदेश के विकास कार्य प्रभावित हुए और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल नेताओं का आपसी विवाद नहीं था, बल्कि इसका बुरा असर पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ा। मुख्यमंत्री के इस तीखे राजनीतिक हमले के दौरान विपक्ष की ओर से कोई प्रभावी जवाब नहीं आया और सदन में कुछ समय के लिए विपक्ष पूरी तरह निरुत्तर दिखाई दिया।
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • एमसीबी के चिरमिरी में अवैध लकड़ी के परिवहन पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने सेमर लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ा है।
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    एमसीबी के चिरमिरी में अवैध लकड़ी के परिवहन पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने सेमर लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ा है।
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • एमसीबी में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में पूर्णकालिक अधीक्षकों की कमी को देखते हुए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने 27 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। इस नए आदेश के तहत संबंधित कर्मचारी अपने मूल पद पर कार्य करते हुए अपने निकट के छात्रावासों और आश्रमों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह कोई स्थानांतरण नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन, भोजन, अध्ययन और अन्य सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए की गई एक व्यवस्था है। इस निर्णय के तहत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर विकासखंड के विभिन्न छात्रावासों एवं आश्रमों में अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।
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    एमसीबी में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में पूर्णकालिक अधीक्षकों की कमी को देखते हुए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने 27 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी।

इस नए आदेश के तहत संबंधित कर्मचारी अपने मूल पद पर कार्य करते हुए अपने निकट के छात्रावासों और आश्रमों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह कोई स्थानांतरण नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन, भोजन, अध्ययन और अन्य सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए की गई एक व्यवस्था है। इस निर्णय के तहत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर विकासखंड के विभिन्न छात्रावासों एवं आश्रमों में अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।
    user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    14 hrs ago
  • सिर्फ 10 हजार रुपये के बेहद कम निवेश के साथ साड़ी का बिजनेस शुरू करके मालामाल होने का एक बेहतरीन मौका मिल रहा है। कोई भी व्यक्ति इतनी कम रकम लगाकर अपना खुद का साड़ी का कारोबार आसानी से शुरू कर सकता है और इस बिजनेस के जरिए भरपूर मुनाफा कमाकर बेहद समृद्ध और मालामाल हो सकता है।
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    सिर्फ 10 हजार रुपये के बेहद कम निवेश के साथ साड़ी का बिजनेस शुरू करके मालामाल होने का एक बेहतरीन मौका मिल रहा है। कोई भी व्यक्ति इतनी कम रकम लगाकर अपना खुद का साड़ी का कारोबार आसानी से शुरू कर सकता है और इस बिजनेस के जरिए भरपूर मुनाफा कमाकर बेहद समृद्ध और मालामाल हो सकता है।
    user_Reporter Ravinder
    Reporter Ravinder
    Business management consultant Kotma, Anuppur•
    9 hrs ago
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने गौरेला विकासखंड के अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय नेवसा का दौरा कर वहां की शैक्षणिक और अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में छात्र-छात्राओं की कुल दर्ज संख्या, शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ की स्थिति, कक्षाओं के सुचारू संचालन और उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कक्षा आठवीं, नौवीं, ग्यारहवीं (कला एवं विज्ञान संकाय) और बारहवीं के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, विषयों में उनकी रुचि और स्कूल की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ने व अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल की विभिन्न प्रयोगशालाओं, जैसे स्पेस लैब, फिजिक्स लैब, अपैरल लैब, ब्यूटी एंड वेलनेस लैब और पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा से अधिक से अधिक जोड़ा जाए और इन प्रयोगशालाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। दौरे के अंत में कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में बन रहे बालक-बालिका छात्रावास और स्टाफ क्वार्टर के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण से जुड़े अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी कार्य गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही विद्यालय के प्राचार्य को परिसर में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने गौरेला विकासखंड के अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय नेवसा का दौरा कर वहां की शैक्षणिक और अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में छात्र-छात्राओं की कुल दर्ज संख्या, शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ की स्थिति, कक्षाओं के सुचारू संचालन और उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।

कलेक्टर ने कक्षा आठवीं, नौवीं, ग्यारहवीं (कला एवं विज्ञान संकाय) और बारहवीं के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, विषयों में उनकी रुचि और स्कूल की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ने व अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल की विभिन्न प्रयोगशालाओं, जैसे स्पेस लैब, फिजिक्स लैब, अपैरल लैब, ब्यूटी एंड वेलनेस लैब और पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा से अधिक से अधिक जोड़ा जाए और इन प्रयोगशालाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

दौरे के अंत में कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में बन रहे बालक-बालिका छात्रावास और स्टाफ क्वार्टर के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण से जुड़े अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी कार्य गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही विद्यालय के प्राचार्य को परिसर में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Lavekesh singh dixit
    Lavekesh singh dixit
    Local News Reporter मरवाही, गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • हमारे देश के जंगलों (फॉरेस्ट) की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जहां लगातार वनों को काटा जा रहा है। देश के जंगलों के इस हाल पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि इन्हें बिना रुके रोजाना काटा जा रहा है।
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    हमारे देश के जंगलों (फॉरेस्ट) की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जहां लगातार वनों को काटा जा रहा है। देश के जंगलों के इस हाल पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि इन्हें बिना रुके रोजाना काटा जा रहा है।
    user_KCR, KODWAHI NEWS
    KCR, KODWAHI NEWS
    Newspaper publisher मरवाही, गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • सरगुजा के परसा में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है, जहाँ आसमान में थोड़ी-थोड़ी धूप निकलने के साथ ही बादल भी छाए हुए हैं। यहाँ का नजारा कोहरे जैसा दिखाई दे रहा है। वर्तमान मौसम की इस परिस्थिति को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आज परसा में पानी नहीं गिरेगा।
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    सरगुजा के परसा में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है, जहाँ आसमान में थोड़ी-थोड़ी धूप निकलने के साथ ही बादल भी छाए हुए हैं। यहाँ का नजारा कोहरे जैसा दिखाई दे रहा है। वर्तमान मौसम की इस परिस्थिति को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आज परसा में पानी नहीं गिरेगा।
    user_Hira Ratan Sarthi
    Hira Ratan Sarthi
    Driver उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में लगातार बनी हुई विभिन्न समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष और निराशा देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियाँ कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। इसके बावजूद, शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों से मिलने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं और अब तक समस्याओं का कोई अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका है। लगातार मिल रहे कोरे आश्वासनों से तंग आकर अब नागरिकों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका मानना है कि अपने अधिकारों के लिए अब लोगों को स्वयं जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी होगी। लोगों का कहना है कि यदि पूरा समाज एकजुट होकर अपनी बात रखेगा, तभी व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनेगा और ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल इस पूरे विषय पर संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में "समस्याएँ सुनने वाले बहुत, समाधान करने वाले कम" की भावना के साथ नाराजगी और अधिक बढ़ रही है।
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    छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में लगातार बनी हुई विभिन्न समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष और निराशा देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियाँ कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। इसके बावजूद, शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों से मिलने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं और अब तक समस्याओं का कोई अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका है।

लगातार मिल रहे कोरे आश्वासनों से तंग आकर अब नागरिकों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका मानना है कि अपने अधिकारों के लिए अब लोगों को स्वयं जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी होगी। लोगों का कहना है कि यदि पूरा समाज एकजुट होकर अपनी बात रखेगा, तभी व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनेगा और ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल इस पूरे विषय पर संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में "समस्याएँ सुनने वाले बहुत, समाधान करने वाले कम" की भावना के साथ नाराजगी और अधिक बढ़ रही है।
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
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